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हाइड्रोकार्बन

Subject: रसायन विज्ञान | Class: Class 11 | Syllabus Year: 2025-26
मुख्य सूत्र (Key Formulas)

त्वरित पुनरावृत्ति नोट्स (Quick Revision Notes)

कक्षा: 11वीं रसायन विज्ञान

अध्याय: हाइड्रोकार्बन (Hydrocarbons)

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1. हाइड्रोकार्बन का परिचय (Introduction)

केवल कार्बन और हाइड्रोजन से मिलकर बने यौगिकों को हाइड्रोकार्बन कहते हैं। इन्हें मुख्य रूप से दो श्रेणियों में बांटा गया है:

1. संतृप्त हाइड्रोकार्बन (Saturated Hydrocarbons): एल्केन (Alkanes)

2. असंतृप्त हाइड्रोकार्बन (Unsaturated Hydrocarbons): एल्कीन (Alkenes) और एल्काइन (Alkynes)

3. सुगंधित हाइड्रोकार्बन (Aromatic Hydrocarbons): एरेन्स (Arenes / Benzene derivatives)


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2. एल्केन (Alkanes) - संतृप्त हाइड्रोकार्बन

#### बनाने की प्रमुख विधियाँ (Methods of Preparation):

1. वुर्ट्स अभिक्रिया (Wurtz Reaction):

जब एल्किल हैलाइड की सोडियम धातु के साथ शुष्क ईथर की उपस्थिति में अभिक्रिया कराई जाती है, तो उच्च एल्केन बनते हैं।

2R-X + 2Na \xrightarrow{\text{Dry Ether}} R-R + 2NaX

2. विकार्बोक्सिलेशन (Decarboxylation):

carboxylic acid के सोडियम लवण को सोडालाइम (NaOH + CaO) के साथ गर्म करने पर एल्केन बनता है।

R-COONa + NaOH \xrightarrow{CaO, \Delta} R-H + Na2CO3


#### रासायनिक गुण (Chemical Properties):

R-H + Cl_2 \xrightarrow{hv} R-Cl + HCl


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3. एल्कीन (Alkenes) - असंतृप्त हाइड्रोकार्बन

#### बनाने की प्रमुख विधियाँ (Methods of Preparation):

1. ऐल्कोहॉल का निर्जलीकरण (Dehydration of Alcohols):

सान्द्र H2SO4 के साथ ऐल्कोहॉल को गर्म करने पर एल्कीन बनती है।

CH3-CH2-OH \xrightarrow{\text{Conc. } H2SO4, 443K} CH2=CH2 + H_2O

2. विहाइड्रोهالوجनीकरण (Dehydrohalogenation):

एल्किल हैलाइड की एल्कोहॉलिक KOH के साथ अभिक्रिया।

R-CH2-CH2-X + KOH{(alc)} \rightarrow R-CH=CH2 + KX + H_2O


#### रासायनिक गुण व नियम (Chemical Properties & Rules):

असममित एल्कीन पर किसी अभिकर्मक (H-X) के योग के दौरान, ऋणात्मक भाग उस कार्बन पर जुड़ता है जिस पर हाइड्रोजन परमाणुओं की संख्या कम होती है।

उदाहरण: CH3-CH=CH2 + H-Br \rightarrow CH3-CH(Br)-CH3 (मुख्य उत्पाद)

परॉक्साइड की उपस्थिति में HBr का असममित एल्कीन पर योग मार्कोनीकॉव नियम के विपरीत होता है (ऋणात्मक भाग अधिक हाइड्रोजन वाले कार्बन पर जाता है)। यह केवल HBr के लिए लागू होता है।


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4. एल्काइन (Alkynes) - असंतृप्त हाइड्रोकार्बन

#### बनाने की प्रमुख विधियाँ (Methods of Preparation):

1. कैल्शियम कार्बोहाइड से (From Calcium Carbide):

CaC2 + 2H2O \rightarrow CH \equiv CH + Ca(OH)_2

2. डൈहैलाइड्स के विहाइड्रोهالوجनीकरण द्वारा:

CH3-CH(Br)2 + 2KOH{(alc)} \rightarrow CH \equiv CH + 2KBr + 2H2O


#### रासायनिक गुण (Chemical Properties):

टर्मिनल एल्काइन (Terminal Alkynes) के हाइड्रोजन परमाणु अम्लीय प्रकृति के होते हैं क्योंकि sp संकृत कार्बन अधिक विद्युत ऋणात्मक होता है।


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5. एरोमैटिक हाइड्रोकार्बन - बेंजीन (Aromatic Hydrocarbons - Benzene)

