मुख्य सूत्र (Key Formulas)
कक्षा 10: अंग्रेजी (फर्स्ट फ्लाइट)
#### पाठ: नेल्सन मंडेला: लॉन्ग वाक टू फ्रीडम (Nelson Mandela: Long Walk To Freedom) - त्वरित पुनरीक्षण नोट्स (Quick Revision Notes)
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### अध्याय का परिचय (Chapter Introduction)
यह पाठ दक्षिण अफ्रीका के पहले अश्वेत राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला की आत्मकथा 'लॉन्ग वाक टू फ्रीडम' का एक अंश है। इसमें 10 मई 1994 के ऐतिहासिक उद्घाटन समारोह (Inauguration) का वर्णन है, जब दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद (Apartheid) की सरकार का अंत हुआ और एक लोकतांत्रिक, गैर-जातीय सरकार की स्थापना हुई।
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### मुख्य शब्दावली और परिभाषाएँ (Key Vocabulary & Definitions)
1. रंगभेद (Apartheid):
- यह एक ऐसी राजनीतिक व्यवस्था थी जो नस्ल (Race) के आधार पर लोगों के बीच भेदभाव करती थी, विशेष रूप से दक्षिण अफ्रीका में गोरों द्वारा कालों पर अत्याचार।
2. उद्घाटन (Inauguration):
- किसी नए पद या व्यवस्था की शुरुआत का आधिकारिक समारोह। यहाँ यह दक्षिण अफ्रीका की पहली लोकतांत्रिक सरकार के गठन का दिन था।
3. देशभक्ति / राष्ट्रवाद (Patriotism):
- अपने देश के प्रति प्रेम और उसकी आज़ादी के लिए समर्पण।
4. असाधारण मानव आपदा (Extraordinary Human Disaster):
- मंडेला द्वारा रंगभेद की व्यवस्था को दिया गया नाम, जिसके कारण दक्षिण अफ्रीका के लोगों को सदियों तक उत्पीड़न और अमानवीयता का सामना करना पड़ा।
5. बलिदान (Sacrifice):
- देश और समाज की आज़ादी के लिए हँसी-खुशी अपने प्राणों या सुखों का त्याग कर देना।
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### महत्वपूर्ण घटनाएँ और तिथियाँ (Important Events & Dates)
- 10 मई 1994: दक्षिण अफ्रीका की पहली लोकतांत्रिक, गैर-नस्लीय सरकार के गठन का ऐतिहासिक दिन।
- स्थान: प्रिटोरिया (Pretoria) के यूनियन बिल्डिंग्स का एम्फीथिएटर (Amphitheatre)।
- शपथ ग्रहण: नेल्सन मंडेला ने देश के पहले अश्वेत राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली।
- उपस्थिति: दुनिया भर के कई देशों के राजनेता और गणमान्य व्यक्ति इस ऐतिहासिक पल के गवाह बने।
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### मुख्य विचार और संदेश (Key Concepts & Messages)
1. आज़ादी का वास्तविक अर्थ (Real Meaning of Freedom):
- मंडेला के अनुसार, बचपन में आज़ादी उनके लिए एक भ्रम मात्र थी। बड़े होने पर उन्हें एहसास हुआ कि उनकी व्यक्तिगत आज़ादी तो पहले ही छीनी जा चुकी है, इसलिए उनके लोगों की आज़ादी की भूख और तीव्र हो गई।
2. साहस की परिभाषा (Definition of Courage):
- साहस का मतलब डर का न होना नहीं है, बल्कि डर पर विजय प्राप्त करना है। एक बहादुर वह व्यक्ति नहीं है जो डरता नहीं है, बल्कि वह है जो डर पर विजय पाता है।
3. जुड़वां दायित्व (Twin Obligations):
