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रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण

Subject: विज्ञान | Class: Class 10 | Syllabus Year: 2026
मुख्य सूत्र (Key Formulas)
रासायनिक अभिक्रियाएँ और समीकरण

रासायनिक अभिक्रिया एक प्रक्रिया है जिसमें एक या अधिक पदार्थों का परिवर्तन होता है और नए पदार्थों का निर्माण होता है।


रासायनिक समीकरण

रासायनिक समीकरण एक रासायनिक अभिक्रिया को दर्शाने का एक तरीका है, जिसमें अभिक्रिया में भाग लेने वाले पदार्थों को उनके रासायनिक सूत्रों के साथ लिखा जाता है। एक संतुलित रासायनिक समीकरण में अभिक्रिया में भाग लेने वाले सभी पदार्थों के परमाणुओं की संख्या समान होती है।


संतुलन के नियम

संतुलन के नियम के अनुसार, एक रासायनिक समीकरण में अभिक्रिया में भाग लेने वाले सभी पदार्थों के परमाणुओं की संख्या समान होनी चाहिए। इसके लिए हम समीकरण के दोनों ओर परमाणुओं की संख्या को गुणांक के साथ संतुलित करते हैं।


रासायनिक समीकरण के प्रकार

रासायनिक समीकरण के मुख्य प्रकार हैं:


रासायनिक समीकरण के गुण

रासायनिक समीकरण के मुख्य गुण हैं:


महत्वपूर्ण सूत्र

रासायनिक अभिक्रियाओं में निम्नलिखित सूत्रों का उपयोग किया जाता है:


निष्कर्ष

रासायनिक अभिक्रियाएँ और समीकरण रासायनिक विज्ञान के मूलभूत概念 हैं। रासायनिक समीकरणों को संतुलित करने और उनके गुणों को समझने से हमें रासायनिक अभिक्रियाओं की प्रक्रिया और परिणामों को समझने में मदद मिलती है।