वे यौगिक एरोमैटिक होते हैं जो समतलीय (Planar), चक्रीय (Cyclic), पूर्ण संयुग्मित (\pi-इलेक्ट्रॉनों का विस्थानीकरण) होते हैं और (4n + 2)\pi इलेक्ट्रॉन रखते हैं (जहाँ n = 0, 1, 2, 3...)।


#### बेंजीन की इलेक्ट्रोफिलिक प्रतिस्थापन अभिक्रियाएँ (Electrophilic Substitution Reactions in Benzene):

1. नाइट्रोकरण (Nitration):

सान्द्र HNO3 + सान्द्र H2SO_4 के साथ गर्म करने पर नाइट्रोबेंजीन बनता है।

C6H6 + HNO3 \xrightarrow{\text{Conc. } H2SO4} C6H5NO2 + H_2O

2. हैलोजनीकरण (Halogenation):

निर्जल AlCl3 की उपस्थिति में Cl2 के साथ।

C6H6 + Cl2 \xrightarrow{Anhyd. AlCl3} C6H5Cl + HCl

3. सल्फोनीकरण (Sulfonation):

धूम्र H2SO4 (SO3 + H2SO_4) के साथ।

C6H6 + H2SO4 \rightarrow C6H5SO3H + H2O

4. फ्रीडेल-क्राफ्ट्स अभिक्रिया (Friedel-Crafts Reaction):


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यह फॉर्मूला शीट मध्य प्रदेश बोर्ड (MP Board) कक्षा 11वीं के छात्रों के लिए त्वरित पुनरीक्षण हेतु अत्यंत उपयोगी है।

