मुख्य सूत्र (Key Formulas)
कक्षा 10 गणित - सांख्यिकी (Statistics) त्वरित रिविजन नोट्स
यह फॉर्मूला शीट मध्य प्रदेश बोर्ड (MP Board) के कक्षा 10 के विद्यार्थियों के लिए 'सांख्यिकी' अध्याय के त्वरित रिवीजन के लिए तैयार की गई है।
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मुख्य परिभाषाएँ (Key Definitions)
1. वर्गीकृत आँकड़ों का माध्य (Mean): किसी दिए गए डेटा के सभी मानों के योग को कुल मानों की संख्या से भाग देने पर प्राप्त मान।
2. बहुलक (Mode): वह प्रेक्षण (observation) जिसकी बारंबारता (frequency) सबसे अधिक होती है, बहुलक कहलाता है।
3. माध्यिक या माध्यिका (Median): डेटा को आरोही या अवरोही क्रम में व्यवस्थित करने पर ठीक बीच में आने वाला मान माध्यिका कहलाता है।
4. संचयी बारंबारता (Cumulative Frequency): किसी वर्ग अंतराल की संचयी बारंबारता उस वर्ग और उससे पहले के सभी वर्गों की बारंबारताओं का योग होती है।
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1. माध्य ज्ञात करने की विधियाँ (Methods to Find Mean)
मान लीजिए दिए गए आँकड़ों के वर्ग अंतरालों के वर्ग-चिह्न xi हैं और उनकी संगत बारंबारताएँ fi हैं।
#### (क) प्रत्यक्ष विधि (Direct Method)
माध्य (x̄) का सूत्र:
x̄ = Σ(fi * xi) / Σf_i
(यहाँ x_i वर्ग अंतराल का मध्य-बिन्दु है: (ऊपरी सीमा + निचली सीमा) / 2)
#### (ख) कल्पित माध्य विधि (Assumed Mean Method)
यदि संख्याएँ बड़ी हों, तो कल्पित माध्य a मानकर विचलन di = xi - a निकालते हैं।
x̄ = a + [Σ(fi * di) / Σf_i]
#### (ग) पग-विचलन विधि (Step-Deviation Method)
x̄ = a + [Σ(fi ui) / Σf_i] h
(यहाँ ui = (xi - a) / h है, और h वर्ग माप/साइज़ है)
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2. बहुलक का सूत्र (Formula for Mode)
वर्गीकृत आँकड़ों का बहुलक ज्ञात करने के लिए निम्नलिखित सूत्र का उपयोग किया जाता है:
Mode = l + [ (f1 - f0) / (2f1 - f0 - f_2) ] * h
प्रतीकों का अर्थ:
l = बहुलक वर्ग की निम्न (निचली) सीमा
h = वर्ग माप (वर्ग अंतराल की माप)
f_1 = बहुलक वर्ग की बारंबारता
f_0 = बहुलक वर्ग से ठीक पहले वाले वर्ग की बारंबारता
f_2 = बहुलक वर्ग के ठीक बाद वाले वर्ग की बारंबारता
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3. माध्यिका / माध्यिक का सूत्र (Formula for Median)
वर्गीकृत आँकड़ों की माध्यिका ज्ञात करने के लिए सूत्र:
Median = l + [ (n/2 - cf) / f ] * h
प्रतीकों का अर्थ:
l = माध्यक वर्ग की निम्न (निचली) सीमा
n = कुल बारंबारताओं का योग (Σf_i)
cf = माध्यक वर्ग से ठीक पहले वाले वर्ग की संचयी बारंबारता
f = माध्यक वर्ग की बारंबारता
h = वर्ग माप (वर्ग अंतराल की लंबाई)
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4. केंद्रीय प्रवृत्ति के तीनों मापों के बीच संबंध (Empirical Relationship)
