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रोजगार: संवृद्धि, अनौपचारिकरण एवं अन्य मुद्दे

Subject: अर्थशास्त्र | Class: Class 11 | Syllabus Year: 2025-26
मुख्य सूत्र (Key Formulas)
कक्षा 11 अर्थशास्त्र - त्वरित पुनरीक्षण नोट्स

#### अध्याय: रोजगार - वृद्धि, अनौपचारिकीकरण एवं अन्य मुद्दे


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### मुख्य अवधारणाएँ और परिभाषाएँ

1. श्रमिक (Worker):

वे सभी व्यक्ति जो आर्थिक गतिविधियों में लगे हुए हैं और देश की सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में योगदान करते हैं, श्रमिक कहलाते हैं। इसमें वे लोग भी शामिल हैं जो काम की तलाश में हैं या काम करने के लिए उपलब्ध हैं (बेरोजगार)।


2. श्रम बल (Labour Force):

15 से 59 वर्ष की आयु के वे सभी व्यक्ति जो या तो काम कर रहे हैं (employed) या काम करने के इच्छुक और तलाश में हैं (unemployed)।


3. कार्य बल (Workforce):

वास्तव में जो लोग किसी न किसी आर्थिक गतिविधि में लगे हुए हैं, उन्हें कार्य बल कहते हैं। इसमें बेरोजगार लोग शामिल नहीं होते।


4. बेरोजगारी दर (Unemployment Rate):

श्रम बल का वह प्रतिशत जो काम की तलाश में है लेकिन उन्हें काम नहीं मिल रहा है।


5. श्रमिक-जनसंख्या अनुपात (Worker-Population Ratio - WPR):

यह देश की कुल जनसंख्या और उसके कार्य बल के बीच के संबंध को दर्शाता है। इसका उपयोग देश में रोजगार के स्तर का आकलन करने के लिए किया जाता है।

WPR = (कुल कार्य बल / कुल जनसंख्या) × 100


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### रोजगार के प्रकार और श्रेणियां

1. स्व-रोज़गार (Self-employed):

वे श्रमिक जो अपनी खुद की आजीविका या व्यवसाय चलाते हैं और अपने संसाधनों का उपयोग करते हैं (जैसे- दुकानदार, किसान)। भारत में यह रोजगार का सबसे बड़ा स्रोत है।


2. नियमित वेतनभोगी कर्मचारी (Regular Salaried Employees):

वे श्रमिक जिन्हें किसी नियोक्ता (Employer) द्वारा नियुक्त किया जाता है और नियमित रूप से वेतन या मजदूरी मिलती है (जैसे- सरकारी कर्मचारी, कंपनियों के पक्के कर्मचारी)। इन्हें सामाजिक सुरक्षा लाभ (जैसे- पेंशन, भविष्य निधि) मिलते हैं।


3. आकस्मिक श्रमिक (Casual Wage Labourers):

वे श्रमिक जिन्हें दैनिक आधार पर काम मिलता है और उनकी मजदूरी अनिश्चित होती है (जैसे- दिहाड़ी मजदूर, निर्माण कार्य में लगे मजदूर)। इन्हें कोई सामाजिक सुरक्षा लाभ नहीं मिलता।


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### रोजगार का अनौपचारिकीकरण (Informalisation of Labour)

इसमें वे सभी सार्वजनिक प्रतिष्ठान और निजी प्रतिष्ठान आते हैं जहाँ 10 या उससे अधिक श्रमिक काम करते हैं। इन्हें 'संगठित क्षेत्र' भी कहते हैं। यहाँ श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा और श्रम कानूनों का संरक्षण मिलता है।


इसमें वे सभी उद्यम शामिल हैं जो 10 से कम श्रमिकों को रोजगार देते हैं। यहाँ कोई श्रम कानून लागू नहीं होता और न ही कोई सामाजिक सुरक्षा (चिकित्सा अवकाश, पेंशन आदि) मिलती है।


जब कुल कार्य बल में से औपचारिक क्षेत्र के श्रमिकों का अनुपात कम होने लगता है और अनौपचारिक क्षेत्र के श्रमिकों का अनुपात बढ़ने लगता है, तो इसे रोजगार का अनौपचारिकीकरण कहा जाता है।


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### बेरोजगारी के प्रमुख प्रकार

1. प्रच्छन्न बेरोजगारी (Disguised Unemployment):

