मुख्य सूत्र (Key Formulas)
कक्षा 9 - विज्ञान
#### अध्याय: कार्य तथा ऊर्जा (Work and Energy - Revision Notes)
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1. कार्य (Work)
- परिभाषा: वैज्ञानिक दृष्टिकोण से, कार्य तभी किया हुआ माना जाता है जब किसी वस्तु पर बल (Force) लगाने से उसमें विस्थापन (Displacement) उत्पन्न हो।
- सूत्र (Formula):
W = F × s
जहाँ:
W = किया गया कार्य (Work done)
F = बल (Force)
s = बल की दिशा में विस्थापन (Displacement)
- अन्य स्थिति (जब बल विस्थापन के किसी कोण पर हो):
W = F × s × cos(θ)
- मात्रक (Units):
- SI मात्रक: जूल (Joule या J) या
N·m
- CGS मात्रक: एर्ग (Erg)
- कार्य के प्रकार:
1. धनात्मक कार्य: जब बल और विस्थापन एक ही दिशा में हों (θ = 0°, W = +Fs).
2. ऋणात्मक कार्य: जब बल और विस्थापन विपरीत दिशा में हों (θ = 180°, W = -Fs).
3. शून्य कार्य: जब बल और विस्थापन एक-दूसरे के लंबवत हों (θ = 90°, W = 0).
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2. ऊर्जा (Energy)
- परिभाषा: किसी वस्तु के कार्य करने की क्षमता को ऊर्जा कहते हैं।
- मात्रक: कार्य की तरह ऊर्जा का SI मात्रक भी जूल (J) है।
- ऊर्जा का व्यावसायिक मात्रक: किलोवाट-घंटा (
kWh) या यूनिट।
1 kWh = 3.6 × 10^6 J
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3. गतिज ऊर्जा (Kinetic Energy)
- परिभाषा: किसी वस्तु में उसकी गति के कारण निहित ऊर्जा को गतिज ऊर्जा कहते हैं।
- सूत्र (Formula):
KE = (1/2) × m × v^2
जहाँ:
KE = गतिज ऊर्जा (Kinetic Energy)
m = वस्तु का द्रव्यमान (Mass)
v = वस्तु का वेग (Velocity)
- संवेग और गतिज ऊर्जा में संबंध:
KE = p^2 / (2m)
(जहाँ p = m × v संवेग है।)
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4. स्थितिज ऊर्जा (Potential Energy)
- परिभाषा: किसी वस्तु की स्थिति, आकृति या विन्यास में परिवर्तन के कारण उसमें संचित ऊर्जा को स्थितिज ऊर्जा कहते हैं।
- गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा का सूत्र:
PE = m × g × h
जहाँ:
m = द्रव्यमान
g = गुरुत्वीय त्वरण (Acceleration due to gravity)
h = ऊँचाई (Height)
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5. ऊर्जा संरक्षण का नियम (Law of Conservation of Energy)
- नियम: ऊर्जा को न तो उत्पन्न किया जा सकता है और न ही नष्ट किया जा सकता है। इसे केवल एक रूप से दूसरे रूप में परिवर्तित किया जा सकता है। ब्रह्मांड की कुल ऊर्जा हमेशा संरक्षित (स्थिर) रहती है।
- यांत्रिक ऊर्जा: किसी वस्तु की गतिज ऊर्जा और स्थितिज ऊर्जा का योग उसकी कुल यांत्रिक ऊर्जा (Mechanical Energy) कहलाता है।
Total Mechanical Energy = KE + PE = स्थिरांक (Constant)
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6. शक्ति (Power)
- परिभाषा: कार्य करने की दर को शक्ति कहते हैं।
- सूत्र (Formula):
P = W / t
जहाँ:
P = शक्ति (Power)
W = किया गया कार्य (Work)
t = समय (Time)
- अन्य रूप: चूंकि
W = F × s, इसलिए P = F × (s / t) अर्थात् P = F × v (वेग के पदों में)।
- मात्रक (Units):
- SI मात्रक: वॉट (Watt या W) या
J/s
- अन्य मात्रक: किलोवॉट (
kW), अश्वशक्ति (Horsepower - HP)
1 HP = 746 Watts
माइंड मैप चार्ट (Mind Map Chart)
📍 कार्य और ऊर्जा
कार्य (Work)
परिभाषा: बल द्वारा वस्तु का विस्थापन
सूत्र: $W = F \times s \times \cos(\theta)$
कार्य के प्रकार
धनात्मक कार्य
ऋणात्मक कार्य
