Chapter Chai • Board Revision Guide
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दोलन

Subject: भौतिक विज्ञान | Class: Class 11 | Syllabus Year: 2025-26
मुख्य सूत्र (Key Formulas)

कक्षा 11 भौतिक विज्ञान - अध्याय: दोलन (Oscillations)

त्वरित रिवीजन नोट्स एवं महत्वपूर्ण सूत्र (MP Board)


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1. मूलभूत परिभाषाएं (Basic Definitions)


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2. महत्वपूर्ण पद (Important Terms)


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3. सरल आवर्त गति (Simple Harmonic Motion - SHM)

जब किसी कण पर लगने वाला प्रत्ययन बल (Restoring Force) माध्य स्थिति से कण के विस्थापन के समानुपाती होता है तथा उसकी दिशा सदैव माध्य स्थिति की ओर होती है, तो ऐसी गति को सरल आवर्त गति कहते हैं।


#### मूलभूत समीकरण:

1. प्रत्ययन बल नियम:

F = -k · x (जहाँ k = बल नियतांक है)

2. त्वरण (Acceleration - a):

a = -ω² · x


3. विस्थापन (Displacement - x):

x(t) = A sin(ωt + Φ₀) या x(t) = A cos(ωt + Φ₀)


4. वेग (Velocity - v):

v = dx / dt = Aω cos(ωt + Φ₀)


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4. सरल आवर्त गति में ऊर्जा (Energy in SHM)

सरल आवर्त गति करते कण में गतिज ऊर्जा एवं स्थितिज ऊर्जा दोनों होती हैं तथा कुल यांत्रिक ऊर्जा नियत रहती है।


K = (1/2) · m · v² = (1/2) · m · ω² · (A² - x²)


U = (1/2) · k · x² = (1/2) · m · ω² · x²


E = K + U = (1/2) · m · ω² · A² = (1/2) · k · A²

(कुल ऊर्जा सदैव नियत रहती है और यह विस्थापन x पर निर्भर नहीं करती।)


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5. विभिन्न निकायों के दोलन (Oscillations of Different Systems)

#### 1. सरल लोलक (Simple Pendulum)

1. आवर्तकाल लोलक के द्रव्यमान और आकार पर निर्भर नहीं करता।

2. T ∝ √L (लम्बाई के वर्गमूल के समानुपाती)

3. T ∝ 1 / √g (गुरुत्वीय त्वरण के व्युत्क्रमानुपाती)


#### 2. स्प्रिंग-द्रव्यमान निकाय (Spring-Mass System)

1 / keq = 1 / k₁ + 1 / k₂ => keq = (k₁ · k₂) / (k₁ + k₂)

T = 2π √[m(k₁ + k₂) / (k₁ · k₂)]

k_eq = k₁ + k₂

T = 2π √[m / (k₁ + k₂)]


#### 3. U-नली में द्रव का दोलन (Liquid in U-tube)


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6. दोलन के प्रकार (Types of Oscillations)

1. मुक्त दोलन (Free Oscillations):


2. अवमंदित दोलन (Damped Oscillations):


3. प्रणोदित दोलन (Forced Oscillations):


4. अनुनाद (Resonance):


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परीक्षा उपयोगी त्वरित टिप्स (Exam Quick Tips)

