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भारतीय अर्थव्यवस्था 1950-1990

Subject: अर्थशास्त्र | Class: Class 11 | Syllabus Year: 2025-26
मुख्य सूत्र (Key Formulas)
कक्षा 11 अर्थशास्त्र - त्वरित रिवीजन नोट्स

#### अध्याय: भारतीय अर्थव्यवस्था (1950 - 1990)

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प्रस्तावना और मुख्य बिंदु

यह अध्याय 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद से 1990 तक भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास यात्रा का वर्णन करता है। इस अवधि में भारत ने नियोजित आर्थिक विकास का मार्ग अपनाया।


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1. आर्थिक प्रणाली के प्रकार (Types of Economic Systems)

किसी भी देश की समस्याओं को हल करने के लिए आर्थिक प्रणाली तय करना आवश्यक है। मुख्य रूप से तीन प्रणालियाँ होती हैं:



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2. आर्थिक नियोजन और योजना आयोग (Economic Planning & Planning Commission)


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3. पंचवर्षीय योजनाएँ (Five Year Plans - 1950 से 1990)

भारत में 5-5 वर्षों की योजनाएँ बनाई गईं। 1990 तक कुल 7 पंचवर्षीय योजनाएँ पूरी हो चुकी थीं।


1. समृद्धि (Growth): देश की उत्पादन क्षमता में वृद्धि करना (GDP बढ़ाना)।

2. आधुनिकीकरण (Modernization): नई तकनीक (Technology) को अपनाना और सामाजिक दृष्टिकोण (जैसे महिलाओं की भूमिका) में बदलाव लाना।

3. आत्मनिर्भरता (Self-reliance): विदेशी देशों पर निर्भरता कम करना (विशेषकर खाद्य सामग्री और तकनीक के मामले में)।

4. समानता (Equity): देश की आय और संपत्ति का वितरण इस प्रकार हो कि अमीर और गरीब की खाई कम हो सके।


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4. कृषि नीति (Agricultural Policy)

स्वतंत्रता के समय कृषि पिछड़ी हुई थी, अतः सरकार ने निम्नलिखित सुधार किए:



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5. उद्योग और व्यापार नीति (Industrial and Trade Policy)

1. अनुसूची 'A': केवल सरकार के स्वामित्व वाले उद्योग (सार्वजनिक क्षेत्र)।

2. अनुसूची 'B': निजी और सार्वजनिक दोनों, लेकिन पहल सरकार की होगी।

3. अनुसूची 'C': पूरी तरह से निजी क्षेत्र के लिए।


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6. 1950-1990 की नीतियों की उपलब्धियाँ और आलोचना


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नोट: 1990 के बाद इन कमियों को दूर करने के लिए भारत सरकार ने 1991 में 'नई आर्थिक नीति' (LPG - Liberalisation, Privatisation, Globalisation) की शुरुआत की।

