कक्षा 11 भूगोल: खनिज और शैल (Minerals and Rocks) - त्वरित पुनरीक्षण नोट्स
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अध्याय परिचय
यह अध्याय पृथ्वी की भूपर्पटी (Crust) के निर्माण करने वाले घटकों जैसे खनिजों और शैलों के अध्ययन से संबंधित है। पृथ्वी की सतह पर विभिन्न प्रकार की चट्टानें और खनिज पाए जाते हैं, जो इसके इतिहास और भूगर्भीय प्रक्रियाओं को समझने में मदद करते हैं।
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1. खनिज (Minerals) की परिभाषा और विशेषताएँ
- खनिज की परिभाषा: खनिज एक प्राकृतिक रूप से पाया जाने वाला अकार्बनिक पदार्थ है, जिसकी एक निश्चित रासायनिक संरचना और आंतरिक परमाणविक संरचना होती है।
- प्रमुख विशेषताएँ:
- यह दो या दो से अधिक तत्वों से मिलकर बना हो सकता है (अपवाद: तांबा, गंधक, सोना आदि एक ही तत्व के हो सकते हैं)।
- प्रत्येक खनिज का अपना एक निश्चित रासायनिक सूत्र और भौतिक गुण (रंग, चमक, कठोरता) होता है।
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2. खनिजों के प्रमुख भौतिक गुण
खनिजों की पहचान उनके भौतिक गुणों के आधार पर की जाती है:
1. रूप (Form): बाहरी रूप या क्रिस्टल की आकृति।
2. रंग (Color): खनिज का बाहरी रंग (अशुद्धियों के कारण बदल सकता है)।
3. धारियाँ (Streak): किसी खनिज को खुरदरे porcelin प्लेट पर घिसने पर मिलने वाले चूर्ण का रंग।
4. चमक (Luster): खनिज की सतह से प्रकाश का परावर्तन (धात्विक, अधात्विक, रेशमी आदि)।
5. पारदर्शिता (Transparency): प्रकाश का खनिज के आर-पार जाना (पारदर्शी, पारभासी, अपारदर्शी)।
6. विदार (Cleasure): एक या अधिक निश्चित दिशाओं में खनिज का समतल सतहों पर टूटना।
7. भंजन (Fracture): खनिज का बिना निश्चित सतह के अनियमित रूप से टूटना।
8. कठोरता (Hardness): खुरचने के प्रति प्रतिरोधक क्षमता। (मोह्स स्केल का उपयोग)।
9. विशिष्ट गुरुत्व (Specific Gravity): दिए गए आयतन के खनिज के भार और समान आयतन के जल के भार का अनुपात।
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3. मोह्स कठोरता पैमाना (Mohs Scale of Hardness)
खनिजों की कठोरता मापने का मानक पैमाना (1 से 10 तक):
1. टैलक (Talc)
2. जिप्सम (Gypsum)
3. कैल्साइट (Calcite)
4. फ्लोराइट (Fluorite)
5. एपेटाइट (Apatite)
6. फेल्डस्पार (Feldspar)
7. क्वार्ट्ज (Quartz)
8. टोपाज (Topaz)
9. कोरंडम (Corundum)
10. हीरा (Diamond) - सबसे कठोर
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4. खनिजों के प्रमुख प्रकार (Major Groups of Minerals)
- सिलिकेट खनिज (Silicates): भूपर्पटी का लगभग आधा भाग सिलिकॉन और ऑक्सीजन से बना है। उदाहरण: क्वार्ट्ज, फेल्डस्पार, अभ्रक (Mica), पाइरोक्सिन, एम्फीबोल।
- कार्बोनेट खनिज (Carbonates): उदाहरण: कैल्साइट, डोलोमाइट, मैकेसाइट।
- सल्फाइड खनिज (Sulphides): उदाहरण: आयरन पाइराइट्स, गैलेना।
- ऑक्साइड्स (Oxides): उदाहरण: हेमेटाइट, मैग्नेटाइट, बॉक्साइट।
- मूल तत्व (Native Elements): उदाहरण: सोना, चाँदी, तांबा, हीरा, ग्रेफाइट।
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5. शैल (Rocks) की परिभाषा और प्रकार
- शैल की परिभाषा: पृथ्वी की भूपर्पटी (Crust) बनाने वाले कोई भी चट्टानी पदार्थ, चाहे वे कठोर हों या नरम, शैल कहलाते हैं। शैल एक या एक से अधिक खनिजों का मिश्रण हो सकती हैं।
- उत्पत्ति के आधार पर शैल के 3 मुख्य प्रकार:
#### (क) आग्नेय शैल (Igneous Rocks)
- निर्माण: पिघले हुए मैग्मा या लावा के ठंडे होने और जमने से इनका निर्माण होता है। इन्हें प्राथमिक शैल (Primary Rocks) भी कहते हैं।
- उपप्रकार:
- अंतर्भेदी आग्नेय शैल (Intrusive): जब मैग्मा गहराई में ही ठंडा हो जाता है। (उदाहरण: ग्रेनाइट, गैब्रो)।
- बहिर्भेदी आग्नेय शैल (Extrusive): जब लावा सतह पर आकर ठंडा होता है। (उदाहरण: बेसाल्ट, गैब्रो, ऑब्सीडियन)।
#### (ख) अवसादी शैल (Sedimentary Rocks)
- निर्माण: अपरदन के कारकों (जल, हवा, हिम) द्वारा बहाए गए अवसादों के निक्षेपण, संपीड़न (Compaction) और सीमेंटेशन द्वारा इनका निर्माण होता है। इन्हें स्तरीय शैल (Stratified Rocks) भी कहते हैं।
- विशेषता: इनमें परतें (Layers) पाई जाती हैं और जीवाश्म (Fossils) भी मिलते हैं।
- उदाहरण: बालुका पत्थर (Sandstone), चूना पत्थर (Limestone), शेल (Shale), कोंग्लोमरेट।
#### (क) रूपांतरित शैल (Metamorphic Rocks)
- निर्माण: अत्यधिक ताप (Temperature), दाब (Pressure) और रासायनिक क्रियाओं के कारण पूर्ववर्ती आग्नेय और अवसादी शैलों का रूप बदल जाता है, जिससे रूपांतरित शैल बनती हैं।
- उदाहरण:
- चूना पत्थर $\rightarrow$ संगमरमर (Marble)
- शेल $\rightarrow$ स्लेट (Slate)
- बालुका पत्थर $\rightarrow$ क्वार्ट्जाइट (Quartzite)
- ग्रेनाइट $\rightarrow$ नीस (Gneiss)
- कोयला $\rightarrow$ ग्रेफाइट / हीरा
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6. शैल चक्र (Rock Cycle)
- शैल चक्र एक निरंतर प्रक्रिया है जिसमें पुरानी शैलें परिवर्तित होकर नए रूपों में बदलती रहती हैं।
- प्रक्रिया:
1. मैग्मा से $\rightarrow$ आग्नेय शैल बनती हैं।
2. आग्नेय शैलों के अपक्षय और अपरदन से अवसाद बनते हैं, जिनसे अवसादी शैल बनती हैं।
3. आग्नेय और अवसादी शैलें अत्यधिक ताप व दाब के कारण रूपांतरित शैल में बदल जाती हैं।
4. ये सभी शैलें पिघुलकर पुनः मैग्मा में बदल सकती हैं और चक्र चलता रहता है।