बहुलक, माध्यिका और माध्य के बीच अत्यंत महत्वपूर्ण अनुभावनात्मक संबंध निम्नलिखित है:
3 (माध्यिका) = बहुलक + 2 (माध्य)
या
बहुलक = 3 (माध्यिका) - 2 (माध्य)
या
माध्यिका = माध्य + (1/3) [बहुलक - माध्य]
(नोट: यह सूत्र बोर्ड परीक्षा की दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है, इस पर आधारित प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं।)
माइंड मैप चार्ट (Mind Map Chart)
📍 सांख्यिकी (Statistics)
परिचय और मूल बातें
आंकड़ों का संग्रह
केंद्रीय प्रवृत्ति के माप
वर्गीकृत आंकड़ों का माध्य (Mean)
प्रत्यक्ष विधि (Direct Method)
सूत्र: $\bar{x} = \frac{\sum fi xi}{\sum f_i}$
कल्पित माध्य विधि (Assumed Mean Method)
सूत्र: $\bar{x} = a + \frac{\sum fi di}{\sum f_i}$
पग-विचलन विधि (Step-Deviation Method)
सूत्र: $\bar{x} = a + \left( \frac{\sum fi ui}{\sum f_i} \right) \times h$
वर्गीकृत आंकड़ों का बहुलक (Mode)
परिभाषा: अधिकतम बारंबारता वाला मान
बहुलक वर्ग की पहचान
सूत्र: Mode = $l + \left( \frac{f1 - f0}{2f1 - f0 - f_2} \right) \times h$
$l$ = बहुलक वर्ग की निम्न सीमा
$h$ = वर्ग माप
$f_1$ = बहुलक वर्ग की बारंबारता
$f0, f2$ = पूर्ववर्ती और बाद की बारंबारताएँ
वर्गीकृत आंकड़ों की माध्यिका (Median)
संचयी बारंबारता (Cumulative Frequency) का उपयोग
माध्यक वर्ग की पहचान ($N/2$ के आधार पर)
सूत्र: Median = $l + \left( \frac{\frac{N}{2} - cf}{f} \right) \times h$
$l$ = माध्यक वर्ग की निम्न सीमा
$N$ = कुल बारंबारता ($\sum f_i$)
$cf$ = माध्यक वर्ग से ठीक पहले की संचयी बारंबारता
$f$ = माध्यक वर्ग की बारंबारता
$h$ = वर्ग माप
तीनों मापों के बीच अनुभाविक संबंध (Empirical Relationship)
सूत्र: $3 \text{ माध्यक} = \text{बहुलक} + 2 \text{ माध्य}$
महत्वपूर्ण बोर्ड प्रश्न (Important Board Questions)
उत्तर (Answer): $x$ और $y$ के मान ज्ञात करने के लिए, हमें संचयी बारम्बारता सारणी बनानी होगी और दी गई माध्यिका तथा कुल बारम्बारता का उपयोग करना होगा।
**चरण 1: संचयी बारम्बारता सारणी बनाना**
| वर्ग अंतराल | बारम्बारता ($f$) | संचयी बारम्बारता ($cf$) |
|:---:|:---:|:---|
| 0 - 100 | 2 | 2 |
| 100 - 200 | 5 | 7 |
| 200 - 300 | $x$ | $7 + x$ |
| 300 - 400 | 12 | $19 + x$ |
| 400 - 500 | 17 | $36 + x$ |
| 500 - 600 | 20 | $56 + x$ |
| 600 - 700 | $y$ | $56 + x + y$ |
| 700 - 800 | 9 | $65 + x + y$ |
| 800 - 900 | 7 | $72 + x + y$ |
| 900 - 1000 | 4 | $76 + x + y$ |
**चरण 2: कुल बारम्बारता प्रतिबंध का उपयोग करना**
\nदिया गया है कि कुल बारम्बारता $N = 100$ है।\nसारणी से, बारम्बारताओं का योग $76 + x + y$ है।\nअतः,
$$76 + x + y = 100$$
$$x + y = 100 - 76$$
$$x + y = 24 \quad \text{--- (समीकरण 1)}$$
