Chapter Chai • Board Revision Guide
HI • CBSE

नमक का दरोगा

Subject: हिंदी | Class: Class 11 | Syllabus Year: 2025-26
मुख्य सूत्र (Key Formulas)

त्वरित पुनरावृत्ति नोट्स (Quick Revision Notes)

कक्षा: 11वीं

विषय: हिंदी (आरोह - भाग 1)

अध्याय: नमक का दरोगा

लेखक: मुंशी प्रेमचंद


---


परिचय एवं मुख्य सारांश (Introduction & Summary)

"नमक का दरोगा" मुंशी प्रेमचंद द्वारा रचित एक प्रसिद्ध और आदर्शवादी कहानी है। यह कहानी ईमानदारी और बेईमानी (धर्म और धन) के बीच के संघर्ष को दर्शाती है। यह कहानी हमें सिखाती है कि समाज में चाहे कितनी भी बुराइयां हों, अंततः सच्चाई और ईमानदारी की ही जीत होती है।


---


मुख्य पात्र (Main Characters)

1. वंशीधर (नमक दरोगा):


2. अलोपीदीन (धनवान महाजन):


3. वंशीधर के पिता:


---


महत्वपूर्ण घटनाएँ (Key Events)

1. नमक विभाग की नई नौकरी:

2. गाड़ियों का पकड़ा जाना:

3. रिश्वत की पेशकश:

4. गिरफ्तारी:

5. अदालत का फैसला:

6. कहानी का अंत (सच्चाई की जीत):


---


मुख्य संदेश / शिक्षा (Moral / Key Message)


---


परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण बिंदु (Important Points for Exam)

