मुख्य सूत्र (Key Formulas)
अध्याय: साँس लेना और गैसों का आदान-प्रदान (Breathing and Exchange of Gases)
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1. मुख्य परिभाषाएँ (Key Definitions)
- श्वसन (Respiration): वायुमंडलीय ऑक्सीजन ($O2$) को शरीर के अंदर लेना और कोशिकाओं से मेटाबोलिक गतिविधियों के दौरान उत्पन्न कार्बन डाइऑक्साइड ($CO2$) को बाहर छोड़ना, साथ ही ऊर्जा (ATP) का उत्पादन करना श्वसन कहलाता है।
- श्वासोच्छवास (Breathing / Ventilation): वायुमंडलीय हवा को फेफड़ों के अंदर लेना (अंतःश्वसन) और फेफड़ों की हवा को बाहर छोड़ना (उत्सवास) श्वासोच्छवास कहलाता है।
- श्वसन अंग (Respiratory Organs): जीवों में गैसों के आदान-प्रदान के लिए अलग-अलग अंग होते हैं:
- त्वचा (Skin): केंचुआ (Earthworm)
- गलफड़े (Gills): मछलियाँ, जलीय आर्थ्रोपोड
- फेफड़े (Lungs): सरीसृप, पक्षी, स्तनधारी (मानव सहित)
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2. मानव श्वसन तंत्र (Human Respiratory System)
मानव श्वसन तंत्र मुख्य रूप से निम्नलिखित भागों से मिलकर बना है:
- नासा मार्ग (Nasal Passage): हवा को अंदर लेता है, फिल्टर करता है और नम बनाता है।
- ग्रसनी (Pharynx): नासा मार्ग और श्वासनली का सामान्य रास्ता।
- लैरिंक्स (Larynx / Voice Box): ध्वनि उत्पन्न करने वाला यंत्र।
- श्वासनली (Trachea): उपास्थि (Cartilage) के छल्लों से बनी नली जो फेफड़ों तक हवा पहुँचाती है।
- ब्रोंकाई और ब्रोंकियोल (Bronchi & Bronchioles): श्वासनली फेफड़ों के अंदर जाकर छोटी शाखाओं में बंट जाती है।
- कुपिकाएँ (Alveoli): पतली झिल्ली वाली गुब्बारे जैसी संरचनाएँ, जहाँ वास्तविक गैसों का आदान-प्रदान होता है। (यह श्वसन तंत्र की कार्यात्मक इकाई है)।
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3. श्वासोच्छवास की क्रियाविधि (Mechanism of Breathing)
श्वासोच्छवास में दो मुख्य प्रक्रियाएँ होती हैं:
- क) अंतःश्वसन (Inspiration):
- जब वायुमंडलीय हवा फेफड़ों में प्रवेश करती है।
- डायाफ्राम (Diaphragm) सिकुड़ता है और चपटा हो जाता है।
- बाह्य अंतरपर्शुक पेशियाँ (External Intercostal Muscles) सिकुड़ती हैं, जिससे पसलियाँ ऊपर और बाहर की ओर गति करती हैं।
- वक्ष गुहा (Thoracic cavity) का आयतन बढ़ता है और दाब कम हो जाता है, जिससे हवा बाहर से फेफड़ों में अंदर आ जाती है।
- ख) उत्सवास (Expiration):
- जब फेफड़ों की हवा बाहर छोड़ी जाती है।
- डायाफ्राम और अंतरपर्शुक पेशियाँ अपने सामान्य आकार में वापस आती हैं।
- वक्ष गुहा का आयतन घटता है और फेफड़ों पर दबाव बढ़ता है, जिससे हवा बाहर धकेल दी जाती है।
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4. श्वसन आयतन और क्षमताएँ (Respiratory Volumes and Capacities)
- टी.वी. (Tidal Volume - TV): सामान्य श्वसन के दौरान प्रति श्वास ली गई या छोड़ी गई हवा की मात्रा।
- मान: लगभग 500 mL प्रति श्वास।
- आई.आर.वी. (Inspiratory Reserve Volume - IRV): बलपूर्वक अंतःश्वसन द्वारा हवा की अतिरिक्त मात्रा जो अंदर खींची जा सकती है।
