Chapter Chai • Board Revision Guide
HI • CBSE

साम्यावस्था

Subject: रसायन विज्ञान | Class: Class 11 | Syllabus Year: 2025-26
मुख्य सूत्र (Key Formulas)

कक्षा 11 रसायन विज्ञान: साम्यावस्था (Equilibrium) - त्वरित रिवीजन नोट्स एवं सूत्र


---


भाग 1: रासायनिक साम्यावस्था (Chemical Equilibrium)


1. मुख्य परिभाषाएं

---


2. द्रव्यमान क्रिया का नियम (Law of Mass Action)

गुलडबर्ग तथा वागे के अनुसार: किसी रासायनिक अभिक्रिया की दर अभिकारकों के सक्रिय द्रव्यमान (सांद्रता) के गुणनफल के समानुपाती होती है।


सामान्य अभिक्रिया:

aA + bB ⇌ cC + dD


#### साम्य स्थिरांक (Equilibrium Constant):

K_c = ([C]^c · [D]^d) / ([A]^a · [B]^b)

Kp = (PC^c · PD^d) / (PA^a · P_B^b)


#### $Kp$ और $Kc$ में संबंध:

Kp = Kc · (R · T)^(Δn)



---


3. अभिक्रिया भागफल ($Q$) और साम्य की दिशा

---


4. ला-शातेलिए का नियम (Le Chatelier's Principle)

नियम: यदि साम्यावस्था पर स्थित किसी निकाय के कारक (जैसे सांद्रता, ताप, दाब) में परिवर्तन किया जाए, तो साम्य उस दिशा में विस्थापित हो जाता है जिस दिशा में किए गए परिवर्तन का प्रभाव नष्ट हो सके।


| कारक | परिवर्तन | साम्य विस्थापन की दिशा |

| :--- | :--- | :--- |

| सांद्रता | अभिकारक बढ़ाना | अग्र दिशा में |

| सांद्रता | उत्पाद बढ़ाना | पश्च दिशा में |

| दाब | दाब बढ़ाना | कम मोलों (कम आयतन) की दिशा में |

| ताप | ताप बढ़ाना | ऊष्माशोषी (Endothermic) दिशा में |

| ताप | ताप घटाना | ऊष्माक्षेपी (Exothermic) दिशा में |

| उत्प्रेरक | मिलाना | साम्य की स्थिति पर कोई प्रभाव नहीं (केवल साम्य शीघ्र प्राप्त होता है) |


---


भाग 2: आयनिक साम्यावस्था (Ionic Equilibrium)


1. अम्ल एवं क्षारक की अवधारणाएं

अम्ल = संयुग्मी क्षारक + H^+


---


2. जल का आयनिक गुणनफल ($K_w$)

25°C (298 K) ताप पर:

K_w = [H^+][OH^-] = 1.0 × 10^(-14) mol^2/L^2

pKw = -log(Kw) = 14


---


3. pH पैमाना (pH Scale)

pH = -log[H^+] तथा [H^+] = 10^(-pH)

pOH = -log[OH^-]

pH + pOH = 14 (298 K पर)


#### विलियनों की प्रकृति:


---


4. ओस्टवाल्ड का तनुता नियम (Ostwald's Dilution Law)

दुर्बल वैद्युतअपघट्य के वियोजन की मात्रा ($\alpha$) के लिए:

α = √(Ka / C) या α = √(Ka · V)


[H^+] = C · α = √(K_a · C)


---


5. सम-आयन प्रभाव (Common Ion Effect)

किसी दुर्बल वैद्युतअपघट्य के विलयन में समान आयन वाला कोई प्रबल वैद्युतअपघट्य मिलाने पर दुर्बल वैद्युतअपघट्य के आयनन की मात्रा घट जाती है। इसे सम-आयन प्रभाव कहते हैं।


---


6. बफर विलयन (Buffer Solution)

वह विलयन जो थोड़ा सा अम्ल या क्षार मिलाने पर अपने pH मान में परिवर्तन का विरोध करता है।


