कक्षा 8 गणित: सीधा और प्रतिलोम समानुपात (Direct and Inverse Proportions) - त्वरित संशोधन नोट्स
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मुख्य अवधारणाएँ और परिभाषाएँ
#### 1. सीधा समानुपात (Direct Proportion)
- यदि दो राशियाँ $x$ और $y$ इस प्रकार बदलती हैं कि यदि एक राशि बढ़ती है, तो दूसरी राशि भी उसी अनुपात में बढ़ती है (या एक के घटने पर दूसरी भी घटती है), तो इसे सीधा समानुपात कहते हैं।
- शर्त: यदि $x$ और $y$ सीधे समानुपात में हैं, तो उनका अनुपात ($x/y$) हमेशा एक अचर (constant) $k$ रहता है।
- सूत्र:
x / y = k (या x1 / y1 = x2 / y2)
जहाँ $k$ एक धनात्मक अचर है।
#### 2. प्रतिलोम समानुपात (Inverse Proportion)
- यदि दो राशियाँ $x$ और $y$ इस प्रकार बदलती हैं कि एक राशि के बढ़ने पर दूसरी राशि उसी अनुपात में घटती है (या एक के घटने पर दूसरी बढ़ती है), तो इसे प्रतिलोम समानुपात कहते हैं।
- शर्त: यदि $x$ और $y$ प्रतिलोम समानुपात में हैं, तो उनका गुणनफल ($x \times y$) हमेशा एक अचर (constant) $k$ रहता है।
- सूत्र:
x × y = k (या x1 × y1 = x2 × y2)
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महत्वपूर्ण सूत्र तालिका
| समानुपात का प्रकार | गणितीय संबंध | उपयोग |
| :--- | :--- | :--- |
| सीधा समानुपात | x1 / y1 = x2 / y2 | जब एक राशि बढ़ने पर दूसरी भी बढ़े। |
| प्रतिलोम समानुपात | x1 × y1 = x2 × y2 | जब एक राशि बढ़ने पर दूसरी घटे। |
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याद रखने योग्य मुख्य बिंदु (महत्वपूर्ण टिप्स)
1. पहचान करना सीखें:
- सीधा समानुपात: अधिक वस्तुएँ, अधिक मूल्य। कम समय, तय की गई कम दूरी (चाल समान होने पर)।
- प्रतिलोम समानुपात: अधिक मजदूर, कम समय। अधिक चाल, कम समय (निश्चित दूरी तय करने में)।
2. सारणीबद्ध विधि (Tabular Method):
- ऐसे प्रश्नों को हल करने के लिए हमेशा दी गई जानकारी को एक सारणी (Table) के रूप में लिख लें, जिससे $x1, y1, x2, y2$ को पहचानना आसान हो जाता है।
3. इकाई का ध्यान रखें:
- गणना करते समय सभी राशियों की इकाइयाँ (Units) समान होनी चाहिए (जैसे- मिनट को घंटे में या ग्राम को किलोग्राम में पहले बदल लें)।