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ऊष्मागतिकी

Subject: रसायन विज्ञान | Class: Class 11 | Syllabus Year: 2025-26
मुख्य सूत्र (Key Formulas)

रासायनिक ऊष्मागतिकी (Chemical Thermodynamics) - क्विक रिवीजन एवं सूत्र शीट


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1. मूलभूत अवधारणाएँ (Basic Concepts)

1. खुला निकाय (Open System): ऊर्जा और द्रव्यमान दोनों का आदान-प्रदान होता है।

2. बंद निकाय (Closed System): केवल ऊर्जा का आदान-प्रदान होता है, द्रव्यमान का नहीं।

3. विलगित निकाय (Isolated System): न ऊर्जा और न ही द्रव्यमान का आदान-प्रदान होता है।



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2. ऊष्मागतिकी का प्रथम नियम (First Law of Thermodynamics)

$$\Delta U = q + w$$

(जहाँ $\Delta U$ = आंतरिक ऊर्जा में परिवर्तन, $q$ = दी गई ऊष्मा, $w$ = निकाय पर किया गया कार्य)


$$w{rev} = -2.303 \, nRT \log{10}\left(\frac{V2}{V1}\right) = -2.303 \, nRT \log{10}\left(\frac{P1}{P_2}\right)$$


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3. एंथैल्पी (Enthalpy - H)

$$\Delta H = \Delta U + P\Delta V$$

$$\Delta H = \Delta U + \Delta n_g RT$$

(जहाँ $\Delta n_g = \text{उत्पाद के गैसीय मोलों की संख्या} - \text{अभिकारक के गैसीय मोलों की संख्या}$)


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4. ऊष्माधारिता (Heat Capacity)

$$Cp - Cv = R$$

(जहाँ $R$ = सार्वत्रिक गैस नियतांक $= 8.314 \text{ J K}^{-1} \text{ mol}^{-1}$)


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5. ऊष्मारसायन के नियम (Laws of Thermochemistry)

किसी रासायनिक अभिक्रिया में एंथैल्पी परिवर्तन हमेशा समान रहता है, चाहे अभिक्रिया एक पद में संपन्न हो या अनेक पदों में।

$$\Delta H = \Delta H1 + \Delta H2 + \Delta H_3 + ...$$


$$\Deltar H^\circ = \sum \Deltaf H^\circ (\text{उत्पाद}) - \sum \Delta_f H^\circ (\text{अभिकारक})$$


$$\Delta_r H^\circ = \sum \text{बंध एंथैल्पी} (\text{अभिकारक}) - \sum \text{बंध एंथैल्पी} (\text{उत्पाद})$$


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6. ऊष्मागतिकी का द्वितीय नियम एवं एंट्रॉपी (Second Law & Entropy)

$$\Delta S = \frac{q_{rev}}{T}$$

$$\Delta S{total} = \Delta S{system} + \Delta S_{surroundings} > 0$$


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7. गिब्स मुक्त ऊर्जा (Gibbs Free Energy - G)

$$\Delta G = \Delta H - T\Delta S$$


1. यदि $\Delta G < 0$ (ऋणात्मक) $\rightarrow$ प्रक्रम स्वतः प्रवर्तित है।

2. यदि $\Delta G > 0$ (धनात्मक) $\rightarrow$ प्रक्रम अ-स्वतः प्रवर्तित है।

3. यदि $\Delta G = 0$ $\rightarrow$ निकाय साम्यावस्था में है।


$$\Delta G^\circ = -RT \ln K = -2.303 \, RT \log_{10} K$$


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8. ऊष्मागतिकी का तृतीय नियम (Third Law of Thermodynamics)


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महत्वपूर्ण संकेत और चिह्न परिपाटी (Sign Conventions)

| राशि | चिन्ह (+ve) | चिन्ह (-ve) |

| :--- | :--- | :--- |

| ऊष्मा ($q$) | निकाय द्वारा अवशोषित | निकाय द्वारा उत्सर्जित |

| कार्य ($w$) | निकाय पर किया गया कार्य (संपीड़न) | निकाय द्वारा किया गया कार्य (प्रसार) |

| $\Delta H$ | ऊष्माशोषी अभिक्रिया (Endothermic) | ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया (Exothermic) |

