कक्षा 11: व्यवसाय अध्ययन (Business Studies)
#### अध्याय: आंतरिक व्यापार (Internal Trade) - त्वरित पुनरावृत्ति नोट्स (Quick Revision Notes)
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### परिचय (Introduction)
आंतरिक व्यापार से तात्पर्य देश की भौगोलिक सीमाओं के भीतर होने वाले वस्तुओं और सेवाओं के क्रय-विक्रय से है। इसमें विदेशी मुद्रा शामिल नहीं होती है और भुगतान देश की स्थानीय मुद्रा में ही किया जाता है।
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### आंतरिक व्यापार के प्रकार (Types of Internal Trade)
आंतरिक व्यापार को मुख्य रूप से दो भागों में बांटा गया है:
1. थोक व्यापार (Wholesale Trade):
- जब वस्तुओं का क्रय-विक्रय बहुत बड़ी मात्रा (Bulk Quantity) में किया जाता है।
- थोक व्यापारी, उत्पादक (Manufacturer) से माल खरीदकर खुदरा व्यापारियों को बेचता है।
- यह उत्पादक और खुदरा व्यापारी के बीच की कड़ी है।
2. खुदरा व्यापार (Retail Trade):
- जब वस्तुओं का क्रय-विक्रय अपेक्षाकृत कम मात्रा में अंतिम उपभोक्ता (Consumer) को किया जाता है।
- खुदरा व्यापारी, थोक व्यापारी या निर्माता से माल खरीदकर सीधे उपभोक्ताओं को बेचता है।
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### थोक व्यापारियों की सेवाएं (Services of Wholesalers)
थोक व्यापारी विभिन्न पक्षों को निम्नलिखित सेवाएं प्रदान करते हैं:
- निर्माताओं को सेवाएं (Services to Manufacturers):
- बड़े पैमाने पर उत्पादन में सहायता।
- जोखिम का वहन (माल खराब होने, मूल्य गिरने का जोखिम)।
- वित्तीय सहायता (अग्रिम भुगतान)।
- भंडारण (Warehousing) की सुविधा।
- बाजार संबंधी जानकारी उपलब्ध कराना।
- खुदरा व्यापारियों को सेवाएं (Services to Retailers):
- वस्तुओं की नियमित उपलब्धता।
- कम मात्रा में माल की आपूर्ति।
- साख सुविधा (उधार माल देना)।
- विज्ञापन और बिक्री संवर्धन में सहायता।
- जोखिम से मुक्ति।
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### खुदरा व्यापारियों की सेवाएं (Services of Retailers)
खुदरा व्यापारी उपभोक्ताओं और निर्माताओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं:
- उपभोक्ताओं को सेवाएं (Services to Consumers):
- वस्तुओं की नियमित और आसान उपलब्धता।
- उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला (Variety) उपलब्ध कराना।
- नई वस्तुओं की जानकारी देना।
- साख सुविधा (उधार) प्रदान करना।
- घर तक माल पहुँचाने की सेवा (Home Delivery)।
- बिक्री के बाद की सेवाएं (After-sales services)।
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### खुदरा व्यापार के प्रकार (Types of Retailing)
खुदरा व्यापार को दो श्रेणियों में विभाजित किया गया है:
#### 1. घुमक्कड़ खुदरा व्यापारी (Itinerant Retailers):
इनके पास व्यापार के लिए कोई निश्चित दुकान नहीं होती है, बल्कि ये एक स्थान से दूसरे स्थान पर घूमकर माल बेचते हैं।
- फेरीवाले और पेडलर्स (Peddlers and Hawkers): सिर या ठेले पर सामान रखकर घूम-घूम कर बेचना।
- बाजार व्यापारी (Market Traders): सप्ताह के निश्चित दिनों में लगने वाले बाजारों में दुकान लगाना।
- स्ट्रीट ट्रेडर्स या पटरी वाले (Street Traders): व्यस्त चौराहों या भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर माल बेचना।
- चीप जैक्स (Cheap Jacks): किराए की छोटी सी जगह पर कम समय के लिए दुकान लगाना।
#### 2. स्थायी दुकानें (Fixed Shop Retailers):
इनकी एक निश्चित दुकान होती है। इन्हें पुनः दो भागों में बांटा गया है:
- क) छोटे पैमाने की स्थायी दुकानें (Small Scale Fixed Shops):
- सामान्य जनरल स्टोर (General Stores): दैनिक उपयोग की विभिन्न वस्तुएं (जैसे राशन, साबुन आदि) एक ही स्थान पर मिलना।
- विशिष्ट दुकानें (Specialty Shops): किसी एक ही प्रकार की विशेष वस्तु बेचना (जैसे केवल पुस्तकें, केवल जूते)।
- सेकंड हैंड गुड्स की दुकानें (Second-hand Goods Shops): पुरानी और इस्तेमाल की गई वस्तुएं बेचना।
- स्ट्रीट स्टोर्स (Street Stalls): गलियों या सड़कों के किनारे बनी छोटी दुकानें।
- ख) बड़े पैमाने की स्थायी दुकानें (Large Scale Fixed Shops):
- विभागीय स्टोर (Departmental Stores): एक ही छत के नीचे विभिन्न प्रकार की वस्तुएं उपलब्ध होना (विशाल आकार)।
- शृंखलाबद्ध दुकानें या बहुसंख्यक दुकानें (Chain Stores / Multiple Shops): एक ही कंपनी द्वारा देश भर में संचालित एक जैसी दिखने वाली और एक ही प्रकार का सामान बेचने वाली शाखाएं (जैसे बाटा स्टोर)।
- मेल ऑर्डर व्यापार (Mail Order Business): ग्राहकों से पत्राचार, विज्ञापनों या इंटरनेट के माध्यम से ऑर्डर प्राप्त कर डाक द्वारा माल भेजना। (इसमें आमने-सामने संपर्क नहीं होता)।
- उपभोक्ता सहकारी भंडार (Consumer Cooperative Stores): उपभोक्ताओं द्वारा स्वयं लाभ कमाने के उद्देश्य के बिना, आपसी सहयोग से चलाई जाने वाली दुकान।
- वैटेंड मशीनें (Vending Machines): सिक्का या कार्ड डालकर स्वचालित मशीन से सामान प्राप्त करना (जैसे चाय, कॉफी, टिकट के लिए)।
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### वस्तु और सेवा कर (GST - Goods and Services Tax)
- अर्थ: आंतरिक व्यापार के क्षेत्र में अप्रत्यक्ष कर प्रणाली में सुधार के लिए GST लागू किया गया है। यह "एक देश, एक कर, एक बाजार" के सिद्धांत पर कार्य करता है।
- मुख्य प्रकार:
1. CGST (केंद्रीय वस्तु और सेवा कर): राज्य के भीतर होने वाले व्यापार पर केंद्र सरकार द्वारा लगाया जाने वाला कर।
2. SGST / UTGST (राज्य / संघ राज्यक्षेत्र वस्तु और सेवा कर): राज्य के भीतर होने वाले व्यापार पर राज्य सरकार द्वारा लगाया जाने वाला कर।
3. IGST (एकीकृत वस्तु और सेवा कर): एक राज्य से दूसरे राज्य के बीच (अंतर-राज्यीय) व्यापार पर लगाया जाने वाला कर।