मुख्य सूत्र (Key Formulas)
कक्षा 6 सामाजिक विज्ञान: क्या, कब, कहाँ और कैसे? - त्वरित पुनरीक्षण नोट्स
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1. मुख्य परिचय (Introduction)
- यह अध्याय हमें हमारे अतीत के बारे में जानने के स्रोतों और तौर-तरीकों की जानकारी देता है।
- इतिहास केवल राजाओं और रानियों की कहानी नहीं है, बल्कि यह हम सभी के अतीत से जुड़ा है।
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2. महत्वपूर्ण शब्द और परिभाषाएँ (Important Terms & Definitions)
- अतीत (Past): जो समय बीत चुका है। हमारे जीवन में और समाज में जो बदलाव हुए हैं, उनका अध्ययन अतीत के अंतर्गत आता है।
- इतिहास (History): अतीत का अध्ययन। यह हमें यह समझने में मदद करता है कि आज की दुनिया कैसे बनी है।
- पांडुलिपि (Manuscript): हाथ से लिखी गई पुस्तकें। इन्हें आमतौर पर ताड़ के पत्तों या भुर्ज (भूर्ज) पेड़ की छाल पर लिखा जाता था। (अंग्रेजी का शब्द 'Manuscript' लैटिन शब्द 'manu' से निकला है, जिसका अर्थ 'हाथ' है)।
- अभिलेख (Inscription): पत्थर या धातु जैसी कठोर सतहों पर उत्कीर्ण (खोदे गए) लेख। राजा अपने आदेशों को इन पर खुदवाते थे ताकि लोग उन्हें देख सकें और पढ़ सकें।
- पुरातत्वविदों (Archaeologists): वे लोग जो अतीत की वस्तुओं का अध्ययन करते हैं। वे इमारतों के अवशेष, चित्र, मूर्तियाँ, औजार, हथियार, बर्तन और सिक्कों की खोज और अध्ययन करते हैं।
- इतिहासकार (Historians): वे विद्वान जो अतीत का अध्ययन करते हैं और पांडुलिपियों, अभिलेखों तथा पुरातत्व से प्राप्त स्रोतों का उपयोग करके अतीत का पुनर्निर्माण करते हैं।
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3. अतीत के स्रोत (Sources of History)
इतिहासकारों को अतीत की जानकारी मुख्य रूप से दो स्रोतों से मिलती है:
1. पुरातत्वीय स्रोत (Archaeological Sources):
- सिक्के, बर्तन, हथियार, और आभूषण।
- इमारतें, मंदिर, और स्मारक।
- पत्थर और धातु पर लिखे गए अभिलेख।
- हड्डियाँ (जानवरों, पौधों और इंसानों की)।
2. साहित्यिक स्रोत (Literary Sources):
- पांडुलिपियाँ: हाथ से लिखी गई पुस्तकें जो धार्मिक मान्यताओं, राजाओं के जीवन, औषधियों और विज्ञान पर आधारित होती थीं।
- ग्रंथ और महाकाव्य: वेद, रामायण, महाभारत आदि।
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4. हमारे देश के नाम (Names of our Country)
- इंडिया (India): यह शब्द 'इण्डस' (Indus) से निकला है, जिसे संस्कृत में 'सिंधु' कहा जाता है। लगभग 2500 वर्ष पूर्व उत्तर-पश्चिम की ओर से आने वाले ईरानियों और यूनानियों ने इसे 'इन्दोस' या 'इन्்டோस' और इस नदी के पूर्व में स्थित भूमि को 'इंडिया' कहा।
- भारत (Bharat): इस नाम का प्रयोग 'ऋग्वेद' (जो लगभग 3500 वर्ष पुरानी संस्कृत की कृति है) में उत्तर-पश्चिम में रहने वाले लोगों के एक समूह के लिए किया गया था। बाद में इसका प्रयोग देश के लिए होने लगा।
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5. तिथियों का मतलब (Meaning of Dates)
- इतिहास में तारीखों का बहुत महत्व होता है। वर्षों की गिनती ईसाई धर्मप्रवर्तक ईसा मसीह के जन्म के वर्ष से की जाती है।
- ई.पू. (B.C. - Before Christ): ईसा मसीह के जन्म से पहले का समय (ईसा पूर्व)। इसमें वर्ष उल्टे क्रम में चलते हैं (जैसे 2000 ई.पू., 1900 ई.पू. से पहले आता है)।
- ईसवी (A.D. - Anno Domini): ईसा मसीह के जन्म के बाद का समय। इसे 'ईस्वी' कहा जाता है।
- B.C.E. और C.E.: अब 'B.C.' की जगह 'B.C.E.' (Before Common Era) और 'A.D.' की जगह 'C.E.' (Common Era) का प्रयोग किया जाने लगा है।
माइंड मैप चार्ट (Mind Map Chart)
📍 क्या, कब, कहाँ और कैसे?