जब किसी काम में जितने लोगों की आवश्यकता होती है, उससे अधिक लोग लगे होते हैं। यदि उनमें से कुछ लोगों को हटा भी दिया जाए, तो कुल उत्पादन पर कोई असर नहीं पड़ता। (विशेषकर कृषि क्षेत्र में)।


2. मौसमी बेरोजगारी (Seasonal Unemployment):

जब वर्ष के कुछ विशेष महीनों में (जैसे कृषि कटाई या बुवाई के बाद) लोगों को काम नहीं मिलता है।


3. औद्योगिक बेरोजगारी (Industrial Unemployment):

जब शहरी क्षेत्रों या उद्योगों में काम करने के इच्छुक लोगों को उनकी योग्यता के अनुसार काम नहीं मिलता।


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### सरकार की प्रमुख रोजगार सृजन योजनाएं

1. मनरेगा (MGNREGA - महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम): ग्रामीण क्षेत्रों में हर परिवार को वर्ष में 100 दिन के रोजगार की गारंटी।

2. कौशल विकास योजना (Skill Development Programmes)।

3. प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP)।

माइंड मैप चार्ट (Mind Map Chart)
📍 रोजगार: वृद्धि, अनौपचारिकीकरण एवं अन्य मुद्दे
Overview
अर्थ एवं श्रमिक (Workers and Employment) श्रमिक की परिभाषा आर्थिक गतिविधियाँ कार्यबल (Workforce) श्रम आपूर्ति और श्रम माँग भारत में रोजगार की भागीदारी (Participation of People in Employment) श्रमिक-जनसंख्या अनुपात (Worker-Population Ratio) ग्रामीण बनाम शहरी भागीदारी पुरुष बनाम महिला भागीदारी रोजगार की वृद्धि और प्रकृति (Growth and Nature of Employment) सकल घरेलू उत्पाद (GDP) और रोजगार वृद्धि स्वरोजगार (Self-employed) नियमित वेतनभोगी कर्मचारी (Regular salaried employees) आकस्मिक भाड़े के श्रमिक (Casual wage labourers) रोजगार का अनौपचारिकीकरण (Informalisation of Employment) औपचारिक क्षेत्र (Formal Sector) 10 या अधिक श्रमिक सामाजिक सुरक्षा लाभ श्रम कानूनों का संरक्षण अनौपचारिक क्षेत्र (Informal Sector) 10 से कम श्रमिक सामाजिक सुरक्षा का अभाव श्रम कानूनों की कमी अनौपचारिकीकरण के कारण और प्रभाव बेरोजगारी (Unemployment) बेरोजगारी का अर्थ बेरोजगारी के प्रकार ग्रामीण बेरोजगारी प्रच्छन्न बेरोजगारी (Disguised) मौसमी बेरोजगारी (Seasonal) शहरी बेरोजगारी शिक्षित बेरोजगारी (Educated) औद्योगिक बेरोजगारी बेरोजगारी के मुख्य कारण धीमी आर्थिक वृद्धि जनसंख्या विस्फोट दोषपूर्ण शिक्षा प्रणाली कृषि की मौसमी प्रकृति सरकार के उपाय और रोजगार सृजन (Government Intervention and Employment Generation) प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजन प्रमुख रोजगार कार्यक्रम (PMEGP, MGNREGA आदि) कौशल विकास और उद्यमिता भविष्य की चुनौतियाँ और नीतियाँ
महत्वपूर्ण बोर्ड प्रश्न (Important Board Questions)
Q1. 'कार्यबल' (Workforce) शब्द से क्या तात्पर्य है? 1 Marks
उत्तर (Answer): कार्यबल में वे सभी व्यक्ति शामिल होते हैं जो वास्तव में काम कर रहे हैं और आय अर्जित कर रहे हैं, इसमें बेरोजगार लोग शामिल नहीं हैं।
Q2. निम्नलिखित में से कौन सा भारत में बेरोजगारी को कम करने का एक प्रमुख उपाय है? 1 Marks
उत्तर (Answer): कौशल विकास और स्वरोजगार योजनाओं के माध्यम से रोजगार सृजन को बढ़ावा देना बेरोजगारी को कम करने में मदद करता है।
