#### त्वरित संशोधन नोट्स (Quick Revision Notes)
---
आंकड़ों के संकलन और वर्गीकरण के बाद, उन्हें इस प्रकार प्रस्तुत करना आवश्यक होता है ताकि वे आसानी से समझ में आ सकें और उनका विश्लेषण किया जा सकें। आंकड़ों के प्रस्तुतीकरण की मुख्य रूप से तीन प्रणालियाँ हैं:
1. पाठ्य या विवरणात्मक प्रस्तुतीकरण (Textual Presentation)
2. सारणीयन (Tabulation)
3. आलेखीय एवं चित्रीय प्रस्तुतीकरण (Diagrammatic and Graphical Presentation)
---
सारणीयन वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा वर्गीकृत आंकड़ों को पंक्तियों (Rows) और कॉलम (Columns) के रूप में एक व्यवस्थित तालिका में प्रस्तुत किया जाता है।
#### एक अच्छी सारणी के मुख्य भाग (Parts of a Good Table):
1. सारणी संख्या (Table Number): तालिका की पहचान के लिए।
2. शीर्षक (Title): सारणी की विषय-वस्तु को स्पष्ट करता है।
3. उप-शीर्षक या कॉलम शीर्षक (Stub & Caption): पंक्तियों और कॉलम के शीर्षक।
4. मुख्य भाग (Body): वास्तविक आंकड़े जो सारणी में भरे जाते हैं।
5. इकाई (Unit of Measurement): आंकड़ों को मापने की इकाई (जैसे - किलोग्राम, रुपये, प्रतिशत)।
6. स्त्रोत (Source): आंकड़े कहाँ से लिए गए हैं, उसका संदर्भ।
7. टिप्पणी (Note): विशेष स्पष्टीकरण के लिए।
---
यह प्रस्तुतीकरण का सबसे आकर्षक तरीका है, जो जटिल आंकड़ों को सरल और स्पष्ट बनाता है।
#### मुख्य प्रकार:
1. ज्यामितीय आलेख (Geometric Diagrams):
2. आवृत्तीय आलेख (Frequency Diagrams):
3. अंकगणितीय रेखा ग्राफ (Arithmetic Line Graph / Time Series Graph):
---
#### क. पाई चार्ट के लिए कोण की गणना (Calculation of Angles for Pie Diagram):
किसी घटक का अंश (Component Value) और कुल मूल्य (Total Value) दिया होने पर कोण निकालने का सूत्र:
कोण (Angle) = (घटक का मूल्य / कुल मूल्य) × 360°
#### ख. संचयी बारंबारता (Cumulative Frequency - c.f.):
#### ग. वर्ग-चिह्न (Mid-Point / Class Mark):
हिस्टोग्राम या आवृत्ति बहुभुज बनाने के लिए वर्ग अंतराल के मध्य बिंदु की गणना:
वर्ग-चिह्न (Mid-Point) = (ऊपरी सीमा + निचली सीमा) / 2
---
360° होता है।