माइंड मैप चार्ट (Mind Map Chart)
📍 रासायनिक अभिक्रियाएँ और समीकरण
Overview
रासायनिक अभिक्रिया की परिभाषा दो या दो से अधिक पदार्थों के बीच ऐसी प्रक्रिया जिसमें नए पदार्थ बनते हैं। अभिक्रिया के प्रकार: संयोजन, अपघटन, विस्थापन, द्विविस्थापन। रासायनिक समीकरण रासायनिक अभिक्रिया को प्रतीकात्मक रूप से लिखने का तरीका। मुख्य घटक: अभिकारक, उत्पाद, तीर (→)। समीकरण को संतुलित करना अभिकारकों और उत्पादों में प्रत्येक तत्व के परमाणु संख्या समान होनी चाहिए। यह परमाणु संरक्षण के नियम पर आधारित है। अभिक्रियाओं के प्रकार संयोजन अभिक्रिया दो या अधिक पदार्थ मिलकर एक नया पदार्थ बनाते हैं। उदाहरण: २Na + Cl₂ → २NaCl अपघटन अभिक्रिया एक पदार्थ दो या अधिक पदार्थों में टूट जाता है। उदाहरण: २H₂O → २H₂ + O₂ विस्थापन अभिक्रिया एक तत्व दूसरे तत्व को उसके यौगिक से बदल देता है। उदाहरण: Zn + CuSO₄ → ZnSO₄ + Cu द्विविस्थापन अभिक्रिया दो यौगिकों के घटक आपस में बदलकर दो नए यौगिक बनाते हैं। उदाहरण: Na₂SO₄ + BaCl₂ → BaSO₄ + २NaCl रासायनिक अभिक्रियाओं के अनुप्रयोग प्राकृतिक प्रक्रियाएँ श्वसन प्रकाश संश्लेषण औद्योगिक प्रक्रियाएँ लोहे का निष्कर्षण सीमेंट का निर्माण
महत्वपूर्ण बोर्ड प्रश्न (Important Board Questions)
Q1. 3.0 ग्राम कैल्शियम कार्बोनेट (कैल्शियम कार्बोनेट) का एक नमूना एक क्रूसिबल में गरम किया जाता है। प्रतिक्रिया के लिए एक संतुलित रासायनिक समीकरण लिखें और कैल्शियम ऑक्साइड (कैल्शियम ऑक्साइड) के उत्पादित भार की गणना करें। 5 Marks
उत्तर (Answer): **कैल्शियम कार्बोनेट का विखंडन प्रतिक्रिया:** CaCO3 → CaO + CO2 **चरण 1: कैल्शियम कार्बोनेट के गुणांक की गणना करें:** कैल्शियम कार्बोनेट का मोलर भार = 100 ग्राम/मोल कैल्शियम कार्बोनेट का भार = 3.0 ग्राम कैल्शियम कार्बोनेट के गुणांक = कैल्शियम कार्बोनेट का भार / कैल्शियम कार्बोनेट का मोलर भार = 3.0 ग्राम / 100 ग्राम/मोल = 0.03 मोल **चरण 2: उत्पादित कैल्शियम ऑक्साइड के गुणांक की गणना करें:** संतुलित समीकरण से पता चलता है कि 1 मोल कैल्शियम कार्बोनेट 1 मोल कैल्शियम ऑक्साइड उत्पादित करता है। कैल्शियम ऑक्साइड के गुणांक = कैल्शियम कार्बोनेट के गुणांक = 0.03 मोल **चरण 3: उत्पादित कैल्शियम ऑक्साइड का भार की गणना करें:** कैल्शियम ऑक्साइड का मोलर भार = 56 ग्राम/मोल कैल्शियम ऑक्साइड का भार = कैल्शियम ऑक्साइड के गुणांक × कैल्शियम ऑक्साइड का मोलर भार = 0.03 मोल × 56 ग्राम/मोल = 1.68 ग्राम **निष्कर्ष:** कैल्शियम ऑक्साइड (कैल्शियम ऑक्साइड) का उत्पादित भार 1.68 ग्राम है।
Q2. रासायनिक समीकरण की अवधारणा और रसायन विज्ञान में उनका महत्व समझाइए। 4 Marks
