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वृत्तों से संबंधित क्षेत्रफल

Subject: गणित | Class: Class 10 | Syllabus Year: 2026
मुख्य सूत्र (Key Formulas)
कक्षा 10 गणित: वृत्तों से संबंधित क्षेत्रफल (Areas Related to Circles) - त्वरित पुनरीक्षण नोट्स

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मुख्य परिभाषाएँ और वृत्त के मूल गुण

1. वृत्त (Circle): एक निश्चित बिंदु (केंद्र) से समान दूरी पर स्थित सभी बिंदुओं का समूह वृत्त कहलाता है।

2. त्रिज्या (Radius - $r$): केंद्र से वृत्त की परिधि तक की दूरी।

3. ्यास (Diameter - $d$): वह रेखा जो केंद्र से होकर गुजरे और वृत्त के दोनों सिरों को मिलाए। ($d = 2r$)

4. परिधि (Circumference / Perimeter): वृत्त की कुल लंबाई या सीमा।

5. क्षेत्रफल (Area - $A$): वृत्त द्वारा घेरा गया कुल तल।


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वृत्त के भाग और उनके क्षेत्रफल

#### 1. वृत्त का त्रिज्यखंड (Sector of a Circle)

दो त्रिज्याओं और उनके बीच के चाप द्वारा घिरे हुए क्षेत्र को त्रिज्यखंड कहते हैं। यदि केंद्र पर बनने वाला कोण theta हो:


L = (theta / 360) 2 pi * r


Area = (theta / 360) pi r^2

(नोट: यदि कोण डिग्री में हो, तो यहाँ theta उसका मान है।)


#### 2. वृत्त का वृत्तखंड (Segment of a Circle)

एक जीवा और संगत चाप के बीच घिरे हुए क्षेत्र को वृत्तखंड कहते हैं।


[ (theta / 360) pi r^2 ] - [ (1 / 2) r^2 sin(theta) ]

(लघु वृत्तखंड का क्षेत्रफल = त्रिज्यखंड का क्षेत्रफल - त्रिभुज का क्षेत्रफल)


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महत्वपूर्ण विशेष स्थितियाँ

1. अर्धवृत्त (Semicircle):


2. चतुर्थांश (Quadrant): वृत्त का चौथा हिस्सा (theta = 90°)।


3. वलय / संकेंद्रित वृत्त (Ring / Concentric Circles):

यदि दो वृत्तों का केंद्र एक ही हो और उनकी त्रिज्याएँ R और r (R > r) हों, तो उनके बीच के रास्ते (वलय) का क्षेत्रफल:


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चक्कर और गति से संबंधित महत्वपूर्ण सूत्र (Important Formulas for Revolutions)

1. एक चक्कर में चली गई दूरी: वृत्त की परिधि (2 pi r) के बराबर होती है।

2. चक्करों की कुल संख्या:

चक्करों की संख्या = (तय की गई कुल दूरी) / (एक चक्कर में तय की गई दूरी)

चक्करों की संख्या = (कुल दूरी) / (2 pi r)


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परीक्षा के लिए विशेष टिप्स (MP Board Tips)

