कक्षा 11: व्यवसाय अध्ययन (Business Studies)
#### अध्याय: व्यवसाय की सामाजिक उत्तरदायित्व और व्यावसायिक आचारशास्त्र (Social Responsibilities of Business and Business Ethics)
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1. सामाजिक उत्तरदायित्व का अर्थ (Meaning of Social Responsibility)
व्यवसाय का सामाजिक उत्तरदायित्व से अभिप्राय उन सभी नीतियों को लागू करना, उन निर्णयों को लेना या उन कार्यों को करना है जो समाज के लक्ष्यों और मूल्यों के दृष्टिकोण से वांछनीय (Desired) हैं। व्यवसाय केवल लाभ कमाने का साधन नहीं है, बल्कि समाज का एक अंग होने के नाते इसके समाज के प्रति कुछ कर्तव्य भी होते हैं।
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2. सामाजिक उत्तरदायित्व की आवश्यकता एवं महत्व (Need and Importance)
व्यवसाय को समाज में बने रहने और विकास करने के लिए सामाजिक उत्तरदायित्व की आवश्यकता होती है:
- दीर्घकालिक हित (Long-term Interest): समाज के कल्याण से व्यवसाय को दीर्घकाल में अधिक लाभ होता है।
- सरकारी नियंत्रण से मुक्ति (Avoidance of Government Regulation): यदि व्यवसायी स्वयं समाज के प्रति उत्तरदायी होते हैं, तो सरकार के हस्तक्षेप और कड़े कानूनों का भय कम होता है।
- जनता की छवि (Public Image): समाज की भलाई करने वाले व्यवसायों की बाजार में अच्छी छवि बनती है।
- संसाधनों की उपलब्धता (Availability of Resources): व्यवसाय समाज के संसाधनों (मानव, धन, सामग्री) का उपयोग करता है, अतः उसका यह कर्तव्य है कि वह समाज को कुछ वापस दे।
- व्यापारिक नैतिकता (Business Ethics): यह व्यवसाय को नैतिक रूप से सही रास्ते पर चलने के लिए प्रेरित करता है।
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3. विभिन्न पक्षों के प्रति सामाजिक उत्तरदायित्व (Social Responsibilities towards Different Interest Groups)
एक व्यवसाय को निम्नलिखित पक्षों (हितधारकों) के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को निभाना चाहिए:
#### (क) शेयरधारकों या स्वामियों के प्रति (Towards Shareholders / Owners):
- पूंजी की सुरक्षा करना।
- उचित एवं नियमित लाभांश (Dividend) देना।
- व्यवसाय की वित्तीय स्थिति की सही जानकारी देना।
#### (ख) कर्मचारियों के प्रति (Towards Workers / Employees):
- उचित वेतन (Fair Wages) और भत्ते देना।
- कार्य करने की सुरक्षित एवं स्वस्थ दशाएँ प्रदान करना।
- पदोन्नति (Promotion) और प्रशिक्षण के अवसर देना।
#### (ग) उपभोक्ताओं के प्रति (Towards Consumers):
- उचित मूल्य पर अच्छी गुणवत्ता की वस्तुएं और सेवाएं उपलब्ध कराना।
- मिलावट, भ्रष्ट विज्ञापन और जमाखोरी से बचना।
- ग्राहकों की शिकायतों का शीघ्र निवारण करना।
#### (घ) सरकार के प्रति (Towards Government):
- ईमानदारी से करों (Taxes) और शुल्कों का भुगतान करना।
- देश के कानूनों और नियमों का पालन करना।
- सरकारी नीतियों में सहयोग करना।
#### (ङ) समाज/समुदाय के प्रति (Towards Society / Community):
- पर्यावरण को प्रदूषित होने से बचाना।
- रोजगार के अवसर पैदा करना।
- कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए कार्य करना (जैसे स्कूल, अस्पताल बनवाना)।
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4. व्यवसाय और पर्यावरण प्रदूषण (Business and Environmental Pollution)
पर्यावरण प्रदूषण का अर्थ है प्राकृतिक वातावरण में अवांछनीय तत्वों का मिल जाना जिससे मानव जीवन और प्रकृति को हानि पहुँचे।
1. वायु प्रदूषण (Air Pollution): कारखानों के धुएं और गैसों के कारण।
2. जल प्रदूषण (Water Pollution): कारखानों का कचरा और रसायन नदियों में बहाने से।
3. ध्वनि प्रदूषण (Noise Pollution): भारी मशीनों और वाहनों के शोर से।
4. भूमि प्रदूषण (Land Pollution): जहरीले कचरे और प्लास्टिक के जमीन पर फैलने से।
- व्यवसाय की पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी:
- कचरे के उपचार (Treatment) की उचित व्यवस्था करना।
- हरित प्रौद्योगिकियों (Green Technologies) का उपयोग करना।
- प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों का प्रयोग करना।
- वृक्षारोपण और स्वच्छता अभियानों में सहयोग देना।
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5. व्यावसायिक आचारशास्त्र (Business Ethics)
'आचारशास्त्र' (Ethics) का संबंध उन सामाजिक रूप से स्वीकृत मानदंडों या नैतिक मूल्यों से है जो यह तय करते हैं कि क्या सही है और क्या गलत।
- व्यापारीक आचारशास्त्र का अर्थ: यह उन नैतिक सिद्धांतों का समूह है जो व्यावसायिक गतिविधियों का मार्गदर्शन करते हैं।
- अच्छे व्यावसायिक आचारशास्त्र के तत्व:
1. शीर्ष प्रबंधन का समर्थन (Top Management Commitment)
2. आचार संहिता का प्रकाशन (Publication of a Code)
3. अनुपालन तंत्र स्थापित करना (Establishment of Compliance Mechanism)
4. परिणामों का मूल्यांकन (Measuring Results)
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6. त्वरित पुनरावृत्ति (Quick Revision Points)
- व्यवसाय का मुख्य उद्देश्य लाभ कमाना है, लेकिन सामाजिक कल्याण के बिना उसका अस्तित्व असंभव है।
- महात्मा गांधी का न्यासिता का सिद्धांत (Principle of Trusteeship) यह कहता है कि व्यवसायियों को अपनी संपत्ति और लाभ का उपयोग समाज के ट्रस्टी के रूप में करना चाहिए।
- पर्यावरण संरक्षण आज के समय में हर व्यवसाय की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
- अनैतिक व्यवसाय अल्पकाल में लाभ कमा सकता है, लेकिन दीर्घकाल में उसका पतन निश्चित है।