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कक्षा: 11वीं जीव विज्ञान (Biology)
अध्याय: प्राणी जगत (Animal Kingdom)
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परिचय और वर्गीकरण के आधार (Basis of Classification)
जंतु जगत (Animal Kingdom) के वर्गीकरण के मुख्य आधार निम्नलिखित हैं:
1. कोशिकीय स्तर (Levels of Organization):
- कोशिकीय स्तर (Cellular Level): स्पंज (Porifera) में कोशिकाएं ढीले समुच्चय के रूप में होती हैं।
- ऊतक स्तर (Tissue Level): सीलेन्ट्रेटा (Coelenterata)।
- अंग स्तर (Organ Level): प्लेटीहेल्मिंथीज (Platyhelminthes)।
- अंग तंत्र स्तर (Organ System Level): ऐनेलिडा से लेकर कशेरुकी (Chordates) तक।
2. सममिति (Symmetry):
- असममित (Asymmetrical): कोई निश्चित अक्ष नहीं (उदा. स्पंज)।
- अरीय सममिति (Radial Symmetry): केंद्रीय अक्ष से गुजरने वाली कोई भी रेखा शरीर को दो समान भागों में बांटे (उदा. सीलेन्ट्रेटा, टीनोफोरा, इकाइनोडर्मेटा के वयस्क)।
- द्विपार्श्व सममिति (Bilateral Symmetry): शरीर केवल एक ही ऊर्ध्वाधर अक्ष से दो समान भागों में बंट सके (उदा. ऐनेलिडा, आर्थोपोडा, कशेरुकी)।
3. जनन स्तर (Diploblastic and Triploblastic):
- द्विजिनस्तरीय (Diploblastic): भ्रूण में दो स्तर - एक्टोडर्म (बाह्य त्वचा) और एंडोडर्म (अंतः त्वचा)। बीच में मीसोब्लेआ होता है (उदा. सीलेन्ट्रेटा)।
- त्रिजननस्तरीय (Triploblastic): तीन स्तर - एक्टोडर्म, मीसोडर्म और एंडोडर्म (उदा. प्लेटीहेल्मिंथीज से कशेरुकी तक)।
4. देहगुहा (Coelom):
- अगुहीय (Acoelomate): देहगुहा अनुपस्थित (उदा. प्लेटीहेल्मिंथीज)।
- कूटगुहीय (Pseudocoelomate): मीसोडर्म बिखरी हुई थैलियों के रूप में होती है (उदा. एस्केलमिंथीज / Aschelminthes)।
- प्रगुहीय (Coelomate): मीसोडर्म से आच्छादित सच्ची देहगुहा (उदा. ऐनेलिडा से कशेरुकी)।
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जंतु जगत के प्रमुख संघ (Major Phyla of Animal Kingdom)
#### 1. संघ: पोरिफेरा (Porifera / स्पंज)
- विशेषताएं: इन्हें स्पंज कहते हैं। छिद्रयुक्त शरीर (ऑस्टिया), ऑस्कुलम, और स्पोंजोसील गुहा।
- पोषण/श्वहन: नाल तंत्र (Water Canal System) पाया जाता है।
- कंकाल: स्पिक्यूल्स या स्पोंगिन तंतु।
- उदा: साइकन (Sycon), स्पंजिला (Spongilla), यूस्पंजिया (Euspongia)।
#### 2. संघ: सीलेन्ट्रेटा / नाइडेरिया (Coelenterata / Cnidaria)
- विशेषताएं: दंश कोशिकाएं (Cnidoblasts) उपस्थित होती हैं जो आत्मरक्षा और शिकार पकड़ने में मदद करती हैं।
- रूप: दो रूप होते हैं - पॉलिप (स्थिर, उदा. हाइड्रा) और मेड्यूसा (मुक्त प्लावी, उदा. जेलीफिश)।
- उदा: हाइड्रा (Hydra), एडैम्सिया (Adamsia / सी एनिमोन), फायसेलिया (Physalia)।