माइंड मैप चार्ट (Mind Map Chart)
📍 वृत्त से संबंधित क्षेत्रफल
Overview
वृत्त की मूल बातें त्रिज्या और व्यास परिधि का सूत्र: $2\pi r$ क्षेत्रफल का सूत्र: $\pi r^2$ वृत्त का परिमाप और क्षेत्रफल अर्धवृत्त का क्षेत्रफल अर्धवृत्त का परिमाप त्रिज्यखंड का क्षेत्रफल त्रिज्यखंड की परिभाषा क्षेत्रफल का सूत्र: $(\frac{\theta}{360^\circ}) \times \pi r^2$ संगत चाप की लंबाई: $(\frac{\theta}{360^\circ}) \times 2\pi r$ वृत्तखंड का क्षेत्रफल वृत्तखंड की परिभाषा लघु वृत्तखंड का क्षेत्रफल = (संगत त्रिज्यखंड का क्षेत्रफल) - (संगत त्रिभुज का क्षेत्रफल) दीर्घ वृत्तखंड का क्षेत्रफल = (वृत्त کا कुल क्षेत्रफल) - (लघु वृत्तखंड का क्षेत्रफल) समतल आकृतियों के संयोजन के क्षेत्रफल दो या दो से अधिक आकृतियों का मेल छायांकित भाग (Shaded Region) का क्षेत्रफल ज्ञात करना चरण: कुल क्षेत्रफल में से अवांछित क्षेत्रफल घटाना
महत्वपूर्ण बोर्ड प्रश्न (Important Board Questions)
Q1. वृत्तों की मूल अवधारणाओं को विस्तार से समझाइए, विशेष रूप से परिधि, क्षेत्रफल, त्रिज्यखंड और वृत्तखंड जैसे पदों को परिभाषित कीजिए। चर्चा करें कि ज्यामिति में परिधि और क्षेत्रफल के सूत्रों को कैसे व्युत्पन्न या व्यावहारिक रूप से लागू किया जाता है, और संकेंद्रित वृत्तों और वलयाकार क्षेत्रों के बीच के संबंध को समझाइए। 5 Marks
उत्तर (Answer): ### वृत्त का परिचय\nवृत्त किसी तल में एक ऐसे बिंदु का बिंदुपथ है जो इस प्रकार गति करता है कि एक निश्चित बिंदु से उसकी दूरी हमेशा समान रहती है। निश्चित बिंदु को केंद्र और समान दूरी को त्रिज्या कहा जाता है। वृत्तों की ज्यामिति गणित में एक महत्वपूर्ण आधार बनाती है। ### मुख्य पद और परिभाषाएँ * **परिधि (Circumference):** वृत्त की कुल सीमा की लंबाई को परिधि कहा जाता है। इसे सूत्र $C = 2\pi r$ द्वारा दर्शाया जाता है, जहाँ $r$ त्रिज्या है और $\pi$ एक नियतांक है जिसका मान लगभग $\frac{22}{7}$ या $3.14$ होता है। * **वृत्त का क्षेत्रफल (Area of a Circle):** वृत्त की सीमा से घिरा हुआ क्षेत्र उसका क्षेत्रफल कहलाता है, जिसकी गणना मानक सूत्र $A = \pi r^2$ का उपयोग करके की जाती है। यह सूत्र केंद्र से परिधि तक फैलने वाले अनंत संकेंद्रित छल्लों के संचय को दर्शाता है। * **त्रिज्यखंड (Sector):** दो त्रिज्याओं और संगत चाप से घिरा क्षेत्र त्रिज्यखंड कहलाता है। केंद्रीय कोण $\theta$ के आधार पर इसे लघु त्रिज्यखंड या दीर्घ त्रिज्यखंड में वर्गीकृत किया जाता है। इसका क्षेत्रफल $\frac{\theta}{360°} \times \pi r^2$ होता है। * **वृत्तखंड (Segment):** एक जीवा और संगत चाप से घिरा क्षेत्र वृत्तखंड कहलाता है। ### संकेंद्रित वृत्त और वलयाकार क्षेत्र * **संकेंद्रित वृत्त (Concentric Circles):** एक ही केंद्र वाले दो या दो से अधिक वृत्त जिनकी त्रिज्याएँ अलग-अलग होती हैं, संकेंद्रित वृत्त कहलाते हैं। * **वलयाकार क्षेत्र (Annular Region):** दो अलग-अलग त्रिज्याओं ($R$ और $r$, जहाँ $R > r$) वाले संकेंद्रित वृत्तों के बीच के क्षेत्र को वलयाकार क्षेत्र कहा जाता है। इस क्षेत्र का क्षेत्रफल बाहरी वृत्त के क्षेत्रफल में से आंतरिक वृत्त के क्षेत्रफल को घटाकर निकाला जाता है: $\text{क्षेत्रफल} = \pi R^2 - \pi r^2 = \pi(R^2 - r^2)$। ### व्यावहारिक अनुप्रयोग\nइन अवधारणाओं का उपयोग वास्तुकला, इंजीनियरिंग, डिजाइन और भूमि सर्वेक्षण में बड़े पैमाने पर किया जाता है। पहियों के चक्करों की गणना करना, वृत्ताकार ट्रैक डिजाइन करना और वलयों के लिए सामग्री की आवश्यकताओं का अनुमान लगाना वृत्त के सूत्रों पर निर्भर करता है।