माइंड मैप चार्ट (Mind Map Chart)
📍 भारतीय अर्थव्यवस्था (१९५०-१९९०)
Overview
परिचय १५ अगस्त १९४७ को स्वतंत्रता प्राप्ति आर्थिक प्रणाली का चयन योजना आयोग का गठन (१९५०) आर्थिक प्रणालियों के प्रकार पूँजीवादी अर्थव्यवस्था बाज़ार द्वारा संचालन लाभ मुख्य उद्देश्य समाजवादी अर्थव्यवस्था सरकार द्वारा संचालन सामाजिक कल्याण मुख्य उद्देश्य मिश्रित अर्थव्यवस्था (भारत का चयन) सार्वजनिक और निजी क्षेत्र का सह-अस्तित्व बाजार और सरकार दोनों की भूमिका पंचवर्षीय योजनाएँ अवधारणा पाँच वर्ष की अवधि के लिए लक्ष्य पहली योजना (१९५१-१९५६) मुख्य उद्देश्य संवृद्धि (Growth) आधुनिकीकरण (Modernisation) आत्मनिर्भरता (Self-reliance) समता (Equity) कृषि क्षेत्र की नीतियाँ और सुधार भूमि सुधार (Land Reforms) बिचौलियों का उन्मूलन चकबंदी (Consolidation of Land Holdings) हदबंदी (Land Ceiling) हरित क्रांति (Green Revolution) उच्च उत्पादकता वाले बीज (HYV Seeds) रासायनिक उर्वरक और कीटनाशक सिंचाई सुविधाएँ लाभ और सीमाएँ उद्योग और व्यापार नीति औद्योगिक नीति प्रस्ताव, १९५६ उद्योगों का वर्गीकरण (अनुसूची A, B, C) लाइसेंस प्रणाली (Industrial Licensing) लघु उद्योग (Small Scale Industries) की भूमिका और संरक्षण बहिर्मुखी व्यापार नीति (आयात प्रतिस्थापन) घरेलू उद्योगों का संरक्षण आयात शुल्क और कोटा १९५०-१९९० के दौरान आर्थिक विकास का मूल्यांकन उपलब्धियाँ कृषि उत्पादन में वृद्धि औद्योगिक आधार का विस्तार विविध उद्योगों का विकास स्वास्थ्य और शिक्षा में सुधार कमियाँ और असफलताएँ सार्वजनिक क्षेत्र की अकुशलता लाइसेंस राज की बुरातियाँ (भ्रष्टाचार और देरी) अत्यधिक नियमन राजकोषीय संकट और विदेशी मुद्रा की कमी
महत्वपूर्ण बोर्ड प्रश्न (Important Board Questions)
Q1. भारत में नियोजन के लक्ष्य के रूप में 'समानता' (Equity) का क्या अर्थ है? 1 Marks
उत्तर (Answer): समानता का अर्थ यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक विकास का लाभ समाज के गरीब वर्गों तक पहुँचे और अमीर तथा गरीब के बीच की खाई कम हो।
Q2. 1990 तक भारत द्वारा अपनाई गई 'अंतर्मुखी व्यापार रणनीति' की मुख्य सीमा क्या थी? 1 Marks
उत्तर (Answer): यह एक मजबूत निर्यात क्षेत्र विकसित करने में विफल रही और प्रतिस्पर्धा की कमी के कारण घरेलू उद्योगों में अकुशलता पैदा की।
Q3. भारत में आर्थिक नियोजन का कौन सा चरण वर्ष 1950 और 1990 के बीच आता है? 1 Marks
उत्तर (Answer): 1950 से 1990 की अवधि में पहली सात पंचवर्षीय योजनाएं शामिल हैं, जो राज्य-निर्देशित विकास और अंतर्मुखी व्यापार रणनीति की विशेषता रखती हैं।
Q4. दूसरी पंचवर्षीय योजना की अवधि क्या थी? 1 Marks
उत्तर (Answer): दूसरी पंचवर्षीय योजना की अवधि 1956 से 1961 तक थी, जिसमें भारी उद्योगों पर विशेष ध्यान दिया गया था।
Q5. सरकार द्वारा लघु उद्योगों को संरक्षण और रियायतें क्यों दी गईं? 1 Marks
उत्तर (Answer): लघु उद्योग अधिक रोजगारोन्मुखी होते हैं, जिनमें कम पूंजी की आवश्यकता होती है, और वे विकेंद्रीकृत आर्थिक विकास में मदद करते हैं।
Q6. व्यापार नीति में 'कोटा' क्या है? 1 Marks
उत्तर (Answer): कोटा किसी वस्तु की उस मात्रा पर एक मात्रात्मक सीमा है जिसे अन्य देशों से आयात किया जा सकता है।
Q7. अंतर्राष्ट्रीय व्यापार नीति के संदर्भ में टैरिफ (प्रशुल्क) क्या हैं? 1 Marks
उत्तर (Answer): टैरिफ आयातित वस्तुओं पर लगाए जाने वाले कर हैं ताकि उन्हें अधिक महंगा बनाया जा सके और घरेलू उद्योगों की रक्षा की जा सके।
Q8. 1955 में ग्राम और लघु उद्योग समिति का गठन किसने किया था? 1 Marks
उत्तर (Answer): ग्राम और लघु उद्योग समिति, जिसे कर्वे समिति के रूप में भी जाना जाता है, का गठन 1955 में किया गया था।
Q9. 1950 के दशक के दौरान भारत में परिभाषित 'लघु उद्योग' (SSI) क्या है? 1 Marks
उत्तर (Answer): लघु उद्योग (SSI) को किसी इकाई की परिसंपत्तियों पर अनुमति प्राप्त अधिकतम निवेश के संदर्भ में परिभाषित किया गया था, जो शुरू में 5 लाख रुपये था।
Q10. IPR 1956 के तहत उद्योगों को कितनी श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया था? 1 Marks
उत्तर (Answer): उद्योगों को तीन श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया था: अनुसूची A (विशेष रूप से सार्वजनिक क्षेत्र), अनुसूची B (मिश्रित क्षेत्र), और अनुसूची C (निजी क्षेत्र)।
Q11. 1956 के औद्योगिक नीति प्रस्ताव (IPR) का मुख्य उद्देश्य क्या था? 1 Marks
उत्तर (Answer): IPR 1956 ने दूसरी पंचवर्षीय योजना का आधार बनाया और सार्वजनिक क्षेत्र की प्रमुख भूमिका के साथ औद्योगीकरण में तेजी लाना इसका उद्देश्य था।
Q12. 1950-1990 के दौरान घरेलू उद्योगों को विदेशी प्रतिस्पर्धा से बचाने के लिए कौन सा नीतिगत उपाय अपनाया गया था? 1 Marks
उत्तर (Answer): आयात प्रतिस्थापन को अपनाया गया, जहाँ सरकार ने टैरिफ और कोटा के माध्यम से घरेलू उद्योगों की रक्षा की।
Q13. कृषि में 'सब्सिडी' (अनुदान) का क्या अर्थ है? 1 Marks
उत्तर (Answer): सब्सिडी सरकार द्वारा किसानों को उर्वरक, बिजली और बीज जैसे इनपुट की लागत को कम करने के लिए प्रदान की जाने वाली वित्तीय सहायता है।
Q14. भारत में भूमि सुधारों का मुख्य उद्देश्य क्या था? 1 Marks
उत्तर (Answer): भूमि सुधारों का मुख्य उद्देश्य बिचौलियों को समाप्त करके और ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक न्याय को बढ़ावा देकर 'जोतने वाले को जमीन' देना था।
Q15. भारतीय कृषि के संदर्भ में HYV का क्या अर्थ है? 1 Marks
उत्तर (Answer): HYV का अर्थ है 'उच्च उपज देने वाली किस्में' (High Yielding Varieties) के बीज, जिन्हें फसल उत्पादकता में नाटकीय रूप से वृद्धि करने के लिए हरित क्रांति के दौरान पेश किया गया था।