| $\Delta G$ | अ-स्वतः प्रक्रम | स्वतः प्रक्रम |

माइंड मैप चार्ट (Mind Map Chart)
📍 रासायनिक ऊष्मागतिकी (Chemical Thermodynamics)
Overview
मूलभूत अवधारणाएं (Basic Concepts) निकाय और परिवेश (System & Surroundings) खुला निकाय: ऊर्जा और द्रव्य दोनों का विनिमय बंद निकाय: केवल ऊर्जा का विनिमय, द्रव्य का नहीं विलगित निकाय: न ऊर्जा, न द्रव्य का विनिमय निकाय के गुणधर्म गहन गुण (Intensive): मात्रा पर निर्भर नहीं (ताप, दाब, घनत्व) विस्तीर्ण गुण (Extensive): मात्रा पर निर्भर (द्रव्यमान, आयतन, आंतरिक ऊर्जा) ऊष्मागतिक प्रक्रम (Processes) समतापी प्रक्रम: ताप स्थिर ($\Delta T = 0$) रुद्धोष्म प्रक्रम: ऊष्मा का आदान-प्रदान नहीं ($q = 0$) समदाबी प्रक्रम: दाब स्थिर ($\Delta P = 0$) समायतनी प्रक्रम: आयतन स्थिर ($\Delta V = 0$) उत्क्रमणीय एवं अनुत्क्रमणीय प्रक्रम ऊष्मागतिकी का प्रथम नियम (First Law of Thermodynamics) कथन: ऊर्जा का न तो निर्माण होता है और न ही विनाश (ऊर्जा संरक्षण का नियम) गणितीय व्यंजक: $\Delta U = q + w$ आंतरिक ऊर्जा ($U$): अवस्था फलन, निकाय की कुल ऊर्जा ऊष्मा ($q$) तथा कार्य ($w$): पथ फलन एन्थैलपी ($H$): स्थिर दाब पर कुल ऊष्मा सामग्री ($H = U + PV$) सम्बन्ध: $\Delta H = \Delta U + \Delta n_g RT$ ऊष्मा-रसायन (Thermochemistry) अभिक्रिया एन्थैलपी ($\Delta_r H$) ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया: ऊष्मा बाहर निकलती है ($\Delta H = -\text{ve}$) ऊष्माशोषी अभिक्रिया: ऊष्मा अवशोषित होती है ($\Delta H = +\text{ve}$) हेस का नियम (Hess's Law): कुल एन्थैलपी परिवर्तन पथ पर निर्भर नहीं करता विभिन्न एन्थैलपी के प्रकार: मानक विरचन एन्थैलपी ($\Delta_f H^\circ$): 1 मोल यौगिक के निर्माण में परिवर्तन दहन एन्थैलपी ($\Delta_c H$): 1 मोल पदार्थ के पूर्ण दहन पर उदासीनीकरण एन्थैलपी: अम्ल और क्षार की अभिक्रिया पर बंध एन्थैलपी: 1 मोल बंध को तोड़ने हेतु आवश्यक ऊर्जा एन्ट्रॉपी एवं स्वतः प्रवर्तिता (Entropy & Spontaneity) स्वतः प्रक्रम: जो अपने आप या प्रारम्भ करने पर लगातार चलते हैं एन्ट्रॉपी ($S$): निकाय की अव्यवस्था या यादृच्छिकता की माप व्यंजक: $\Delta S = \frac{q_{rev}}{T}$ ठोस < द्रव < गैस (एन्ट्रॉपी का बढ़ता क्रम) ऊष्मागतिकी का द्वितीय नियम (Second Law of Thermodynamics) कथन: ब्रह्मांड की कुल एन्ट्रॉपी निरंतर बढ़ रही है स्वतः प्रवर्तिता की शर्त: $\Delta S{total} = \Delta S{sys} + \Delta S_{surr} > 0$ गिब्ज़ मुक्त ऊर्जा ($G$) परिभाषा: कार्य करने के लिए उपलब्ध उपयोगी ऊर्जा ($G = H - TS$) गिब्ज़-हेल्महोल्ट्ज़ समीकरण: $\Delta G = \Delta H - T\Delta S$ स्वतः प्रवर्तिता की कसौटी: $\Delta G < 0$ (ऋणात्मक): प्रक्रम स्वतः प्रवर्तित $\Delta G > 0$ (धनात्मक): प्रक्रम अस्वतः प्रवर्तित $\Delta G = 0$: निकाय साम्यावस्था में है साम्य स्थिरांक से सम्बन्ध: $\Delta G^\circ = -2.303 RT \log K$ ऊष्मागतिकी का तृतीय नियम (Third Law of Thermodynamics) कथन: परम शून्य ताप ($0 \text{ K}$) पर किसी शुद्ध क्रिस्टलीय ठोस की एन्ट्रॉपी शून्य होती है उपयोग: पदार्थों की निरपेक्ष एन्ट्रॉपी की गणना करने में
