कक्षा 11 भूगोल - संरचना तथा भू-आकृति विज्ञान (Structure and Physiography)
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1. परिचय एवं मुख्य परिभाषाएँ (Introduction and Definitions)
- भू-आकृति विज्ञान (Geomorphology): इसके अंतर्गत पृथ्वी के धरातल पर पाए जाने वाले विभिन्न उच्चावच स्वरूपों (पर्वत, पठार, मैदान आदि) का अध्ययन किया जाता है।
- विवर्तनिकी (Tectonics): पृथ्वी की पपड़ी (Crust) की गतिशीलता और उससे उत्पन्न होने वाली भूगर्भीय संरचनाओं का अध्ययन।
- प्लेट विवर्तनिकी सिद्धांत (Plate Tectonics Theory): इसके अनुसार पृथ्वी का स्थलमंडल कई बड़े और छोटे टुकड़ों (प्लेट्स) में विभाजित है जो लगातार गति कर रहे हैं।
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2. भारत के भूगर्भीय खंड (Geological Divisions of India)
भारत को मुख्य रूप से तीन भूगर्भीय खंडों में विभाजित किया गया है:
1. प्रायद्वीपीय खंड (Peninsular Block):
- यह भारत का सबसे प्राचीन भू-भाग है।
- इसकी उत्तरी सीमा कटी-छंटी है जो अरावली, विंध्य, सतपुड़ा और राजमहल की पहाड़ियों से गुजरती है।
2. हिमालय और अन्य अतिरिक्त प्रायद्वीपीय पर्वतमालाएं (Himalayas and Peninsular Mountains):
- यह नवीनतम और कमजोर भू-भाग है।
- यहाँ युवा मोड़दार पर्वत, गहरे गार्ज, और लगातार भूकम्प आते रहते हैं।
3. सिंधु-गंगा-ब्रह्मपुत्र मैदान (Indo-Ganga-Brahmaputra Plain):
- यह एक भू-अभिनति (Geosyncline) गर्त है, जिसमें नदियों द्वारा बहाकर लाई गई उपजाऊ मिट्टी के निक्षेपण से इस विशाल मैदान का निर्माण हुआ है।
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3. भारत के भौतिक प्रदेश / भू-आकृतिक इकाइयाँ (Physiographic Divisions of India)
भारत को उच्चावच के आधार पर 6 प्रमुख भौतिक प्रदेशों में बांटा गया है:
#### क) उत्तर तथा उत्तर-पूर्वी हिमालय (The Himalayas)
- प्रमुख श्रेणियाँ (उत्तर से दक्षिण):
1. वृहत हिमालय या हिमाद्री (Great Himalayas): सबसे ऊँची श्रेणी, औसत ऊँचाई 6000 मीटर। (उदाहरण: माउंट एवरेस्ट, कंचनजंगा)।
2. लघु हिमालय या मध्य हिमालय (Lesser Himalayas): हिमाद्री के दक्षिण में, स्वास्थ्यवर्धक स्थल (शिमला, दार्जिलिंग) यहीं स्थित हैं।
3. बाह्य हिमालय या शिवालिक (Shiwaliks): सबसे नवीन और सबसे दक्षिण की श्रेणी।
- अनुदैर्ध्य घाटियाँ: लघु हिमालय और शिवालिक के बीच की घाटियों को 'दून' कहा जाता है (जैसे: देहरादून, कोटलीदून)।
#### ख) उत्तरी मैदान (The Northern Plains)
- नदियों (सिंधु, गंगा, ब्रह्मपुत्र) के निक्षेप से बना उपजाऊ मैदान।
- क्षेत्रीय विभाजन (उत्तर से दक्षिण):
1. भाबर (Bhabar): पर्वतों के पाद क्षेत्र में कंकड़-पत्थर की पट्टी (नदियाँ इसमें लुप्त हो जाती हैं)।
2. तराई (Terai): भाबर के दक्षिण में नम और दलदली क्षेत्र जहाँ लुप्त नदियाँ धरातल पर प्रकट होती हैं।
3. बांगर (Bhangar): पुराने जलोढ़ मृदा का उच्च क्षेत्र (बाढ़ का पानी यहाँ नहीं पहुँचता)।
4. खादर (Khadar): नई जलोढ़ मृदा का क्षेत्र (यहाँ हर साल बाढ़ का नया पानी और मिट्टी आती है)।
#### ग) प्रायद्वीपीय पठार (The Peninsular Plateau)
- त्रिभुज के आकार का प्राचीन कठोर भू-भाग।
- इसे दो भागों में बांटा गया है:
1. मध्य उच्च भूमि (Central Highlands): नर्मदा नदी के उत्तर का भाग (अरावली और विंध्य के बीच)।
2. दक्कन का पठार (Deccan Plateau): नर्मदा नदी के दक्षिण का त्रिकोणीय पठार।
#### घ) भारतीय मरुस्थल (The Indian Desert)
- अरावली पहाड़ियों के पश्चिम में स्थित थार मरुस्थल।
- यहाँ वार्षिक वर्षा 150 मिमी से भी कम होती है।
- लूनी यहाँ की मुख्य और एकमात्र बड़ी नदी है।
#### ङ) तटीय मैदान (The Coastal Plains)
- पश्चिमी तटीय मैदान: अरब सागर के साथ स्थित (कोकण, कन्नड़, मालाबार तट)। यह संकरा है।
- पूर्वी तटीय मैदान: बंगाल की खाड़ी के साथ स्थित (उत्कल, उत्तरी सरकार, कोरोमंडल तट)। यह चौड़ा और उपजाऊ है।
#### च) द्वीप समूह (The Island Groups)
1. अंडमान और निकोबार द्वीप समूह: बंगाल की खाड़ी में स्थित (ज्वालामुखी मूल के द्वीप)।
2. लक्षद्वीप द्वीप समूह: अरब सागर में स्थित (प्रवाल/कोरल भित्ति से बने द्वीप)।
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4. महत्वपूर्ण तथ्य (Key Facts for Quick Revision)
- भारत का कुल क्षेत्रफल: 32.8 लाख वर्ग किलोमीटर।
- हिमालय की सबसे ऊँची चोटी: माउंट एवरेस्ट (8848 मीटर, नेपाल)।
- भारत में हिमालय की सबसे ऊँची चोटी: कंचनजंगा (8598 मीटर, सिक्किम)।
- प्रायद्वीपीय पठार की सबसे ऊँची चोटी: अनामुड़ाई (2695 मीटर, केरल)।
- सबसे लंबी नदी प्रणाली: गंगा नदी प्रणाली।