#### अध्याय 1: व्यवसाय, व्यापार और वाणिज्य (Business, Trade and Commerce) - त्वरित संशोधन नोट्स
---
1. आर्थिक गतिविधियाँ (Economic Activities): धन कमाने या आजीविका चलाने के उद्देश्य से की जाने वाली गतिविधियाँ (जैसे- व्यवसाय, पेशा, रोजगार)।
2. अनर्थिक गतिविधियाँ (Non-Economic Activities): प्रेम, सहानुभूति, देशभक्ति या मानसिक संतुष्टि के उद्देश्य से की जाने वाली गतिविधियाँ (जैसे- एक माँ द्वारा अपने बच्चे को पढ़ाना)।
---
1. एक आर्थिक गतिविधि: यह धन कमाने के लिए की जाती है।
2. वस्तुओं और सेवाओं का आदान-प्रदान: इसमें वस्तुओं (उत्पाद) और सेवाओं (बैंकिंग, बीमा आदि) का लेन-देन होता है।
3. नियमितता (Regularity): लेन-देन में निरंतरता होनी चाहिए, केवल एक बार की गई बिक्री व्यवसाय नहीं कहलाती।
4. लाभ अर्जन (Profit Earning): व्यवसाय का मुख्य उद्देश्य लाभ कमाना है।
5. जोखिम और अनिश्चितता (Risk and Uncertainty): व्यवसाय में भविष्य की अनिश्चितता और हानि का जोखिम हमेशा बना रहता है।
---
आर्थिक गतिविधियों को तीन मुख्य श्रेणियों में बांटा गया है:
| आधार | व्यवसाय (Business) | पेशा (Profession) | रोजगार (Employment) |
| :--- | :--- | :--- | :--- |
| 1. स्थापना का स्वरूप | उद्यमी का निर्णय और अन्य औपचारिकताएँ। | पेशेवर निकाय की सदस्यता और प्रमाण पत्र। | नियुक्ति पत्र और सेवा समझौता। |
| 2. कार्य की प्रकृति | वस्तुएं/सेवाएं प्रदान करना। | विशेषज्ञ सेवाएँ प्रदान करना। | समझौते के अनुसार कार्य करना। |
| 3. योग्यता | किसी न्यूनतम योग्यता की अनिवार्य आवश्यकता नहीं। | विशेष ज्ञान और प्रशिक्षण अनिवार्य। | नियोक्ता द्वारा निर्धारित योग्यता। |
| 4. मुख्य उद्देश्य | लाभ कमाना। | सेवा प्रदान करना और शुल्क अर्जित करना। | वेतन या मजदूरी प्राप्त करना। |
| 5. प्रतिफल | लाभ (Profit) | पेशेवर फीस (Professional Fee) | वेतन या मजदूरी (Salary/Wages) |
| 6. जोखिम | अधिक जोखिम। | बहुत कम जोखिम। | कोई जोखिम नहीं। |
---
व्यवसाय के उद्देश्यों को दो भागों में बांटा गया है:
1. आर्थिक उद्देश्य (Economic Objectives):
2. सामाजिक उद्देश्य (Social Objectives):
---
1. प्राकृतिक कारण (Natural Causes): बाढ़, भूकंप, सूखा, महामारी आदि (मानव के नियंत्रण से बाहर)।
2. मानवीय कारण (Human Causes): कर्मचारियों की बेईमानी, हड़ताल, तालाबंदी, लापरवाही आदि।
3. आर्थिक कारण (Economic Causes): मांग में उतार-चढ़ाव, मूल्य परिवर्तन, प्रतिस्पर्धा, ब्याज दरों में बदलाव।
4. अन्य कारण: राजनीतिक उथल-पुथल, मशीनों का खराब होना, विनिमय दरों में उतार-चढ़ाव।
---
व्यवसाय की संपूर्ण गतिविधियों को दो भागों में बांटा जा सकता है: (अ) उद्योग (Industry) और (ब) वाणिज्य (Commerce)।
#### (अ) उद्योग (Industry)
उद्योग का संबंध वस्तुओं और सामग्रियों के उत्पादन या निष्कर्षण से है। इसे तीन श्रेणियों में बांटा गया है:
1. प्राथमिक उद्योग (Primary Industries): प्राकृतिक संसाधनों का निष्कर्षण और प्रजनन (जैसे- कृषि, खनन, पशुपालन)।
2. द्वितीयक उद्योग (Secondary Industries): प्राथमिक उद्योगों की सामग्री का उपयोग करके नई वस्तुओं का निर्माण करना।
3. तृतीयक उद्योग (Tertiary Industries): प्राथमिक और द्वितीयक उद्योगों को सहायता प्रदान करने वाली सेवाएँ (जैसे- परिवहन, बैंकिंग, बीमा, भंडारण)।
#### (ब) वाणिज्य (Commerce)
वाणिज्य के अंतर्गत वे सभी क्रियाएँ आती हैं जो वस्तुओं और सेवाओं के उपभोग के स्थान तक पहुँचाने में आने वाली बाधाओं (दूरी, समय, ज्ञान, जोखिम, वित्त) को दूर करती हैं।
1. व्यापर (Trade): वस्तुओं और सेवाओं का क्रय-विक्रय।
2. व्यापार की सहायक क्रियाएँ (Auxiliaries to Trade):