उत्तर (Answer): **रासायनिक समीकरण: महत्व और अवधारणा** रासायनिक समीकरण एक रासायनिक प्रतिक्रिया का प्रतीकात्मक प्रतिनिधित्व है। यह रासायनिक प्रतिक्रिया के प्रतिक्रियाकारी और उत्पादों को रासायनिक सूत्रों और चिह्नों का उपयोग करके व्यक्त करता है। रासायनिक समीकरण रसायन विज्ञान में महत्वपूर्ण हैं क्योंकि वे हमें रासायनिक प्रतिक्रिया के प्रतिक्रियाकारी, उत्पादों और आवश्यक स्थितियों को समझने में मदद करते हैं। **रासायनिक समीकरण का महत्व:** * वे हमें रासायनिक प्रतिक्रिया के प्रतिक्रियाकारी और उत्पादों को समझने में मदद करते हैं। * वे रासायनिक प्रतिक्रिया के लिए आवश्यक स्थितियों के बारे में जानकारी प्रदान करते हैं। * वे हमें रासायनिक प्रतिक्रिया के उत्पादों का अनुमान लगाने में मदद करते हैं। * वे हमें रासायनिक प्रतिक्रिया के स्टोइचियोमेट्री को समझने में मदद करते हैं। * वे हमें रासायनिक प्रतिक्रिया के लिए आवश्यक प्रतिक्रियाकारी और उत्पादों की गणना करने में मदद करते हैं। **रासायनिक समीकरण के प्रकार:** * संतुलित रासायनिक समीकरण: ये समीकरण प्रतिक्रियाकारी और उत्पादों को सही अनुपात में दिखाते हैं। * असंतुलित रासायनिक समीकरण: ये समीकरण प्रतिक्रियाकारी और उत्पादों को सही अनुपात में नहीं दिखाते हैं। * नेट आयनिक समीकरण: ये समीकरण रासायनिक प्रतिक्रिया में शामिल आयनों को दिखाते हैं। * मॉलिक्युलर समीकरण: ये समीकरण रासायनिक प्रतिक्रिया में शामिल अणुओं को दिखाते हैं। **निष्कर्ष:** रासायनिक समीकरण रसायन विज्ञान में महत्वपूर्ण हैं क्योंकि वे हमें रासायनिक प्रतिक्रिया के प्रतिक्रियाकारी, उत्पादों और आवश्यक स्थितियों को समझने में मदद करते हैं। वे हमें रासायनिक प्रतिक्रिया के स्टोइचियोमेट्री को समझने में मदद करते हैं और हमें रासायनिक प्रतिक्रिया के उत्पादों का अनुमान लगाने में मदद करते हैं।
Q3. रासायनिक प्रतिक्रियाओं के विभिन्न प्रकार क्या हैं? उदाहरणों के साथ समझाइए। 5 Marks
उत्तर (Answer): # रासायनिक प्रतिक्रियाओं का परिचय रासायनिक प्रतिक्रियाएं ऐसी प्रक्रियाएं हैं जहां एक या एक से अधिक पदार्थ नए पदार्थों में परिवर्तित हो जाते हैं। रासायनिक प्रतिक्रियाओं के कई प्रकार होते हैं, जिनमें शामिल हैं: * **संयोजन प्रतिक्रियाएं**: दो या दो से अधिक पदार्थ एक नए पदार्थ का निर्माण करने के लिए संयुक्त होते हैं। उदाहरण: 2Na + Cl2 → 2NaCl * **विघटन प्रतिक्रियाएं**: एक ही पदार्थ दो या दो से अधिक सरल पदार्थों में टूट जाता है। उदाहरण: 2H2O → 2H2 + O2 * **विस्थापन प्रतिक्रियाएं**: एक पदार्थ एक यौगिक से दूसरे पदार्थ को विस्थापित करता है। उदाहरण: Zn + CuSO4 → ZnSO4 + Cu * **दोहरा विस्थापन प्रतिक्रियाएं**: दो पदार्थ नए यौगिकों का निर्माण करने के लिए साथी का आदान-प्रदान करते हैं। उदाहरण: Na2SO4 + BaCl2 → BaSO4 + 2NaCl
Q4. रासायनिक समीकरण को संतुलित करने का महत्व समझाइए। 4 Marks
