अध्याय: पौधों में वृद्धि एवं विकास - त्वरित रिवीजन नोट्स (Formula & Quick Revision Sheet)
कक्षा: 11वीं जीव विज्ञान (Biology - MP Board)
---
मुख्य अवधारणा 1: वृद्धि (Growth)
- परिभाषा: वृद्धि जीव के आकार, आयतन, भार और कोशिकाओं की संख्या में होने वाला एक अपरिवर्तनीय (irreversible) और स्थायी विकास है।
- वृद्धि के चरण:
1. विभज्योतकी प्रावस्था (Meristematic Phase): कोशिकाएँ लगातार विभाजित होती हैं (जैसे- जड़ और तने का शीर्ष)।
2. दीर्घीकरण प्रावस्था (Elongation Phase): कोशिकाओं की लंबाई बढ़ती है, रसीलापन (vacuolation) और कोशिका भित्ति का विस्तार होता है।
3. परिपक्वन प्रावस्था (Maturation Phase): कोशिकाएँ अपने अंतिम आकार को प्राप्त करती हैं और विशिष्ट कार्य संभालती हैं।
---
मुख्य अवधारणा 2: वृद्धि की दर (Growth Rate)
- अंकगणितीय वृद्धि (Arithmetic Growth): इसमें विभाजन के बाद केवल एक पुत्री कोशिका विभाजित होती रहती है और दूसरी परिपक्व हो जाती है।
- समीकरण:
Lt = L0 + rt
- जहाँ,
Lt = समय 't' पर लंबाई, L0 = प्रारंभिक लंबाई, r = वृद्धि दर।
- ज्यामितीय वृद्धि (Geometric Growth): इसमें विभाजन के बाद दोनों पुत्री कोशिकाएँ विभाजित होती रहती हैं।
- समीकरण:
W1 = W0 * e^(rt)
- जहाँ,
W1 = अंतिम आकार, W0 = प्रारंभिक आकार, r = वृद्धि दर, t = समय, e = प्राकृतिक लघुगणक (Natural logarithm) का आधार।
---
मुख्य अवधारणा 3: विकास (Development)
- परिभाषा: विकास में पौधे के जीवन चक्र के सभी परिवर्तन शामिल हैं, जैसे - बीज का अंकुरण, वृद्धि, विभेदन, परिपक्वता, पुष्पन, और जीर्णता (Senescence)।
- प्लास्टिसिटी (Plasticity): पौधे पर्यावरण के प्रभाव से विभिन्न प्रकार की संरचनाएँ बनाते हैं। उदाहरण: मक्खन घास (Buttercup)।
---
मुख्य अवधारणा 4: पादप हॉर्मोन (Plant Growth Regulators - PGRs)
पादप हॉर्मोन छोटे, सरल अणु होते हैं जो पौधों की वृद्धि और विकास को नियंत्रित करते हैं। इन्हें दो समूहों में बाँटा गया है:
#### 1. वृद्धि प्रमोटर्स (Growth Promoters):
- ऑक्सिन (Auxin):
- खोज: चार्ल्स डार्विन (कैनरी ग्रास के प्रीयोप्टाइल से)।
- कार्य: शीर्ष प्रमुखता (Apical dominance), कोशिका दीर्घीकरण, जड़ बनना (Rooting)।
- उदाहरण: IAA (Indole-3-acetic acid), IBA, NAA।
- जिबरेलिन (Gibberellins - GA):
- कार्य: तने की लंबाई बढ़ाना (Bolting), बीज अंकुरण, अंगूर के डंठल का लंबा होना।
- उदाहरण: GA3।
- साइटोकाइनिन (Cytokinins):
- कार्य: कोशिका विभाजन (Cytokinesis), जीर्णता को रोकना (Richmond-Lang effect), पार्श्व कलियों की वृद्धि।
- उदाहरण: काइनेटिन (Kinetin), ज़ियाटिन (Zeatin)।
#### 2. वृद्धि संदमक (Growth Inhibitors):
- एथलीन (Ethylene): (यह एक गैसीय हॉर्मोन है)
- कार्य: फलों का पकना (Fruit ripening), क्षैतिज वृद्धि, पुष्पन को बढ़ावा देना (अनानास में)।
- एब्सिसिक एसिड (ABA - Abscisic Acid):
- कार्य: इसे 'तनाव हॉर्मोन' (Stress hormone) कहते हैं। यह बीज प्रसुप्तता (Dormancy) को प्रेरित करता है और रंध्रों (Stomata) को बंद करता है।
---
मुख्य अवधारणा 5: दीप्तिकालिता (Photoperiodism)
- पुष्पन पर प्रकाश की अवधि (दिन और रात की लंबाई) का प्रभाव दीप्तिकालिता कहलाता है।
- प्रकार:
1. दीर्घ-दिवस पौधे (Long Day Plants): जिन्हें पुष्पन के लिए एक निश्चित критической अवधि से अधिक प्रकाश की आवश्यकता होती है (जैसे- गेहूँ, पालक)।
2. अल्प-दिवस पौधे (Short Day Plants): जिन्हें कम प्रकाश अवधि की आवश्यकता होती है (जैसे- सोयाबीन, तंबाकू)।
3. तटस्थ-दिवस पौधे (Day Neutral Plants): जिन पर प्रकाश की अवधि का कोई प्रभाव नहीं पड़ता (जैसे- टमाटर, कपास)।
---
मुख्य अवधारणा 6: वसंतलीकरण (Vernalisation)
- कम तापमान द्वारा पौधों में पुष्पन को प्रेरित करने या तेज करने की प्रक्रिया को वसंतलीकरण कहते हैं (जैसे- शीतकालीन गेहूँ)।
---
महत्वपूर्ण बिंदु (Quick Revision Points)
- जिम्नोस्पर्म में बीज प्रसुप्तता ABA द्वारा नियंत्रित होती है।
- एथलीन एकमात्र गैसीय पादप हॉर्मोन है।
- 'बेकाने' (Bakanae) या 'मूर्ख पौधे की बीमारी' जिबरेलिन की खोज का आधार बनी, जो Gibberella fujikuroi कवक के कारण होती है।