**चरण 3: माध्यक वर्ग की पहचान करना**
\nदिया गया है कि माध्यिका 525 है। यह मान वर्ग अंतराल $500 - 600$ के अंतर्गत आता है।\nइसलिए, **माध्यक वर्ग** $500 - 600$ है।
\nमाध्यक वर्ग से:
- निम्न सीमा ($l$) = 500
- वर्ग माप ($h$) = 100
- माध्यक वर्ग की बारम्बारता ($f$) = 20
- माध्यक वर्ग से ठीक पहले वाले वर्ग की संचयी बारम्बारता ($cf$) = $36 + x$
- $\frac{N}{2} = \frac{100}{2} = 50$
**चरण 4: माध्यिका के सूत्र का उपयोग करना**
\nमाध्यिका का सूत्र है:
$$\text{माध्यिका} = l + \left( \frac{\frac{N}{2} - cf}{f} \right) \times h$$
\nसूत्र में मान रखने पर:
$$525 = 500 + \left( \frac{50 - (36 + x)}{20} \right) \times 100$$
\nसमीकरण को सरल करने पर:
$$525 - 500 = \left( \frac{50 - 36 - x}{20} \right) \times 100$$
$$25 = (14 - x) \times 5$$
$$25 = 70 - 5x$$
$$5x = 70 - 25$$
$$5x = 45$$
$$x = \frac{45}{5} = 9$$
**चरण 5: $y$ का मान ज्ञात करना**
\nसमीकरण 1 में $x = 9$ रखने पर:
$$9 + y = 24$$
$$y = 24 - 9$$
$$y = 15$$
**निष्कर्ष:**\nमान **$x = 9$** और **$y = 15$** हैं।
उत्तर (Answer): दिए गए बारंबारता वितरण को 'से कम प्रकार' के संचयी बारंबारता वितरण में बदलने के लिए, हम वर्ग अंतरालों की ऊपरी सीमाओं का उपयोग करते हैं।
| दैनिक आय (वर्ग अंतराल) | श्रमिकों की संख्या ($f_i$) | ऊपरी सीमा से कम | संचयी बारंबारता ($cf$) |
|---|---|---|---|
| 100-120 | 12 | 120 से कम | 12 |
| 120-140 | 14 | 140 से कम | $12 + 14 = 26$ |
| 140-160 | 8 | 160 से कम | $26 + 8 = 34$ |
| 160-180 | 6 | 180 से कम | $34 + 6 = 40$ |
| 180-200 | 10 | 200 से कम | $40 + 10 = 50$ |
### तोरण (Ogive) खींचने और माध्यिका ज्ञात करने के चरण:
1. **बिंदुओं को आलेखित करना:** कार्तीय तल पर संगत बिंदुओं $(120, 12)$, $(140, 26)$, $(160, 34)$, $(180, 40)$, और $(200, 50)$ को अंकित कीजिए जहाँ x-अक्ष पर ऊपरी सीमाएँ और y-अक्ष पर संचयी बारंबारताएँ ली जाती हैं।
2. **वक्र खींचना:** 'से कम प्रकार' का तोरण प्राप्त करने के लिए इन आलेखित बिंदुओं को एक चिकने मुक्तहस्त वक्र से मिलाइए।
3. **माध्यिका ज्ञात करना:**
- यहाँ, श्रमिकों की कुल संख्या $N = 50$ है।
- y-अक्ष पर $\frac{N}{2} = \frac{50}{2} = 25$ चिह्नित कीजिए।
- इस बिंदु (25) से, तोरण वक्र से मिलने के लिए x-अक्ष के समांतर एक क्षैतिज रेखा खींचिए।
- वक्र पर प्रतिच्छेदन बिंदु से, x-अक्ष पर एक लंब नीचे की ओर खींचिए।
- वह बिंदु जहाँ यह लंब x-अक्ष से मिलता है, माध्यिका मान देता है।
- $y = 25$ के संगत x-निर्देशांक को पढ़ने पर, हमें माध्यिका दैनिक आय लगभग **₹138.5** प्राप्त होती है।
उत्तर (Answer): ### 1. केंद्रीय प्रवृत्ति के मापों का परिचय\nसांख्यिकी में, केंद्रीय प्रवृत्ति का माप एक एकल मान है जो डेटा के एक सेट के भीतर केंद्रीय स्थिति की पहचान करके डेटा के एक सेट का वर्णन करने का प्रयास करता है। सबसे अधिक उपयोग किए जाने वाले तीन माप माध्य, माध्यिका और बहुलक हैं।