उत्तर (Answer): **रासायनिक समीकरण को संतुलित करने का महत्व** एक संतुलित रासायनिक समीकरण रसायन विज्ञान में आवश्यक है क्योंकि यह द्रव्यमान संरक्षण के नियम का पालन सुनिश्चित करता है। द्रव्यमान संरक्षण का नियम कहता है कि रसायनिक प्रतिक्रिया में पदार्थ बनाया या नष्ट नहीं किया जा सकता है। इसलिए, प्रतिक्रिया के प्रतिक्रियकों का कुल द्रव्यमान उत्पादों के कुल द्रव्यमान के बराबर होना चाहिए। **क्यों रासायनिक समीकरण को संतुलित करना महत्वपूर्ण है?** रासायनिक समीकरण को संतुलित करना महत्वपूर्ण है क्योंकि यह मदद करता है: 1. द्रव्यमान संरक्षण के नियम का पालन सुनिश्चित करना। 2. एक रसायनिक प्रतिक्रिया के उत्पादों का अनुमान लगाना। 3. एक रसायनिक प्रतिक्रिया के लिए प्रतिक्रियकों और उत्पादों की मात्रा की गणना करना। 4. एक रसायनिक प्रतिक्रिया की स्टोइकियोमेट्री को समझना। **संतुलित रासायनिक समीकरण का उदाहरण** मीथेन के जलने के लिए संतुलित समीकरण है: CH_4 + 2O_2 → CO_2 + 2H_2O। इस समीकरण में, प्रतिक्रियकों का कुल द्रव्यमान (CH_4 और O_2) उत्पादों के कुल द्रव्यमान (CO_2 और H_2O) के बराबर है। निष्कर्ष में, रासायनिक समीकरण को संतुलित करना रसायन विज्ञान में आवश्यक है क्योंकि यह द्रव्यमान संरक्षण के नियम का पालन सुनिश्चित करता है और रसायनिक प्रतिक्रिया के उत्पादों का अनुमान लगाने में मदद करता है।
Q5. ऑक्सीकरण और अपचयन को ऑक्सीकरण संख्याओं के संदर्भ में परिभाषित कीजिए। 5 Marks
उत्तर (Answer): **ऑक्सीकरण और अपचयन ऑक्सीकरण संख्याओं के संदर्भ में** ऑक्सीकरण प्रक्रिया में इलेक्ट्रॉनों का नुकसान होता है, जिससे ऑक्सीकरण संख्या में वृद्धि होती है। अपचयन प्रक्रिया में इलेक्ट्रॉनों का प्राप्ति होती है, जिससे ऑक्सीकरण संख्या में कमी होती है। **उदाहरण:** मान लें कि अभिक्रिया: 2Mg + O2 → 2MgO इस अभिक्रिया में, मैग्नीशियम (Mg) इलेक्ट्रॉनों को खो देता है और मैग्नीशियम ऑक्साइड (MgO) बनाता है। मैग्नीशियम की ऑक्सीकरण संख्या 0 से +2 तक बढ़ जाती है। यह ऑक्सीकरण का उदाहरण है। दूसरी ओर, ऑक्सीजन (O) इलेक्ट्रॉनों को प्राप्त करता है और मैग्नीशियम ऑक्साइड (MgO) बनाता है। ऑक्सीजन की ऑक्सीकरण संख्या 0 से -2 तक कम हो जाती है। यह अपचयन का उदाहरण है। इस अभिक्रिया में, मैग्नीशियम ऑक्सीकरण एजेंट है, और ऑक्सीजन अपचयन एजेंट है।
Q6. रासायनिक प्रतिक्रिया की अवधारणा और रसायन विज्ञान में इसका महत्व का वर्णन कीजिए। 5 Marks
उत्तर (Answer): **रासायनिक प्रतिक्रिया और रसायन विज्ञान में इसका महत्व** रासायनिक प्रतिक्रिया एक प्रक्रिया है जिसमें एक या अधिक पदार्थ नए पदार्थों में परिवर्तित हो जाते हैं। इस प्रक्रिया में अणुओं के बीच रासायनिक बंधन तोड़े और बनाए जाते हैं, जिससे पदार्थ का परिवर्तन होता है। रासायनिक प्रतिक्रियाएं रसायन विज्ञान में महत्वपूर्ण हैं क्योंकि इनसे हम पदार्थ की गुणधर्मों और व्यवहार को समझ सकते हैं। रासायनिक प्रतिक्रियाएं विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण हैं, जैसे कि चिकित्सा, कृषि और उद्योग। उदाहरण के लिए, रासायनिक प्रतिक्रियाएं नए औषधियों के विकास, फसल उत्पादन में सुधार और विभिन्न