महत्वपूर्ण बोर्ड प्रश्न (Important Board Questions)
Q1. ऊष्मागतिकी के दूसरे नियम के अनुसार, स्वतःप्रवर्तित परिवर्तन के दौरान किसी विलगित निकाय की कुल एंट्रॉपी: 1 Marks
उत्तर (Answer): ऊष्मागतिकी का दूसरा नियम कहता है कि किसी भी स्वतःप्रवर्तित प्रक्रम में विलगित निकाय (या ब्रह्मांड) की कुल एंट्रॉपी हमेशा बढ़ती है ($\Delta S_{\text{total}} > 0$)।
Q2. बंध वियोजन एंथैल्पी (Bond dissociation enthalpy) सदैव होती है: 1 Marks
उत्तर (Answer): रासायनिक आबंध को तोड़ने के लिए हमेशा बाहर से ऊर्जा की आवश्यकता होती है। चूँकि इसमें ऊर्जा अवशोषित होती है, इसलिए यह प्रक्रम ऊष्माशोषी होता है और बंध वियोजन एंथैल्पी हमेशा धनात्मक होती है।
Q3. यदि किसी अभिक्रिया के लिए $\Delta H = +30.58\text{ kJ mol}^{-1}$ और $\Delta S = +66.1\text{ J K}^{-1}\text{mol}^{-1}$ है, तो किस ताप पर अभिक्रिया साम्यावस्था प्राप्त करेगी? 1 Marks
उत्तर (Answer): साम्यावस्था पर, $\Delta G = 0 \implies \Delta H - T\Delta S = 0 \implies T = \frac{\Delta H}{\Delta S}$। $\Delta H$ को जूल में बदलने पर: $T = \frac{30580}{66.1} \approx 462.6\text{ K}$।
Q4. आदर्श गैस के लिए, मोलर ऊष्मा धारिताओं $C_p$ और $C_v$ के बीच संबंध को इस प्रकार व्यक्त किया जाता है: 1 Marks
उत्तर (Answer): मेयर के सूत्र के अनुसार एक आदर्श गैस के लिए, $C_p - C_v = R$ होता है, जहाँ $C_p$ स्थिर दाब पर तथा $C_v$ स्थिर आयतन पर मोलर ऊष्मा धारिता है।
Q5. दहन अभिक्रिया की आंतरिक ऊर्जा परिवर्तन ($\Delta U$) को प्रयोगात्मक रूप से मापने के लिए किस उपकरण का उपयोग किया जाता है? 1 Marks
उत्तर (Answer): बॉम्ब कैलोरीमीटर एक स्थिर-आयतन वाला उपकरण है जिसका उपयोग स्थिर आयतन पर दहन की ऊष्मा मापने के लिए किया जाता है, जो सीधे आंतरिक ऊर्जा परिवर्तन ($\Delta U$) को दर्शाता है।
Q6. स्थिर आयतन पर अवशोषित ऊष्मा ($q_v$) किसके बराबर होती है? 1 Marks
उत्तर (Answer): प्रथम नियम से: $\Delta U = q + w = q - p\Delta V$। स्थिर आयतन पर, $\Delta V = 0$ होता है, इसलिए $w = 0$। अतः $q_v = \Delta U$ होता है।
Q7. मोलर ऊष्मा धारिता का SI मात्रक क्या है? 1 Marks
उत्तर (Answer): मोलर ऊष्मा धारिता ($C_m$) को किसी पदार्थ के 1 मोल का ताप 1 केल्विन बढ़ाने के लिए आवश्यक ऊष्मा के रूप में परिभाषित किया जाता है। इसका SI मात्रक $\text{J K}^{-1}\text{mol}^{-1}$ है।