### 2. माध्य (समांतर माध्य)
- **परिभाषा:** माध्य सभी प्रेक्षणों के योग को प्रेक्षणों की कुल संख्या से भाग देने पर प्राप्त होता है। यह गणितीय औसत को दर्शाता है।
- **सूत्र:** समूहीकृत डेटा के लिए, प्रत्यक्ष विधि का सूत्र $\bar{x} = \frac{\sum f_i x_i}{\sum f_i}$ है, और कल्पित माध्य विधि $\bar{x} = a + \frac{\sum f_i d_i}{\sum f_i}$ है।
- **विशेषताएँ:** यह डेटा सेट के सभी मूल्यों को ध्यान में रखता है। हालाँकि, यह चरम मानों (आउटliers) से अत्यधिक प्रभावित होता है।
### 3. माध्यिका
- **परिभाषा:** माध्यिका एक क्रमित डेटा सेट का मध्य मान है। समूहीकृत डेटा के लिए, यह वितरण को दो समान भागों में विभाजित करती है।
- **सूत्र:** $\text{माध्यिका} = l + \left( \frac{\frac{N}{2} - cf}{f} \right) \times h$, जहाँ $l$ माध्यिका वर्ग की निम्न सीमा है, $N$ कुल बारंबारता है, $cf$ पूर्ववर्ती वर्ग की संचयी बारंबारता है, $f$ माध्यिका वर्ग की बारंबारता है, और $h$ वर्ग माप है।
- **विशेषताएँ:** यह चरम मानों से प्रभावित नहीं होती है, जिससे अत्यधिक चरम मानों की उपस्थिति में यह एक बेहतर माप बन जाती है।
### 4. बहुलक
- **परिभाषा:** बहुलक वह मान है जो डेटा सेट में सबसे अधिक बार आता है। समूहीकृत डेटा में, यह अधिकतम बारंबारता से जुड़ा मान है।
- **सूत्र:** $\text{बहुलक} = l + \left( \frac{f_1 - f_0}{2f_1 - f_0 - f_2} \right) \times h$, जहाँ $l$ बहुलक वर्ग की निम्न सीमा है, $f_1$ बहुलक वर्ग की बारंबारता है, $f_0$ और $f_2$ क्रमशः पूर्ववर्ती और परवर्ती वर्गों की बारंबारताएँ हैं, और $h$ वर्ग माप है।
- **विशेषताएँ:** सबसे लोकप्रिय वस्तु या मानक आकार खोजने के लिए उपयोगी।
### 5. प्राथमिकता की स्थितियाँ
- **माध्य का उपयोग करें जब:** डेटा चरम आउटलेर्स के बिना सममित हो, और प्रत्येक डेटा बिंदु को अंतिम सारांश में समान रूप से योगदान करने की आवश्यकता हो।
- **माध्यिका का उपयोग करें जब:** डेटासेट में चरम मान या आउटलेर्स हों, या खुले अंत वाले वितरण अंतरालों से निपटना हो।
- **बहुलक का उपयोग करें जब:** आपको सबसे विशिष्ट, आवर्ती, या लोकप्रिय श्रेणी/वस्तु का पता लगाने की आवश्यकता हो (उदा. निर्मित मानक जूता आकार)।
उत्तर (Answer): $x$ और $y$ के मान ज्ञात करने के लिए, हम संचयी बारंबारता सारणी बनाते हैं:
| वर्ग अंतराल | बारंबारता ($f_i$) | संचयी बारंबारता ($cf$) |
|---|---|---|
| 0-100 | 2 | 2 |
| 100-200 | 5 | 7 |
| 200-300 | $x$ | $7 + x$ |
| 300-400 | 12 | $19 + x$ |
| 400-500 | 17 | $36 + x$ |
| 500-600 | 20 | $56 + x$ |
| 600-700 | $y$ | $56 + x + y$ |
| 700-800 | 9 | $65 + x + y$ |
| 800-900 | 7 | $72 + x + y$ |
| 900-1000 | 4 | $76 + x + y$ |
\nदिया गया है, कुल बारंबारता $N = 100$\nअतः, $76 + x + y = 100$