माइंड मैप चार्ट (Mind Map Chart)
📍 नमक का दरोगा (मुंशी प्रेमचंद)
Overview
कहानी का परिचय लेखक: मुंशी प्रेमचंद विधा: कहानी मूल संदेश: सत्य और ईमानदारी की जीत मुख्य पात्र वंशीधर (ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ दरोगा) अलोपीदीन (धनवान और भ्रष्ट व्यापारी) मुंशी वंशीधर के पिता (व्यावहारिक और अवसरवादी सलाह देने वाले) कथा-सार (मुख्य घटनाएँ) नमक विभाग में नई नौकरी नमक के नए कानून और तस्करी वंशीधर को दरोगा पद पर नियुक्ति आर्थिक स्थिति सुधारने का अवसर अलोपीदीन की गाड़ियों का पकड़ा जाना जाड़े की रात और नदी का पुल नमक की बोरियों से भरी गाड़ियाँ वंशीधर द्वारा गाड़ियाँ रोकना गिरफ्तारी और रिश्वत की कोशिश अलोपीदीन का गर्व और घूस की पेशकश हजार से लेकर अस्सी हजार तक की बोली वंशीधर का अडिग रहना और कड़ा रुख अदालत का फैसला धनबल के आगे न्याय का झुकना वंशीधर का निर्दोष साबित न होना वंशीधर की नौकरी से बरखास्तगी सुखद और नैतिक अंत अलोपीदीन का वंशीधर के घर आना वंशीधर की ईमानदारी से प्रभावित होना अपनी सारी संपत्ति का स्थायी मैनेजर बनाना केंद्रीय विषय एवं संदेश धन पर धर्म (ईमानदारी) की जीत समाज में व्याप्त भ्रष्टाचार का पर्दाफाश कर्तव्यपरायणता और नैतिक मूल्यों का महत्व पश्चाताप और अच्छाई का सम्मान
महत्वपूर्ण बोर्ड प्रश्न (Important Board Questions)
Q1. पंडित अलोपीदीन के अंतिम आचरण से भारतीय संस्कृति के किस मूल्य का पता चलता है? 1 Marks
उत्तर (Answer): इससे यह पता चलता है कि भारतीय संस्कृति में सदाचार और ईमानदारी के प्रति आदरभाव आज भी जीवित है, भले ही व्यक्ति भ्रष्ट क्यों न हो।
Q2. 'नमक का दारोगा' कहानी क्या संदेश देती है? 1 Marks
उत्तर (Answer): यह कहानी संदेश देती है कि ईमानदारी और धर्म की हमेशा जीत होती है और अंत में सत्य के आगे धन का अहंकार भी झुक जाता है।
Q3. जब वंशीधर ने नियुक्ति पत्र पर हस्ताक्षर किए, तो अलोपीदीन ने क्या किया? 1 Marks
उत्तर (Answer): अलोपीदीन ने कृतज्ञता से गदगद होकर वंशीधर को गले लगा लिया और उनके सामने श्रद्धा से नतमस्तक हो गए।
Q4. वंशीधर का कौन सा गुण अलोपीदीन को सबसे अधिक प्रभावित कर गया? 1 Marks
उत्तर (Answer): वंशीधर की अडिग ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और धर्मपरायणता ने अलोपीदीन को सबसे अधिक प्रभावित किया।
Q5. अलोपीदीन ने वंशीधर को क्या वेतन और सुविधाएँ देने की पेशकश की? 1 Marks
उत्तर (Answer): अलोपीदीन ने छः हजार वार्षिक वेतन, रहने को बंगला, नौकर-चाकर और तमाम सुविधाएँ देने की पेशकश की।
Q6. अलोपीदीन वंशीधर के घर क्यों गए थे? 1 Marks
उत्तर (Answer): अलोपीदीन वंशीधर की अचल ईमानदारी से इतने प्रभावित हुए कि वे उन्हें अपनी विशाल संपत्ति का स्थायी मैनेजर बनाने का प्रस्ताव देने आए थे।
Q7. कुछ महीनों बाद एक दिन वंशीधर के घर कौन आया? 1 Marks
उत्तर (Answer): पंडित अलोपीदीन स्वयं एक सजे हुए रथ में बैठकर वंशीधर के घर आए।
Q8. निलंबन की खबर सुनकर वंशीधर के पिता की क्या प्रतिक्रिया थी? 1 Marks
उत्तर (Answer): उनके पिता को बहुत गुस्सा आया, उन्होंने वंशीधर की मूर्खतापूर्ण ईमानदारी को कोसा और कहा कि उसने अपने जीवन में कुछ नहीं सीखा।
Q9. अलोपीदीन के खिलाफ दर्ज मुकदमे का अदालत में क्या परिणाम हुआ? 1 Marks
उत्तर (Answer): अलोपीदीन के अत्यधिक धन और प्रभाव के कारण सबूतों के अभाव में उन्हें अदालत द्वारा बरी कर दिया गया और वंशीधर को निलंबित कर दिया गया।
Q10. इंस्पेक्टर वंशीधर ने अलोपीदीन के खिलाफ क्या कार्रवाई की? 1 Marks
उत्तर (Answer): वंशीधर ने पंडित अलोपीदीन को नमक तस्करी के आरोप में गिरफ्तार कर लिया और सिपाहियों को उन्हें हिरासत में लेने का आदेश दिया।
Q11. अलोपीदीन द्वारा वंशीधर को अंततः कितनी रिश्वत की पेशकश की गई? 1 Marks
उत्तर (Answer): अलोपीदीन ने अंत में चालीस हजार रुपए तक की रिश्वत देने की पेशकश की, लेकिन वंशीधर अपनी ईमानदारी पर अटल रहे।
Q12. पंडित अलोपीदीन ने शुरुआत में अपनी गाड़ियों को छुड़ाने के लिए क्या किया? 1 Marks
उत्तर (Answer): अलोपीदीन ने वंशीधर को पहले तो अपनी धन-दौलत के बल पर और फिर चालीस हजार तक की रिश्वत देकर खरीदने का प्रयास किया।
Q13. जमुना नदी के पुल पर क्या पार हो रहा था? 1 Marks
उत्तर (Answer): अवैध नमक से भरी हुई बैलगाड़ियों की एक लंबी कतार पुल पार कर रही थी।
Q14. नमक की गाड़ियाँ पकड़े जाने की घटना किस मौसम में हुई थी? 1 Marks
उत्तर (Answer): यह घटना सर्दी की एक ठंडी और अँधेरी रात में जमुना नदी के पुल के पास हुई थी।
Q15. क्षेत्र का सबसे प्रतिष्ठित और अमीर व्यक्ति कौन था जो नमक की तस्करी कर रहा था? 1 Marks
उत्तर (Answer): दातागंज का पंडित अलोपीदीन इलाके का सबसे प्रतिष्ठित और अमीर ज़मींदार था जो अवैध नमक व्यापार में संलिप्त था।