- मान: 2500 mL से 3000 mL।
- ई.आर.वी. (Expiratory Reserve Volume - ERV): बलपूर्वक उत्सवास द्वारा हवा की अतिरिक्त मात्रा जो बाहर निकाली जा सकती है।
- मान: 1000 mL से 1100 mL।
- आर.वी. (Residual Volume - RV): बलपूर्वक उत्सवास के बाद भी फेफड़ों में शेष बची हवा की मात्रा।
- मान: 1100 mL से 1200 mL।
- वी.सी. (Vital Capacity - VC): बलपूर्वक साँસ छोड़ने के बाद ली जा सकने वाली अधिकतम हवा की मात्रा (TV + IRV + ERV)।
- टी.एल.सी. (Total Lung Capacity - TLC): अधिकतम प्रयास के बाद फेफड़ों में मौजूद कुल हवा की मात्रा (VC + RV या TV + IRV + ERV + RV)।
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5. गैसों का आदान-प्रदान (Exchange of Gases)
- यह कुपिकाओं (Alveoli) और ऊतकों (Tissues) में आंशिक दाब (Partial Pressure - $pO2$ और $pCO2$) के अंतर के आधार पर सरल विसरण (Simple Diffusion) द्वारा होता है।
- कुपिकाओं में: $O2$ का आंशिक दाब अधिक होता है, इसलिए $O2$ कुपिकाओं से रक्त में जाती है; $pCO2$ कम होता है, इसलिए $CO2$ रक्त से कुपिकाओं में आती है।
- ऊतकों में: $O2$ का आंशिक दाब कम और $CO2$ का अधिक होता है, जिससे गैसों का आदान-प्रदान विपरीत दिशा में होता है।
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6. गैसों का परिवहन (Transport of Gases)
- क) ऑक्सीजन का परिवहन ($O_2$ Transport):
- लगभग 97% $O_2$ का परिवहन लाल रक्त कणिकाओं (RBCs) में मौजूद हीमोग्लोबिन (Hemoglobin) द्वारा ऑक्सीहीमोग्लोबिन के रूप में होता है।
- लगभग 3% $O_2$ प्लाज्मा में घुली हुई अवस्था में प्रवाहित होती है।
- ऑक्सीजन वियोजन वक्र (Oxygen Dissociation Curve): $pO_2$ और हीमोग्लोबिन की संतृप्ति (Saturation) के बीच का ग्राफ सिग्मॉइड (Sigmoid - S आकार का) होता है।
- फेफड़ों में उच्च $pO2$, कम $pCO2$, कम $H^+$ सांद्रता और कम तापमान ऑक्सीहीमोग्लोबिन के निर्माण में सहायक हैं।
- ऊतकों में निम्न $pO2$, उच्च $pCO2$, उच्च $H^+$ सांद्रता और उच्च तापमान ऑक्सीहीमोग्लोबिन के वियोजन (टूटने) में सहायक हैं।
- ख) कार्बन डाइऑक्साइड का परिवहन ($CO_2$ Transport):
$CO_2$ का परिवहन तीन तरीकों से होता है:
1. कार्बोनिक अम्ल के रूप में (प्लाज्मा में घुलकर): लगभग 7%।
2. कार्बामिनोहीमोग्लोबिन के रूप में: लगभग 20-25% (RBCs के हीमोग्लोबिन के साथ बंधकर)।
3. बाइकार्बोनेट आयनों ($HCO_3^-$) के रूप में: लगभग 70% (यह मुख्य तरीका है, जिसमें एंजाइम कार्बोनिक एनहाइड्रेज़ मदद करता है)।
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7. श्वसन का नियमन (Regulation of Respiration)
- श्वसन लय केंद्र (Respiratory Rhythm Center): मस्तिष्क के मेडला ओबलांगेटा (Medulla Oblongata) में स्थित होता है जो श्वसन को नियंत्रित करता है।
- न्युमोटाक्सिक केंद्र (Pneumotaxic Center): मस्तिष्क के पोंस (Pons) क्षेत्र में स्थित होता है, जो श्वसन लय केंद्र के कार्यों को संशोधित (Modify) कर सकता है।
