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समांतर श्रेढ़ियाँ

Subject: गणित | Class: Class 10 | Syllabus Year: 2026
मुख्य सूत्र (Key Formulas)
गणित - आर्थमेटिक प्रगति

परिभाषाएँ

#### १. आर्थमेटिक प्रगति


एक प्रगति जिसके प्रत्येक क्रमांक पर एक निश्चित गुणांक जोड़ा जाता है, उसे आर्थमेटिक प्रगति कहते हैं।


#### २. प्रगति का अंश (Common Difference)


दो क्रमांकों के बीच का अंतर, जिसे प्रगति के प्रत्येक क्रमांक पर जोड़ा जाता है, को प्रगति का अंश कहते हैं।


#### ३. प्रगति का सामान्य सूत्र (General Term)


a + (n - 1)d


#### ४. प्रगति का आखिरी पद (Last Term)


l = a + (n - 1)d


#### ५. प्रगति का पहला पद (First Term)


a


महत्वपूर्ण सूत्र

#### १. प्रगति के क्रमांक की सूत्र


n = (l - a)/d + 1


#### २. प्रगति के आखिरी पद की सूत्र


l = a + (n - 1)d


#### ३. प्रगति के पहले पद की सूत्र


a = l - (n - 1)d


#### ४. प्रगति के nवें पद की सूत्र


an = a + (n - 1)d


#### ५. प्रगति के क्रमांक की सूत्र (लघु रूप)


n = (l - a)/d + 1 = (a + (n - 1)d - a)/d + 1 = ((n - 1)d)/d + 1 = n - 1 + 1 = n


महत्वपूर्ण अनुपात

#### १. प्रगति के मध्यभाग या मध्य पद


मध्य पद = (पहला पद + आखिरी पद)/२ = (a + l)/२


#### २. प्रगति के मध्यभाग या मध्य पद (लघु रूप)


मध्य पद = (a + l)/२ = a + (n - 1)d/२ = a + (l - a + d)/२ = a + l/२ + d/२


महत्वपूर्ण परीक्षण

#### १. प्रगति का परीक्षण


यदि क्रमांकों के बीच का अंतर समान है, तो वह प्रगति है; अन्यथा, वह प्रगति नहीं है।