माइंड मैप चार्ट (Mind Map Chart)
📍 हाइड्रोकार्बन
Overview
परिचय और वर्गीकरण एलिफैटिक हाइड्रोकार्बन ऐल्केन ऐल्कीन ऐल्काइन एरोमैटिक हाइड्रोकार्बन (ऐरीन) ऐलसाइक्लिक हाइड्रोकार्बन ऐल्केन (Alkanes) सामान्य सूत्र: $Cn H{2n+2}$ समावयवता (Isomerism) श्रृंखला समावयवता स्थिति समावयवता बनाने की विधियाँ वुर्ट्स अभिक्रिया (Wurtz Reaction) डीकार्बोजिलेशन (Decarboxylation) हाइड्रोजनीकरण रासायनिक गुणधर्म प्रतिस्थापन अभिक्रिया (Halogenation) दहन (Combustion) पाइरोलिसिस (Pyrolysis) ऐल्कीन (Alkenes) सामान्य सूत्र: $Cn H{2n}$ संरचना और द्विआबंध (Double Bond) ज्यामितीय समावयवता (Geometric Isomerism) सिस (Cis) रूप ट्रांस (Trans) रूप बनाने की विधियाँ एल्काइल हैलाइड का विहाइड्रोhalogenation एल्काइन का आंशिक हाइड्रोजनीकरण रासायनिक गुणधर्म योगात्मक अभिक्रियाएँ (Hydrogen, Halogen, HX) मार्कोवनीकॉव नियम (Markovnikov's Rule) प्रति-मार्कोवनीकॉव नियम (Peroxide Effect) ओजोनी अपघटन (Ozonolysis) ऐल्काइन (Alkynes) सामान्य सूत्र: $Cn H{2n-2}$ त्रिआबंध (Triple Bond) और अम्लीय प्रकृति बनाने की विधियाँ कैल्शियम कार्बाइड से विसिनल डाइहैलाइड से रासायनिक गुणधर्म योगात्मक अभिक्रियाएँ बहुलकीकरण (Polymerisation) एरोमैटिक हाइड्रोकार्बन (Aromatic Hydrocarbons) बेंजीन की संरचना और हकल का नियम ($4n+2$ $\pi$ इलेक्ट्रॉन) अनुनाद (Resonance) और एरोमैटिकता बनाने की विधियाँ एथाइन का चक्रीकरण (Cyclisation) सोडियम बेंजोएट का डीकार्बोजिलेशन रासायनिक गुणधर्म इलेक्ट्रोफिलिक प्रतिस्थापन (Electrophilic Substitution) नाइट्रीकरण (Nitration) सल्फोनीकरण (Sulphonation) हैलोजनीकरण (Halogenation) फ्रीडेल-क्राफ्ट्स अभिक्रिया (Friedel-Crafts Reaction) निर्देशक प्रभाव (Directive Influence) - ऑर्थो, पैरा और मेटा निर्देशक
महत्वपूर्ण बोर्ड प्रश्न (Important Board Questions)
Q1. निम्नलिखित में से कौन सा यौगिक अमोनियामय सिल्वर नाइट्रेट विलयन के साथ अभिक्रिया नहीं करता है? 1 Marks
उत्तर (Answer): टर्मिनल ऐल्काइन टर्मिनल हाइड्रोजन की अम्लीय प्रकृति के कारण सिल्वर एसिटिलाइड के सफेद अवक्षेप बनाने के लिए अमोनियामय सिल्वर नाइट्रेट विलयन (टोलेंस अभिकर्मक) के साथ अभिक्रिया करते हैं। नॉन-टर्मिनल ऐल्काइन (जैसे 2-ब्यूटाइन) में अम्लीय हाइड्रोजन नहीं होते हैं और इसलिए वे अभिक्रिया नहीं करते हैं।
Q2. कोल्बे की विद्युअपघटनी विधि का उपयोग निम्नलिखित में से किसे तैयार करने के लिए किया जा सकता है? 1 Marks
उत्तर (Answer): कोल्बे की विद्युतअपघटनी प्रक्रिया में एनोड पर सममित ऐल्केन प्राप्त करने के लिए कार्बोक्सिलिक अम्लों के सोडियम या पोटेशियम लवण के जलीय विलयन का विद्युत अपघटन शामिल है।
Q3. 1-ब्यूटेन द्वारा ज्यामितीय समावयवता नहीं दिखाई जाती है क्योंकि: 1 Marks
उत्तर (Answer): किसी ऐल्कीन के लिए ज्यामितीय समावयवता प्रदर्शित करने के लिए, द्विबंध में शामिल दो कार्बन परमाणुओं में से प्रत्येक को दो अलग-अलग समूहों से जुड़ा होना चाहिए। 1-ब्यूटेन में, द्विबंध वाले कार्बन परमाणुओं में से एक दो समान हाइड्रोजन परमाणुओं से जुड़ा होता है।
Q4. विसरित सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में मीथेन का क्लोरीनीकरण किसका एक उदाहरण है? 1 Marks
उत्तर (Answer): प्रकाश की उपस्थिति में क्लोरीन के साथ मीथेन की अभिक्रिया मुक्त-मूलक प्रतिस्थापन तंत्र के माध्यम से आगे बढ़ती है, जिसमें प्रारंभन, संचरण और समापन चरण शामिल होते हैं।
Q5. निम्नलिखित में से किस यौगिक का अम्लीय चरित्र सबसे अधिक है? 1 Marks
उत्तर (Answer): एथाइन जैसे टर्मिनल ऐल्काइनों में sp-संकरित कार्बन परमाणु होते हैं। sp संकरण में उच्च s-लक्षण (50%) C-H बंध को अधिक ध्रुवीकृत बनाता है, जिससे ऐल्कीन और ऐल्केन की तुलना में हाइड्रोजन परमाणु को प्रोटॉन के रूप में अधिक आसानी से छोड़ा जा सकता है।
Q6. सोडा-लाइम के साथ सोडियम बेंजोएट का विकार्बोज़िलीकरण देता है: 1 Marks
