अध्याय: द पोर्ट्रेट ऑफ़ ए लेडी (The Portrait of a Lady)
लेखक: खुशवंत सिंह (Khushwant Singh)
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संक्षिप्त परिचय (Chapter Overview)
यह पाठ लेखक खुशवंत सिंह द्वारा अपनी दादी माँ (Grandmother) के प्रति एक सुंदर श्रद्धांजलि है। लेखक ने अपनी दादी के साथ बिताए गए बचपन से लेकर उनके जीवन के अंतिम समय तक के पलों का बहुत ही भावुक और सजीव वर्णन किया है।
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मुख्य बिंदु और घटनाक्रम (Key Points & Timeline)
1. लेखक और उनकी दादी का शुरुआती जीवन (Early Life in the Village):
- लेखक के माता-पिता शहर चले गए थे, इसलिए लेखक अपनी दादी के साथ गाँव में रहता था।
- दादी लेखक को सुबह उठाती थीं, नहलाती थीं, और लकड़ी की स्लेट पर पीली चाक पोतकर तैयार करती थीं।
- नाश्ते में बासी रोटियों पर मक्खन और चीनी लगाकर खाया जाता था।
- दादी लेखक के साथ स्कूल जाती थीं, क्योंकि स्कूल मंदिर से जुड़ा हुआ था। जहाँ पादरी वर्णमाला और प्रार्थना सिखाते थे, वहीं दादी मंदिर में धार्मिक पुस्तकें ( scriptures) पढ़ती थीं।
2. शहर का जीवन और बदलाव (The City Turning Point):
- जब लेखक के माता-पिता शहर में बस गए, तो उन्हें भी बुला लिया गया। यह उनकी दोस्ती में एक बड़ा मोड़ था।
- अब वे एक ही कमरे में रहते थे, लेकिन गाँव की तरह दादी अब स्कूल छोड़ने नहीं जाती थीं क्योंकि लेखक मोटर बस से अंग्रेजी स्कूल जाता था।
- दादी को अंग्रेजी शिक्षा और विज्ञान (science) की बातें पसंद नहीं थीं, और वे इस बात से बहुत दुखी थीं कि स्कूल में भगवान और धर्म की कोई शिक्षा नहीं दी जाती थी।
- जब लेखक को संगीत (music) सिखाया गया, तो दादी के लिए यह बहुत अप्रिय था क्योंकि उनके अनुसार संगीत का संबंध वेश्याओं और भिखारियों से था, सभ्य लोगों से नहीं।
3. विश्वविद्यालय जाना और दूरी (University & Growing Distance):
- जब लेखक यूनिवर्सिटी गए, तो उन्हें अपना अलग कमरा मिल गया।
- दादी और लेखक के बीच की बातचीत की अंतिम कड़ी भी टूट गई।
- दादी ने अपना अधिकांश समय चरखा चलाने, प्रार्थना करने और दोपहर में चिड़ियों को रोटियां खिलाने में बिताना शुरू कर दिया।
4. चिड़ियों के साथ जुड़ाव (Attachment with Sparrows):
- दोपहर का समय दादी के लिए सबसे खुशी का होता था जब वे बरामदे में बैठकर रोटियों के छोटे-छोटे टुकड़े चिड़ियों को खिलाती थीं।
- हज़ारों गौरैया (sparrows) उनके चारों ओर इकट्ठा हो जाती थीं, कुछ उनके पैरों पर, कुछ कंधों पर और कुछ सिर पर बैठ जाती थीं। लेकिन वे कभी किसी को भगाती नहीं थीं।
5. विदेश यात्रा और वापसी (Abroad Trip & Return):
- जब लेखक उच्च शिक्षा के लिए पाँच साल के लिए विदेश गए, तो दादी को लगा कि वे इस उम्र में उन्हें शायद दोबारा जीवित न मिलें, लेकिन वे भावुक नहीं हुईं और रेलवे स्टेशन पर चुपचाप प्रार्थना करती रहीं।
- पाँच साल बाद जब लेखक लौटे, तो दादी स्टेशन पर रिसीव करने आईं। वे उतनी ही बूढ़ी थीं और प्रार्थना में व्यस्त थीं।
- वापसी के दिन शाम को दादी ने पहली बार प्रार्थना नहीं की। उन्होंने ढोलक मंगाई और पड़ोस की औरतों के साथ कई घंटों तक युद्ध के विजेताओं की तरह गीत गाए।
6. दादी का अंतिम समय (The End):
- अगले दिन सुबह दादी को हल्का बुखार आ गया।
- उन्होंने डॉक्टर को बुलाया, लेकिन उन्हें पता चल गया था कि उनका अंत नजदीक है।
- उन्होंने परिवार के किसी भी सदस्य से बात करने से मना कर दिया क्योंकि उन्होंने अपने जीवन के आखिरी कुछ घंटे भगवान की प्रार्थना में बिताने का फैसला किया था।
- माला फेरते-फेरते अचानक उनके हाथों से माला गिर गई और होंठ हिलना बंद हो गए। उनकी मृत्यु हो गई।
7. चिड़ियों का शोक (The Sparrows' Mourning):
- शाम को जब उनकी अर्थी उठानी थी, तो कमरे और बरामदे में हज़ारों गौरैया चुपचाप फर्श पर बैठी थीं। कोई चहचहाहट नहीं थी।
- लेखक की माँ ने उनके लिए रोटियों के टुकड़े फेंके, लेकिन चिड़ियों ने उन पर कोई ध्यान नहीं दिया।
- जब दादी की अर्थी को ले जाया गया, तो सभी चिड़िया चुपचाप उड़ गईं। अगले दिन रोटियों के टुकड़े झाड़ू लगाकर कचरे के डिब्बे में डाल दिए गए।
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महत्वपूर्ण चरित्र चित्रण (Important Character Sketch)
- लेखक की दादी (The Grandmother):
- धार्मिक और शांत स्वभाव: वे हमेशा भगवान की माला जपती रहती थीं और उनका चेहरा शांति से भरा रहता था।
- परंपरावादी: वे आधुनिक और पश्चिमी शिक्षा के खिलाफ थीं, लेकिन वे बहुत दयालु और दृढ़ निश्चयी महिला थीं।
- जीव-जंतु प्रेमी: जानवरों और पक्षियों (विशेषकर गौरैयों) के प्रति उनका अगाध प्रेम था।
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परीक्षा के लिए मुख्य प्रश्न और उत्तर (Important Questions for Exam)
1. प्रश्न: लेखक और उनकी दादी के बीच की दोस्ती में मुख्य मोड़ (turning point) कब आया?
उत्तर: जब लेखक और उनकी दादी गाँव छोड़कर शहर में अपने माता-पिता के पास रहने आए, तब उनकी दोस्ती में मुख्य मोड़ आया।
2. प्रश्न: दादी को शहर के स्कूल की कौन सी बात सबसे बुरी लगती थी?
उत्तर: दादी को यह बात सबसे बुरी लगती थी कि शहर के स्कूल में भगवान और धार्मिक ग्रंथों के बारे में नहीं पढ़ाया जाता था, बल्कि विज्ञान और अंग्रेजी की शिक्षा दी जाती थी। साथ ही, संगीत की शिक्षा भी उन्हें नापसंद थी।
3. प्रश्न: दादी अपना अधिकांश समय दोपहर में कैसे बिताती थीं?
उत्तर: दादी दोपहर में बरामदे में बैठकर रोटियों के छोटे-छोटे टुकड़े करती थीं और सैकड़ों गौरैया पक्षियों को प्यार से खिलाती थीं।