मुख्य सूत्र (Key Formulas)
त्वरित पुनරാവृत्ति नोट्स (Quick Revision Notes)
कक्षा: 11वीं जीव विज्ञान (Biology)
अध्याय: पादप में श्वसन (Respiration in Plants) - MP Board
---
1. परिचय (Introduction)
- श्वसन (Respiration): यह एक अपचय (catabolic) प्रक्रिया है जिसमें जटिल कार्बनिक यौगिकों (विशेषकर ग्लूकोज) के C-C बंधों का ऑक्सीकरण होता है, जिससे ऊर्जा (ATP के रूप में) मुक्त होती है।
- श्वसन समीकरण:
C6H12O6 + 6O2 -> 6CO2 + 6H2O + ऊर्जा (ATP)
---
2. ग्लाइकोलाइसिस (Glycolysis / EMP Pathway)
- स्थान: यह कोशिका के कोशिकाद्रव्य (Cytoplasm) में होता है।
- विशेषता: यह ऑक्सीजन पर निर्भर नहीं है (यह वायुवीय और अवायुवीय दोनों में समान होता है)।
- अंतिम उत्पाद: ग्लूकोज के एक अणु से पाइरुविक अम्ल (
Pyruvic acid) के दो अणु बनते हैं।
- कुल ऊर्जा लाभ:
- प्रत्यक्ष रूप से बने ATP = 4
- खर्च हुए ATP = 2
- शुद्ध ATP लाभ = 2 ATP (साथ ही 2 NADH + H⁺ बनते हैं)।
---
3. किण्वन (Fermentation)
- यह अवायुवीय परिस्थितियों (Oxygen की अनुपस्थिति) में होता है।
- प्रकार:
1. अल्कोहलिक किण्वन (Alcoholic Fermentation): यीस्ट द्वारा पाइरुविक अम्ल से एथेनॉल और CO2 बनती है।
2. लेक्टिक अम्ल किण्वन (Lactic Acid Fermentation): कुछ जीवाणु और हमारी पेशियों द्वारा पाइरुविक अम्ल सेलेक्टिक अम्ल बनता है।
---
4. एरोबिक श्वसन (Aerobic Respiration)
ऑक्सीजन की उपस्थिति में होने वाला श्वसन, जो दो मुख्य चरणों में होता है:
#### (क) क्रेब्स चक्र (Krebs Cycle / TCA Cycle)
- स्थान: माइटोकॉन्ड्रिया का मैट्रिक्स (Matrix of Mitochondria)।
- प्रवेश: ग्लाइकोलाइसिस का पाइरुविक अम्ल मैट्रिक्स में प्रवेश करने से पहले एसिटाइल कोएंजाइम-A (
Acetyl Co-A) में बदलता है।
- पहला उत्पाद: साइट्रिक अम्ल (इसलिए इसे साइट्रिक एसिड चक्र भी कहते हैं)।
- उत्पाद (एक ग्लूकोज यानी दो पाइरुविक अम्ल के लिए):
- 6 NADH + H⁺
- 2 FADH₂
- 2 GTP (ATP के समतुल्य)
#### (-ख) इलेक्ट्रॉन परिवहन तंत्र (Electron Transport System - ETS) और ऑक्सीडेटिव फॉस्फोरिलीकरण
- स्थान: माइटोकॉन्ड्रिया की आंतरिक झिल्ली (Inner Mitochondrial Membrane)।
- मुख्य कार्य: NADH + H⁺ और FADH₂ का ऑक्सीकरण कर ATP का निर्माण करना।
- ऑक्सीडेटिव फॉस्फोरिलीकरण (Oxidative Phosphorylation): ऑक्सीजन की उपस्थिति में ATP का निर्माण। ऑक्सीजन अंतिम इलेक्ट्रॉन ग्राही (Electron acceptor) है।
---
5. एम्फिबोलिक पथ (Amphibolic Pathway)
- श्वसन पथ केवल अपचय (catabolic) नहीं है, बल्कि यह उपचय (anabolic) भी है।
- चूँकि इस पथ से विभिन्न अणुओं का टूटना (अपचय) और जुड़ना (उपचय) दोनों होता है, इसलिए श्वसन पथ को एम्फिबोलिक पथ कहा जाता है।
---
6. श्वसन भागफल (Respiratory Quotient - RQ)
श्वसन के दौरान निष्कासित CO2 के आयतन और उपभोग की गई O2 के आयतन के अनुपात को श्वसन भागफल कहते हैं।
RQ = (मुक्त CO2 का आयतन) / (उपभोग की गई O2 का आयतन)
- विभिन्न पदार्थों के लिए RQ के मान:
- कार्बोहाइड्रेट (Carbohydrates): 1 (जैसे ग्लूकोज)
- वसा (Fats): 1 से कम (लगभग 0.7)
- प्रोटीन (Proteins): लगभग 0.9
- अवायुवीय श्वसन (Anaerobic Respiration): अनंत (Infinity) क्योंकि
O2 का उपयोग नहीं होता लेकिन CO2 निकलती है।
माइंड मैप चार्ट (Mind Map Chart)
📍 पौधों में श्वसन
परिचय और आधारभूत संकल्पना
श्वसन क्या है?
