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x, y, z, a, b, c आदि अक्षरों द्वारा दर्शाया जाता है।1, 2, -5, 3/4 आदि।+, -, ×, ÷) द्वारा जोड़ने पर बीजीय व्यंजक बनता है।4x + 5, 3y - 7+ या - चिह्नों द्वारा अलग होते हैं, उन्हें 'पद' कहते हैं।4x^2 - 3xy + 7 में तीन पद हैं: 4x^2, -3xy, और 75xy के गुणनखंड 5, x और y हैं।-7xy में गुणांक -7 है।---
1. एकपदी (Monomial): जिस व्यंजक में केवल एक पद होता है।
4x, 3xy, -7z2. द्विपदी (Binomial): जिस व्यंजक में दो असमान पद होते हैं।
a + b, 4l + 5m, x^2 - y3. त्रिपदी (Trinomial): जिस व्यंजक में तीन पद होते हैं।
a + b + c, 2x + 3y - 54. बहुपद (Polynomial): एक या अधिक पदों वाला ऐसा व्यंजक जिसमें चरों की घात केवल ऋणेतर पूर्णांक (Non-negative integer / धनात्मक या शून्य) हो।
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2x और 5x; 3x^2y और -7x^2y2x और 2y; 3x और 3x^2---
+ का - और - का + हो जाता है)।---
x^a * x^b = x^(a+b)(+) * (+) = (+)(-) * (-) = (+)(+) * (-) = (-)(-) * (+) = (-)#### गुणन के प्रकार:
1. एकपदी का एकपदी से गुणा: (3x) * (4y) = 12xy
2. एकपदी का बहुपद से गुणा (वितरण नियम): a * (b + c) = ab + ac
3. द्विपद का द्विपद से गुणा: (a + b)(c + d) = a(c + d) + b(c + d) = ac + ad + bc + bd
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सर्वसमिका एक ऐसी समता (equality) होती है जो अपने चरों के सभी मानों के लिए सत्य होती है।
#### मुख्य सर्वसमिकाएँ:
1. सर्वसमिका I:
(a + b)^2 = a^2 + 2ab + b^2
2. सर्वसमिका II:
(a - b)^2 = a^2 - 2ab + b^2
3. सर्वसमिका III:
(a + b)(a - b) = a^2 - b^2
4. सर्वसमिका IV (विशेष सर्वसमिका):
(x + a)(x + b) = x^2 + (a + b)x + ab
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103^2 = (100 + 3)^2 = 100^2 + 2(100)(3) + 3^2 = 10000 + 600 + 9 = 1060998^2 = (100 - 2)^2 = 100^2 - 2(100)(2) + 2^2 = 10000 - 400 + 4 = 9604105 * 95 = (100 + 5)(100 - 5) = 100^2 - 5^2 = 10000 - 25 = 9975---
1. घटाव करते समय कोष्ठक (bracket) के बाहर के - चिह्न का विशेष ध्यान रखें।
2. गुणा करते समय पहले संख्यात्मक गुणांकों का गुणा करें, फिर चरों का।
3. (a - b)^2 और a^2 - b^2 में अंतर समझें:
(a - b)^2 = a^2 - 2ab + b^2a^2 - b^2 = (a + b)(a - b)