उत्पादों के निर्माण में उपयोग की जाती हैं। रासायनिक प्रतिक्रियाओं को समझना आवश्यक है ताकि हम इन प्रक्रियाओं के परिणामों की भविष्यवाणी और नियंत्रण कर सकें। इसके अलावा, रासायनिक प्रतिक्रियाएं हमें रसायन विज्ञान के मूलभूत सिद्धांतों को समझने में मदद करती हैं, जैसे कि द्रव्यमान संरक्षण का नियम और रासायनिक समतुल्य की अवधारणा। रासायनिक प्रतिक्रियाओं का अध्ययन करके, हम पदार्थ के व्यवहार के पीछे के मैकेनिज्म को समझ सकते हैं।
Q7. रासायनिक प्रतिक्रिया में कैटलिस्ट की अवधारणा का वर्णन करें और एक उदाहरण दें। कैटलिस्ट के द्वारा प्रतिक्रिया की दर में वृद्धि के भूमिका का वर्णन करें। 5 Marks
उत्तर (Answer): **कैटलिस्ट** कैटलिस्ट एक पदार्थ है जो एक रासायनिक प्रतिक्रिया को तेज करता है बिना उसे ग्रहण या परिवर्तित किए। यह कार्य करता है द्वारा प्रतिक्रिया के लिए आवश्यक सक्रिय ऊर्जा को कम करके, जिससे अधिक प्रतिक्रिया करने वाले पदार्थों के अणु टकराते हैं और प्रतिक्रिया करते हैं। इससे प्रतिक्रिया की दर में वृद्धि होती है। उदाहरण के लिए, जल के निर्माण के लिए हाइड्रोजन गैस और ऑक्सीजन गैस के बीच प्रतिक्रिया को प्लैटिनम (Pt) या पैलेडियम (Pd) के उपस्थिति द्वारा कैटलिस्ट किया जाता है। $$2H_2 + O_2 ightarrow 2H_2O$$ कैटलिस्ट की उपस्थिति द्वारा प्रतिक्रिया के लिए आवश्यक सक्रिय ऊर्जा को कम करके, अधिक प्रतिक्रिया करने वाले पदार्थों के अणु टकराते हैं और प्रतिक्रिया करते हैं, जिससे प्रतिक्रिया की दर में वृद्धि होती है।
Q8. रासायनिक समीकरण की अवधारणा और रसायन विज्ञान में इसका महत्व समझाइए। द्रव्यमान संरक्षण के नियम को संतुलित करने वाले रासायनिक समीकरणों में महत्व को समझाइए। 5 Marks
उत्तर (Answer): **रासायनिक समीकरण और इसका महत्व** रासायनिक समीकरण एक रासायनिक प्रतिक्रिया का प्रतीकात्मक प्रतिनिधित्व है, जहां प्रतिक्रिया करने वाले पदार्थ उत्पादों में परिवर्तित हो जाते हैं। रासायनिक समीकरण का महत्व इसकी क्षमता में है कि यह प्रतिक्रिया के उत्पादों को और प्रतिक्रिया करने वाले पदार्थों की मात्रा को पूर्वानुमानित कर सकता है। द्रव्यमान संरक्षण का नियम कहता है कि रासायनिक प्रतिक्रिया में पदार्थ बनाया या नष्ट नहीं किया जा सकता है। यह नियम रासायनिक समीकरणों को संतुलित करने में महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह सुनिश्चित करता है कि प्रतिक्रिया करने वाले और उत्पादों के दोनों ओर प्रत्येक तत्व की संख्या समान है।
Q9. अभिक्रिया $2Al + Fe_2O_3 \rightarrow Al_2O_3 + 2Fe$ में, ऑक्सीकरण और अपचयन कारक की पहचान कीजिए। इलेक्ट्रॉन स्थानांतरण प्रक्रिया समझाइए। 2 Marks
उत्तर (Answer): दी गई अभिक्रिया में, $Fe_2O_3$ ऑक्सीकरण कारक है क्योंकि यह $Al$ को इलेक्ट्रॉनों को स्वीकार करके ऑक्सीकृत करता है। $Al$ अपचयन कारक है क्योंकि यह $Fe_2O_3$ को इलेक्ट्रॉनों को दान करता है, जिससे $Fe^{3+}$ $Fe$ में कम हो जाता है। इलेक्ट्रॉन स्थानांतरण को इस प्रकार दिखाया जा सकता है: $2Al \rightarrow 2Al^{3+} + 6e^-$ और $Fe_2O_3 + 6e^- \rightarrow 2Fe$।