#### २. प्रगति का परीक्षण (लघु रूप)


यदि a + d = l, तो वह प्रगति है।

माइंड मैप चार्ट (Mind Map Chart)
📍 गणित - क्रमगत श्रृंखलाएँ (Mathematics - Arithmetic Progressions)
Overview
गणितीय क्रमगत श्रृंखलाएँ की परिभाषा (Definition of Arithmetic Progression) क्रमगत श्रृंखला की परिभाषा (Definition of Arithmetic Sequence) एक क्रमगत श्रृंखला एक श्रृंखला है जिसमें प्रत्येक पद दोहरी समान होती है (An arithmetic sequence is a sequence where each term has a common difference) उदाहरण (Examples) 2, 5, 8, 11, 14 (Example 1) 10, 12, 14, 16, 18 (Example 2) क्रमगत श्रृंखला के कारक (Factors of Arithmetic Sequence) प्रथम पद (First Term) क्रमगत श्रृंखला का पहला पद (First term of arithmetic sequence) उदाहरण (Examples) 5 (Example 1) 10 (Example 2) समान अंतर (Common Difference) क्रमगत श्रृंखला का अंतर (Common difference of arithmetic sequence) उदाहरण (Examples) 3 (Example 1) 2 (Example 2) क्रमगत श्रृंखला के मान (Terms of Arithmetic Sequence) nवाँ पद (n-th Term) क्रमगत श्रृंखला का nवाँ पद (n-th term of arithmetic sequence) सूत्र (Formula) an = a + (n - 1)d (Formula for n-th term) nवीं पदों की संख्या (Number of Terms) क्रमगत श्रृंखला में नियमित पदों की संख्या (Number of terms in arithmetic sequence) सूत्र (Formula) n = (लास्ट टर्म - पहला टर्म) / सामान्य अंतर + 1 (Formula for number of terms) क्रमगत श्रृंखला के गुणधर्म (Properties of Arithmetic Sequence) समान सामान्य अंतर (Common Difference is Constant) क्रमगत श्रृंखला में सामान्य अंतर की स्थिरता (Constancy of common difference in arithmetic sequence) समान मान (Constant Terms) क्रमगत श्रृंखला में नियमित पदों की समानता (Uniformity of terms in arithmetic sequence)
महत्वपूर्ण बोर्ड प्रश्न (Important Board Questions)
Q1. ## 2. एक समान्तर श्रेणी में 11वां पद 16 है और 21वां पद 30 है। सार्व अंतर \(d\), पहला पद \(a\) तथा पहले 15 पदों का योग \(S_{15}\) निकालिए। सभी चरण स्पष्ट रूप से दिखाएँ। 5 Marks
उत्तर (Answer): ### चरण 1: nth‑पद का सूत्र लिखें\nAP का nth पद \(a_n = a + (n-1)d\) होता है। ### चरण 2: दिए गये पदों के लिये समीकरण बनायें - 11वां पद: \(a_{11} = a + 10d = 16\)  (1) - 21वां पद: \(a_{21} = a + 20d = 30\)  (2) ### चरण 3: \(d\) निकालने के लिये \(a\) को हटाएँ (2)‑(1) घटाएँ: \[ (a + 20d) - (a + 10d) = 30 - 16 \] \[ 10d = 14 \] \[ d = \frac{14}{10} = 1.4 \] ### चरण 4: पहला पद \(a\) ज्ञात करें \(d = 1.4\) को (1) में रखें: \[ a + 10(1.4) = 16 \] \[ a + 14 = 16 \] \[ a = 2 \] ### चरण 5: पहले 15 पदों का योग निकालें\nयोग का सूत्र: \(S_n = \frac{n}{2}[2a + (n-1)d]\). \(n = 15\), \(a = 2\), \(d = 1.4\) रखें: \[ S_{15} = \frac{15}{2}[2(2) + (15-1)(1.4)] \] \[ = 7.5[4 + 14(1.4)] \] \[ = 7.5[4 + 19.6] \] \[ = 7.5 \times 23.6 \] \[ = 177 \] ### अंतिम परिणाम - सार्व अंतर \(d = 1.4\) - पहला पद \(a = 2\) - पहले 15 पदों का योग \(S_{15} = 177\)