- मंडेला के अनुसार, हर इंसान के जीवन में दो मुख्य दायित्व होते हैं:
- पहला दायित्व: अपने परिवार, माता-पिता, पत्नी और बच्चों के प्रति।
- दूसरा दायित्व: अपने लोगों, अपने समुदाय और अपने देश के प्रति।
4. घृणा और प्रेम (Hatred vs Love):
- कोई भी व्यक्ति किसी अन्य व्यक्ति से उसकी त्वचा के रंग, उसकी पृष्ठभूमि या उसके धर्म के कारण घृणा करने के लिए पैदा नहीं होता। घृणा सिखाई जाती है, और यदि लोग घृणा करना सीख सकते हैं, तो उन्हें प्यार करना भी सिखाया जा सकता है, क्योंकि प्रेम मानव हृदय के अधिक स्वाभाविक रूप से करीब आता है।
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### परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण बिंदु (Important Points for Exams)
- दो राष्ट्रगान (Two National Anthems): समारोह के दौरान दो राष्ट्रगान गाए गए—एक गोरों द्वारा और दूसरा अश्वेतों द्वारा। यह नए दक्षिण अफ्रीका की विविधता और एकता का प्रतीक था।
- इम्पला जेट्स (Impala Jets): दक्षिण अफ्रीकी जेट्स ने आसमान में रंग-बिरंगे धुएं (काला, लाल, हरा, नीला और सुनहरा - नए झंडे के रंग) के साथ उड़ान भरकर नई सरकार के प्रति अपनी निष्ठा दिखाई।
- अहिंसा और शांति का मार्ग: मंडेला ने दिखाया कि कैसे शांति, भाईचारे और क्षमा के माध्यम से एक क्रूर व्यवस्था को बदला जा सकता है।
माइंड मैप चार्ट (Mind Map Chart)
📍 नेल्सन मंडेला: लॉन्ग वॉक टू फ्रीडम (Nelson Mandela: Long Walk to Freedom)
ऐतिहासिक उद्घाटन समारोह (Inauguration Ceremony)
तिथि और स्थान
10 मई 1994
यूनियन बिल्डिंग्स एम्फीथिएटर, प्रिटोरिया
महत्व
दक्षिण अफ्रीका की पहली लोकतांत्रिक, गैर-नस्लीय सरकार की स्थापना
140 से अधिक देशों के अंतर्राष्ट्रीय नेताओं की उपस्थिति
सैन्य प्रदर्शन
दक्षिण अफ्रीकी जेट विमानों का रंगीन प्रदर्शन
लोकतंत्र और नई सरकार के प्रति सेना की वफादारी का प्रतीक
रंगभेद नीति का अंत (End of Apartheid)
रंगभेद (Apartheid) क्या था?
त्वचा के रंग के आधार पर नस्लीय भेदभाव की एक क्रूर व्यवस्था
अश्वेत लोगों पर अमानवीय अत्याचार और उनके अधिकारों का हनन
मंडेला का दृष्टिकोण
इसे "असाधारण मानवीय आपदा" कहा
इस व्यवस्था ने देश में गहरे और स्थायी घाव दिए
मंडेला के भाषण के मुख्य बिंदु
अंतर्राष्ट्रीय समुदाय का आभार
न्याय, शांति और मानव गरिमा की साझा जीत का जश्न
नया संकल्प
गरीबी, अभाव, दुख और लिंग भेदभाव से मुक्ति का वादा
"इस सुंदर भूमि पर फिर कभी एक-दूसरे का दमन नहीं होगा"
साहस और देशभक्तों की परिभाषा
साहस का अर्थ
भय की अनुपस्थिति नहीं, बल्कि भय पर विजय पाना
महान देशभक्तों को श्रद्धांजलि
ओलिवर टैम्बो, वाल्टर सिसुलु, चीफ लुथुली जैसे नायक
मंडेला के अनुसार: देश की असली संपत्ति उसके खनिज नहीं, बल्कि उसके चरित्रवान नागरिक हैं
प्रेम और घृणा
घृणा सीखी जाती है, इसलिए प्रेम भी सिखाया जा सकता है
मानव हृदय में प्रेम स्वाभाविक रूप से आता है
मनुष्य के दोहरे दायित्व (Twin Obligations)
पहला दायित्व
अपने परिवार, माता-पिता, पत्नी और बच्चों के प्रति