Q2. दी गई आकृति में 8 सेमी भुजा वाले एक वर्ग के अंदर खींचे गए 8 सेमी त्रिज्या वाले वृत्तों के दो चतुर्थांशों द्वारा बने डिज़ाइन का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए। ($\pi = \frac{22}{7}$ का प्रयोग कीजिए) 5 Marks
उत्तर (Answer): ### दिया गया डेटा: - वर्ग ABCD की भुजा ($a$) = $8$ सेमी - वृत्त के प्रत्येक चतुर्थांश की त्रिज्या ($r$) = $8$ सेमी - डिज़ाइन वर्ग के विपरीत शीर्षों से उत्पन्न होने वाले दो चतुर्थांशों के प्रतिच्छेदन द्वारा बनता है। ### चरण 1: वर्ग का क्षेत्रफल\nवर्ग के क्षेत्रफल का सूत्र: $$\text{वर्ग का क्षेत्रफल} = \text{भुजा}^2 = 8 \times 8 = 64\text{ सेमी}^2$$ ### चरण 2: एक चतुर्थांश का क्षेत्रफल\nचतुर्थांश एक पूरे वृत्त का एक चौथाई होता है: $$\text{एक चतुर्थांश का क्षेत्रफल} = \frac{1}{4} \times \pi r^2$$ $$\text{क्षेत्रफल} = \frac{1}{4} \times \frac{22}{7} \times (8)^2 = \frac{1}{4} \times \frac{22}{7} \times 64 = \frac{352}{7}\text{ सेमी}^2$$ ### चरण 3: दो चतुर्थांशों का क्षेत्रफल $$\text{दो चतुर्थांशों का क्षेत्रफल} = 2 \times \frac{352}{7} = \frac{704}{7}\text{ सेमी}^2$$ ### चरण 4: डिज़ाइन क्षेत्र का क्षेत्रफल\nसमावेशन-बहिष्करण सिद्धांत का उपयोग करते हुए डिज़ाइन का क्षेत्रफल: $$\text{डिज़ाइन का क्षेत्रफल} = (\text{त्रिज्यखंड 1 का क्षेत्रफल} + \text{त्रिज्यखंड 2 का क्षेत्रफल}) - \text{वर्ग का क्षेत्रफल}$$ $$\text{क्षेत्रफल} = \frac{352}{7} + \frac{352}{7} - 64$$ $$\text{क्षेत्रफल} = \frac{704}{7} - 64 = \frac{704 - 448}{7} = \frac{256}{7}\text{ सेमी}^2$$ ### अंतिम उत्तर:\nडिज़ाइन किए गए क्षेत्र का क्षेत्रफल $\frac{256}{7}\text{ सेमी}^2$ (लगभग $36.57\text{ सेमी}^2$) है।
Q3. वृत्त की परिधि और क्षेत्रफल की अवधारणाओं को विस्तार से समझाइए। उनके ऐतिहासिक व्युत्पत्ति संदर्भ, मानक गणितीय सूत्रों, और त्रिज्या में परिवर्तन से परिधि और क्षेत्रफल पर पड़ने वाले प्रभावों की चर्चा कीजिए। 5 Marks
उत्तर (Answer): ### वृत्त माप का परिचय\nज्यामिति में वृत्त अपनी समरूपता और प्रकृति तथा इंजीनियरिंग में उनकी व्यापक उपस्थिति के कारण बहुत महत्वपूर्ण हैं। किसी भी वृत्त से जुड़े दो मुख्य माप उसकी परिधि (जिसे परिधि कहा जाता है) और उसका क्षेत्रफल हैं। ### 1. वृत्त की परिधि - **परिभाषा**: परिधि वृत्त की सीमा के चारों ओर की कुल रैखिक दूरी है। - **गणितीय सूत्र**: इसे सूत्र $C = 2\pi r$ या $C = \pi d$ द्वारा दिया जाता है, जहाँ $r$ त्रिज्या है, $d$ व्यास है, और $\pi$ एक गणितीय स्थिरांक है जिसका मान लगभग $\frac{22}{7}$ या $3.14159$ होता है। - **अवधारणा**: किसी भी वृत्त की परिधि और उसके व्यास का अनुपात हमेशा स्थिर होता है और $\pi$ के बराबर होता है। यह गुण वृत्तीय माप का आधार बनाता है। ### 2. वृत्त का क्षेत्रफल - **परिभाषा**: क्षेत्रफल वृत्त की सीमा के अंदर घिरे कुल द्वि-आयामी क्षेत्र को दर्शाता है। - **गणितीय सूत्र**: क्षेत्रफल ($A$) की गणना सूत्र $A = \pi r^2$ का उपयोग करके की जाती