कक्षा 9 विज्ञान - अध्याय: परमाणु एवं अणु (Atoms and Molecules)
त्वरित पुनरीक्षण नोट्स (Quick Revision Notes)
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1. रासायनिक संयोजन के नियम (Laws of Chemical Combination)
रासायनिक अभिक्रियाएँ कुछ महत्वपूर्ण नियमों पर आधारित होती हैं:
- द्रव्यमान संरक्षण का नियम (Law of Conservation of Mass):
- इस नियम के अनुसार, किसी रासायनिक अभिक्रिया में द्रव्यमान का न तो सृजन किया जा सकता है और न ही विनाश।
- निष्कर्ष: (अभिकारकों का कुल द्रव्यमान) = (उत्पादों का कुल द्रव्यमान)
- स्थिर अनुपात का नियम (Law of Constant Proportions):
- इस नियम के अनुसार, किसी रासायनिक यौगिक में तत्व हमेशा एक निश्चित द्रव्यमान के अनुपात में विद्यमान होते हैं, चाहे वह यौगिक किसी भी स्रोत से प्राप्त किया गया हो या किसी ने भी बनाया हो।
- उदाहरण: जल
(H_2O) में हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के द्रव्यमान का अनुपात हमेशा 1:8 होता है।
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2. डाल्टन का परमाणु सिद्धांत (Dalton's Atomic Theory)
द्रव्य के अध्ययन के लिए जॉन डाल्टन ने परमाणु सिद्धांत प्रस्तुत किया, जिसके मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
- सभी द्रव्य सूक्ष्म कणों से बने होते हैं जिन्हें परमाणु कहते हैं।
- परमाणु अविभाज्य सूक्ष्म कण होते हैं, जो रासायनिक अभिक्रिया में न तो सृजित होते हैं और न ही विनष्ट होते हैं।
- दिए गए तत्व के सभी परमाणुओं का द्रव्यमान और रासायनिक गुणधर्म समान होते हैं।
- भिन्न-भिन्न तत्वों के परमाणुओं के द्रव्यमान और रासायनिक गुणधर्म भिन्न होते हैं।
- भिन्न-भिन्न तत्वों के परमाणु परस्पर छोटी पूर्ण संख्या के अनुपात में संयुक्त कर यौगिक बनाते हैं।
- किसी भी यौगिक में परमाणुओं की सापेक्ष संख्या एवं प्रकार निश्चित होते हैं।
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3. परमाणु और अणु (Atom and Molecule)
- परमाणु (Atom):
- किसी तत्व का वह सूक्ष्मतम कण जो रासायनिक अभिक्रिया में भाग ले सकता है (और स्वतंत्र रूप से रह भी सकता है या नहीं भी)।
- परमाणु की त्रिज्या को नैनोमीटर (nm) में मापा जाता है।
1 m = 10^9 nm
- अणु (Molecule):
- सामान्यतः दो या दो से अधिक परमाणुओं का समूह होता है जो आपस में रासायनिक बंध द्वारा जुड़े होते हैं। यह स्वतंत्र रूप से रह सकता है।
- परमाणुकता (Atomicity): किसी अणु में मौजूद कुल परमाणुओं की संख्या को उसकी परमाणुकता कहते हैं।
- एक परमाणुक (Monoatomic): हीलियम
(He), आर्गन (Ar)
- द्विपरमाणुक (Diatomic): ऑक्सीजन
(O2), हाइड्रोजन (H2)
- त्रिपरमाणुक (Triatomic): ओजोन
(O_3)
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4. रासायनिक सूत्र लिखना (Writing Chemical Formulae)
रासायनिक सूत्र लिखने के लिए तत्वों की संयोजकता (Valency) का ज्ञान होना आवश्यक है।
- संयोजकता: किसी परमाणु की संयोजन शक्ति (combining capacity) को उसकी संयोजकता कहते हैं।
- आयन (Ions): आवेशित परमाणुओं या परमाणुओं के समूहों को आयन कहते हैं।
- धनायन (Cation): धन आवेशित आयन (जैसे:
Na^+, Ca^2+)
- ऋणआयन (Anion): ऋण आवेशित आयन (जैसे:
Cl^-, O^2-)
1. आयनों की संयोजकता लिखते समय उनके आवेशों को संतुलित किया जाता है।
2. धनायन और ऋणआयन के प्रतीकों को लिखकर उनकी संयोजकता क्रॉस-मल्टीप्लाई (Cross-multiply) की जाती है।
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5. आणविक द्रव्यमान और मोल संकल्पना (Molecular Mass and Mole Concept)
- परमाणु द्रव्यमान इकाई (amu या u):
- कार्बन-12
(C-12) समस्थानिक के एक परमाणु के द्रव्यमान के 1/12 वें भाग को परमाणु द्रव्यमान इकाई कहते हैं।
- आपेक्षिक आणविक द्रव्यमान (Molecular Mass):
- किसी पदार्थ का आणविक द्रव्यमान उसके सभी घटक परमाणुओं के परमाणु द्रव्यमानों का योग होता है।
- मात्रक:
u
- उदाहरण: जल
(H_2O) का आणविक द्रव्यमान = (2 \times 1) + (1 \6) = 18 u
- सूत्र इकाई द्रव्यमान (Formula Unit Mass):
- उन पदार्थों के लिए प्रयोग किया जाता है जिनके घटक आयन होते हैं (जैसे
NaCl)।
- मोल संकल्पना (Mole Concept):
- किसी पदार्थ का एक मोल उस पदार्थ की वह मात्रा है जिसमें कणों (परमाणुओं, अणुओं या आयनों) की संख्या उतनी ही होती है जितनी कार्बन-12
(C-12) के ठीक 12 g में परमाणुओं की होती है।
- एवोगाद्रो संख्या (Avogadro Number - N_A):
N_A = 6.022 \times 10^{23} कण प्रति मोल
1. मोलों की संख्या (n) = (\text{दिया गया द्रव्यमान } (m)) / (\text{मोलर द्रव्यमान } (M))
2. मोलों की संख्या (n) = (\text{दिए गए कणों की संख्या } (N)) / (\text{एवोगाद्रो संख्या } (N_A))
3. द्रव्यमान (m) = \text{मोलों की संख्या } (n) \times \text{मोलर द्रव्यमान } (M)