दूसरा दायित्व
अपने समाज, समुदाय और देश के प्रति
अश्वेतों के लिए कठिनाई
रंगभेद शासन में अश्वेतों को इन दायित्वों को पूरा करने पर सजा मिलती थी
स्वतंत्रता की बदलती अवधारणा
बचपन में
केवल खेतों में दौड़ने और नदी में तैरने की आजादी (एक भ्रम)
युवावस्था में
अपनी क्षमता के अनुसार जीने, आजीविका कमाने और शादी करने की आजादी
वयस्क होने पर (वास्तविक समझ)
अपने सभी अश्वेत भाइयों और बहनों की स्वतंत्रता और आत्मसम्मान की मांग
अफ्रीकी नेशनल कांग्रेस (ANC) में शामिल होना
उत्पीड़क और पीड़ित (Oppressor and Oppressed)
समान रूप से बंदी
उत्पीड़क (Oppressor) नफरत और संकीर्णता का कैदी होता है
पीड़ित (Oppressed) की स्वतंत्रता छीन ली जाती है
मुक्ति की आवश्यकता
दोनों को ही अपनी मानवता को वापस पाने के लिए मुक्त होने की आवश्यकता है
महत्वपूर्ण बोर्ड प्रश्न (Important Board Questions)
उत्तर (Answer): नेल्सन मंडेला के अनुसार, जीवन में प्रत्येक मनुष्य के दोहरे दायित्व (twin obligations) होते हैं। पहला दायित्व उसके परिवार, माता-पिता, पत्नी और बच्चों के प्रति होता है, जिसे उसका व्यक्तिगत या निजी दायित्व कहा जाता है। दूसरा दायित्व उसके लोगों, उसके समुदाय और उसके देश के प्रति होता है, जो उसका सामाजिक या सार्वजनिक दायित्व है।
\nएक सामान्य और सभ्य समाज में, कोई भी व्यक्ति अपनी क्षमताओं और प्रवृत्तियों के अनुसार इन दोनों दायित्वों को पूरा कर सकता है। लेकिन, रंगभेद (apartheid) के दौर में दक्षिण अफ्रीका में किसी भी अश्वेत व्यक्ति के लिए इन दोनों दायित्वों को पूरा करना लगभग असंभव था। यदि कोई अश्वेत व्यक्ति एक सामान्य इंसान की तरह जीने और अपने परिवार के प्रति कर्तव्य निभाने की कोशिश करता, तो उसे दंडित किया जाता था और उसके परिवार से अलग कर दिया जाता था। यदि वह अपने देश के लोगों की सेवा करने का प्रयास करता, तो उसे जबरन उसके परिवार से दूर कर दिया जाता था और उसे विद्रोह तथा गोपनीयता का जीवन जीने के लिए मजबूर होना पड़ता था। इस प्रकार, रंगभेद की क्रूर व्यवस्था ने अश्वेत लोगों को उनके स्वाभाविक दोहरे दायित्वों को पूरा करने से पूरी तरह रोक दिया था।
उत्तर (Answer): नेल्सन मंडेला का मानना था कि रंगभेद की क्रूर व्यवस्था का, अपनी अत्यधिक क्रूरता और अन्याय के बावजूद, एक अनपेक्षित और सकारात्मक परिणाम भी था। उन्होंने कहा कि "उत्पीड़न की गहराई चरित्र की ऊंचाइयों का निर्माण करती है" क्योंकि उत्पीड़न की कठोर परिस्थितियों ने साहस, बुद्धिमत्ता और उदारता के असाधारण पुरुषों को जन्म दिया। ओलिवर टैम्बो, वाल्टर सिसुलु, चीफ लुथुली और यूसुफ दादू जैसे नेता नस्लीय भेदभाव के खिलाफ अथक संघर्ष की भट्टी में तपकर उभरे। मंडेला ने इसकी तुलना हीरों से की, और सुझाव दिया कि जिस तरह पृथ्वी का सबसे गहरा दबाव सबसे कीमती रत्नों का निर्माण करता है, उसी तरह अत्यधिक सामाजिक उत्पीड़न मनुष्यों में लचीलेपन, बहादुरी और नैतिक शक्ति के बेहतरीन गुणों को बाहर लाता है। इतने तीव्र कष्ट के बिना, दुनिया ने कभी भी बेजोड़ चरित्र वाले ऐसे महान व्यक्तित्वों को नहीं देखा होता।