है। - **व्युत्पत्ति संदर्भ**: ऐतिहासिक रूप से, क्षेत्रफल की कल्पना एक वृत्त को कई संकेंद्रित वलयों में विभाजित करके या इसे कई छोटे त्रिज्यखंडों में काटकर और उन्हें एक अनुमानित आयत बनाने के लिए पुनर्व्यवस्थित करके की जा सकती है। जैसे-जैसे त्रिज्यखंडों की संख्या अनंत तक पहुँचती है, आयत की ऊँचाई त्रिज्या ($r$) के बराबर और आधार परिधि के आधे ($\pi r$) के बराबर हो जाता है, जिससे क्षेत्रफल उत्पाद प्राप्त होता है: $\text{आधार} \times \text{ऊँचाई} = \pi r \times r = \pi r^2$. ### 3. त्रिज्या के मापदंड का प्रभाव - यदि किसी वृत्त की त्रिज्या को एक कारक $k$ से बढ़ाया जाता है, तो नई परिधि $2\pi(kr) = k(2\pi r)$ हो जाती है, जिसका अर्थ है कि परिधि रैखिक रूप से $k$ से बढ़ती है। - इसके विपरीत, नया क्षेत्रफल $\pi(kr)^2 = k^2(\pi r^2)$ हो जाता है, जो इंगित करता है कि क्षेत्रफल द्विघात रूप से $k^2$ से बढ़ता है। ### निष्कर्ष\nइन मूलभूत अवधारणाओं को समझने से वास्तुकारों, इंजीनियरों और गणितज्ञों को वृत्ताकार पथों, पहियों, मैदानों और घूर्णन यांत्रिकी से जुड़ी जटिल वास्तविक दुनिया की समस्याओं को कुशलतापूर्वक हल करने में मदद मिलती है।
Q4. 15 सेमी त्रिज्या वाले एक वृत्त की कोई जीवा केंद्र पर $60^{\circ}$ का कोण अंतरित करती है। संगत लघु और दीर्घ वृत्तखंडों के क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए। ($\pi = 3.14$ और $\sqrt{3} = 1.73$ का प्रयोग कीजिए) 5 Marks
उत्तर (Answer): ### दिया गया डेटा: - वृत्त की त्रिज्या ($r$) = $15$ सेमी - जीवा द्वारा केंद्र पर अंतरित कोण ($\theta$) = $60^{\circ}$ - $\pi = 3.14$ - $\sqrt{3} = 1.73$ ### चरण 1: लघु त्रिज्यखंड का क्षेत्रफल\nत्रिज्यखंड के क्षेत्रफल का सूत्र: $$\text{त्रिज्यखंड का क्षेत्रफल} = \frac{\theta}{360^{\circ}} \times \pi r^2$$\nमान रखने पर: $$\text{क्षेत्रफल} = \frac{60^{\circ}}{360^{\circ}} \times 3.14 \times (15)^2$$ $$\text{क्षेत्रफल} = \frac{1}{6} \times 3.14 \times 225 = 117.75\text{ सेमी}^2$$ ### चरण 2: $\triangle OAB$ का क्षेत्रफल\nचूँकि $\theta = 60^{\circ}$ है और दो भुजाएँ (त्रिज्याएँ) बराबर हैं, $\triangle OAB$ एक समबाहु त्रिभुज है। $$\text{समबाहु त्रिभुज का क्षेत्रफल} = \frac{\sqrt{3}}{4} \times (\text{भुजा})^2$$ $$\text{क्षेत्रफल} = \frac{1.73}{4} \times 225 = \frac{389.25}{4} = 97.3125\text{ सेमी}^2$$ ### चरण 3: लघु वृत्तखंड का क्षेत्रफल $$\text{लघु वृत्तखंड का क्षेत्रफल} = \text{लघु त्रिज्यखंड का क्षेत्रफल} - \text{त्रिकोणीय क्षेत्र } \triangle OAB$$ $$\text{क्षेत्रफल} = 117.75 - 97.3125 = 20.4375\text{ सेमी}^2$$ ### चरण 4: दीर्घ वृत्तखंड का क्षेत्रफल\nवृत्त का कुल क्षेत्रफल = $\pi r^2 = 3.14 \times 225 = 706.5\text{ सेमी}^2$ $$\text{दीर्घ वृत्तखंड का क्षेत्रफल} = \text{कुल क्षेत्रफल} - \text{लघु वृत्तखंड का क्षेत्रफल}$$ $$\text{क्षेत्रफल} = 706.5 - 20.4375 = 686.0625\text{ सेमी}^2$$ ### अंतिम उत्तर: - लघु वृत्तखंड का क्षेत्रफल = $20.44\text{ सेमी}^2$ - दीर्घ वृत्तखंड का क्षेत्रफल = $686.06\text{ सेमी}^2$
Q5. 'वृत्त के वृत्तखंड' (Segment of a circle) और 'वृत्त के त्रिज्यखंड' (Sector of a circle) पदों को परिभाषित कीजिए। $r$ त्रिज्या और केंद्रीय कोण $\theta$ वाले वृत्त के लिए उनके संबंधित क्षेत्रफलों की गणना करने के लिए उपयोग किए जाने वाले सूत्रों के साथ उनके बीच के ज्यामितीय अंतर को स्पष्ट कीजिए। 3 Marks