Q2. ## 1. एक समान्तर श्रेणी (AP) के पहले *n* पदों के योग का सूत्र निकालें और दो वास्तविक‑जीवन के अनुप्रयोगों के साथ इसकी महत्ता पर चर्चा करें। 5 Marks
उत्तर (Answer): ## समान्तर श्रेणी (AP) के योग का सूत्र निकालना **1. समान्तर श्रेणी की परिभाषा** - समान्तर श्रेणी वह अनुक्रम है जिसमें प्रत्येक पद पिछले पद में एक नियत अंतर \(d\) जोड़ने से प्राप्त होता है। - सामान्य पद: \(a_n = a + (n-1)d\), जहाँ \(a\) पहला पद है। **2. क्रम को आगे‑पीछे लिखना** - पहले \(n\) पदों का योग: \[S_n = a + (a+d) + (a+2d) + \dots + [a+(n-1)d]\] - उसी श्रृंखला को उल्टा लिखें: \[S_n = [a+(n-1)d] + [a+(n-2)d] + \dots + a\] **3. दोनों अभिव्यक्तियों को पद‑दर‑पद जोड़ना** - दोनों पंक्तियों के समान पदों को जोड़ने पर प्रत्येक जोड़ी समान प्राप्त होती है: \[S_n + S_n = [2a + (n-1)d] + [2a + (n-1)d] + \dots + [2a + (n-1)d]\] - ऐसी \(n\) समान जोड़े हैं, इसलिए: \[2S_n = n[2a + (n-1)d]\] **4. \(S_n\) को अलग करना** - दोनों पक्षों को 2 से भाग दें: \[S_n = \frac{n}{2}\bigl[2a + (n-1)d\bigr]\] - यही पहले \(n\) पदों के योग का सूत्र है। ## वास्तविक‑जीवन में अनुप्रयोग - **वित्त – निश्चित दर वाले किस्त‑भुगतान**: जब कोई ऋणधारी प्रत्येक अवधि में समान वृद्धि के साथ किस्तें चुकाता है (जैसे वेतन वृद्धि योजना), तो \(n\) अवधियों में कुल भुगतान AP के योग सूत्र से निकाला जा सकता है। - **निर्माण – क्रमिक ईंट बिछाना**: दीवार में प्रत्येक परत की ईंटें यदि एक नियत दूरी से पीछे रखी जाती हैं, तो \(n\) परतों के बाद कुल क्षैतिज विस्थापन AP के योग से ज्ञात किया जाता है, जिससे वास्तुकार सटीक योजना बना सकते हैं। ## निष्कर्ष\nसमान्तर श्रेणी के योग का सूत्र \(S_n = \frac{n}{2}[2a+(n-1)d]\) सरल जोड़ी‑तकनीक से निकाला गया है और यह वित्तीय गणना से लेकर अभियांत्रिकी डिज़ाइन तक कई व्यावहारिक क्षेत्रों में अनिवार्य है, जहाँ मात्रा समान रूप से बदलती है।
Q3. AP: 3, 6, 9, 12, ... , 48 में 'a' का मान ज्ञात करें, साथ ही AP के पदों की संख्या भी ज्ञात करें. 4 Marks
उत्तर (Answer): ### 1. AP के पहले पद और सामान्य अंतर की पहचान करें।\nAP का पहला पद 3 है, और सामान्य अंतर 3 है। ### 2. AP के nth पद के लिए सूत्र का उपयोग करके 'a' का मान ज्ञात करें।\nAP के nth पद के लिए सूत्र: an = a + (n - 1)d, जहां a पहला पद है, n पदों की संख्या है, और d सामान्य अंतर है। ### 3. 'a', 'd', और 'an' के मानों को सूत्र में प्रतिस्थापित करें और 'n' के लिए हल करें। 48 = 3 + (n - 1)3 45 = (n - 1)3 15 = n - 1\nn = 16 ### 4. अब कि हमें 'n' का मान मिल गया है, अब हम AP के nth पद के लिए सूत्र का उपयोग करके 'a' का मान ज्ञात कर सकते हैं।\nan = a + (n - 1)d 48 = a + (16 - 1)3 48 = a + 45\na = 3
Q4. गणितिक प्रगति (AP) - AP का सामान्य रूप परिभाषित करें, पहला पद और सामान्य अंतर की महत्ता समझाएं, और AP के nth पद के लिए सूत्र का विवरण दें. 5 Marks