उत्तर (Answer): ऐतिहासिक उद्घाटन के दिन, दक्षिण अफ्रीकी जेट विमानों, हेलीकॉप्टरों और लड़ाकू विमानों ने प्रिटोरिया में यूनियन बिल्डिंग्स के ऊपर सटीक तालमेल के साथ उड़ान भरी। यह शानदार प्रदर्शन न केवल सैन्य सटीकता और शक्ति का प्रदर्शन था, बल्कि नवगठित, लोकतांत्रिक और गैर-नस्लीय सरकार के प्रति सेना की वफादारी का एक शक्तिशाली प्रतीक भी था। कुछ साल पहले, यही सैन्य जनरल नेल्सन मंडेला को सलाम करने के बजाय गिरफ्तार कर लेते। इस प्रदर्शन का समापन नए दक्षिण अफ्रीकी ध्वज के रंगों—काले, लाल, हरे, नीले और सुनहरे रंग के धुएं के निशान के साथ हुआ। यह रंगभेद के काले, विभाजित अतीत से एक उज्ज्वल, संयुक्त भविष्य की ओर संक्रमण का प्रतीक था जहाँ सभी नागरिकों को, चाहे उनकी जाति कुछ भी हो, नए लोकतांत्रिक संविधान के तहत समान माना गया।
उत्तर (Answer): नेल्सन मंडेला यह कहकर एक गहरा दार्शनिक दृष्टिकोण प्रस्तुत करते हैं कि उत्पीड़क और उत्पीड़ित दोनों को मुक्त किया जाना चाहिए। वे बताते हैं कि जो व्यक्ति दूसरे व्यक्ति की स्वतंत्रता छीन लेता है, वह स्वयं घृणा का कैदी होता है, जो पूर्वाग्रह और संकीर्ण मानसिकता की सलाखों के पीछे बंद होता है। यदि उत्पीड़क किसी अन्य को उसके बुनियादी अधिकारों से वंचित कर रहा है, तो वह स्वयं वास्तव में स्वतंत्र नहीं है। जिस तरह उत्पीड़ितों से उनकी मानवता छीन ली जाती है, उसी तरह उत्पीड़क भी नफरत पालने और क्रूरता का अभ्यास करने के कारण अपने मूल मानवीय मूल्यों से वंचित हो जाता है। इसलिए, उत्पीड़क और उत्पीड़ित दोनों ही समान रूप से मानवता से वंचित हैं। सच्ची मुक्ति तभी प्राप्त होती है जब उत्पीड़ितों को शारीरिक और सामाजिक बंधनों से मुक्त किया जाता है, और उत्पीड़कों को पूर्वाग्रह, घृणा और श्रेष्ठता की मानसिक जंजीरों से मुक्त किया जाता है।
उत्तर (Answer): नेल्सन मंडेला के अनुसार, जीवन में प्रत्येक व्यक्ति के दोहरे दायित्व होते हैं। पहला दायित्व उसके परिवार, उसके माता-पिता, उसकी पत्नी और उसके बच्चों के प्रति होता है। यह एक व्यक्तिगत और सामाजिक जिम्मेदारी है जो किसी के निकटतम प्रियजनों से संबंधित होती है। दूसरा दायित्व उसके लोगों, उसके समुदाय और उसके देश के प्रति होता है। इसमें समाज और राष्ट्र के प्रति एक व्यापक कर्तव्य शामिल है। मंडेला बताते हैं कि एक सामान्य, सभ्य समाज में, कोई भी नागरिक अपनी प्रवृत्ति और क्षमताओं के अनुसार इन दोनों दायित्वों को पूरा कर सकता है। हालाँकि, रंगभेद से पीड़ित दक्षिण अफ्रीका में, किसी अश्वेत व्यक्ति के लिए दोनों को पूरा करना व्यावहारिक रूप से असंभव था। यदि कोई अश्वेत व्यक्ति एक इंसान के रूप में जीने और अपने लोगों के प्रति अपने कर्तव्य को पूरा करने का प्रयास करता था, तो उसे अनिवार्य रूप से उसके परिवार से अलग कर दिया जाता था और विद्रोह तथा अलगाव का जीवन जीने के लिए मजबूर किया जाता था।