शून्य कार्य
मात्रक: जूल (Joule)
ऊर्जा (Energy)
परिभाषा: कार्य करने की क्षमता
मात्रक: जूल (Joule)
ऊर्जा के रूप
गतिज ऊर्जा (Kinetic Energy)
परिभाषा: गति के कारण ऊर्जा
सूत्र: $E_k = \frac{1}{2}mv^2$
स्थितिज ऊर्जा (Potential Energy)
परिभाषा: स्थिति या आकार के कारण ऊर्जा
सूत्र: $E_p = mgh$
अन्य रूप: ऊष्मीय, प्रकाशीय, रासायनिक, विद्युत
ऊर्जा संरक्षण का नियम (Law of Conservation of Energy)
नियम: ऊर्जा न तो बनाई जा सकती है और न ही नष्ट की जा सकती है
रूपांतरण: ऊर्जा का एक रूप से दूसरे रूप में बदलना
कुल ऊर्जा हमेशा संरक्षित रहती है
शक्ति (Power)
परिभाषा: कार्य करने की दर
सूत्र: $P = \frac{W}{t}$
मात्रक: वॉट (Watt)
व्यावसायिक मात्रक: किलोवाट-घंटा (kWh / यूनिट)
महत्वपूर्ण बोर्ड प्रश्न (Important Board Questions)
उत्तर (Answer): कार्य होने के लिए दो शर्तें पूरी होनी चाहिए: वस्तु पर बल लगना चाहिए, और वस्तु का विस्थापन होना चाहिए।
उत्तर (Answer): शक्ति $P = \frac{W}{t} = \frac{mgh}{t}$ होती है। चूँकि दोनों के लिए भार ($mg$) और ऊँचाई ($h$) समान हैं, इसलिए $P_A/P_B = t_B/t_A = 50/20 = 5/2$ अर्थात $5:2$ है।
उत्तर (Answer): चूँकि गुरुत्वाकर्षण बल वृत्ताकार कक्षा के केंद्र की ओर निर्देशित होता है और किसी भी क्षण विस्थापन स्पर्श रेखा के अनुदिश (बल के लंबवत) होता है, इसलिए किया गया कार्य शून्य होता है।
उत्तर (Answer): स्वतंत्र पतन के दौरान, स्थितिज ऊर्जा घटती है जबकि गतिज ऊर्जा उतनी ही मात्रा में बढ़ती है। इस प्रकार, कुल यांत्रिक ऊर्जा नियत (संरक्षित) रहती है।
उत्तर (Answer): तने हुए धनुष में उसकी आकृति में परिवर्तन के कारण स्थितिज ऊर्जा (प्रत्यास्थ स्थितिज ऊर्जा) होती है।
उत्तर (Answer): $1 \text{ kWh} = 1000 \text{ W} \times 3600 \text{ s} = 3,600,000 \text{ J} = 3.6 \times 10^6 \text{ J}$ होते हैं।
उत्तर (Answer): शक्ति $P = W/t$ होती है। चूंकि कार्य जूल में और समय सेकंड में मापा जाता है, इसलिए 1 वाट = 1 जूल प्रति सेकंड ($1 J/s$) होता है।
उत्तर (Answer): गुरुत्वाकर्षण बल ऊर्ध्वाधर नीचे की ओर कार्य करता है, जबकि विस्थापन क्षैतिज (लंबवत) है। इसलिए गुरुत्वाकर्षण के विरुद्ध किया गया कार्य शून्य है।
उत्तर (Answer): यांत्रिक ऊर्जा किसी वस्तु की गतिज ऊर्जा और स्थितिज ऊर्जा का कुल योग होती है।
उत्तर (Answer): चूँकि गतिज ऊर्जा $E_k = \frac{1}{2}mv^2$ वेग के वर्ग के समानुपाती होती है, इसलिए वेग को दोगुना करने पर गतिज ऊर्जा चार गुना बढ़ जाती है ($2^2$)।
उत्तर (Answer): किया गया कार्य शून्य होता है यदि या तो बल शून्य हो, विस्थापन शून्य हो, या बल और विस्थापन परस्पर लंबवत हों ($90^\circ$ का कोण)।
उत्तर (Answer): विद्युत ऊर्जा का व्यावसायिक मात्रक किलोवाट-घंटा (kWh) है, जिसे सामान्यतः 'unit' (यูนिट) कहा जाता है। 1 kWh = $3.6 \times 10^6$ जूल होता है।
उत्तर (Answer): शक्ति का SI मात्रक वाट (W) है, जिसका नाम जेम्स वाट के नाम पर रखा गया है, जो 1 जूल प्रति सेकंड ($1 J/s$) के बराबर होता है।
उत्तर (Answer): शक्ति को कार्य करने की दर या ऊर्जा के स्थानांतरण की दर के रूप में परिभाषित किया जाता है। इसे $P = W/t$ द्वारा व्यक्त किया जाता है।
उत्तर (Answer): ऊर्जा संरक्षण का नियम यह कहता है कि ऊर्जा को न तो उत्पन्न किया जा सकता है और न ही नष्ट किया जा सकता है; इसे केवल एक रूप से दूसरे रूप में परिवर्तित किया जा सकता है। एक विलगित निकाय की कुल ऊर्जा हमेशा नियत रहती है।