#### हेंडरसन-हेसलबाक समीकरण (Henderson-Hasselbalch Equation):

pH = pK_a + log([लवण] / [अम्ल])

(जहाँ pKa = -log Ka)


pOH = pK_b + log([लवण] / [क्षारक])

pH = 14 - pOH


---


7. विलेयता गुणनफल ($K_{sp}$)

अल्प विलेय लवण Ax By के लिए:

Ax By ⇌ x A^(y+) + y B^(x-)

K_{sp} = [A^(y+)]^x · [B^(x-)]^y


#### विलेयता ($S$) तथा $K_{sp}$ में संबंध:

1. 1:1 प्रकार का लवण (उदा. AgCl):

K{sp} = S^2S = √(K{sp})

2. 1:2 या 2:1 प्रकार का लवण (उदा. CaCl2, Ag2CrO_4):

K{sp} = 4S^3S = (K{sp} / 4)^(1/3)


#### अवक्षेपण की शर्तें (Condition for Precipitation):

माइंड मैप चार्ट (Mind Map Chart)
📍 अध्याय: साम्यावस्था
Overview
1. साम्यावस्था की मूल अवधारणाएं उत्क्रमणीय अभिक्रियाएं: दोनों दिशाओं में संभव अनुत्क्रमणीय अभिक्रियाएं: केवल एक ही दिशा में पूर्ण गतिक साम्य: अग्र और पश्च अभिक्रिया की दर समान 2. रासायनिक साम्य एवं नियम द्रव्य अनुपाती क्रिया का नियम: अभिक्रिया की दर अभिकारकों के सक्रिय द्रव्यमान के समानुपाती साम्य स्थिरांक ($Kc$ एवं $Kp$) $K_c$: मोलर सांद्रता के पदों में साम्य स्थिरांक $K_p$: आंशिक दाब के पदों में साम्य स्थिरांक संबंध: $Kp = Kc(RT)^{\Delta n}$ साम्य स्थिरांक के अनुप्रयोग अभिक्रिया की सीमा का अनुमान लगाना अभिक्रिया की दिशा का पूर्वानुमान ($Q$ तथा $K$ की तुलना) 3. ला-शातेलिए का नियम मूल सिद्धांत: साम्य पर किसी भी परिवर्तन का प्रणाली विरोध करती है प्रभावित करने वाले कारक सांद्रता का प्रभाव: अभिकारक बढ़ाने पर साम्य अग्र दिशा में दाब का प्रभाव: दाब बढ़ाने पर साम्य कम गैसीय मोलों की ओर ताप का प्रभाव: ऊष्माशोषी में ताप बढ़ाने पर, ऊष्माक्षेपी में ताप घटाने पर अनुकूल उत्प्रेरक का प्रभाव: साम्यावस्था की स्थिति पर कोई प्रभाव नहीं 4. आयनिक साम्यावस्था एवं अम्ल-क्षार अवधारणाएं विद्युत अपघट्य प्रबल: पूर्णतः आयनित (उदा. $\text{HCl}$, $\text{NaOH}$) दुर्बल: आंशिक आयनित (उदा. $\text{CH}_3\text{COOH}$) अम्ल-क्षार के सिद्धांत आरहेनियस सिद्धांत: $\text{H}^+$ दाता (अम्ल), $\text{OH}^-$ दाता (क्षार) ब्रॉन्स्टेड-लोरी सिद्धांत: प्रोटॉन दाता (अम्ल), प्रोटॉन ग्राही (क्षार) लुईस सिद्धांत: इलेक्ट्रॉन युग्म ग्राही (अम्ल), इलेक्ट्रॉन युग्म दाता (क्षार) 5. pH पैमाना एवं जल का स्वतः आयनन जल का आयनिक गुणनफल ($Kw$): $Kw = [\text{H}^+][\text{OH}^-] = 10^{-14}$ pH पैमाना: $\text{pH} = -\log[\text{H}^+]$ अम्लीय: $\text{pH} < 7$ उदासीन: $\text{pH} = 7$ क्षारीय: $\text{pH} > 7$ 