उत्तर (Answer): जब नेल्सन मंडेला कहते हैं कि वे "उन सभी अफ्रीकी देशभक्तों का योग मात्र हैं" जो उनसे पहले जा चुके थे, तो वे उन अनगिनत स्वतंत्रता सेनानियों को हार्दिक श्रद्धांजलि दे रहे होते हैं जिन्होंने दक्षिण अफ्रीका की मुक्ति के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी। वे स्वीकार करते हैं कि प्राप्त की गई स्वतंत्रता उनकी व्यक्तिगत जीत नहीं थी, बल्कि ओलिवर टैम्बो, वाल्टर सिसुलु, चीफ लुथुली और यूसुफ दादू जैसे महान नेताओं द्वारा दशकों के संघर्ष का परिणाम थी। असाधारण साहस, बुद्धिमत्ता और उदारता वाले इन पुरुषों ने लोकतांत्रिक परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त किया। मंडेला को इस बात का गहरा दुख था कि वे व्यक्तिगत रूप से उनका धन्यवाद नहीं कर सके और वे यह नहीं देख सके कि उनके बलिदानों ने क्या हासिल किया है। खुद को उनका "योग" कहकर, वे इस बात पर जोर देते हैं कि वे केवल उत्पीड़न के खिलाफ उनके सामूहिक संघर्ष, लचीलेपन और अटूट भावना की विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं।
उत्तर (Answer): नेल्सन मंडेला ने 10 मई 1994 को हुए उद्घाटन समारोह को एक ऐतिहासिक अवसर कहा क्योंकि यह दक्षिण अफ्रीका में तीन शताब्दियों से अधिक के श्वेत अल्पसंख्यक शासन के अंत का प्रतीक था। यह एक नई, लोकतांत्रिक और गैर-नस्लीय सरकार का जन्म था। यह समारोह प्रिटोरिया में यूनियन बिल्डिंग्स द्वारा बनाए गए सुंदर बलुआ पत्थर के रंगमंच (amphitheater) में आयोजित किया गया था। इसमें दुनिया भर के 140 से अधिक देशों के राजनेताओं और गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया था। इस अंतर्राष्ट्रीय उपस्थिति ने रंगभेद पर दक्षिण अफ्रीका की जीत को वैश्विक मान्यता दी। यह न्याय, शांति और मानवीय गरिमा के लिए एक साझा जीत का प्रतिनिधित्व करता था। दशकों तक, अपनी भेदभावपूर्ण नीतियों के कारण दक्षिण अफ्रीका को एक अंतरराष्ट्रीय बहिष्कृत देश माना जाता था, लेकिन इस दिन, इसने स्वतंत्रता और समानता की जीत का जश्न मनाने के लिए दुनिया का स्वागत किया।
उत्तर (Answer): रंगभेद की प्रणाली एक क्रूर राजनीतिक व्यवस्था थी जिसने दक्षिण अफ्रीका में एक गहरा और स्थायी घाव छोड़ दिया। इसकी विशेषता नस्लीय अलगाव थी, जहाँ श्वेत अल्पसंख्यक सरकार द्वारा अश्वेत बहुसंख्यकों को व्यवस्थित रूप से प्रताड़ित, भेदभाव और बुनियादी मानवाधिकारों से वंचित किया जाता था। इस शासन के तहत, अश्वेत लोगों को वोट देने, निर्धारित श्वेत क्षेत्रों में रहने, या गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा प्राप्त करने की अनुमति नहीं थी। नेल्सन मंडेला इसे दुनिया के सबसे कठोर और अमानवीय समाजों में से एक बताते हैं। इसने लोगों से उनका सम्मान छीन लिया, परिवारों को अलग कर दिया और मंडेला जैसे नेताओं को दशकों तक जेल में रहने के लिए मजबूर किया। इस व्यवस्था ने गहरी नफरत और विभाजन पैदा किया, लेकिन इसने असाधारण देशभक्तों को भी जन्म दिया जिन्होंने लोकतंत्र की स्थापना होने तक इस संस्थागत अन्याय के खिलाफ अथक लड़ाई लड़ी।