पौधों में श्वसन की आवश्यकता
प्रकाश संश्लेषण बनाम श्वसन
ग्लाइकोलिसिस (Glycolysis)
अन्य नाम: EMP पथ
स्थल: कोशिका द्रव्य (Cytoplasm)
मुख्य चरण
ग्लूकोज का फॉस्फोरिलीकरण
विखंडन (Split into Triose phosphate)
ATP और NADH का निर्माण
अंतिम उत्पाद: पायरुविक अम्ल (Pyruvic Acid)
पायरुविक अम्ल का भाग्य
अवायवीय श्वसन (किण्वन / Fermentation)
अल्कोहलिक किण्वन (Alcoholic fermentation)
लैक्टिक अम्ल किण्वन (Lactic acid fermentation)
ऊर्जा उत्पादन (कम ATP)
वायवीय श्वसन (Aerobic Respiration)
माइटोकॉन्ड्रिया में प्रवेश
ऑक्सी-डिटार्बोजिलेशन (एसिटाइल Co-A का निर्माण)
क्रेब्स चक्र (Krebs Cycle / TCA Cycle)
स्थल: माइटोकॉन्ड्रिया की मैट्रिक्स
खोजकर्ता: हैंड्स क्रेब्स
मुख्य मध्यवर्ती: साइट्रिक अम्ल
उत्पाद: $CO2$, NADH, $FADH2$, GTP
इलेक्ट्रॉन परिवहन तंत्र (ETS) और ऑक्सीडेटिव फॉस्फोरिलीकरण
स्थल: माइटोकॉन्ड्रिया की भीतरी झिल्ली (Inner membrane)
इलेक्ट्रॉन वाहक: कॉम्प्लेक्स I से IV, साइटोक्रोम c, Ubiquinone
अंतिम इलेक्ट्रॉन ग्राही: ऑक्सीजन ($O_2$)
ऑक्सीडेटिव फॉस्फोरिलीकरण और ATP संश्लेषण
चेरमिट परिकौल्पना (Chemiosmotic Hypothesis)
एम्फिबोलिक पथ (Amphibolic Pathway)
कैटाबोलिज्म (अपचय) और एनाबोलिज्म (उपचय) दोनों
कार्बोहाइड्रेट, वसा और प्रोटीन का श्वसन में उपयोग
श्वसन भागफल (Respiratory Quotient - RQ)
परिभाषा: ($CO2$ का निष्कासन / $O2$ की खपत)
विभिन्न सब्सट्रेट्स के लिए मान
कार्बोहाइड्रेट (RQ = 1)
वसा (RQ < 1)
प्रोटीन (RQ < 1)
-有机 अम्ल (RQ > 1)
महत्वपूर्ण बोर्ड प्रश्न (Important Board Questions)
उत्तर (Answer): डिनिट्रोफेनोल (DNP) आंतरिक माइटोकॉन्ड्रियल झिल्ली को प्रोटॉन के लिए पारगम्य बनाकर ऑक्सीडेटिव फॉस्फोरिलीकरण के अनकूपलर के रूप में कार्य करता है, जिससे एटीपी उत्पादन के बिना प्रोटॉन प्रवणता समाप्त हो जाती है।
उत्तर (Answer): ग्लूकोज श्वसन के लिए पसंदीदा और प्राथमिक सबस्ट्रेट है, हालांकि ऊर्जा छोड़ने के लिए अन्य कार्बोहाइड्रेट, वसा और प्रोटीन को भी तोड़ा जा सकता है।
उत्तर (Answer): ऐल्कोहॉलिक किण्वन के दौरान, जब एंजाइम अल्कोहल डिहाइड्रोजनेज द्वारा एसिटैल्डिहाइड का एथेनॉल में अपचयन होता है, तो NADH+H+ वापस NAD+ में ऑक्सीकृत हो जाता है।
उत्तर (Answer): कॉम्प्लेक्स V (ATP सिंथेस) ADP और अकार्बनिक फॉस्फेट से ATP को संश्लेषित करने के लिए आंतरिक झिल्ली के पार प्रोटॉन प्रवणता द्वारा बनाई गई प्रोटॉन प्रेरक बल का उपयोग करता है।