माइंड मैप चार्ट (Mind Map Chart)
📍 अध्याय: दोलन
Overview
1. गति के मूलभूत प्रकार आवर्ती गति (Periodic Motion) निश्चित समय अंतराल में दोहराई जाने वाली गति उदाहरण: पृथ्वी का सूर्य के चारों ओर घूमना, घड़ी की सुइयों की गति दोलनी या कंपंनी गति (Oscillatory Motion) माध्य स्थिति के आगे-पीछे या ऊपर-नीचे होने वाली गति सभी दोलनी गति आवर्ती होती हैं उदाहरण: दीवार घड़ी का लोलक, झूले की गति 2. सरल आवर्त गति (Simple Harmonic Motion - SHM) परिभाषा ऐसी दोलनी गति जिसमें त्वरण विस्थापन के समानुपाती और विपरीत दिशा में होता है प्रत्यानयन बल: $F = -kx$ त्वरण: $a = -\omega^2 x$ महत्वपूर्ण शब्दावली विस्थापन ($x$ या $y$): माध्य स्थिति से कण की दूरी आयाम ($A$): माध्य स्थिति से अधिकतम विस्थापन आवर्तकाल ($T$): एक पूर्ण दोलन में लगा समय ($T = \frac{2\pi}{\omega}$) आवृत्ति ($n$ या $f$): एक सेकंड में पूर्ण दोलनों की संख्या ($f = \frac{1}{T}$) कला ($\phi$): किसी क्षण कण की स्थिति और गति की दिशा व्यक्त करने वाला कोण 3. सरल आवर्त गति के समीकरण विस्थापन समीकरण: $y = A \sin(\omega t + \phi_0)$ वेग ($v$): $v = \omega \sqrt{A^2 - y^2}$ माध्य स्थिति ($y=0$) पर वेग अधिकतम ($v_{max} = A\omega$) चरम स्थिति ($y=A$) पर वेग शून्य ($v = 0$) त्वरण ($a$): $a = -\omega^2 y$ माध्य स्थिति पर त्वरण शून्य चरम स्थिति पर त्वरण अधिकतम ($a_{max} = \omega^2 A$) 4. सरल आवर्त गति में ऊर्जा गतिज ऊर्जा ($K$): $K = \frac{1}{2} m \omega^2 (A^2 - y^2)$ माध्य स्थिति पर अधिकतम स्थितिज ऊर्जा ($U$): $U = \frac{1}{2} m \omega^2 y^2$ चरम स्थिति पर अधिकतम कुल ऊर्जा ($E$): $E = K + U = \frac{1}{2} m \omega^2 A^2$ नियत (संरक्षित) रहती है आयाम के वर्ग ($A^2$) के समानुपाती होती है 5. दोलनी निकायों के उदाहरण सरल लोलक (Simple Pendulum) आवर्तकाल का सूत्र: $T = 2\pi \sqrt{\frac{L}{g}}$ $T \propto \sqrt{L}$ (लंबाई के वर्गमूल के समानुपाती) $T \propto \frac{1}{\sqrt{g}}$ (गुरुत्वीय त्वरण के व्युत्क्रमानुपाती) लोलक का आवर्तकाल द्रव्यमान पर निर्भर नहीं करता स्प्रिंग से लटका द्रव्यमान (Loaded Spring) आवर्तकाल: $T = 2\pi \sqrt{\frac{m}{k}}$ ($k$ = स्प्रिंग नियतांक) श्रेणीक्रम संयोजन: $\frac{1}{k{eq}} = \frac{1}{k1} + \frac{1}{k_2}$ समांतर क्रम संयोजन: $k{eq} = k1 + k_2$ 6. दोलन के प्रकार मुक्त दोलन (Free Oscillations) बाह्य बल की अनुपस्थिति में नियत आयाम से दोलन अवमंदित दोलन (Damped Oscillations) प्रतिरोधी बल (घर्षण) के कारण आयाम समय के साथ घटता है ऊर्जा का निरंतर ह्रास होता है प्रणोदित दोलन (Forced Oscillations) बाह्य आवर्ती बल के प्रभाव में होने वाले दोलन अनुनाद (Resonance) जब बाह्य बल की आवृत्ति निकाय की स्वाभाविक आवृत्ति के बराबर होती है इस स्थिति में दोलन का आयाम अत्यधिक (अधिकतम) हो जाता है
महत्वपूर्ण बोर्ड प्रश्न (Important Board Questions)
Q1. सरल आवर्त गति में प्रत्यानयन बल $F$ और विस्थापन $x$ के बीच के ग्राफ की प्रकृति कैसी होती है? 1 Marks
उत्तर (Answer): सरल आवर्त गति में, $F = -kx$ होता है। यह समीकरण ऋणात्मक ढाल ($-k$) के साथ मूल बिंदु से होकर गुजरने वाली एक सीधी रेखा को दर्शाता है।
Q2. $1\text{ kg}$ द्रव्यमान का एक पिंड $100\text{ N/m}$ स्प्रिंग नियतांक वाली स्प्रिंग से जुड़ा है। इसके दोलन का आवर्तकाल कितना होगा? 1 Marks
उत्तर (Answer): स्प्रिंग-द्रव्यमान निकाय का आवर्तकाल $T = 2\pi \sqrt{\frac{m}{k}} = 2\pi \sqrt{\frac{1}{100}} = \frac{2\pi}{10} = 0.2\pi\text{ s}$ होता है।
Q3. माध्य स्थिति पर स्थितिज ऊर्जा को शून्य मानते हुए, सरल आवर्त गति कर रहे कण की माध्य स्थिति पर स्थितिज ऊर्जा कितनी होती है? 1 Marks
उत्तर (Answer): सरल आवर्त गति में स्थितिज ऊर्जा $U = \frac{1}{2}m\omega^2 x^2$ होती है। माध्य स्थिति ($x = 0$) पर स्थितिज ऊर्जा $U = 0$ (न्यूनतम) होती है।