उत्तर (Answer): नेल्सन मंडेला के अनुसार, रंगभेद की नीति ने देश और उसके लोगों पर एक गहरा और स्थायी घाव छोड़ दिया था। इसने अश्वेत बहुसंख्यकों के लिए दशकों के व्यवस्थित उत्पीड़न, क्रूरता और अपमान को जन्म दिया, जिससे ऐसे घाव बने जिन्हें ठीक होने में पीढ़ियां लग जाएंगी। हालाँकि, इस तीव्र उत्पीड़न का एक अनपेक्षित, सकारात्मक प्रभाव भी पड़ा। इसने ओलिवर टैम्बो, वाल्टर सिसुलु, चीफ लुथुली और यूसुफ दादू जैसे असाधारण साहस, बुद्धिमत्ता और उदारता वाले पुरुषों को जन्म दिया। मंडेला का मानना था कि चरित्र की ऐसी ऊंचाइयों का निर्माण करने के लिए उत्पीड़न की इतनी गहराई आवश्यक होती है, और दक्षिण अफ्रीका की सबसे बड़ी संपत्ति उसके खनिज और रत्न नहीं हैं, बल्कि उसके असाधारण रूप से अच्छे और सच्चे नागरिक हैं।
उत्तर (Answer): अपने भाषण की शुरुआत में, नेल्सन मंडेला रंगभेद की 'असाधारण मानवीय आपदा' (extraordinary human disaster) का उल्लेख करते हैं। यह आपदा संस्थागत नस्लीय अलगाव और श्वेत वर्चस्व की प्रणाली थी जिसने दशकों तक दक्षिण अफ्रीका पर शासन किया, जिससे अश्वेत बहुसंख्यक आबादी को अत्यधिक पीड़ा, अपमान और उत्पीड़न का सामना करना पड़ा। अपने भाषण के अंत में, वे 'शानदार मानवीय उपलब्धि' (glorious human achievement) की बात करते हैं, जो दक्षिण अफ्रीका की पहली लोकतांत्रिक, गैर-जातीय सरकार की स्थापना को संदर्भित करती है। यह उपलब्धि नस्लीय भेदभाव पर स्वतंत्रता, समानता और न्याय की जीत का प्रतिनिधित्व करती है, जिससे सभी नागरिकों को, उनकी त्वचा के रंग की परवाह किए बिना, अपने देश में सम्मान और समान अधिकारों के साथ जीने का अवसर मिला।
उत्तर (Answer): उद्घाटन के ऐतिहासिक दिन पर, दक्षिण अफ्रीका के लोगों द्वारा दो राष्ट्रगान गाए गए। श्वेत नागरिकों ने 'डाई स्टेम वैन सूड-अफ़्रीका' (गणराज्य का पुराना राष्ट्रगान) गाया, जबकि अश्वेत नागरिकों ने 'नकोसी सिकेलेल आईअफ़्रीका' (लोकतांत्रिक आंदोलन का राष्ट्रगान) गाया। हालाँकि उस समय दोनों में से कोई भी समूह दूसरे के राष्ट्रगान के बोल अच्छी तरह से नहीं जानता था, लेकिन वे जल्द ही इन शब्दों को दिल से याद करने वाले थे। दोनों राष्ट्रगानों का गाया जाना अत्यधिक प्रतीकात्मक था। यह सभी जातियों की समानता, पुराने नस्लीय मतभेदों को भुलाने और एक नए लोकतांत्रिक राष्ट्र की एकता का प्रतिनिधित्व करता था जहाँ श्वेत और अश्वेत लोग शांति और सद्भाव के साथ मिलकर रहेंगे।
उत्तर (Answer): नेल्सन मंडेला का मानना था कि उत्पीड़क (oppressor) और उत्पीड़ित (oppressed) दोनों ही अपनी वास्तविक मानवता से वंचित हो जाते हैं। उत्पीड़ित व्यक्ति शारीरिक रूप से गुलाम होता है, जो क्रूरता के बोझ तले स्वतंत्रता, सम्मान और बुनियादी मानवाधिकारों के नुकसान से पीड़ित होता है। दूसरी ओर, उत्पीड़क नफरत, पूर्वाग्रह और संकीर्णता का कैदी होता है। उत्पीड़क का दिमाग पक्षपात और दुश्मनी की सलाखों के पीछे बंद होता है, जो उसकी आत्मा को दूषित करता है और उसकी नैतिक क्षमता को छीन लेता है। मंडेला ने तर्क दिया कि जो व्यक्ति दूसरे व्यक्ति की स्वतंत्रता छीनता है, वह भी उतना ही कैदी है जितना कि वह जिसकी स्वतंत्रता छीनी गई है। इसलिए, सच्ची मानवता को बहाल करने के लिए दोनों को ही इस मानसिक और शारीरिक गुलामी से मुक्त किया जाना चाहिए।