$x + y = 24$ -----(1)
\nदिया गया है, माध्यिका = 525, जो वर्ग अंतराल 500-600 के बीच स्थित है।\nअतः,
- माध्यिका वर्ग की निम्न सीमा ($l$) = 500
- माध्यिका वर्ग की बारंबारता ($f$) = 20
- ठीक पहले वाले वर्ग की संचयी बारंबारता ($cf$) = $36 + x$
- वर्ग माप ($h$) = 100
\nमाध्यिका का सूत्र है:
$$\text{माध्यिका} = l + \left( \frac{\frac{N}{2} - cf}{f} \right) \times h$$
\nमान रखने पर:
$$525 = 500 + \left( \frac{50 - (36 + x)}{20} \right) \times 100$$
$$525 - 500 = (50 - 36 - x) \times 5$$
$$25 = (14 - x) \times 5$$
$$5 = 14 - x$$
$$x = 14 - 5 = 9$$
\nसमीकरण (1) में $x = 9$ रखने पर:
$$9 + y = 24$$
$$y = 24 - 9 = 15$$
\nअतः, $x = 9$ और $y = 15$ हैं।
उत्तर (Answer): दिए गए समूहीकृत बारंबारता बंटन का माध्य ज्ञात करने के लिए, हम प्रत्यक्ष विधि के सूत्र का उपयोग करते हैं:
$$\text{माध्य } (\bar{x}) = \frac{\sum f_i x_i}{\sum f_i}$|
**चरण 1: प्रत्येक वर्ग अंतराल के लिए वर्ग चिह्न ($x_i$) ज्ञात कीजिए।**\nवर्ग चिह्न की गणना इस प्रकार की जाती है: $x_i = \frac{\text{निम्न सीमा} + \text{ऊपरी सीमा}}{2}$
- 0-10 के लिए: $x_1 = \frac{0 + 10}{2} = 5$
- 10-20 के लिए: $x_2 = \frac{10 + 20}{2} = 15$
- 20-30 के लिए: $x_3 = \frac{20 + 30}{2} = 25$
- 30-40 के लिए: $x_4 = \frac{30 + 40}{2} = 35$
- 40-50 के लिए: $x_5 = \frac{40 + 50}{2} = 45$
**चरण 2: गणना सारणी बनाइए और प्रत्येक पंक्ति के लिए $f_i x_i$ ज्ञात कीजिए।**
| वर्ग अंतराल | बारंबारता ($f_i$) | वर्ग चिह्न ($x_i$) | $f_i x_i$ |
|---|---|---|---|
| 0-10 | 3 | 5 | 15 |
| 10-20 | 5 | 15 | 75 |
| 20-30 | 8 | 25 | 200 |
| 30-40 | 10 | 35 | 350 |
| 40-50 | 4 | 45 | 180 |
| **योग** | **$\sum f_i = 30$** | | **$\sum f_i x_i = 820$** |
**चरण 3: माध्य के सूत्र में मानों को रखिए।**
$$\bar{x} = \frac{820}{30} = \frac{82}{3} \approx 27.33$$
\nअतः, दिए गए बारंबारता बंटन का माध्य **27.33** है।
उत्तर (Answer): दिया गया कुल बारंबारता $N = 100$ है।\nसंचयी बारंबारता ($cf$) इस प्रकार है:
- 0-10: 2, cf = 2
- 10-20: 5, cf = 7
- 20-30: x, cf = 7 + x
- 30-40: 12, cf = 19 + x
- 40-50: 17, cf = 36 + x
- 50-60: 20, cf = 56 + x (माध्यक 50-60 वर्ग में है क्योंकि माध्यक 52.5 है)
- 60-70: y, cf = 56 + x + y
- 70-80: 9, cf = 65 + x + y
- 80-90: 7, cf = 72 + x + y
- 90-100: 4, cf = 76 + x + y
\nचूंकि कुल बारंबारता 100 है:
$$76 + x + y = 100 \implies x + y = 24 \quad \text{--- (समीकरण 1)}$$
\nमाध्यक = 52.5, जो वर्ग 50-60 में है:
- $l = 50$, $cf = 36 + x$, $f = 20$, $h = 10$, $N/2 = 50$
\nमाध्यक सूत्र से:
$$52.5 = 50 + \left( \frac{50 - 36 - x}{20} \right) \times 10$$