Q4. निम्नलिखित में से कौन सा अवकल समीकरण सरल आवर्त गति को सही ढंग से निरूपित करता है? 1 Marks
उत्तर (Answer): सरल आवर्त गति का मानक अवकल समीकरण $\frac{d^2x}{dt^2} + \omega^2 x = 0$ है, जो $a = -\omega^2 x$ से प्राप्त होता है।
Q5. यदि एक सरल लोलक को चंद्रमा पर ले जाया जाए जहाँ गुरुत्वीय त्वरण $g/6$ है, तो उसका आवर्तकाल कितने गुणा बढ़ जाएगा? 1 Marks
उत्तर (Answer): आवर्तकाल $T = 2\pi \sqrt{\frac{L}{g}}$ होता है। चंद्रमा पर $g' = \frac{g}{6}$ है, इसलिए $T' = 2\pi \sqrt{\frac{L}{g/6}} = \sqrt{6} T$। अतः आवर्तकाल $\sqrt{6}$ के गुणांक से बढ़ जाएगा।
Q6. अवमंदित सरल आवर्त दोलन में, समय के साथ दोलन का आयाम किस प्रकार घटता है? 1 Marks
उत्तर (Answer): अवमंदित आवर्त गति में, अवमंदन बल $F_d = -bv$ होता है। अवकलन समीकरण का हल आयाम $A(t) = A_0 e^{-\frac{bt}{2m}}$ देता है, जो समय के साथ चरघातांकी (exponentially) रूप से घटता है।
Q7. सरल आवर्त गति में, कण का त्वरण किस स्थान पर अधिकतम होता है? 1 Marks
उत्तर (Answer): त्वरण $a = -\omega^2 x$ होता है। त्वरण का परिमाण तब अधिकतम होता है जब विस्थापन $x$ अधिकतम ($x = \pm A$) यानी चरम स्थितियों पर होता है।
Q8. बल नियतांक $k_1$ और $k_2$ वाली दो स्प्रिंगों को श्रेणीक्रम में जोड़ा गया है। उनका तुल्य स्प्रिंग नियतांक $k_{eq}$ होगा: 1 Marks
उत्तर (Answer): स्प्रिंगों के श्रेणीक्रम संयोजन के लिए, $\frac{1}{k_{eq}} = \frac{1}{k_1} + \frac{1}{k_2} \Rightarrow k_{eq} = \frac{k_1 k_2}{k_1 + k_2}$ होता है।
Q9. पृथ्वी पर सेकंड लोलक की लगभग लंबाई कितनी होती है? 1 Marks
उत्तर (Answer): सेकंड लोलक का आवर्तकाल $T = 2\text{ s}$ होता है। सूत्र $T = 2\pi \sqrt{\frac{L}{g}}$ से: $2 = 2\pi \sqrt{\frac{L}{9.8}} \Rightarrow L = \frac{9.8}{\pi^2} \approx 0.993\text{ m} \approx 1\text{ m}$।
Q10. सरल आवर्त गति में किसी कण के विस्थापन और त्वरण के बीच कलांतर कितना होता है? 1 Marks
उत्तर (Answer): त्वरण $a = -\omega^2 x = \omega^2 A \sin(\omega t + \pi)$ और विस्थापन $x = A \sin(\omega t)$ होता है। अतः $x$ और $a$ के बीच कलांतर $\pi$ रेडियन ($180^\circ$) होता है।
Q11. स्वतंत्र रूप से गिरती हुई लिफ्ट में सरल लोलक का आवर्तकाल कितना होता है? 1 Marks
उत्तर (Answer): स्वतंत्र रूप से गिरती लिफ्ट में प्रभावी गुरुत्वीय त्वरण $g_{eff} = g - g = 0$ होता है। चूकि $T = 2\pi \sqrt{\frac{L}{g_{eff}}}$, इसलिए $g_{eff} \to 0$ होने पर $T \to \infty$ (अनंत) हो जाता है।
Q12. प्रत्येक $k$ स्प्रिंग नियतांक वाली दो समान स्प्रिंगों को समांतर क्रम में जोड़ा गया है। संयोजन का प्रभावी स्प्रिंग नियतांक होगा: 1 Marks
उत्तर (Answer): समांतर क्रम में जुड़ी स्प्रिंगों के लिए तुल्य स्प्रिंग नियतांक $k_{eq} = k_1 + k_2 = k + k = 2k$ होता है।
Q13. यदि कोई कण $f$ आवृत्ति के साथ सरल आवर्त गति करता है, तो उसकी स्थितिज ऊर्जा के दोलन की आवृत्ति क्या होगी? 1 Marks
उत्तर (Answer): स्थितिज ऊर्जा $U = \frac{1}{2}kA^2 \sin^2(\omega t) = \frac{1}{4}kA^2 (1 - \cos(2\omega t))$ होती है। ऊर्जा की कोणीय आवृत्ति $2\omega$ होने के कारण इसकी आवृत्ति $2f$ होती है।
Q14. सरल आवर्ती दोलक की कुल यांत्रिक ऊर्जा किसके सीधे समानुपाती होती है? 1 Marks
उत्तर (Answer): सरल आवर्त गति में कुल यांत्रिक ऊर्जा $E = \frac{1}{2}m\omega^2 A^2$ होती है। इसलिए $E \propto A^2$, जो कि आयाम के वर्ग के समानुपाती है।
Q15. सरल आवर्त गति (SHM) में, किसी कण का त्वरण किसके सीधे समानुपाती होता है? 1 Marks
उत्तर (Answer): सरल आवर्त गति में, प्रत्यानयन बल $F = -kx$ और त्वरण $a = -\omega^2 x$ होता है। अत: त्वरण विस्थापन के अनुक्रमानुपाती होता है और इसकी दिशा साम्य स्थिति की ओर होती है।