Q10. रासायनिक समीकरण क्या है? रासायनिक समीकरण को संतुलित करने का महत्व समझाइए। एक उपयुक्त उदाहरण दीजिए। 3 Marks
उत्तर (Answer): रासायनिक समीकरण रासायनिक प्रतिक्रिया का प्रतीक और सूत्रों के माध्यम से प्रतिनिधित्व है। रासायनिक समीकरण को संतुलित करना महत्वपूर्ण है ताकि द्रव्यमान संरक्षण का नियम पालन किया जा सके, अर्थात् प्रत्येक तत्व के परमाणुओं की संख्या दोनों पक्षों पर समान हो। उदाहरण के लिए, असंतुलित समीकरण है $Na + O_2 \rightarrow Na_2O$। इसे संतुलित करने पर, हम $4Na + O_2 \rightarrow 2Na_2O$ लिखते हैं।
Q11. रासायनिक अभिक्रियाओं के चार मुख्य प्रकार (संयोजन, विघटन, एकल विस्थापन, द्वि‑विस्थापन) का वर्णन कीजिए। प्रत्येक प्रकार के लिए एक संतुलित रासायनिक समीकरण और एक वास्तविक जीवन का उदाहरण दें जहाँ यह अभिक्रिया होती है। 3 Marks
उत्तर (Answer): रासायनिक अभिक्रियाओं के चार मुख्य प्रकार इस प्रकार हैं: 1. **संयोजन (सिंथेसिस) अभिक्रिया** – दो या अधिक सरल पदार्थ मिलकर एक जटिल उत्पाद बनाते हैं। *संतुलित समीकरण*: \(2H_2 + O_2 \rightarrow 2H_2O\). *वास्तविक जीवन उदाहरण*: जब हाइड्रोजन गैस ऑक्सीजन में जलती है तो पानी बनता है। 2. **विघटन अभिक्रिया** – एक यौगिक दो या अधिक सरल पदार्थों में टूट जाता है। *संतुलित समीकरण*: \(2KClO_3 \xrightarrow{\Delta} 2KCl + 3O_2\). *वास्तविक जीवन उदाहरण*: पटाखों में प्रयुक्त पोटैशियम क्लोरेट का ऊष्मीय विघटन, जिससे ऑक्सीजन निकलती है। 3. **एकल विस्थापन (रिप्लेसमेंट) अभिक्रिया** – एक तत्व किसी यौगिक से दूसरे तत्व को विस्थापित करता है। *संतुलित समीकरण*: \(Zn + 2HCl \rightarrow ZnCl_2 + H_2\). *वास्तविक जीवन उदाहरण*: जिंक का हाइड्रोक्लोरिक एसिड के साथ प्रतिक्रिया करके हाइड्रोजन गैस उत्पन्न करना, जो प्रयोगशालाओं में सामान्य है। 4. **द्वि‑विस्थापन (मेटाथेसिस) अभिक्रिया** – दो यौगिक आयन बदलते हैं और दो नए यौगिक बनते हैं। *संतुलित समीकरण*: \(AgNO_3 + NaCl \rightarrow AgCl \downarrow + NaNO_3\). *वास्तविक जीवन उदाहरण*: सिल्वर नाइट्रेट को नमक के घोल में मिलाने पर सफेद तलछट (सिल्वर क्लोराइड) बनती है, जो गुणात्मक विश्लेषण में उपयोग होती है। इन वर्गीकरणों से रसायनज्ञों को उत्पादों की भविष्यवाणी करने और प्रयोगशाला तथा दैनिक परिस्थितियों में अभिक्रिया तंत्र को समझने में मदद मिलती है।
Q12. रासायनिक समीकरण को किसी भी गणना के लिए उपयोग करने से पहले उसे संतुलित करना क्यों आवश्यक है, यह समझाइए। इसमें द्रव्यमान संरक्षण के नियम की भूमिका शामिल करें और समझाने के लिए एक संतुलित उदाहरण दें। 2 Marks