उत्तर (Answer): **गणितिक प्रगति (AP)**
Q5. एक उपयुक्त उदाहरण की मदद से गणितीय प्रगति की अवधारणा का विवरण करें 2 Marks
उत्तर (Answer): गणितीय प्रगति (A.P.) एक ऐसी क्रम है जिसमें प्रत्येक पद के पहले पद के बाद, पिछले पद से एक निश्चित स्थिर संख्या जोड़कर प्राप्त किया जाता है। \nयह निश्चित संख्या सामान्य अंतर (d) कहलाती है। \nउदाहरण के लिए, मान लें कि क्रम 2, 5, 8, 11, 14, ... है। \nइस क्रम में, प्रत्येक पद पिछले पद से 3 जोड़कर प्राप्त किया जाता है। इसलिए, सामान्य अंतर 3 है। \nपहला पद (a) 2 है और सामान्य अंतर (d) 3 है। \nA.P. के nवें पद के लिए सूत्र का उपयोग करके, हम 5वें पद को निम्नलिखित के रूप में प्राप्त कर सकते हैं:\na5 = a + (5 - 1)d = 2 + 4(3) = 2 + 12 = 14. \nइसलिए, A.P. का 5वां पद 14 है।
Q6. A.P. 2, 7, 12, ... का 10वां पद ज्ञात कीजिए 3 Marks
उत्तर (Answer): A.P. के पहले पद को 'a' और समान अंतर को 'd' से दर्शाएँ। \nहमें a = 2 और d = 7 - 2 = 5 मिलता है। \nA.P. का nवां पद द्वारा दिया गया है: an = a + (n - 1)d. \nमान्य मानों को प्रतिस्थापित करते हैं, हमें प्राप्त होता है:\na10 = 2 + (10 - 1)5 = 2 + 45 = 47. \nइसलिए, A.P. का 10वां पद 47 है।
Q7. यदि सामान्य अंतर 4 है, तो गणितीय प्रगति 3, 7, 11, 15, ..., के पहले 8 पदों का योग ज्ञात करें। 3 Marks
उत्तर (Answer): दी गई गणितीय प्रगति 3, 7, 11, 15, ... है जिसका सामान्य अंतर 4 है। पहले 8 पदों का योग ज्ञात करने के लिए, हम इस सूत्र का उपयोग कर सकते हैं: S_n = n/2 * (a + a_n), जहां 'S_n' पहले 'n' पदों का योग है, 'a' पहला पद, और 'a_n' nth पद है। हम nth पद को ज्ञात करने के लिए सूत्र का उपयोग कर सकते हैं: a_n = a + (n - 1)d. मान्य मानों को प्रतिस्थापित करके, हमें मिलता है: a_8 = 3 + (8 - 1)4 = 3 + 28 = 31. अब, हम योग को ज्ञात कर सकते हैं: S_8 = 8/2 * (3 + 31) = 4 * 34 = 136.
Q8. यदि सामान्य अंतर 4 है, तो गणितीय प्रगति 2, 6, 10, 14, ..., का 10वां पद ज्ञात करें। 2 Marks
उत्तर (Answer): दी गई गणितीय प्रगति 2, 6, 10, 14, ... है जिसका सामान्य अंतर 4 है। 10वें पद को ज्ञात करने के लिए, हम इस सूत्र का उपयोग कर सकते हैं: a_n = a + (n - 1)d, जहां 'a' पहला पद, 'd' सामान्य अंतर, और 'n' पद संख्या है। मान्य मानों को प्रतिस्थापित करके, हमें मिलता है: a_10 = 2 + (10 - 1)4 = 2 + 36 = 38.
Q9. गणितीय प्रगति का परिभाषा दें और वास्तविक जीवन के संदर्भों में इसका महत्व समझाएं। 3 Marks
उत्तर (Answer): एक **गणितीय प्रगति** एक ऐसी श्रृंखला है जिसमें प्रत्येक पद के बाद का पद पहले पद से एक निश्चित स्थिरांक जोड़कर प्राप्त किया जाता है। यह स्थिरांक **सामान्य अंतर** कहलाता है। गणितीय प्रगति का सामान्य रूप इस प्रकार है: a, a + d, a + 2d, a + 3d, ..., a + (n - 1)d, जहां 'a' पहला पद और 'd' सामान्य अंतर है। गणितीय प्रगतियाँ वास्तविक जीवन के संदर्भों में महत्वपूर्ण हैं क्योंकि वे विभिन्न स्थितियों जैसे जनसंख्या वृद्धि, संपत्ति की वास्तविक कीमत, और जीवन की लागत को मॉडल करने में मदद करती हैं। उदाहरण के लिए, एक शहर की जनसंख्या प्रति वर्ष एक निश्चित मात्रा में बढ़ सकती है, जिससे एक गणितीय प्रगति बनती है। इसी प्रकार, एक संपत्ति की वास्तविक कीमत प्रति वर्ष एक निश्चित मात्रा में कम हो सकती है, जिससे एक गणितीय प्रगति बनती है।