- रासायनिक संवेदी क्षेत्र (Chemosensitive Area): मेडला के पास स्थित होता है जो $CO_2$ और $H^+$ सांद्रता के बढ़ने के प्रति संवेदनशील होता है और श्वसन दर को बढ़ाता है।
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8. श्वसन तंत्र के विकार (Disorders of Respiratory System)
- दमा (Asthma): ब्रोन्काई और ब्रोंकियोल में सूजन के कारण साँस लेने में घरघराहट और कठिनाई होती है।
- वातस्फीति (Emphysema): यह एक पुरानी बीमारी है जिसमें कुपिका की भित्तियाँ क्षतिग्रस्त हो जाती हैं, जिससे श्वसन सतह घट जाती है (मुख्यतः धूम्रपान से)।
- व्यावसायिक श्वसन विकार (Occupational Respiratory Disorders): पत्थर तोड़ने या कोयला खदानों में काम करने वाले लोगों में धूल के कणों के लगातार संपर्क में आने से फेफड़ों में फाइब्रोसिस (फाइबर ऊतक का बढ़ना) हो जाता है, जैसे- सिलिकोसिस।
माइंड मैप चार्ट (Mind Map Chart)
📍 साँс लेना और गैसों का विनिमय
श्वसन अंग
निम्न अकशेरुकी (त्वचा, शरीर की सतह)
कीट (श्वास नली / ट्रैकिया)
जलीय आर्थ्रोपोड और मछलियाँ (गिल्स / क्लोम)
सरीसृप, पक्षी और स्तनधारी (फेफड़े)
मानव श्वसन तंत्र
ऊपरी श्वसन मार्ग
नासिका मार्ग
ग्रसनी (Pharynx)
लैरिंक्स (स्वर यंत्र)
निचला श्वसन मार्ग
श्वास नली (Trachea)
ब्रोंकाई और ब्रोंकिओल्स
कुपिकाएँ (Alveoli - मुख्य गैस विनिमय स्थल)
साँस लेने की क्रियाविधि (पल्मोनरी वेंटिलेशन)
अंतःश्वसन (Inhalation)
डायाफ्राम का सिकुड़ना
पसलियों का ऊपर और बाहर उठना
फेफड़ों में दबाव कम होना
उच्च्वसन (Exhalation)
डायाफ्राम का अपनी स्थिति में लौटना
पसलियों का नीचे और अंदर जाना
फेफड़ों से हवा का बाहर निकलना
फेफड़ों के आयतन और क्षमताएँ
ज्वारीय आयतन (Tidal Volume)
इंस्पिरेटरी रिजर्व वॉल्यूम (IRV)
एक्सपिरेटरी रिजर्व वॉल्यूम (ERV)
रेजिडुअल वॉल्यूम (RV)
कुल फेफड़े की क्षमता (TLC)
गैसों का विनिमय
विनिमय का स्थान (कुपिकाएँ और ऊतक)
विनिमय की विधि (सरल विसरण)
प्रभावित करने वाले कारक (आंशिक दाब प्रवणता, घुलनशीलता)
गैसों का परिवहन
ऑक्सीजन का परिवहन
हीमोग्लोबिन द्वारा (लगभग 97%)
प्लाज्मा में घुलित रूप में (लगभग 3%)
कार्बन डाइऑक्साइड का परिवहन
बाइकार्बोनेट के रूप में (लगभग 70%)
कार्बएमीनोहीमोग्लोबिन के रूप में (लगभग 20-25%)
प्लाज्मा में घुली हुई अवस्था में (लगभग 7%)
श्वसन का विनियमन
तंत्रिका तंत्र नियंत्रण
मज्जा (Medulla Oblongata) - श्वसन केंद्र
पोंस (Pons) - न्यूमोटॉक्सिक केंद्र
रासायनिक नियंत्रण (CO₂ और H⁺ सांद्रता में परिवर्तन)
श्वसन तंत्र के विकार
दमा (Asthma)
वातस्फीति (Emphysema)
व्यावसायिक श्वसन विकार (सिलिकोसिस, असबेस्टोसिस)
महत्वपूर्ण बोर्ड प्रश्न (Important Board Questions)
उत्तर (Answer): कार्बोनिक एनहाइड्रेस आरबीसी में बहुत उच्च सांद्रता में मौजूद होता है और कार्बन डाइऑक्साइड तथा पानी के बीच उत्क्रमणीय प्रतिक्रिया को उत्प्रेरित करता है, जिससे बाइकार्बोनेट के निर्माण में सुविधा होती है।