#### 3. संघ: टीनोफोरा (Ctenophora / सी वॉलनट)
- विशेषताएं: कंक्रीट पट्टिकाएं (Comb plates) तैरने के लिए 8 पंक्तियाँ होती हैं। जैव संदीप्ति (Bioluminescence) का गुण पाया जाता है।
- उदा: प्लूरोब्रैकिया (Pleurobrachia), टीनोप्लाना (Ctenoplana)।
#### 4. संघ: प्लेटीहेल्मिंथीज (Platyhelminthes / चपटे कृमि)
- विशेषताएं: शरीर पृष्ठाधार रूप से चपटा होता है। परजीवी रूपों में चूषक (Suckers) और हुक होते हैं।
- उत्सर्जन: ज्वाला कोशिकाएं (Flame cells)।
- उदा: टीनिया (Taenia / फीता कृमि), फैसिओला (Fasciola / पर्णकृमि)।
#### 5. संघ: एस्केलमिंथीज (Aschelminthes / गोल कृमि)
- विशेषताएं: शरीर अनुप्रस्थ काट में गोल होता है। ये कूटगुहीय होते हैं। नर छोटे और मादा लंबी होती हैं।
- उदा: एस्केरिस (Ascaris / गोलकृमि), वुचेरेरिया (Wuchereria / फाइलेरिया कृमि), एनसाइलोस्टोमा (Ancylostoma)।
#### 6. संघ: ऐनेलिडा (Annelida / वलयी कृमि)
- विशेषताएं: शरीर खंडों (Metomeres) में बंटा होता है। पार्श्वपाद (Parapodia) चलने में मदद करते हैं। खुला/बंद परिसंचरण तंत्र।
- उत्सर्जन: वृक्कक (Nephridia)।
- उदा: नेरीस (Nereis), केंचुआ (Pheretima / Earthworm), जोंक (Hirudinaria)।
#### 7. संघ: आर्थोपोडा (Arthropoda / संधिपाद)
- विशेषताएं: जंतु जगत का सबसे बड़ा संघ। जुड़े हुए उपांग (Jointed appendages)। काइटिनयुक्त बाह्य कंकाल (Chitinous exoskeleton)।
- श्वसन अंग: गिल्स, बुक गिल्स, बुक लंग्स या श्वासनली तंत्र (Tracheal system)।
- उत्सर्जन: मैलपीघी नलिकाएं (Malpighian tubules)।
- उदा: मक्खी, मच्छर, कॉकरोच, झींगा (Prawn), केकड़ा, मधुमक्खी, रेशम कीट।
#### 8. संघ: मोलस्का (Mollusca / कोमल शरीर वाले)
- विशेषताएं: दूसरा सबसे बड़ा संघ। शरीर कोमल और कैल्सियम कार्बोनेट के कवच से ढका होता है। पेशीय पाद, कूबड़ (Hump), और मेंटल (Mantle) गुहा होती है। मुख में घिसने के लिए रेसुला (Radula) होता है।
- उदा: पाइला (Pila / घोंघा), ऑक्टोपस (Octopus), सीप (Pinctada / पर्ल ऑयस्टर)।
#### 9. संघ: इकाइनोडर्मेटा (Echinodermata / शूलयुक्त त्वचा वाले)
- विशेषताएं: सभी समुद्री होते हैं। कैल्सियम कार्बोनेट के कंकाल और शूल होते हैं। जल संवहन तंत्र (Water vascular system) इनकी मुख्य विशेषता है। वयस्क अरीय सममित होते हैं लेकिन लार्वा द्विपार्श्व सममित होते हैं।
- उदा: स्टार फिश (Asterias), समुद्री अर्चिन (Echinus), एंटीडन (Antedon)।
#### 10. संघ: हेमीकॉर्डेटा (Hemichordata)
- विशेषताएं: पहले इसे कशेरुकी (Chordata) के अधीन उपसंघ माना जाता था। शरीर सुंड (Proboscis), कॉलर और धड़ में विभाजित होता है।
- उत्सर्जन: सुंड ग्रंथिका (Proboscis gland)।