अतीत के बारे में हम क्या जान सकते हैं?
खाने के प्रकार
पहनने के तरीके
घरों के प्रकार
आखेटक (शिकारी)
पशुपालक
कृषक
शासक
व्यापारी
पुरोहित
शिल्पकार
कलाकार
संगीतकार
वैज्ञानिक
बच्चों के खेल और कहानियाँ
लोग कहाँ रहते थे?
नर्मदा नदी घाटी
शुरुआती संग्रहकर्ता (हजारों साल पहले)
कुशल संग्रही
वनों के संसाधनों का ज्ञान
सुलेमान और किरथार की पहाड़ियाँ (उत्तर-पश्चिम)
लगभग 8000 वर्ष पूर्व
सर्वप्रथम स्त्री-पुरुष द्वारा गेहूँ और जौ जैसी फसलों की शुरुआत
भेड़, बकरी और गाय-बैलों को पालतू बनाना
गारो और विंध्य पहाड़ियाँ
उत्तर-पूर्व और मध्य भारत
कृषि का विकास
सबसे पहले चावल उपजाया गया
सिंधु और उसकी सहायक नदियाँ
लगभग 4700 वर्ष पूर्व
नदियों के किनारे आरंभिक नगरों का विकास
गंगा और उसकी सहायक नदियाँ (सोन नदी)
लगभग 2500 वर्ष पूर्व
गंगा के दक्षिण का क्षेत्र 'मगध' (वर्तमान बिहार) कहलाता था
शक्तिशाली राज्य का उदय
देश का नाम
'इंडिया' शब्द 'सिंधु' (इंडस) से निकला है
ईरान और यूनानियों द्वारा नामकरण
'भारत' नाम का प्रयोग उत्तर-पश्चिम में रहने वाले लोगों के समूह के लिए
ऋग्वेद (लगभग 3500 वर्ष पुरानी कृति) में उल्लेख
अतीत के बारे में कैसे जानें?
पांडुलिपि (Manuscript)
हाथ से लिखी गईं (लैटिन शब्द 'मैनू' यानी हाथ)
ताड़पत्रों पर या भूर्ज (Birch) पेड़ की छाल पर
मंदिरों और विहारों में संचित
धार्मिक मान्यताएँ, राजाओं की जीवनचर्या, औषधियाँ, विज्ञान
अभिलेख (Inscriptions)
पत्थर या धातु जैसी कठोर सतहों पर उत्कीर्ण
राजाओं या अन्य लोगों के आदेश, विजय और कार्य
पुरातत्व (Archaeology)
पुरातत्वविदों द्वारा अध्ययन
अवशेष: इमारतें, पत्थर, पक्की ईंटें, बर्तन, आभूषण, हथियार
जमीन के अंदर और ऊपर खुदाई
जानवरों, पक्षियों और मछलियों की हड्डियाँ
पौधों के अवशेष
अतीत: एक या अनेक?
