अध्याय: भारत के भौतिक स्वरूप (Physical Features of India)
कक्षा: ९ (सामाजिक विज्ञान)
क्विक रिविजन नोट्स / फॉर्मूला शीट
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१. मुख्य प्रस्तावना (Introduction)
- भारत की विविधता: भारत एक विशाल देश है जहाँ विभिन्न प्रकार के भू-आकार (Landforms) पाए जाते हैं - जैसे पर्वत, मैदान, मरुस्थल, पठार और द्वीप समूह।
- विविधता का कारण: चट्टानों के प्रकार में भिन्नता (कुछ संगमरमर जैसी कठोर तो कुछ साबुन की तरह मुलायम) और विवर्तनिक हलचलें (Tectonic Movements)।
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२. मुख्य भू-आकृतिक विभाग (Major Physiographic Divisions)
भारत के भौतिक स्वरूप को मुख्य रूप से छह (6) ਭਾगों में बांटा गया है:
1. हिमालय पर्वत श्रृंखला (The Himalayan Mountains)
2. उत्तरी मैदान (The Northern Plains)
3. प्रायद्वीपीय पठार (The Peninsular Plateau)
4. भारतीय मरुस्थल (The Indian Desert)
5. तटीय मैदान (The Coastal Plains)
6. द्वीप समूह (The Islands)
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३. विस्तृत अध्ययन (Detailed Concepts)
#### (क) हिमालय पर्वत श्रृंखला (The Himalayas)
- उत्पत्ति: यह युवा वलित पर्वत (Young Fold Mountains) हैं जो उत्तरी सीमा पर स्थित हैं।
- नदी घाटियाँ: सिंधु नदी से ब्रह्मपुत्र नदी तक फैले हैं।
- लंबाई और चौड़ाई: लंबाई लगभग 2400 किमी और चौड़ाई कश्मीर में 400 किमी से अरुणाचल प्रदेश में 150 किमी तक है।
- समानांतर श्रेणियाँ (Three Parallel Ranges):
1. महान या आंतरिक हिमालय (Great or Inner Himalayas / Himadri): यह सबसे उत्तरी श्रृंखला है। इसमें विश्व के सबसे ऊंचे शिखर (जैसे माउंट एवरेस्ट, कंचनजंगा) हैं। औसत ऊंचाई 6000 मीटर है।
2. हिमाचल या निम्न हिमालय (Himachal or Lesser Himalayas): हिमाद्री के दक्षिण में स्थित। औसत ऊंचाई 3700 से 4500 मीटर। यहाँ प्रसिद्ध घाटियाँ (जैसे कश्मीर, कांगड़ा, कुल्लू) और हिल स्टेशन (जैसे शिमला, मसूरी) स्थित हैं।
3. शिवालिक (Shiwaliks): यह सबसे बाहरी श्रृंखला है। औसत ऊंचाई 900 से 1100 मीटर। यहाँ घाटियों और शिवालिक के बीच दून (जैसे देहरादून, कोटलीदून) पाए जाते हैं।
- क्षेत्रीय विभाजन (Regional Division from West to East):
- पंजाब हिमालय: सिंधु और सतलुज नदियों के बीच (कश्मीर और हिमाचल हिमालय भी कहा जाता है)।
- कुमाऊं हिमालय: सतलुज और काली नदियों के बीच।
- नेपाल हिमालय: काली और तीस्ता नदियों के बीच।
- असम हिमालय: तीस्ता और दिहांग नदियों के बीच।
- पूर्वांचल: ब्रह्मपुत्र नदी के पार पूर्व की ओर फैली पहाड़ियाँ (जैसे नागा, मिजो, गारो, खासी)।
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#### (ख) उत्तरी मैदान (The Northern Plains)
- निर्माण: तीन प्रमुख नदी प्रणालियों - सिंधु, गंगा और ब्रह्मपुत्र तथा उनकी सहायक नदियों द्वारा लाई गई जलोढ़ मिट्टी (Alluvial Soil) के निक्षेप से।
- विस्तार: लंबाई लगभग 7 लाख वर्ग किमी। लंबाई 2400 किमी और चौड़ाई 240 से 320 किमी।
- क्षेत्रीय विविधता (आकृतिक भिन्नता):
1. भाबर (Bhabhar): शिवालिक की तलहटी में 8 से 16 किमी चौड़ी पट्टी जहाँ नदियाँ कंकड़-पत्थरों के नीचे लुप्त हो जाती हैं।
2. तराई (Terai): भाबर के दक्षिण में नम और दलदली क्षेत्र जहाँ लुप्त नदियाँ फिर से प्रकट होती हैं। यहाँ वन्यजीवों से भरा घना जंगल है।
3. बांगर (Bangar): पुराने जलोढ़ मिट्टी के ऊंचे मैदान जो बाढ़ के मैदानों के ऊपर स्थित होते हैं। यहाँ 'कंकड़' (कैल्शियम कार्बोनेट) पाए जाते हैं।