उत्तर (Answer): बचपन में, मंडेला सोचते थे कि वे स्वतंत्र पैदा हुए हैं, जब तक कि वे अपने पिता की आज्ञा का पालन करते थे और अपने कबीले के रीति-रिवाजों का पालन करते थे। वे खेतों में दौड़ने, साफ धारा में तैरने और मक्का भूनने के लिए स्वतंत्र थे। एक छात्र के रूप में, वे अपने लिए 'अस्थायी स्वतंत्रता' चाहते थे, जैसे रात में बाहर रहना और अपनी पसंद की किताबें पढ़ना। हालाँकि, जोहान्सबर्ग में एक युवा के रूप में, उन्हें एहसास हुआ कि ये सब केवल भ्रम थे। उन्होंने अपनी क्षमता हासिल करने, अपनी आजीविका कमाने, शादी करने और परिवार बसाने की बुनियादी और सम्मानजनक स्वतंत्रता के लिए तरसना शुरू कर दिया। अंततः, उन्हें एहसास हुआ कि न केवल उनकी स्वतंत्रता छीनी गई थी, बल्कि सभी अश्वेत दक्षिण अफ्रीकियों की स्वतंत्रता भी गंभीर रूप से प्रतिबंधित थी, जिसने उन्हें अफ्रीकी राष्ट्रीय कांग्रेस (ANC) में शामिल होने के लिए प्रेरित किया।
उत्तर (Answer): नेल्सन मंडेला के अनुसार, जीवन में हर व्यक्ति के दोहरे दायित्व (twin obligations) होते हैं। पहला दायित्व उसके परिवार, माता-पिता, पत्नी और बच्चों के प्रति होता है। दूसरा दायित्व उसके लोगों, उसके समुदाय और उसके देश के प्रति होता है। एक सामान्य और सभ्य समाज में, कोई भी व्यक्ति अपनी प्रवृत्ति और क्षमताओं के अनुसार इन दोनों कर्तव्यों को पूरा कर सकता है। हालांकि, रंगभेद शासन के तहत दक्षिण अफ्रीका में, एक अश्वेत व्यक्ति के लिए दोनों को पूरा करना लगभग असंभव था। यदि किसी अश्वेत व्यक्ति ने एक इंसान की तरह जीने का प्रयास किया, तो उसे दंडित किया गया और समाज से अलग कर दिया गया। यदि उसने अपने लोगों की सेवा करने की कोशिश की, तो उसे अनिवार्य रूप से उसके परिवार से अलग कर दिया गया और विद्रोह का एकाकी जीवन जीने के लिए मजबूर किया गया।
उत्तर (Answer): 10 मई 1994 को, दक्षिण अफ्रीका के प्रिटोरिया में एक ऐतिहासिक उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया था, जिसने क्रूर रंगभेद शासन के अंत और देश की पहली लोकतांत्रिक, गैर-जातीय सरकार की स्थापना को चिह्नित किया। इस समारोह में अपनी एकजुटता और समर्थन दिखाने के लिए 140 से अधिक देशों के बड़ी संख्या में अंतर्राष्ट्रीय नेता और गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए थे। दशकों से, दक्षिण अफ्रीका अपनी नस्लीय भेदभाव की नीतियों के कारण अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से अलग-थलग पड़ा हुआ था। इन वैश्विक नेताओं की उपस्थिति ने इस अलगाव के अंत का प्रतीक प्रस्तुत किया और न्याय, शांति और मानवीय गरिमा के लिए एक साझा जीत का प्रतिनिधित्व किया। यह नवजात स्वतंत्र राष्ट्र के लिए अंतर्राष्ट्रीय मान्यता का एक बड़ा संकेत था, जो नस्लीय उत्पीड़न पर मानवता की जीत का जश्न मना रहा था।