उत्तर (Answer): डीऑक्सीजनेटेड रक्त में कार्बन डाइऑक्साइड का आंशिक दबाव ($pCO_2$) 45 मिमी एचजी होता है, जो कूपिकाओं में कार्बन डाइऑक्साइड के विसरण को सुगम बनाता है जहाँ $pCO_2$ 40 मिमी एचजी होता है।
उत्तर (Answer): सामान्य शारीरिक परिस्थितियों में, फेफड़ों से शरीर के ऊतकों तक परिवहन के दौरान 100 मिलीलीटर ऑक्सीकृत रक्त ऊतकों को लगभग 5 मिलीलीटर ऑक्सीजन पहुंचा सकता है।
उत्तर (Answer): फेफड़े एक दोहरी परत वाली झिल्ली से ढके होते हैं जिसे फुफ्फुसीय झिल्ली या प्लुरा कहा जाता है, जिसके बीच में सांस लेने की गतिविधियों के दौरान घर्षण को कम करने के लिए फुफ्फुसीय द्रव होता है।
उत्तर (Answer): ऑक्सीजन-हीमोग्लोबिन पृथक्करण वक्र सिग्मॉइड (S-आकार का) होता है। यह S-आकार हीमोग्लोबिन की चार उप-इकाइयों से ऑक्सीजन के सहकारी बंधन के परिणामस्वरूप होता है。
उत्तर (Answer): अस्थमा एक श्वसन कठिनाई है जो ब्रॉन्काई और ब्रोंकिओल्स की चिकनी मांसपेशियों की ऐंठन की विशेषता रखती है, जिससे सांस लेते समय घरघराहट और सांस लेने में कठिनाई होती है।
उत्तर (Answer): वातास्फीति (Emphysema) एक पुराना विकार है जिसमें कूपिका दीवारें क्षतिग्रस्त हो जाती हैं, जिससे श्वसन सतही क्षेत्र कम हो जाता है। सिगरेट पीना इस स्थिति का एक प्रमुख कारण है।
उत्तर (Answer): वायुमंडलीय हवा में ऑक्सीजन का आंशिक दबाव ($pO_2$) लगभग 159 मिमी एचजी होता है, जबकि डीऑक्सीजनेटेड रक्त में यह 40 मिमी एचजी और ऑक्सीजनेटेड रक्त में 95 मिमी एचजी होता है।
उत्तर (Answer): एपीग्लोटिस (अधjihwa) जीभ के आधार से जुड़ी एक लोचदार उपास्थि फ्लैप है जो स्वरयंत्र के प्रवेश द्वार की रक्षा करती है और निगलने के दौरान भोजन को श्वास नली में प्रवेश करने से रोकती है।
उत्तर (Answer): कार्बन डाइऑक्साइड की उच्च सांद्रता, उच्च हाइड्रोजन आयन सांद्रता (कम pH), और उच्च तापमान ऑक्सीजन-हीमोग्लोबिन पृथक्करण वक्र को दाईं ओर विस्थापित करते हैं, जिससे ऊतकों में हीमोग्लोबिन से ऑक्सीजन के पृथक्करण को बढ़ावा मिलता है।
उत्तर (Answer): श्वसन ताल केंद्र मुख्य रूप से ब्रेनस्टैम्प के मेडुला ऑब्लॉगाटा क्षेत्र में स्थित होता है और श्वसन के नियमन के लिए जिम्मेदार होता है।
उत्तर (Answer): लगभग 70 प्रतिशत कार्बन डाइऑक्साइड का परिवहन बाइकार्बोनेट के रूप में होता है। एक छोटी मात्रा (लगभग 20-25 प्रतिशत) कार्बमिनोहीमोग्लोबिन के रूप में और 7 प्रतिशत प्लाज्मा में घुली हुई अवस्था में परिवहनित होती है।
उत्तर (Answer): ऑक्सीजन लाल रक्त कोशिकाओं में हीमोग्लोबिन के साथ उत्क्रमणीय रूप से जुड़कर ऑक्सीहीमोग्लोबिन बनाती है। प्रत्येक हीमोग्लोबिन अणु अधिकतम चार ऑक्सीजन अणुओं को ले जा सकता है।
उत्तर (Answer): ज्वारीय आयतन सामान्य श्वसन के दौरान अंतःश्वसन या उच्चोच्छवास की जाने वाली वायु की मात्रा है। एक स्वस्थ पुरुष के लिए, यह लगभग 500 मिलीलीटर प्रति श्वास होती है।
उत्तर (Answer): कार्यात्मक अवशिष्ट क्षमता (FRC) हवा की वह मात्रा है जो सामान्य उच्चोच्छवास के बाद फेफड़ों में शेष रहती है। इसमें निःश्वसन आरक्षित आयतन (ERV) और अवशिष्ट आयतन (RV) शामिल हैं।