त्वरित पुनरीक्षण नोट्स (Quick Revision Notes)
कक्षा: 11वीं जीव विज्ञान (Biology)
अध्याय: प्राणियों में संरचनात्मक संगठन (Structural Organisation in Animals)
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1. ऊतक (Tissues)
समान कोशिकाओं का एक समूह और अंतःकोशिकी पदार्थ (Intercellular material) जो एक विशिष्ट कार्य करता है, ऊतक कहलाता है। जंतुओं में ऊतक मुख्य रूप से चार प्रकार के होते हैं:
1. उपकला ऊतक (Epithelial Tissue)
2. संयोजी ऊतक (Connective Tissue)
3. पेशीय ऊतक (Muscular Tissue)
4. तंत्रिका ऊतक (Neural Tissue)
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2. उपकला ऊतक (Epithelial Tissue)
- यह शरीर की बाहरी सतह और आंतरिक अंगों की गुहाओं को ढकता है।
- कोशिकाएं एक संकीर्ण आधार पर बिना अंतःकोशिकी स्थान के व्यवस्थित होती हैं।
- प्रकार:
- सरल उपकला (Simple Epithelium): एकल परत की कोशिकाएं।
- शल्की (Squamous): चपटी कोशिकाओं की पतली परत (उदाहरण: फेफड़ों की कूपिकाएं)।
- घनाकार (Cuboidal): घन जैसी कोशिकाएं (उदाहरण: वृक्क की नलिकाएं)।
- स्तंभाकार (Columnar): लंबी और पतली कोशिकाएं (उदाहरण: आमाशय और आंत्र की परत)।
- पक्ष्माभित (Ciliated): यदि स्तंभाकार या घनाकार कोशिकाओं पर पक्ष्माभ (Cilia) हों।
- संयुक्त उपकला (Compound Epithelium): बहु-परतीय कोशिकाएं (उदाहरण: त्वचा की सतह)।
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3. संयोजी ऊतक (Connective Tissue)
- शरीर के अन्य ऊतकों/अंगों को आपस में जोड़ने और सहारा देने का कार्य करता है। रक्त को छोड़कर सभी संयोजी ऊतकों की कोशिकाएं तंतु (Fibres) का स्राव करती हैं।
- प्रकार:
1. वास्तविक संयोजी ऊतक (Loose Connective Tissue):
- एरिअलर (Areolar): त्वचा के नीचे पाया जाता है।
- वसायुक्त (Adipose): वसा का संग्रह करता है।
2. सघन संयोजी ऊतक (Dense Connective Tissue):
- कंडरा या टेंडन (Tendon): कंकाल की पेशियों को अस्थि से जोड़ता है।
- स्नायु या लिगामेंट (Ligament): अस्थि को अस्थि से जोड़ता है।
3. विशिष्ट संयोजी ऊतक (Specialized Connective Tissue):
- उपास्थि (Cartilage): ठोस लेकिन लचीली (उदाहरण: कान का पिनना)।
- अस्थि (Bone): कठोर, कठोर मैट्रिक्स, कैल्शियम लवण से युक्त।
- रक्त (Blood): तरल संयोजी ऊतक जिसमें प्लाज्मा, RBC, WBC और प्लेटलेट्स होते हैं।
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4. पेशीय ऊतक (Muscular Tissue)
- लंबी, बेलनाकार कोशिकाओं (पेशी तंतुओं) से बना होता है जो संकुचन और शिथिलन द्वारा गति उत्पन्न करते हैं।
- प्रकार:
1. कंकाल पेशी (Skeletal Muscle): ऐच्छिक (Voluntary), धारीदार (Striated), अस्थियों से जुड़ी होती हैं।
2. चिकनी पेशी (Smooth Muscle): अनैच्छिक (Involuntary), अधारीदार (Non-striated), आंतरिक अंगों की दीवार में (जैसे आमाशय)।
3. हृद पेशी (Cardiac Muscle): अनैच्छिक, धारीदार, केवल हृदय में पाई जाती है (आपस में अंतःशिष्ट डिस्क / Intercalated discs से जुड़ी होती हैं)।
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5. तंत्रिका ऊतक (Neural Tissue)
- शरीर की नियंत्रण और समन्वय प्रणाली का मुख्य भाग।
- तंत्रिका कोशिका (Neuron): तंत्रिका ऊतक की संरचनात्मक और कार्यात्मक इकाई।
- भाग: कोशिका काय (Cyton), द्रुमिका (Dendrites), और अक्षतंतु (Axon)।
- यह उद्दीपनों को ग्रहण कर विद्युत आवेग (Electrical impulses) के रूप में संचालित करती है।