Q10. गणितिक प्रगति में 'अरिथमेटिक मीन' की अवधारणा का विवरण दीजिये। 2 Marks
उत्तर (Answer): गणितिक प्रगति में अरिथमेटिक मीन वह है जो पदों का औसत है। यह सूत्र द्वारा निकाला जा सकता है: ए = (ए + एल)/2, जहां 'ए' अरिथमेटिक मीन है, 'ए' पहला पद है, और 'एल' अंतिम पद है। यह सूत्र दिए गए पहले और अंतिम पदों के साथ गणितिक प्रगति का अरिथमेटिक मीन ढूंढने के लिए उपयोग किया जा सकता है।
Q11. गणितिक प्रगति का योग का सूत्र क्या है? 2 Marks
उत्तर (Answer): गणितिक प्रगति का योग का सूत्र यह है: Sn = n/2 (ए + एल), जहां 'Sn' योग है, 'न' पदों की संख्या है, 'ए' पहला पद है, और 'एल' अंतिम पद है। यह सूत्र दिए गए पदों की संख्या और पहले और अंतिम पदों के साथ गणितिक प्रगति का योग ढूंढने के लिए उपयोग किया जा सकता है।
Q12. गणितिक प्रगति में 'n पदों का योग' की अवधारणा का विवरण दीजिये। 2 Marks
उत्तर (Answer): गणितिक प्रगति में n पदों का योग वह है जिसमें पहले पद से लेकर nवें पद तक सभी पदों का योग होता है। यह सूत्र द्वारा निकाला जा सकता है: Sn = n/2 (ए + एल), जहां 'Sn' n पदों का योग है, 'न' पदों की संख्या है, 'ए' पहला पद है, और 'एल' अंतिम पद है। यह सूत्र गणितिक प्रगति में किसी भी संख्या के पदों का योग ढूंढने के लिए उपयोग किया जा सकता है।
Q13. गणितिक प्रगति के nवें पद का सूत्र क्या है? 1 Marks
उत्तर (Answer): गणितिक प्रगति के nवें पद का सूत्र यह है: अन = ए + (न - 1)द, जहां 'अन' nवें पद है, 'ए' पहला पद है, 'न' पद संख्या है, और 'द' सामान्य अंतर है। यह सूत्र दिए गए पहले पद और सामान्य अंतर के साथ गणितिक प्रगति के किसी भी पद को ढूंढने के लिए उपयोग किया जा सकता है।
Q14. गणितिक प्रगति में 'सामान्य अंतर' का परिभाषा दीजिये। 1 Marks
उत्तर (Answer): गणितिक प्रगति में सामान्य अंतर वह अंतर है जो किसी भी दो संबंधित पदों के बीच होता है। यह अक्षर 'द' से दर्शाया जाता है। यदि पहला पद 'ए' है और सामान्य अंतर 'द' है, तो दूसरा पद 'ए + द' है, तीसरा पद 'ए + 2द' है, और इसी प्रकार आगे बढ़ता है। सामान्य अंतर एक निश्चित मान है जो गणितिक प्रगति के पदों के वृद्धि या कमी की दर निर्धारित करता है।
Q15. एक गणितीय प्रगति (AP) में, सामान्य अंतर 5 है। यदि पहला पद 8 है, तो 7वें पद को प्रतिनिधित्व करने के लिए: 1 Marks
उत्तर (Answer): एक AP का 7वां पद इस प्रकार पाया जा सकता है कि $a_n = a + (n-1)d$ फार्मूला का उपयोग करके, जहां $a$ पहला पद है, $d$ सामान्य अंतर है, और $n$ पद संख्या है। इस मामले में, $a = 8$, $d = 5$, और $n = 7$ है। इन मानों को फार्मूले में डालकर, हमें $a_7 = 8 + (7-1)5 = 8 + 6(5) = 8 + 30 = 38$ मिलता है। इसलिए, 7वां पद $38$ के रूप में प्रतिनिधित्व किया जा सकता है।