उत्तर (Answer): ज्यामिति में, क्षेत्रमिति और वृत्तों के अध्ययन के लिए वृत्त के भागों को समझना मौलिक है। **वृत्त का त्रिज्यखंड (Sector)** उस क्षेत्र के रूप में परिभाषित किया जाता है जो दो त्रिज्याओं और उनके बीच अंतःखंडित होने वाले संबंधित चाप से घिरा होता है। एक गोलाकार पिज़ा का टुकड़ा काटने की कल्पना कीजिए; वह टुकड़ा एक त्रिज्यखंड का प्रतिनिधित्व करता है। त्रिज्यखंड का क्षेत्रफल सीधे त्रिज्या और केंद्र पर अंतरित कोण पर निर्भर करता है। $r$ त्रिज्या और $\theta$ (डिग्री में) केंद्रीय कोण वाले त्रिज्यखंड के क्षेत्रफल की गणना करने का सूत्र इस प्रकार है: $\text{त्रिज्यखंड का क्षेत्रफल} = \frac{\theta}{360^\circ} \times \pi r^2$। दूसरी ओर, **वृत्त का वृत्तखंड (Segment)** उस क्षेत्र के रूप में परिभाषित किया जाता है जो एक जीवा और उसके अंत बिंदुओं के बीच अंतःखंडित होने वाले संबंधित चाप से घिरा होता है। एक जीवा वृत्त को दो वृत्तखंडों में विभाजित करती है: एक लघु वृत्तखंड और एक दीर्घ वृत्तखंड। ज्यामितीय अंतर उनकी सीमाओं में निहित है; एक त्रिज्यखंड दो त्रिज्याओं और एक चाप से घिरा होता है, जबकि एक वृत्तखंड एक अकेली जीवा और एक चाप से घिरा होता है। लघु वृत्तखंड का क्षेत्रफल ज्ञात करने के लिए, हम संगत त्रिज्यखंड के क्षेत्रफल में से दो त्रिज्याओं और जीवा द्वारा बनाए गए त्रिभुज के क्षेत्रफल को घटा देते हैं। वृत्तखंड के क्षेत्रफल का सूत्र इस प्रकार व्यक्त किया जाता है: $\text{वृत्तखंड का क्षेत्रफल} = \left(\frac{\theta}{360^\circ} \times \pi r^2\right) - \left(\frac{1}{2} r^2 \sin\theta\right)$। इस प्रकार, हालांकि दोनों में चाप शामिल हैं, त्रिज्यखंड केंद्र से निकलने वाली त्रिज्याओं का उपयोग करते हैं, जबकि वृत्तखंड परिधि पर दो बिंदुओं को जोड़ने वाली जीवा का उपयोग करते हैं।
Q6. 10 सेमी त्रिज्या वाले एक वृत्त की एक जीवा केंद्र पर समकोण अंतरित करती है। संगत लघु वृत्तखंड का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए। ($\pi = 3.14$ का प्रयोग करें) 3 Marks
उत्तर (Answer): दिया गया है:\nत्रिज्या ($r$) = 10 सेमी\nकेंद्रीय कोण ($\theta$) = 90° \nचरण 1: संगत त्रिज्यखंड का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।\nत्रिज्यखंड का क्षेत्रफल = $\frac{90^{\circ}}{360^{\circ}} \times 3.14 \times 10^2 = 78.5 \text{ सेमी}^2$ \nचरण 2: त्रिभुज का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।\nत्रिभुज का क्षेत्रफल = $\frac{1}{2} \times r \times r = \frac{1}{2} \times 10 \times 10 = 50 \text{ सेमी}^2$ \nचरण 3: लघु वृत्तखंड का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।\nवृत्तखंड का क्षेत्रफल = त्रिज्यखंड का क्षेत्रफल - त्रिभुज का क्षेत्रफल\nक्षेत्रफल = $78.5 - 50 = 28.5 \text{ सेमी}^2$ \nअतः, संगत लघु वृत्तखंड का क्षेत्रफल $28.5 \text{ सेमी}^2$ है।
Q7. संकेन्द्रिय वृत्तों (concentric circles) की अवधारणा को समझाइए और दो संकेन्द्रिय वृत्तों के बीच घिरे वलय (annulus) का क्षेत्रफल कैसे ज्ञात किया जाता है, इसका वर्णन कीजिए। 3 Marks