6. सम-आयन प्रभाव और बफर विलयन सम-आयन प्रभाव: समान आयन मिलाने पर दुर्बल अपघट्य का आयनन घटता है बफर विलयन: pH परिवर्तन का विरोध करने वाला विलयन अम्लीय बफर: दुर्बल अम्ल + उसका प्रबल क्षार के साथ लवण क्षारीय बफर: दुर्बल क्षार + उसका प्रबल अम्ल के साथ लवण 7. विलेयता गुणनफल ($K_{sp}$) अल्प विलेय लवणों के लिए संतृप्त विलयन का साम्य स्थिरांक अवक्षेपण की शर्त: आयनिक गुणनफल > $K_{sp}$ (अवक्षेप बनेगा) आयनिक गुणनफल < $K_{sp}$ (कोई अवक्षेप नहीं)
महत्वपूर्ण बोर्ड प्रश्न (Important Board Questions)
Q1. गैसीय साम्यावस्था $PCl_5(g) \rightleftharpoons PCl_3(g) + Cl_2(g)$ के लिए कुल दाब बढ़ाने पर साम्यावस्था पर क्या प्रभाव पड़ेगा? 1 Marks
उत्तर (Answer): इस अभिक्रिया में $\Delta n_g = 1 > 0$ है (अग्र दिशा में मोलों की संख्या बढ़ती है)। दाब बढ़ाने से साम्यावस्था कम गैसीय मोलों वाली दिशा (पश्च दिशा) में विस्थापित होगी।
Q2. सामान आयन वाले प्रबल वैद्युतअपघट्य को मिलाने पर किसी दुर्बल वैद्युतअपघट्य के आयनन में होने वाली कमी को क्या कहते हैं? 1 Marks
उत्तर (Answer): समान आयन प्रदान करने वाले प्रबल वैद्युतअपघट्य को मिलाने पर दुर्बल वैद्युतअपघट्य के आयनन की मात्रा का कम होना 'सम-आयन प्रभाव' कहलाता है।
Q3. $298 \text{ K}$ पर शुद्ध जल का pH क्या होता है? 1 Marks
उत्तर (Answer): $298 \text{ K}$ पर शुद्ध जल के लिए, $[H^+] = 10^{-7} \text{ M}$ होता है। $pH = -\log(10^{-7}) = 7$।
Q4. निम्नलिखित में से कौन सा यौगिक लुईस क्षार (Lewis base) की तरह व्यवहार करता है? 1 Marks
उत्तर (Answer): $NH_3$ के नाइट्रोजन परमाणु पर एक एकाकी इलेक्ट्रॉन युग्म (lone pair) होता है जिसे यह दान कर सकता है, इसलिए यह लुईस क्षार की तरह व्यवहार करता है।
Q5. $MX_2$ प्रकार के लवण के लिए विलेयता ($S$) और विलेयता गुणनफल ($K_{sp}$) के बीच संबंध क्या है? 1 Marks
उत्तर (Answer): $MX_2(s) \rightleftharpoons M^{2+} + 2X^-$ के लिए, $[M^{2+}] = S$ तथा $[X^-] = 2S$। $K_{sp} = [M^{2+}][X^-]^2 = S \times (2S)^2 = 4S^3$।
Q6. यदि अभिक्रिया भागफल ($Q_c$) का मान साम्य स्थिरांक ($K_c$) से अधिक है, तो अभिक्रिया किस दिशा में बढ़ेगी? 1 Marks
उत्तर (Answer): जब $Q_c > K_c$ होता है, तो उत्पादों की सांद्रता साम्यावस्था की सांद्रता से अधिक होती है। साम्यावस्था प्राप्त करने के लिए अभिक्रिया पश्च (विपरीत) दिशा में चलती है।
Q7. ओस्टवाल्ड का तनुता नियम (Ostwald's dilution law) मुख्य रूप से किस प्रकार के वैद्युतअपघट्यों के लिए लागू होता है? 1 Marks