विभिन्न समूहों के लिए अलग-अलग अतीत
पशुपालकों और कृषकों का जीवन राजाओं से भिन्न था
आज भी देश के अलग-अलग हिस्सों में भिन्न रीति-रिवाज
तिथियों का मतलब
ईसा मसीह के जन्म के रूप में समय की गणना
ई.पू. (ईसा पूर्व - Before Christ)
ई. (ईस्वी - Anno Domini / Common Era)
तिथियों के अन्य रूप (जैसे BP - Before Present)
महत्वपूर्ण बोर्ड प्रश्न (Important Board Questions)
उत्तर (Answer): सही उत्तर **B: पत्थर, हड्डी और धातु** है। शुरुआती इतिहास में औजार और हथियार मुख्य रूप से पत्थर, हड्डी और बाद में सभ्यताओं के विकास के साथ तांबे, कांस्य और लोहे जैसी धातुओं से बनाए जाते थे।
उत्तर (Answer): सही उत्तर **A: इंडिया को बाहर के लोगों द्वारा सिंधु/इंडस कहा गया था, और ऋग्वेद में उल्लिखित लोगों के एक समूह के लिए भारत का उपयोग किया गया था** है। 'भारत' नाम उत्तर-पश्चिम में रहने वाले लोगों के एक समूह के लिए उपयोग किया जाता है जिनका उल्लेख ऋग्वेद में है, जबकि 'इंडिया' नाम सिंधु (Indus/Sindhu) से आया है।
उत्तर (Answer): सही उत्तर **D: बिफोर कॉमन एरा** है। BCE का अर्थ 'बिफोर कॉमन एरा' (सामान्य युग से पूर्व) है, जिसका उपयोग सामान्य युग से पहले की तिथियों को दर्शाने के लिए BC के स्थान पर किया जाता है।
उत्तर (Answer): सही उत्तर **B: CE** है। CE का अर्थ 'कॉमन एरा' (सामान्य युग) है, जिसका उपयोग अब AD के स्थान पर बार-बार किया जाता है, ठीक वैसे ही जैसे BC के स्थान पर BCE ('बिफोर कॉमन एरा') का उपयोग किया जाता है।
उत्तर (Answer): सही उत्तर **C: यह पता लगाने के लिए कि अतीत में लोग क्या खाते थे** है। जानवरों, पक्षियों और मछलियों की हड्डियाँ पुरातत्वविदों को प्राचीन काल में रहने वाले लोगों की खान-पान की आदतों और खाद्य स्रोतों को समझने में मदद करती हैं।
उत्तर (Answer): सही उत्तर **A: सिंधु नदी** है। लगभग 4700 वर्ष पूर्व, कुछ शुरुआती शहर सिंधु नदी और उसकी सहायक नदियों के किनारे फले-फुले।
उत्तर (Answer): सही उत्तर **B: भेड़, बकरी और गाय-बैल** है। इन क्षेत्रों के लोगों ने लगभग 8000 वर्ष पूर्व खेती के साथ-साथ भेड़, बकरी और गाय-बैल जैसे जानवरों को पालना शुरू किया था।
उत्तर (Answer): सही उत्तर **C: हाथ** है। 'मानुष' शब्द का अर्थ हाथ है, यही कारण है कि अतीत में हाथ से लिखी गई पुस्तकों को पांडुलिपि (manuscript) कहा जाता है।
उत्तर (Answer): सही उत्तर **D: उपर्युक्त सभी** है। लोग आजीविका की तलाश में, प्राकृतिक आपदाओं से बचने के लिए, अन्य भूमि को जीतने वाली सेनाओं में, और व्यापारी व्यापार के लिए सामान लेकर यात्रा करते थे।
उत्तर (Answer): सही उत्तर **B: एनो डोमिनी** है। AD दो लैटिन शब्दों 'एनो डोमिनी' का संक्षिप्त रूप है, जिसका अर्थ है 'प्रभु के वर्ष में' (ईसा मसीह के जन्म के वर्ष से संदर्भित)।
उत्तर (Answer): सही उत्तर **A: बिफोर क्राइस्ट (ईसा पूर्व)** है। इतिहास में तिथियों की गणना अक्सर ईसा मसीह के जन्म से पीछे की ओर की जाती है, और उस घटना से पहले के वर्षों को BC (बिफोर क्राइस्ट / ईसा पूर्व) के रूप में दर्शाया जाता है।
उत्तर (Answer): सही उत्तर **D: विंध्य के उत्तर में** है। चावल सबसे पहले विंध्य के उत्तर में उगाए गए थे, जो शुरुआती कृषि में एक महत्वपूर्ण विकास का प्रतीक है।
उत्तर (Answer): सही उत्तर **C: इतिहासकार** है। इतिहासकार वे विद्वान होते हैं जो अतीत का अध्ययन करते हैं, और ऐतिहासिक घटनाओं को पुनर्रचित करने तथा समझने के लिए अक्सर पांडुलिपियों, शिलालेखों और पुरातत्व में पाई गई जानकारी का उपयोग करते हैं।
उत्तर (Answer): सही उत्तर **B: लगभग 8000 वर्ष पूर्व** है। इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों ने लगभग 8000 वर्ष पूर्व सबसे पहले गेहूँ और जौ जैसी फसलों को उगाना शुरू किया और भेड़, बकरी तथा गाय-बैलों जैसे जानवरों को पालना शुरू किया।
उत्तर (Answer): सही उत्तर **A: सिंधु** है। लगभग 2500 वर्ष पूर्व उत्तर-पश्चिम से आने वाले ईरानियों और यूनानियों ने इसे हिंडोस या इंदोस कहा, और इस नदी के पूर्व में स्थित भूमि को 'सिंधु' शब्द से बने 'इंडिया' के रूप में जाना गया।