Q3. भारत के कार्यबल का लगभग कितना प्रतिशत अनौपचारिक क्षेत्र में लगा हुआ है? 1 Marks
उत्तर (Answer): भारत के कार्यबल का एक बहुत बड़ा बहुमत (लगभग 90%) अनौपचारिक क्षेत्र में काम करता है।
Q4. प्रच्छन्न बेरोजगारी आमतौर पर किसमें पाई जाती है? 1 Marks
उत्तर (Answer): प्रच्छन्न बेरोजगारी तब होती है जब किसी काम में वास्तव में आवश्यक लोगों से अधिक लोग लगे होते हैं, जो ज्यादातर कृषि में देखी जाती है।
Q5. वर्ष के कुछ निश्चित मौसमों में जब लोग काम से बाहर होते हैं, तब होने वाली बेरोजगारी कहलाती है: 1 Marks
उत्तर (Answer): मौसमी बेरोजगारी तब होती है जब लोगों को वर्ष के कुछ महीनों के दौरान काम नहीं मिल पाता है, विशेष रूप से कृषि में।
Q6. भारत के कुल कार्यबल में किस श्रेणी के श्रमिकों का हिस्सा सबसे अधिक है? 1 Marks
उत्तर (Answer): स्वयं नियोजित श्रमिक भारत में कार्यबल का सबसे बड़ा हिस्सा बनाते हैं।
Q7. जब कोई श्रमिक किसी आर्थिक गतिविधि में लगा हुआ है और मजदूरी कमा रहा है, तो उसे कहा जाता है: 1 Marks
उत्तर (Answer): कोई भी व्यक्ति जो आर्थिक उत्पादन में भाग लेता है और आय अर्जित करता है, उसे श्रमिक कहा जाता है।
Q8. कौन सा संगठन नियमित नमूना सर्वेक्षणों के माध्यम से भारत में रोजगार और बेरोजगारी पर डेटा एकत्र करता है? 1 Marks
उत्तर (Answer): NSSO (राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण संगठन), जो अब MoSPI में विलीन हो गया है, रोजगार और बेरोजगारी पर नियमित सर्वेक्षण करता है।
Q9. नौकरी की तलाश में ग्रामीण लोगों के शहरी क्षेत्रों की ओर पलायन का मुख्य कारण क्या है? 1 Marks
उत्तर (Answer): ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों की कमी और शहरी क्षेत्रों में बेहतर आय का आकर्षण पलायन को प्रेरित करता है।
Q10. अनौपचारिक क्षेत्र की विशेषता है: 1 Marks
उत्तर (Answer): अनौपचारिक क्षेत्र में नौकरी की सुरक्षा, लिखित अनुबंध और सामाजिक सुरक्षा लाभों का अभाव होता है।
Q11. ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएँ मुख्य रूप से किस क्षेत्र में रोजगार पाती हैं? 1 Marks
उत्तर (Answer): ग्रामीण क्षेत्रों में, महिलाएँ बड़े पैमाने पर कृषि और संबंधित गतिविधियों (प्राथमिक क्षेत्र) में लगी हुई हैं।
Q12. वे लोग जो अपनी आजीविका कमाने के लिए अपने स्वयं के उद्यमों के मालिक हैं और उनका संचालन करते हैं, कहलाते हैं: 1 Marks
उत्तर (Answer): स्वयं नियोजित श्रमिक अपने उद्यमों के मालिक होते हैं और उनका संचालन करते हैं, जो भारत में कार्यबल का सबसे बड़ा हिस्सा बनाते हैं।
Q13. निम्नलिखित में से किस गतिविधि को आर्थिक गतिविधि माना जाता है? 1 Marks
उत्तर (Answer): आर्थिक गतिविधियाँ सकल राष्ट्रीय उत्पाद में योगदान करती हैं और पारिश्रमिक के लिए वस्तुओं और सेवाओं के उत्पादन को शामिल करती हैं।
Q14. श्रमिक-जनसंख्या अनुपात का उपयोग किसके लिए किया जाता है? 1 Marks
उत्तर (Answer): श्रमिक-जनसंख्या अनुपात देश में रोजगार की स्थिति का विश्लेषण करने के लिए उपयोग किया जाने वाला एक संकेतक है।
Q15. भारत में प्राथमिक क्षेत्र में लगे कार्यबल का अनुपात है: 1 Marks
उत्तर (Answer): भारत में प्राथमिक क्षेत्र (कृषि और संबंधित गतिविधियाँ) कार्यबल के सबसे बड़े हिस्से को अपने में समाहित करता है।