$$2.5 = \frac{14 - x}{2} \implies 5 = 14 - x \implies x = 9$$
\nसमीकरण 1 में $x = 9$ रखने पर:
$$9 + y = 24 \implies y = 15$$
\nअतः $x = 9$ और $y = 15$ हैं।
उत्तर (Answer): हमें पाँच प्रेक्षण दिए गए हैं: $x, x+2, x+4, x+6,$ और $x+8$।\nप्रेक्षणों की कुल संख्या $N = 5$ है।\nइन प्रेक्षणों का माध्य 11 दिया गया है।
\nअंकगणितीय माध्य का सूत्र है:
$$\text{Mean} = \frac{\text{सभी प्रेक्षणों का योग}}{\text{प्रेक्षणों की संख्या}}$$
\nमान रखने पर:
$$11 = \frac{x + (x+2) + (x+4) + (x+6) + (x+8)}{5}$$
\nअंश को सरल करने पर:
$$11 = \frac{5x + 20}{5}$$
\nदोनों पक्षों को 5 से गुणा करने पर:
$$55 = 5x + 20$$
$$5x = 35 \implies x = 7$$
\nअतः, $x$ का मान 7 है।
\nअब, पहले तीन प्रेक्षण हैं: $7, 9, और 11$।\nइन तीनों प्रेक्षणों का माध्य होगा:
$$\text{Mean} = \frac{7 + 9 + 11}{3} = \frac{27}{3} = 9$$
\nअतः $x$ का मान 7 है और पहले तीन प्रेक्षणों का माध्य 9 है।
उत्तर (Answer): ओजाइव या संचयी बारंबारता वक्र संचयी बारंबारता बंटन का एक आलेखीय निरूपण है। यह सांख्यिकी में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है जिससे हम बिना किसी कठिन बीजगणितीय गणना के सीधे आलेख से माध्यक और अन्य विभाजन मूल्यों (जैसे चतुर्थक, प्रतिशतक आदि) का दृश्य अनुमान लगा सकते हैं। ओजाइव दो प्रकार के होते हैं: 'से कम प्रकार का ओजाइव' और 'से अधिक प्रकार का ओजाइव'। से कम प्रकार का ओजाइव खींचने के लिए, हम क्षैतिज x-अक्ष पर वर्ग अंतरालों की ऊपरी सीमाओं को और ऊर्ध्वाधर y-अक्ष पर उनकी संगत संचयी बारंबारताओं को अंकित करते हैं, और फिर इन बिंदुओं को एक चिकने वक्र द्वारा मिलाते हैं। इसके विपरीत, से अधिक प्रकार का ओजाइव खींचने के लिए, हम x-अक्ष पर निचली सीमाओं और y-अक्ष पर संचयी बारंबारताओं को अंकित करते हैं। जब दोनों ओजाइवों को एक ही आलेख पर खींचा जाता है, तो वे एक विशिष्ट बिंदु पर प्रतिच्छेद करते हैं। इस प्रतिच्छेदन बिंदु का y-निर्देशांक कुल बारंबारता का आधा ($N/2$) होता है। यदि इस बिंदु से x-अक्ष पर लंब गिराया जाए, तो x-अक्ष पर मिलने वाला मान डेटासेट का माध्यक देता है।
उत्तर (Answer): माध्यक ज्ञात करने के लिए, हम सबसे पहले संचयी बारंबारता सारणी बनाते हैं:
- 10-25: बारंबारता = 2, संचयी बारंबारता ($cf$) = 2
- 25-40: बारंबारता = 3, संचयी बारंबारता ($cf$) = 5
- 40-55: बारंबारता = 7, संचयी बारंबारता ($cf$) = 12
- 55-70: बारंबारता = 6, संचयी बारंबारता ($cf$) = 18
- 70-85: बारंबारता = 6, संचयी बारंबारता ($cf$) = 24
- 85-100: बारंबारता = 6, संचयी बारंबारता ($cf$) = 30
\nप्रेक्षणों की कुल संख्या, $N = 30$ है।\nअब, $N/2 = 30/2 = 15$ ज्ञात करते हैं।
15 से ठीक बड़ी या उसके बराबर संचयी बारंबारता 18 है, जो वर्ग अंतराल 55-70 के संगत है।\nअतः, माध्यक वर्ग = 55-70।
\nइस माध्यक वर्ग से:
- निचली सीमा ($l$) = 55