Q8. एक रुद्धोष्म (Adiabatic) प्रक्रम में, निम्नलिखित में से क्या स्थिर/अपरिवर्तित रहता है? 1 Marks
उत्तर (Answer): रुद्धोष्म प्रक्रम वह होता है जिसमें निकाय और परिवेश के बीच कोई ऊष्मा का आदान-प्रदान नहीं होता है। अतः $q = 0$ (ऊष्मा स्थिर रहती है)।
Q9. अभिक्रिया $N_2(g) + 3H_2(g) \rightarrow 2NH_3(g)$ के लिए $\Delta n_g$ का मान क्या है? 1 Marks
उत्तर (Answer): $\Delta n_g = n_p(g) - n_r(g)$। गैसीय उत्पादों के मोल = 2, गैसीय अभिकारकों के मोल = 1 + 3 = 4। इसलिए, $\Delta n_g = 2 - 4 = -2$।
Q10. ऊष्मागतिकी के तृतीय नियम के अनुसार, किसी पूर्णतः क्रिस्टलीय पदार्थ की एंट्रॉपी शून्य की ओर अग्रसर होती है जब परम ताप अग्रसर होता है: 1 Marks
उत्तर (Answer): ऊष्मागतिकी का तीसरा नियम कहता है कि परम शून्य ताप ($0\text{ K}$) की ओर पहुँचने पर किसी पूर्ण क्रिस्टलीय पदार्थ की एंट्रॉपी शून्य हो जाती है।
Q11. गिब्स मुक्त ऊर्जा परिवर्तन ($\Delta G$) के संदर्भ में किसी रासायनिक अभिक्रिया के साम्यावस्था में होने की शर्त क्या है? 1 Marks
उत्तर (Answer): स्थिर ताप और दाब पर किसी निकाय के साम्यावस्था में होने की शर्त $\Delta G = 0$ है। यदि $\Delta G < 0$ है, तो प्रक्रम स्वतःप्रवर्तित होता है, और यदि $\Delta G > 0$ है, तो यह अस्वतःप्रवर्तित होता है।
Q12. एक प्रक्रम सभी तापों पर सदैव स्वतःप्रवर्तित (Spontaneous) होगा यदि: 1 Marks
उत्तर (Answer): गिब्स-हेलमहोल्ट्ज़ समीकरण $\Delta G = \Delta H - T\Delta S$ के अनुसार, यदि $\Delta H < 0$ (ऊष्माक्षेपी) और $\Delta S > 0$ (अव्यवस्था में वृद्धि) हो, तो ताप $T$ के किसी भी मान के लिए $\Delta G$ हमेशा ऋणात्मक रहेगा।
Q13. मानक परंपरा के अनुसार, अपनी संदर्भ (मानक) अवस्था में किसी तत्व की निर्माण की मानक एंथैल्पी ($\Delta_f H^\circ$) मानी जाती है: 1 Marks
उत्तर (Answer): मानक ऊष्मागतिक परंपराओं के अनुसार, 298.15 K और 1 बार दाब पर अपने सबसे स्थिर भौतिक रूप (संदर्भ अवस्था) में किसी तत्व के निर्माण की मानक एंथैल्पी को शून्य माना जाता है।
Q14. हेस का स्थिर ऊष्मा संकलन का नियम (Hess's Law) किसका प्रत्यक्ष परिणाम है? 1 Marks
उत्तर (Answer): हेस का नियम बताता है कि किसी रासायनिक अभिक्रिया में कुल एंथैल्पी परिवर्तन समान रहता है, चाहे वह एक पद में हो या कई पदों में। यह ऊष्मागतिकी के प्रथम नियम (ऊर्जा संरक्षण के नियम) का सीधा परिणाम है।
Q15. किसी गैसीय अभिक्रिया के लिए एंथैल्पी परिवर्तन ($\Delta H$) और आंतरिक ऊर्जा परिवर्तन ($\Delta U$) के बीच क्या संबंध है? 1 Marks
उत्तर (Answer): स्थिर ताप और दाब पर गैसों वाली रासायनिक अभिक्रिया के लिए सही संबंध $\Delta H = \Delta U + \Delta n_g RT$ द्वारा दिया जाता है, जहाँ $\Delta n_g$ गैसीय उत्पादों और गैसीय अभिकारकों के मोलों की संख्या का अंतर है।