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6. केंचुआ (Earthworm - Pheretima posthuma)
- वर्गीकरण: फाइलम एनेलिडा (Phylum Annelida)।
- रंग: भूरा-लाल, शरीर कई खंडों (Segments या Metameres) में बंटा होता है (लगभग 100-120 खंड)।
- मुख: पहले खंड (Peristomium) पर स्थित होता है।
- क्लाइटेलम (Clitellum): खंड 14-16 पर एक गहरी ग्रंथि वाली पट्टी होती है, जो कोकून (Cocoon) निर्माण में मदद करती है।
- पाचन तंत्र: मुख $\rightarrow$ ग्रसनी $\rightarrow$ ग्रासनली $\rightarrow$ पेशिका $\rightarrow$ आमाशय $\rightarrow$ आंत्र (टाइफ्लोसोल पाया जाता है)।
- श्वसन तंत्र: कोई विशेष अंग नहीं, त्वचा (Moist cuticle) द्वारा विसरण (Diffusion) से होता है।
- उत्सर्जन तंत्र: वृक्कक (Nephridia) द्वारा।
- रक्त परिसंचरण तंत्र: बंद प्रकार का (Closed type), हीमोग्लोबिन प्लाज्मा में घुला होता है।
- जनन: केंचुआ उभयलिंगी (Hermaphrodite / Bisexual) होता है (नर और मादा जनन अंग एक ही जीव में)।
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7. कॉकरोच (Cockroach - Periplaneta americana)
- वर्गीकरण: फाइलम आर्थ्रोपोडा (Phylum Arthropoda), वर्ग - इंसेक्टा (Insecta)।
- शरीर के मुख्य भाग:
1. सिर (Head): त्रिकोणीय, संवेदी अंग (जैसे यौगिक नेत्र / Compound eyes) और मुखांग होते हैं।
2. वक्ष (Thorax): तीन खंडों में विभाजित - अग्रवक्ष (Prothorax), मध्यवक्ष (Mesothorax) और पश्चवक्ष (Metathorax)। दो जोड़ी पंख और तीन जोड़ी टांगें होती हैं।
3. उदर (Abdomen): 10 खंडों में विभाजित।
- पाचन तंत्र: आमाशय में गिजार्ड (Gizzard) होता है जो भोजन पीसने का काम करता है। मध्य आंत्र और पश्च आंत्र के संधि स्थल पर हेपेटिक सीका (Hepatic caeca) और मैलपीगी नलिकाएं (Malpighian tubules) होती हैं।
- श्वसन तंत्र: श्वास रंध्रों (Spiracles) और श्वास नलिकाओं (Trachea) का जाल होता है।
- उत्सर्जन तंत्र: मैलपीगी नलिकाएं (Malpighian tubules) यूरिक अम्ल का उत्सर्जन करती हैं (यूरिकोटेलिक / Uricotelic)।
- रक्त परिसंचरण तंत्र: खुला प्रकार (Open type), हीमोलिंफ (Hemolymph) भरा होता है, हृदय कोष्ठकीय (Chambered heart) होता है।
- तंत्रिका तंत्र: तंत्रिका वलय और अधर तंत्रिका रज्जु (Ventral nerve cord)।
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8. मेंढक (Frog - Rana tigrina)
- वर्गीकरण: फाइलम कॉर्डेटा (Phylum Chordata), वर्ग - एम्फिबिया (Amphibia)।
- विशेषता: जल और थल दोनों पर रह सकते हैं (उभयचर)। शीत-रक्ती (Poikilothermous या Cold-blooded) जंतु हैं।
- त्वचा: चिकनी, नम और श्लेष्मयुक्त (Mucus glands युक्त) होती है। श्वसन त्वचा (क्यूटेलियस), फेफड़ों और मुखगुहा द्वारा होता है।
- पाचन तंत्र: पूर्ण और विकसित। आहार नली छोटी होती है क्योंकि ये मांसाहारी (Carnivorous) होते हैं।
- रक्त परिसंचरण तंत्र: बंद प्रकार का। हृदय 3-कोष्ठकीय (3-chambered) होता है (दो आलिंद और एक निलय)।
- उत्सर्जन तंत्र: मुख्य उत्सर्जी पदार्थ यूरिया है (यूरियोटेलिक / Ureotelic)। वृक्क (Kidneys) द्वारा उत्सर्जन होता है।
- तंत्रिका तंत्र और अंतःस्रावी तंत्र: केंद्रीय, परिधीय और स्वायत्त तंत्रिका तंत्र अच्छी तरह विकसित होते हैं। संवेदी अंगों में नेत्र और कर्ण (Tympanum) प्रमुख हैं।
- जनन तंत्र: नर और मादा मेंढक अलग-अलग होते हैं (एकलिंगी / Unisexual)। बाह्य निषेचन (External fertilization) जल में होता है और लार्वा अवस्था टेडपोल (Tadpole) कहलाती है।