- ठीक पहले वाले वर्ग की संचयी बारंबारता ($cf$) = 12
- माध्यक वर्ग की बारंबारता ($f$) = 6
- वर्ग माप ($h$) = 15
\nमाध्यक का सूत्र है:
$$\text{Median} = l + \left( \frac{\frac{N}{2} - cf}{f} \right) \times h$$
\nमान रखने पर:
$$\text{Median} = 55 + \left( \frac{15 - 12}{6} \right) \times 15 = 55 + 7.5 = 62.5$$
\nअतः, दिए गए आँकड़ों का माध्यक 62.5 है।
उत्तर (Answer): किसी वर्ग अंतराल की संचयी बारंबारता को किसी बारंबारता बंटन में उस विशेष वर्ग की ऊपरी सीमा तक की बारंबारताओं के कुल योग के रूप में परिभाषित किया जाता है। यह किसी दिए गए मान से कम या उसके बराबर प्रेक्षणों की कुल संख्या को दर्शाता है। समूहीकृत आँकड़ों के लिए संचयी बारंबारता सारणी बनाने के लिए, हम पहले वर्ग अंतराल की बारंबारता को ज्यों का त्यों लेते हैं और फिर क्रमिक रूप से बाद के वर्ग अंतरालों की बारंबारताओं को जोड़ते जाते हैं। संचयी बारंबारताएँ दो प्रकार की होती हैं: 'से कम प्रकार' और 'से अधिक प्रकार'। समूहीकृत आँकड़ों का माध्यक ज्ञात करने के लिए, हम सामान्यतः 'से कम प्रकार' की संचयी बारंबारता का उपयोग करते हैं। सबसे पहले, हम प्रेक्षणों की कुल संख्या $N$ (या $\sum f_i$) ज्ञात करते हैं। फिर, हम इस कुल संख्या का आधा यानी $N/2$ निकालते हैं। हम संचयी बारंबारता सारणी में देखते हैं कि कौन सी संचयी बारंबारता $N/2$ से ठीक बड़ी या उसके बराबर है। संगत वर्ग अंतराल को माध्यक वर्ग कहा जाता है। एक बार माध्यक वर्ग की पहचान हो जाने के बाद, सूत्र की सहायता से सटीक माध्यक की गणना की जाती है।
उत्तर (Answer): दिए गए बारंबारता बंटन का बहुलक ज्ञात करने के लिए, हम सबसे पहले बहुलक वर्ग की पहचान करते हैं, जो अधिकतम बारंबारता वाला वर्ग अंतराल होता है।
\nबारंबारताएँ हैं: 5, 8, 12, 6, 4।\nअधिकतम बारंबारता 12 है, जो वर्ग अंतराल 20-30 के संगत है।\nअतः, बहुलक वर्ग = 20-30।
\nबहुलक वर्ग और इसके आसपास के आंकड़ों से:
- बहुलक वर्ग की निचली सीमा ($l$) = 20
- बहुलक वर्ग की बारंबारता ($f_1$) = 12
- बहुलक वर्ग से ठीक पहले वाले वर्ग की बारंबारता ($f_0$) = 8
- बहुलक वर्ग के ठीक बाद वाले वर्ग की बारंबारता ($f_2$) = 6
- वर्ग अंतराल की माप ($h$) = 10
\nबहुलक का सूत्र है:
$$\text{Mode} = l + \left( \frac{f_1 - f_0}{2f_1 - f_0 - f_2} \right) \times h$$
\nमान रखने पर:
$$\text{Mode} = 20 + \left( \frac{12 - 8}{2(12) - 8 - 6} \right) \times 10$$
$$\text{Mode} = 20 + \left( \frac{4}{10} \right) \times 10$$
$$\text{Mode} = 20 + 4 = 24$$
\nअतः, दिए गए आँकड़ों का बहुलक 24 है।