उत्तर (Answer): संकेन्द्रिय वृत्त ऐसे दो या दो से अधिक वृत्त होते हैं जिनका केंद्र बिंदु बिल्कुल समान होता है लेकिन उनकी त्रिज्याएँ भिन्न होती हैं। चूँकि उनके केंद्र संपाती होते हैं, केंद्र से आंतरिक वृत्त के किसी भी बिंदु की दूरी बाहरी वृत्त के किसी भी बिंदु की दूरी से कम होती है, जिससे उनके बीच एक वृत्ताकार वलय बनता है। इस क्षेत्र के क्षेत्रफल की गणना करने के लिए, हम बड़े बाहरी वृत्त के क्षेत्रफल और छोटे आंतरिक वृत्त के क्षेत्रफल के बीच का अंतर ज्ञात करते हैं। मान लीजिए बाहरी वृत्त की त्रिज्या $R$ है और आंतरिक वृत्त की त्रिज्या $r$ है ($R > r$)। बाहरी वृत्त का क्षेत्रफल $\pi R^2$ है, और आंतरिक वृत्त का क्षेत्रफल $\pi r^2$ है। इसलिए, वलय का क्षेत्रफल बाहरी क्षेत्र से आंतरिक क्षेत्र को घटाकर निकाला जाता है: $\text{क्षेत्रफल} = \pi R^2 - \pi r^2$। सामान्य पाई पद को बाहर निकालकर, हम इसे एक सुविधाजनक सूत्र में सरल बनाते हैं: $\text{क्षेत्रफल} = \pi(R^2 - r^2)$, जिसे बीजगणितीय सर्वसमिका का उपयोग करके $\pi(R - r)(R + r)$ के रूप में भी विस्तारित किया जा सकता है। इस सूत्र का व्यापक रूप से वास्तुकला, दौड़ने वाले ट्रैक के डिजाइन और इंजीनियरिंग समस्याओं में उपयोग किया जाता है।
Q8. एक घड़ी की मिनट की सुई की लंबाई 14 सेमी है। 5 मिनट में मिनट की सुई द्वारा तय किया गया क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए। ($\pi = \frac{22}{7}$ का प्रयोग करें) 3 Marks
उत्तर (Answer): दिया गया है:\nत्रिज्या ($r$) = मिनट की सुई की लंबाई = 14 सेमी \nचरण 1: 1 मिनट में मिनट की सुई द्वारा बनाया गया कोण ज्ञात कीजिए।\nमिनट की सुई 60 मिनट में $360^{\circ}$ घूमती है। 1 मिनट में बनाया गया कोण = $\frac{360^{\circ}}{60} = 6^{\circ}$ \nचरण 2: 5 मिनट में बनाया गया कोण ($\theta$) = $5 \times 6^{\circ} = 30^{\circ}$ \nचरण 3: त्रिज्यखंड का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।\nक्षेत्रफल = $\frac{30^{\circ}}{360^{\circ}} \times \frac{22}{7} \times (14)^2$\nक्षेत्रफल = $\frac{1}{12} \times \frac{22}{7} \times 196$\nक्षेत्रफल = $\frac{154}{3} \text{ सेमी}^2 = 51.33 \text{ सेमी}^2$ \nअतः, 5 मिनट में सुई द्वारा तय किया गया क्षेत्रफल $\frac{154}{3} \text{ सेमी}^2$ है।
Q9. भुजाओं की संख्या बढ़ने पर वृत्त की परिधि और अंतःर्निहित तथा परिबद्ध नियमित बहुभुजों की परिधि के बीच के ज्यामितीय संबंध की चर्चा कीजिए। 3 Marks
उत्तर (Answer): वृत्त की परिधि और अंतःर्निहित या परिबद्ध नियमित बहुभुजों की परिधि के बीच का ज्यामितीय संबंध गणित के इतिहास में एक मूलभूत अवधारणा है, जिसका ऐतिहासिक रूप से पाई के मान का अनुमान लगाने के लिए उपयोग किया जाता था। जब एक नियमित बहुभुज को वृत्त के अंदर अंतःर्निहित किया जाता है, तो उसके सभी शीर्ष वृत्त की सीमा को छूते हैं, और इसकी कुल परिधि हमेशा वृत्त की परिधि से कम होती है। इसके विपरीत, जब एक नियमित बहुभुज को वृत्त के चारों ओर परिबद्ध किया जाता है, तो इसकी सभी भुजाएँ वृत्त की स्पर्श रेखा होती हैं, और इसकी परिधि हमेशा वृत्त की परिधि से अधिक होती है। जैसे-जैसे इन नियमित बहुभुजों की भुजाओं की संख्या अनंत रूप से बढ़ती है (जैसे षट्भुज से द्वादशभुज तक दोगुना होना और इसी तरह), आंतरिक अंतःर्निहित बहुभुज और बाहरी परिबद्ध बहुभुज के बीच की दूरी काफी कम हो जाती है। सैद्धांतिक सीमा में जहाँ भुजाओं की संख्या अनंत के करीब पहुँचती है, अंतःर्निहित और परिबद्ध दोनों बहुभुजों की परिधि अभिसरण करती है और स्वयं वृत्त की परिधि के बराबर हो जाती है। यह शक्तिशाली सीमा अवधारणा माप सिद्धांत में गहरी अंतर्दृष्टि प्रदान करते हुए असतत बहुभुज ज्यामिति को निरंतर वृत्त ज्यामिति के साथ जोड़ती है।