उत्तर (Answer): सोडा-लाइम (NaOH और CaO का मिश्रण) के साथ कार्बोक्सिलिक अम्लों के सोडियम लवण को गर्म करने से कार्बन डाइऑक्साइड अणु का निष्कासन (विकार्बोज़िलीकरण) होता है। सोडा-लाइम के साथ गर्म किया गया सोडियम बेंजोएट बेंजीन उत्पन्न करता है।
Q7. एथेन के निम्नलिखित संरूपियों में से कौन सा सबसे अधिक स्थिर है? 1 Marks
उत्तर (Answer): एथेन का सांतरित संरूपण (Staggered conformation) सबसे अधिक स्थिर होता है क्योंकि आसन्न कार्बन परमाणुओं पर हाइड्रोजन परमाणु यथासंभव एक-दूसरे से दूर होते हैं, जो कि प्रच्छन्न (eclipsed) रूप की तुलना में इलेक्ट्रोस्टैटिक प्रतिकर्षक और मरोड़ तनाव को कम करता है।
Q8. संरूपी समावयवी (Conformational isomers) एक दूसरे से किस संदर्भ में भिन्न होते हैं: 1 Marks
उत्तर (Answer): संरूपन परमाणुओं की अलग-अलग स्थानिक व्यवस्थाएं हैं जिन्हें विशेष रूप से एकल कार्बन-कार्बन बंधों के चारों ओर मुक्त घूर्णन द्वारा एक-दूसरे में बदला जा सकता है। इस प्रकार, वे समूहों के स्थानिक अभिविन्यास और उनकी स्थितिज ऊर्जा में भिन्न होते हैं, लेकिन इसमें सहसंयोजक बंधों का टूटना शामिल नहीं होता है।
Q9. बेंजीन और अन्य बहुनाभिकीय हाइड्रोकार्बन की कार्सिनोजेनिसिटी (कैंसरजनक प्रकृति) आमतौर पर किससे जुड़ी होती है: 1 Marks
उत्तर (Answer): तंबाकू के धुएं या कोयले के तार में पाए जाने वाले बहुनाभिकीय एरोमैटिक हाइड्रोकार्बन (PAHs) में अक्सर कैंसर पैदा करने वाले गुण होते हैं, जो आमतौर पर तब प्रकट होते हैं जब ये अणु जैविक प्रणालियों में चयापचय सक्रियण से गुजरते हैं और एपॉक्साइड मध्यवर्ती बनाते हैं जो डीएनए को नुकसान पहुंचाते हैं।
Q10. इलेक्ट्रोफिलिक एरोमैटिक प्रतिस्थापन में निम्नलिखित में से कौन सा समूह ऑर्थो- और पैरा-नदेशक (ortho- and para-directing) है? 1 Marks
उत्तर (Answer): जो समूह अनुनाद या प्रेरण प्रभावों के माध्यम से बेंजीन रिंग में इलेक्ट्रॉन छोड़ते हैं, वे रिंग को सक्रिय करते हैं और आने वाले इलेक्ट्रोफाइल को ऑर्थो और पैरा स्थितियों पर निर्देशित करते हैं। मेक्सी (-OCH3) समूह एक सक्रियकारी समूह है और दृढ़ता से ऑर्थो- और पैरा-नदेशक है।
Q11. बेंजीन के फ्रीडेल-क्राफ्ट्स ऐल्किलीकरण में किस उत्प्रेरक का उपयोग किया जाता है? 1 Marks
उत्तर (Answer): फ्रीडेल-क्राफ्ट्स ऐल्किलीकरण एक इलेक्ट्रोफिलिक एरोमैटिक प्रतिस्थापन अभिक्रिया है जहाँ बेंजीन रिंग में एक ऐल्किल समूह जोड़ा जाता है। इलेक्ट्रोफाइल उत्पन्न करने के लिए इसे एक निर्जल लुईस अम्ल उत्प्रेरक, आमतौर पर निर्जल एल्युमीनियम क्लोराइड (AlCl3) की आवश्यकता होती है।
Q12. 873 K पर एसिटिलीन को तप्त लाल लोहे की नली से गुजारने पर प्राप्त होता है: 1 Marks
उत्तर (Answer): जब एथाइन (एसिटिलीन) को 873 K पर तप्त लाल लोहे की नली से गुजारा जाता है, तो यह बेंजीन बनाने के लिए चक्रीय बहुलकीकरण से गुजरता है। एथाइन के तीन अणु मिलकर बेंजीन का एक अणु बनाते हैं।
Q13. ऐल्काइनों को समपक्ष-ऐल्कीनों (cis-alkenes) में बदलने के लिए किस अभिकर्मक का उपयोग किया जाता है? 1 Marks
उत्तर (Answer): लिंडलर उत्प्रेरक (क्विनीन या सल्फर यौगिकों के साथ निष्क्रिय पैलेडाइज्ड चारकोल) का उपयोग करके ऐल्काइनों का उत्प्रेरकीय हाइड्रोजनीकरण सिन-एडिशन तरीके से हाइड्रोजन जोड़ता है, विशेष रूप से समपक्ष-ऐल्कीन (cis-alkenes) देता है।
Q14. एसिटिलीन (एथाइन) में कार्बन परमाणुओं का संकरण है: 1 Marks
उत्तर (Answer): एसिटिलीन (HC≡CH) में, प्रत्येक कार्बन परमाणु त्रिक बंध द्वारा दूसरे कार्बन से और एकल बंध द्वारा हाइड्रोजन परमाणु से जुड़ा होता है। इसमें एक s और एक p कक्षक का अतिव्यापन शामिल होता है, जिसके परिणामस्वरूप 180° के बंध कोण और रैखिक ज्यामिति के साथ sp संकरण होता है।
Q15. ऐल्कीन का ओजोनीकरण देता है: 1 Marks
उत्तर (Answer): ऐल्कीन के ओजोनीकरण में ओजोनाइड बनाने के लिए कार्बन-कार्बन द्विबंध पर ओजोन का योग शामिल है, जो इसके बाद अपचायक विदलन (Zn/H2O का उपयोग करके) पर कार्बोनिल यौगिक (ऐल्कीन की संरचना के आधार पर ऐल्डिहाइड और/या कीटोन) देता है।