4. खादर (Khadar): नए और युवा जलोढ़ मैदान। बाढ़ के मैदानों के पास हर साल नई मिट्टी जमा होती है, जो कृषि के लिए बहुत उपजाऊ होती है।
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#### (ग) प्रायद्वीपीय पठार (The Peninsular Plateau)
- स्वरूप: यह मेज की आकृति वाला पठार है जो पुरानी क्रिस्टलीय, आग्नेय और रूपांतरित चट्टानों से बना है। यह गोंडवाना भूमि के टूटने और बहने से बना है।
- मुख्य भाग:
1. मध्य उच्च भूमि (Central Highlands): नर्मदा नदी के उत्तर में मालवा पठार का अधिकांश भाग। (चंबल, सिंध, बेतवा नदियाँ दक्षिण-पश्चिम से उत्तर-पूर्व की ओर बहती हैं)।
2. दक्कन का पठार (Deccan Plateau): नर्मदा नदी के दक्षिण में स्थित एक त्रिकोणीय भू-भाग। (पश्चिम में पश्चिमी घाट, पूर्व में पूर्वी घाट)।
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#### (घ) भारतीय मरुस्थल (The Indian Desert)
- स्थिति: अरावली पहाड़ी के पश्चिमी किनारे पर थार का मरुस्थल स्थित है।
- विशेषताएँ:
- यहाँ वर्षा बहुत कम होती है (150 मिमी से कम)।
- शुष्क जलवायु और वनस्पति बहुत कम।
- लूनी इस क्षेत्र की सबसे बड़ी नदी है (बाकी नदियाँ रेत में ही लुप्त हो जाती हैं)।
- बरखान (Barchans): अर्धचंद्रमा के आकार के बालू के टीले जो इस क्षेत्र में बहुत पाए जाते हैं।
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#### (ङ) तटीय मैदान (The Coastal Plains)
प्रायद्वीपीय पठार के किनारों पर संकीर्ण तटीय पट्टियाँ स्थित हैं:
1. पश्चिमी तटीय मैदान (Western Coastal Plain): अरब सागर और पश्चिमी घाट के बीच स्थित संकीर्ण मैदान।
- भाग: कोंकण (उत्तरी भाग), कन्नड़ (मध्य भाग), और मालाबार तट (दक्षिणी भाग)।
2. पूर्वी तटीय मैदान (Eastern Coastal Plain): बंगाल की खाड़ी और पूर्वी घाट के बीच विस्तृत मैदान।
- भाग: उत्तरी सरकार (उत्तरी भाग) और कोरोमंडल तट (दक्षिणी भाग)। (यहाँ महानادي, गोदावरी, कृष्णा और कावेरी नदियाँ बड़े डेल्टा बनाती हैं)।
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#### (च) द्वीप समूह (The Islands)
भारत में मुख्य भूमि के अलावा दो प्रमुख द्वीप समूह हैं:
1. लक्षद्वीप समूह (Lakshadweep Islands): केरल के मालाबार तट के पास। यह छोटे प्रवाल द्वीपों (Coral Islands) से मिलकर बने हैं। (पहले इन्हें लक्कादीव, मिनिकॉय और अमीनदीव कहा जाता था)।
2. अंडमान और निकोबार द्वीप समूह (Andaman and Nicobar Islands): बंगाल की खाड़ी में उत्तर से दक्षिण की ओर फैले द्वीप।
- विशेषता: ये आकार में बड़े, संख्या में अधिक और बिखरे हुए हैं। भारत का एकमात्र सक्रिय ज्वालामुखी बैरन द्वीप (Barren Island) इसी समूह में स्थित है।
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४. महत्वपूर्ण तथ्य (Key Facts for Quick Revision)
- विवर्तनिक प्लेटें (Tectonic Plates): पृथ्वी की पपड़ी सात मुख्य और कुछ छोटी प्लेटों में विभाजित है।
- अभिसारी सीमा (Convergent Boundary): जब प्लेटें एक-दूसरे के करीब आती हैं (वलित पर्वतों का निर्माण होता है)।
- अपसारी सीमा (Divergent Boundary): जब प्लेटें एक-दूसरे से दूर जाती हैं।
- रूपांतरण सीमा (Transform Boundary): जब प्लेटें एक-दूसरे के बगल में क्षैतिज दिशा में फिसलती हैं।
- गोंडवाना भूमि (Gondwana Land): प्राचीन सुपर-महाद्वीप पैंजिया का दक्षिणी भाग, जिसमें भारत, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण अंटार्कटिका शामिल थे।