Q10. उस वृत्त के चतुर्थांश का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए जिसकी परिधि 22 सेमी है। ($\pi = \frac{22}{7}$ का प्रयोग करें) 3 Marks
उत्तर (Answer): दिया गया है:\nपरिधि ($C$) = 22 सेमी \nचरण 1: परिधि सूत्र का उपयोग करके वृत्त की त्रिज्या ($r$) ज्ञात कीजिए। $C = 2\pi r$ $22 = 2 \times \frac{22}{7} \times r$ $22 = \frac{44}{7} \times r$ $r = \frac{22 \times 7}{44} = \frac{7}{2} \text{ सेमी}$ \nचरण 2: चतुर्थांश का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।\nवृत्त का चतुर्थांश एक त्रिज्यखंड है जिसका कोण $\theta = 90^{\circ}$ है।\nचतुर्थांश का क्षेत्रफल = $\frac{1}{4} \times \pi r^2$\nक्षेत्रफल = $\frac{1}{4} \times \frac{22}{7} \times \left(\frac{7}{2}\right)^2$\nक्षेत्रफल = $\frac{1}{4} \times \frac{22}{7} \times \frac{49}{4} = \frac{77}{8} \text{ सेमी}^2 = 9.625 \text{ सेमी}^2$ \nअतः, चतुर्थांश का क्षेत्रफल $9.625 \text{ सेमी}^2$ है।
Q11. वृत्त की परिधि के सूत्र के चरण-दर-चरण व्युत्पत्ति और स्थिरांक पाई ($\pi$) से इसके संबंध को समझाइए। 3 Marks
उत्तर (Answer): वृत्त की परिधि उसकी सीमा के चारों ओर की कुल रेखीय दूरी को दर्शाती है। प्राचीन काल से, गणितज्ञों ने सभी वृत्तों में उनके आकार की परवाह किए बिना एक उल्लेखनीय स्थिर अनुपात देखा है: किसी भी वृत्त की परिधि ($C$) का उसके व्यास ($d$) से अनुपात हमेशा स्थिर होता है। इस सार्वभौमिक स्थिरांक को ग्रीक अक्षर $\pi$ (पाई) द्वारा दर्शाया जाता है। गणितीय रूप से, इस संबंध को $\frac{C}{d} = \pi$ के रूप में व्यक्त किया जाता है। चूंकि वृत्त का व्यास उसकी त्रिज्या का दोगुना होता है ($d = 2r$), इसलिए हम अनुपात समीकरण में $d$ के स्थान पर $2r$ प्रतिस्थापित कर सकते हैं, जिससे $\frac{C}{2r} = \pi$ प्राप्त होता है। एक तरफ परिधि को अलग करने के लिए इस बीजगणितीय व्यंजक को पुनर्व व्यवस्थित करके, हम वृत्त की परिधि के मानक सूत्र पर पहुंचते हैं: $C = 2\pi r$। यह सुंदर संबंध क्षेत्रमिति में उन्नत परिधि और क्षेत्र-संबंधी समस्याओं को हल करने के लिए आधार बनाता है। इस अनुपात को समझने से छात्रों को यह समझने में मदद मिलती है कि पाई एक अपरिमेय संख्या क्यों है जिसका मान लगभग $\frac{22}{7}$ या $3.14159$ है, जिससे ज्यामिति में गणनाएं सहज और सटीक हो जाती हैं।
Q12. 6 सेमी त्रिज्या वाले एक वृत्त के त्रिज्यखंड का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए यदि त्रिज्यखंड का कोण 60° है। ($\pi = \frac{22}{7}$ का प्रयोग करें) 2 Marks
उत्तर (Answer): दिया गया है:\nवृत्त की त्रिज्या ($r$) = 6 सेमी\nत्रिज्यखंड का कोण ($\theta$) = 60° \nत्रिज्यखंड के क्षेत्रफल का सूत्र:\nक्षेत्रफल = $\frac{\theta}{360°} \times \pi r^2$ \nमान रखने पर:\nक्षेत्रफल = $\frac{60°}{360°} \times \frac{22}{7} \times (6)^2$\nक्षेत्रफल = $\frac{1}{6} \times \frac{22}{7} \times 36$\nक्षेत्रफल = $22 \times 6 \times \frac{1}{7}$\nक्षेत्रफल = $\frac{132}{7} \text{ सेमी}^2$ \nअतः, त्रिज्यखंड का क्षेत्रफल $\frac{132}{7} \text{ सेमी}^2$ (लगभग $18.86 \text{ सेमी}^2$) है।