उत्तर (Answer): रासायनिक समीकरण को संतुलित करना आवश्यक है क्योंकि इससे यह सुनिश्चित होता है कि प्रत्येक तत्व के परमाणु दोनों पक्षों में समान संख्या में हों। यह द्रव्यमान संरक्षण के नियम को दर्शाता है, जो कहता है कि रासायनिक परिवर्तन के दौरान द्रव्यमान न तो बनाया जा सकता है न ही नष्ट; यह केवल पुनर्व्यवस्थित होता है। यदि समीकरण संतुलित नहीं है, तो किसी भी स्टॉइकीओमेट्रिक गणना—जैसे आवश्यक अभिकारकों की मात्रा या उत्पन्न उत्पादों का निर्धारण—गलत होगा, जिससे प्रयोगशाला कार्य, औद्योगिक प्रक्रिया और सैद्धांतिक भविष्यवाणी में त्रुटियाँ होंगी। उदाहरण के लिए, असंतुलित समीकरण \(\text{Fe} + \text{O}_2 \rightarrow \text{Fe}_2\text{O}_3\) यह सुझाव देता है कि एक आयरन परमाणु एक ऑक्सीजन अणु के साथ प्रतिक्रिया करता है, जो असंभव है। सही संतुलित रूप है \(4\text{Fe} + 3\text{O}_2 \rightarrow 2\text{Fe}_2\text{O}_3\)। यहाँ चार आयरन परमाणु तीन ऑक्सीजन अणुओं के साथ मिलकर दो आयरन(III) ऑक्साइड इकाइयाँ बनाते हैं, जिससे प्रत्येक प्रकार के परमाणु की कुल संख्या बनी रहती है और द्रव्यमान संरक्षण नियम का पालन होता है।
Q13. रासायनिक समीकरण की संतुलित अवधारणा का वर्णन करें और एक उदाहरण दें। 2 Marks
उत्तर (Answer): रासायनिक समीकरण की संतुलित अवधारणा एक रासायनिक समीकरण है जिसमें प्रतिक्रिया और उत्पाद पक्षों पर प्रत्येक तत्व की संख्या समान होती है। यह संतुलन प्राप्त करने के लिए प्रतिक्रिया और उत्पादों के गुणांकों को समायोजित करके हासिल किया जाता है। उदाहरण के लिए, समीकरण 2H2 + O2 → 2H2O संतुलित है क्योंकि दोनों पक्षों पर 2 हाइड्रोजन के परमाणु और दोनों पक्षों पर 1 ऑक्सीजन के परमाणु हैं।
Q14. रासायनिक प्रतिक्रिया में कैटलिस्ट की अवधारणा का वर्णन करें और एक उदाहरण दें. 3 Marks
उत्तर (Answer): एक कैटलिस्ट एक ऐसी पदार्थ है जो रासायनिक अभिक्रिया को तेज करता है बिना कि वह अभिक्रिया में समाप्त हो या स्थायी रूप से बदल जाए। यह कार्य करता है द्वारा निम्नलिखित सक्रिय ऊर्जा को कम करने के लिए जो अभिक्रिया को होने के लिए आवश्यक है, जिससे अभिक्रिया को तेजी से और अधिक कुशलता से आगे बढ़ने की अनुमति मिलती है। उदाहरण के लिए, हाइड्रोजन गैस और ऑक्सीजन गैस के बीच पानी बनाने की अभिक्रिया में, एक कैटलिस्ट जैसे प्लेटिनम का उपयोग करके अभिक्रिया को तेज किया जा सकता है।
Q15. रासायनिक प्रतिक्रिया में प्रतिक्रिया करने वाले और उत्पाद की अवधारणा को समझाइए। 2 Marks
उत्तर (Answer): प्रतिक्रिया करने वाला एक ऐसी सामग्री है जो रासायनिक प्रतिक्रिया के दौरान उत्पाद में परिवर्तित हो जाती है। यह वह सामग्री है जो प्रतिक्रिया के दौरान उपभोग या परिवर्तित हो जाती है। उत्पाद वह सामग्री है जो रासायनिक प्रतिक्रिया के परिणामस्वरूप बनती है। यह वह सामग्री है जो प्रतिक्रिया के दौरान बनती या परिवर्तित होती है। उदाहरण के लिए, प्रतिक्रिया: 2H2 + O2 → 2H2O में, हाइड्रोजन गैस (H2) प्रतिक्रिया करने वाला और पानी (H2O) उत्पाद है।