उत्तर (Answer): सांख्यिकी में, जब हम सामान्य रूप से असममित बंटनों पर कार्य करते हैं, तो केंद्रीय प्रवृत्ति के तीन प्रमुख मापों—माध्य, माध्यक और बहुलक—के बीच एक बहुत ही महत्वपूर्ण और उपयोगी आनुभविक संबंध होता है। यह संबंध हमें इनमें से किसी भी एक माप का अनुमान लगाने की अनुमति देता है यदि अन्य दो माप पहले से ज्ञात हों। कार्ल पियरसन ने इस संबंध का व्यापक अध्ययन किया और बताया कि एक मध्यम रूप से असममित आवृत्ति बंटन के लिए, बहुलक और माध्यक का अंतर, माध्यक और माध्य के अंतर का लगभग दोगुना होता है। इसे गणितीय रूप में इस प्रकार व्यक्त किया जाता है:
$$\text{बहुलक} = 3(\text{माध्यक}) - 2(\text{माध्य})$$
\nवैकल्पिक रूप से, इस समीकरण को अन्य मापदंडों को ज्ञात करने के लिए पुनर्व्यवस्थित भी किया जा सकता है। उदाहरण के लिए, $3(\text{माध्यक}) = \text{बहुलक} + 2(\text{माध्य})$। इस आनुभविक संबंध का उपयोग कक्षा 10 की गणित में विभिन्न सांख्यिकीय समस्याओं को हल करने के लिए किया जाता है जब डेटा कुछ अनियमित हो और सभी मापों की प्रत्यक्ष गणना समय लेने वाली हो।
उत्तर (Answer): प्रत्यक्ष विधि से माध्य ज्ञात करने के लिए, हम सबसे पहले वर्ग अंतराल, बारंबारता ($f_i$), वर्ग चिन्ह ($x_i$), और गुणनफल $f_i x_i$ की एक सारणी बनाते हैं।
1. 0-10 के लिए: $x_1 = (0+10)/2 = 5$, $f_1 = 3$, $f_1 x_1 = 15$
2. 10-20 के लिए: $x_2 = (10+20)/2 = 15$, $f_2 = 9$, $f_2 x_2 = 135$
3. 20-30 के लिए: $x_3 = (20+30)/2 = 25$, $f_3 = 15$, $f_3 x_3 = 375$
4. 30-40 के लिए: $x_4 = (30+40)/2 = 35$, $f_4 = 30$, $f_4 x_4 = 1050$
5. 40-50 के लिए: $x_5 = (40+50)/2 = 45$, $f_5 = 18$, $f_5 x_5 = 810$
\nबारंबारताओं का योग, $\sum f_i = 3 + 9 + 15 + 30 + 18 = 75$ है।\nगुणनफलों का योग, $\sum f_i x_i = 15 + 135 + 375 + 1050 + 810 = 2385$ है।
\nमाध्य ($\bar{x}$) का सूत्र है:
$$\bar{x} = \frac{\sum f_i x_i}{\sum f_i}$$
$$\bar{x} = \frac{2385}{75} = 31.8$$
\nअतः, दिए गए आँकड़ों का माध्य 31.8 है।
उत्तर (Answer): एक मध्यम रूप से विषम आवृत्ति वितरण के लिए, केंद्रीय प्रवृत्ति के तीन मापों—माध्य, माध्यिका और बहुलक के बीच का आनुभविक संबंध एक बहुत ही महत्वपूर्ण सांख्यकीय सूत्र द्वारा व्यक्त किया जाता है। इस सूत्र के अनुसार, बहुलक और माध्यिका के बीच का अंतर, माध्यिका और माध्य के अंतर का दोगुना होता है। गणितीय रूप से, इस संबंध को इस प्रकार लिखा जाता है: बहुलक = 3 माध्यिका - 2 माध्य। यह सूत्र व्यावहारिक सांख्यिकी में अत्यधिक उपयोगी है क्योंकि यदि इनमें से केंद्रीय प्रवृत्ति के कोई भी दो माप ज्ञात हों, तो पूरे कच्चे डेटा सेट को दोबारा संसाधित किए बिना तीसरे माप की आसानी से गणना की जा सकती है।
उत्तर (Answer): किसी भी सांख्यिकीय बारंबारता बंटन में, सभी व्यक्तिगत बारंबारताओं का योग हमेशा प्रेक्षणों की कुल संख्या के बराबर होता है, जिसे 'N' या 'sigma fi' द्वारा दर्शाया जाता है। प्रत्येक बारंबारता को कुल प्रेक्षणों से विभाजित करके प्राप्त सापेक्ष बारंबारताओं पर विचार करते समय, उनका समग्र योग हमेशा ठीक एक होता है।