Q13. वृत्त के त्रिज्यखंड (sector) और वृत्तखंड (segment) पदों को परिभाषित कीजिए। स्पष्ट स्पष्टीकरण के साथ दोनों के बीच का अंतर बताइए। 3 Marks
उत्तर (Answer): वृत्त का त्रिज्यखंड (sector) वह क्षेत्र है जो दो त्रिज्याओं और उनके संगत चाप से घिरा होता है। केंद्र पर मिलने वाली त्रिज्याओं और परिसीमा चाप के बीच घिरे क्षेत्र से यह वेज के आकार का क्षेत्र बनता है। केंद्र पर अंतरित कोण के आधार पर, यह लघु त्रिज्यखंड या दीर्घ त्रिज्यखंड हो सकता है। दूसरी ओर, वृत्त का वृत्तखंड (segment) वह क्षेत्र है जो एक जीवा और संगत चाप के बीच घिरा होता है। एक जीवा वृत्ताकार क्षेत्र को दो भागों में विभाजित करती है, जहाँ छोटे भाग को लघु वृत्तखंड और बड़े भाग को दीर्घ वृत्तखंड कहा जाता है। प्राथमिक अंतर उनकी परिसीमा रेखाओं में निहित है: एक त्रिज्यखंड दो त्रिज्याओं और एक चाप से घिरा होता है, जबकि एक वृत्तखंड एक जीवा और एक चाप से घिरा होता है। बोर्ड परीक्षाओं के दौरान समन्वय ज्यामिति और क्षेत्रमिति में वृत्तों से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों के क्षेत्रों की गणना से संबंधित जटिल समस्याओं को हल करने के लिए इन मूलभूत ज्यामितीय परिभाषाओं को समझना महत्वपूर्ण है। यह वैचारिक स्पष्टता छात्रों को अपने संबंधित क्षेत्रों को खोजने के लिए प्रासंगिक गणितीय सूत्रों को लागू करने से पहले ज्यामितीय आकृतियों की सटीक कल्पना करने में मदद करती है।
Q14. \(r\) त्रिज्या और \(\theta\) (डिग्री में) केंद्रीय कोण वाले वृत्त के त्रिज्यखंड (sector) का क्षेत्रफल ज्ञात करने का सूत्र लिखिए। इसके घटकों को समझाइए। 2 Marks
उत्तर (Answer): \(r\) त्रिज्या और केंद्र पर \(\theta\) (डिग्री में) कोण वाले वृत्त के त्रिज्यखंड का क्षेत्रफल ज्ञात करने का सूत्र है: \(\text{क्षेत्रफल} = \frac{\theta}{360^\circ} \times \pi r^2\)। इस सूत्र में, \(r\) वृत्त की त्रिज्या को दर्शाता है, जो केंद्र से परिधि तक की निश्चित दूरी होती है। प्रतीक \(\pi\) एक गणितीय स्थिरांक है जिसका मान लगभग \(\frac{22}{7}\) या \(3.14\) होता है। कोण \(\theta\) त्रिज्यखंड को बनाने वाली दोनों त्रिज्याओं द्वारा केंद्र पर बनाए गए केंद्रीय कोण के माप को दर्शाता है। पूरा वृत्त केंद्र पर \(360^\circ\) का कोण बनाता है और उसका कुल क्षेत्रफल \(\pi r^2\) होता है। इसलिए, ऐकिक नियम या आनुपातिक तर्क का उपयोग करके, भिन्न \(\frac{\theta}{360^\circ}\) यह निर्धारित करता है कि कुल वृत्ताकार क्षेत्र का कौन सा विशिष्ट हिस्सा उस विशेष त्रिज्यखंड द्वारा घेरा गया है।
Q15. स्पष्ट कीजिए कि पहिए का परिमाप एक पूर्ण चक्कर में तय की गई दूरी से कैसे संबंधित है? 2 Marks
उत्तर (Answer): जब $r$ त्रिज्या का पहिया बिना फिसले किसी समतल सतह पर लुढ़कता है, तो एक पूर्ण चक्कर में इसके द्वारा तय की गई रैखिक दूरी इसकी बाहरी रिम की कुल सीमा लंबाई के बिल्कुल बराबर होती है। यह सीमा लंबाई वृत्त की परिधि होती है, जिसकी गणना सूत्र $2\pi r$ का उपयोग करके की जाती है। इसलिए, परिधि को चक्करों की संख्या से गुणा करने पर कुल तय की गई दूरी प्राप्त होती है।