- उदा: बैलेनोक्लोसस (Balanoglossus), सैकोग्लोसस (Saccoglossus)।
#### 11. संघ: कॉर्डेटा (Chordata / कशेरुकी)
मुख्य लक्षण (प्रगुहीय लक्षण):
1. पृष्ठरज्जु (Notochord) की उपस्थिति।
2. पृष्ठीय खोखली तंत्रिका रज्जु (Dorsal hollow nerve cord)।
3. ग्रसनी गिल विदरे (Pharyngeal gill slits)।
कॉर्डेटा के उपसंघ:
- यूरोकॉर्डेटा (Urochordata): पृष्ठरज्जु केवल लार्वा की पूंछ में (उदा. एस्किडिया, साल्पा)।
- सेफेलोकॉर्डेटा (Cephalochordata): सिर से पूंछ तक जीवनभर (उदा. एम्फिऑक्सस / Branchiostoma)।
- वर्टीब्रेटा (Vertebrata / कशेरुकी): भ्रूण अवस्था की पृष्ठरज्जु वयस्कों में उपास्थि या अस्थि वाले मेरुदंड (Vertebral column) में बदल जाती है।
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वर्टीब्रेटा (कशेरुकी) का वर्गीकरण
1. चिरोस्टोमा (Cyclostomata - चक्रमुखी):
- जबड़ेहीन (Jawless)। चूषण और वृत्ताकार मुख। 6-15 जोड़ी गिल विदरे।
- उदा: पेट्रोमायजोन (Lamprey), मिक्साइन (Hagfish)।
2. कॉन्ड्रीक्थितीज (Chondrichthyes - उपास्थिल मछलियां):
- कंकाल केवल उपास्थि (Cartilage) का बना होता है। मुख ventral होता है। गिल आच्छद (Operculum) अनुपस्थित होता है।
- उदा: शार्क (Dogfish), स्टिंग रे, ट्राइगोन।
3. ऑस्टिइक्थितीज (Osteichthyes - अस्थिल मछलियां):
- कंकाल अस्थि (Bone) का होता है। मुख terminal होता है। चार जोड़ी गिल्स होते हैं जो ऑपरकुलम से ढके होते हैं।
- उदा: कतला, रोहू (Rohu), हिप्पोकैम्पस (Sea horse), बेटा (Fighting fish)।
4. उभयचर (Amphibia):
- जल और थल दोनों पर रह सकते हैं। त्वचा नम, ग्रंथिल और शल्कहीन होती है। हृदय 3-कोष्ठीय (2 आलिंद, 1 निलय) होता है।
- उदा: मेंढक (Rana), टोड (Bufo), सैलामेंडर, इक्तिओफिस (पादहीन)।
5. सरीसृप (Reptilia):
- रेंगने वाले जंतु। त्वचा पर शुष्क और श्रृंगीय शल्क (Epidermal scales) होते हैं। हृदय प्रायः 3-कोष्ठीय होता है (मगरमच्छ में 4-कोष्ठीय)।
- उदा: कछुआ (Turtle), छिपकली, सांप, मगरमच्छ (Crocodile), नाग (Cobra)।
6. एविज (Aves - पक्षी):
- पंखों की उपस्थिति और उड़ने की क्षमता। अग्रपाद पंखों में रूपांतरित होते हैं। हड्डियां खोखली और वायु से भरी (Pneumatic bones) होती हैं।
- श्वसन फेफड़ों द्वारा वायुकोश (Air sacs) की मदद से होता है। हृदय 4-कोष्ठीय होता है।
- उदा: कबूतर, कौवा, तोता, शुतुरमुर्ग (Ostrich), पेंगुइन।
7. स्तनधारी (Mammalia):
- दुग्ध ग्रंथियों (Mammary glands) की उपस्थिति। त्वचा पर बाल (Hair) होते हैं। कान पर पिन्ना (Pinna) होता है। हृदय 4-कोष्ठीय होता है। ये बच्चे देते हैं (विविपेरस), कुछ को छोड़कर (जैसे प्लेटीपस - ओवीपेरस)।
- उदा: कंगारู, चमगादड़ (Bat), व्हेल, चूहा, हाथी, मनुष्य (Homo sapiens)।