उत्तर (Answer): श्वसन को एम्फ़ीबोलिक मार्ग माना जाता है क्योंकि इसमें कैटोबोलिज्म (ग्लूकोज जैसे सबस्ट्रेट्स का टूटना) और एनाबोलिज्म (वसा अम्ल, अमीनो एसिड आदि को संश्लेषित करने के लिए मध्यवर्ती मार्गों का उपयोग करना) दोनों शामिल हैं।
उत्तर (Answer): वायवीय श्वसन के दौरान, उपयोग की जाने वाली शटल प्रणाली के आधार पर एक ग्लूकोज अणु के पूर्ण ऑक्सीकरण से कुल 36 से 38 एटीपी अणुओं का शुद्ध लाभ होता है।
उत्तर (Answer): कार्बनिक अम्लों, जैसे मैलिक अम्ल या ऑक्सेलिक अम्ल, का RQ मान 1 से अधिक होता है क्योंकि वे ऑक्सीजन से समृद्ध होते हैं और श्वसन के दौरान उपभोग की गई O2 के सापेक्ष अधिक CO2 उत्पन्न करते हैं।
उत्तर (Answer): वसा श्वसन के दौरान उत्पादित कार्बन डाइऑक्साइड की तुलना में अधिक ऑक्सीजन की खपत करती है, जिसके परिणामस्वरूप 1 से कम (विशेष रूप से ट्राइपामिटिन के लिए लगभग 0.7) RQ मान होता है।
उत्तर (Answer): श्वसन गुणांक निष्कासित CO2 के आयतन और उपभोग की गई O2 के आयतन का अनुपात है। कार्बोहाइड्रेट के लिए, CO2 और O2 के समान आयतन का आदान-प्रदान होता है, जिससे RQ का मान 1 होता है।
उत्तर (Answer): ऑक्सीडेटिव फॉस्फोरिलीकरण सबस्ट्रेट्स के ऑक्सीकरण और इलेक्ट्रॉन परिवहन के दौरान निकलने वाली ऊर्जा का उपयोग करके ADP और अकार्बनिक फॉस्फेट से ATP का संश्लेषण है।
उत्तर (Answer): ऑक्सीजन इलेक्ट्रॉन परिवहन श्रृंखला के अंत में अंतिम हाइड्रोजन और इलेक्ट्रॉन ग्राही के रूप में कार्य करती है, और प्रोटॉन के साथ मिलकर पानी बनाती है।
उत्तर (Answer): इलेक्ट्रॉन परिवहन तंत्र (ETS) माइटोकॉन्ड्रिया की आंतरिक झिल्ली पर स्थित होता है, जहाँ प्रोटॉन प्रवणता उत्पन्न करने के लिए इलेक्ट्रॉन वाहकों की एक श्रृंखला से गुजारे जाते हैं।
उत्तर (Answer): एसिटिल CoA साइट्रेट सिंथेटेज की उपस्थिति में ऑक्सालोएसीटेट और पानी के साथ संघनन करके साइट्रिक अम्ल बनाता है, जो क्रेब्स चक्र का पहला स्थायी उत्पाद है।
उत्तर (Answer): क्रेब्स चक्र को ट्राइकारबॉक्सिलिक एसिड (TCA) चक्र के रूप में भी जाना जाता है क्योंकि इसमें बनने वाला पहला उत्पाद साइट्रिक एसिड होता है, जो एक ट्राइकारबॉक्सिलिक एसिड है।
उत्तर (Answer): पाइरुवेट माइटोकॉन्ड्रियल मैट्रिक्स में प्रवेश करता है जहाँ यह एसिटिल CoA बनाने के लिए ऑक्सीडेटिव डिकार्बोक्सिलेशन से गुजरता है, जिसे योजक अभिक्रिया कहा जाता है।