कक्षा 8 गणित - त्वरित रिवीजन नोट्स एवं सूत्र पत्रक
अध्याय: आंकड़ों का प्रबंधन (Data Handling)
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1. मुख्य परिभाषाएँ (Key Definitions)
- आंकड़े (Data): सूचनाओं का वह संग्रह जो संख्यात्मक (Numerical) रूप में एकत्र किया जाता है, आंकड़े कहलाता है।
- अपरिष्कृत आंकड़े (Raw Data): प्रारंभिक रूप में एकत्र किए गए आंकड़े जो व्यवस्थित न हों।
- बारंबारता (Frequency): आंकड़े में कोई प्रविष्टि (Observation) जितनी बार आती है, वह उसकी बारंबारता कहलाती है।
- मिलान चिह्न (Tally Marks): आंकड़ों की गिनती को आसान बनाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले सांकेतिक चिह्न।
- 1 = |
- 2 = ||
- 3 = |||
- 4 = ||||
- 5 = 卌 (चार खड़ी रेखाएँ और एक तिरछी रेखा)
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2. आंकड़ों का समूहण (Grouping of Data)
जब आंकड़े बहुत बड़े होते हैं, तो उन्हें छोटे-छोटे समूहों में बाँटा जाता है जिन्हें वर्ग अंतराल (Class Interval) कहते हैं।
- उदाहरण:
0 - 10, 10 - 20, 20 - 30
- निम्न वर्ग सीमा (Lower Class Limit): वर्ग अंतराल की निचली संख्या।
- (जैसे:
10 - 20 में निम्न सीमा = 10)
- उच्च वर्ग सीमा (Upper Class Limit): वर्ग अंतराल की ऊपरी संख्या।
- (जैसे:
10 - 20 में उच्च सीमा = 20)
- वर्ग माप या चौड़ाई (Class Width / Size):
वर्ग माप = उच्च वर्ग सीमा - निम्न वर्ग सीमा
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3. आंकड़ों का आलेखीय निरूपण (Graphical Representation)
1. दंड आलेख (Bar Graph): समान चौड़ाई वाले दंडों (Bars) का उपयोग करके आंकड़ों को दर्शाना, जहाँ दंडों की ऊँचाई मान को दर्शाती है। (दंडों के बीच समान दूरी होती है)
2. द्वि-दंड आलेख (Double Bar Graph): दो प्रकार के आंकड़ों की एक साथ तुलना करने के लिए उपयोग किया जाने वाला आलेख।
3. आयतचित्र (Histogram): निरंतर वर्ग अंतरालों के लिए उपयोग किया जाने वाला आलेख।
- इसमें दंडों के बीच कोई खाली स्थान (Gap) नहीं होता है।
- यदि x-अक्ष पर आंकड़े 0 से शुरू न होकर किसी अन्य संख्या से शुरू होते हैं, तो वहाँ एक मोड़ (Zig-zag / Kink line) दर्शाया जाता है।
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4. वृत्त आलेख या पाई चार्ट (Pie Chart)
वृत्त आलेख संपूर्ण और उसके भागों के बीच संबंध को दर्शाता है। वृत्त का कुल केंद्रीय कोण 360° होता है।
पाई चार्ट के लिए मुख्य सूत्र:
केंद्रीय कोण = (घटक का मान / कुल मान) × 360°
- प्रतिशत को कोण में बदलना:
केंद्रीय कोण = (प्रतिशत मान / 100) × 360°
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5. संयोग और प्रायिकता (Chance and Probability)
- यादृच्छिक प्रयोग (Random Experiment): ऐसा प्रयोग जिसके परिणाम ज्ञात हों, लेकिन यह निश्चित न कहा जा सके कि कौन-सा परिणाम आएगा।
- परिणाम (Outcomes): प्रयोग के संभावित नतीजे।
- घटना (Event): एक या एक से अधिक परिणामों का संग्रह।
प्रायिकता का सूत्र (Formula for Probability):
प्रायिकता P(E) = (घटना के अनुकूल परिणामों की संख्या) / (प्रयोग के कुल संभावित परिणामों की संख्या)
प्रायिकता के महत्वपूर्ण नियम:
1. किसी घटना की प्रायिकता हमेशा 0 और 1 के बीच (या 0 और 1 तक) होती है।
2. असंभव घटना की प्रायिकता = 0
3. निश्चित घटना की प्रायिकता = 1
4. सभी प्रारंभिक घटनाओं की प्रायिकताओं का योग हमेशा 1 होता है।
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परीक्षा उपयोगी त्वरित बिंदु (Quick Exam Tips)
- सिक्का (Coin): एक सिक्के को उछालने पर कुल परिणाम =
2 (चित/Head या पट/Tail)
- पासा (Dice): एक पासे को फेंकने पर कुल परिणाम =
6 (1, 2, 3, 4, 5, 6)
- ताश की गड्डी: कुल पत्ते =
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उत्तर (Answer): कुल परिणाम = {1, 2, 3, 4, 5, 6} = 6।\nपासे पर अभाज्य संख्याएँ = {2, 3, 5} (3 परिणाम)।\nप्रायिकता = 3/6 = 1/2।
उत्तर (Answer): संभावित परिणाम (H, H), (H, T), (T, H), (T, T) हैं। अतः कुल 4 परिणाम हैं।
उत्तर (Answer): कुल परिणाम = {1, 2, 3, 4, 5, 6} = 6।\nसम संख्याएँ = {2, 4, 6} (3 परिणाम)।\nप्रायिकता = 3/6 = 1/2।
उत्तर (Answer): पासे पर कुल परिणाम = {1, 2, 3, 4, 5, 6}, यानी 6।\nअनुकूल परिणाम (6 प्राप्त होना) = 1।\nप्रायिकता = 1/6।