उत्तर (Answer): ओस्टवाल्ड का तनुता नियम केवल दुर्बल वैद्युतअपघट्यों के वियोजन स्थिरांक और वियोजन की मात्रा के बीच संबंध दर्शाता है, जो आंशिक रूप से आयनित होते हैं।
Q8. निम्नलिखित में से कौन सा लवण जल में घोलने पर क्षारीय विलयन देगा? 1 Marks
उत्तर (Answer): $CH_3COONa$ एक दुर्बल अम्ल ($CH_3COOH$) और प्रबल क्षार ($NaOH$) का लवण है। इसके ऋणायन का जलअपघटन $OH^-$ आयन देता है जिससे विलयन क्षारीय हो जाता है ($pH > 7$)।
Q9. $NH_3$ का संयुग्मी अम्ल (conjugate acid) क्या है? 1 Marks
उत्तर (Answer): जब कोई क्षार एक प्रोटॉन ($H^+$) ग्रहण करता है तो संयुग्मी अम्ल बनता है। $NH_3$ में $H^+$ जोड़ने पर $NH_4^+$ प्राप्त होता है।
Q10. यदि अल्प विलेय लवण $AgCl$ की विलेयता $S \text{ mol L}^{-1}$ है, तो इसका विलेयता गुणनफल ($K_{sp}$) क्या होगा? 1 Marks
उत्तर (Answer): $AgCl(s) \rightleftharpoons Ag^+(aq) + Cl^-(aq)$ के लिए, $[Ag^+] = S$ तथा $[Cl^-] = S$। अतः $K_{sp} = [Ag^+][Cl^-] = S \cdot S = S^2$।
Q11. ली-शातेलिए के नियम के अनुसार, एक ऊष्माशोषी (endothermic) अभिक्रिया का ताप बढ़ाने पर साम्यावस्था किस दिशा में विस्थापित होगी? 1 Marks
उत्तर (Answer): ऊष्माशोषी अभिक्रियाएँ ऊष्मा का अवशोषण करती हैं। ली-शातेलिए नियम के अनुसार, ताप बढ़ाने पर साम्य उस दिशा में झुकता है जो ऊष्मा का अवशोषण करती है, यानी अग्र दिशा में।
Q12. साम्यावस्था पर किसी उत्क्रमणीय रासायनिक अभिक्रिया में उत्प्रेरक मिलाने का क्या प्रभाव होता है? 1 Marks
उत्तर (Answer): उत्प्रेरक अग्र और पश्च दोनों अभिक्रियाओं की गति को समान रूप से बढ़ाता है। यह साम्यावस्था प्राप्त करने के समय को कम करता है लेकिन साम्य स्थिरांक ($K_c$) या साम्यावस्था को प्रभावित नहीं करता है।
Q13. निम्नलिखित में से कौन सा मिश्रण एक अम्लीय बफर विलयन बनाता है? 1 Marks
उत्तर (Answer): अम्लीय बफर विलयन दुर्बल अम्ल और उसके प्रबल क्षार के साथ बने लवण का मिश्रण होता है, जैसे $CH_3COOH + CH_3COONa$।
Q14. $298 \text{ K}$ पर जल का आयनिक गुणनफल ($K_w$) कितना होता है? 1 Marks
उत्तर (Answer): $298 \text{ K}$ पर, $[H^+] = 10^{-7} \text{ M}$ और $[OH^-] = 10^{-7} \text{ M}$ होता है, जिससे $K_w = [H^+][OH^-] = 10^{-14} \text{ mol}^2\text{L}^{-2}$ होता है।
Q15. $298 \text{ K}$ पर $10^{-3} \text{ M } HCl$ विलयन का pH क्या होगा? 1 Marks
उत्तर (Answer): $HCl$ एक प्रबल अम्ल है, इसलिए $[H^+] = 10^{-3} \text{ M}$। $pH = -\log[H^+] = -\log(10^{-3}) = 3$।