यह फॉर्मूला शीट मध्य प्रदेश बोर्ड (MP Board) के पाठ्यक्रम के अनुसार कक्षा 7 के गणित विषय के अध्याय "आँकड़ों का प्रबंधन" के लिए तैयार की गई है।
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1. आँकड़ा (Data): सूचनाओं, संख्याओं या प्रेक्षणों का संग्रह जो एक विशिष्ट उद्देश्य के लिए एकत्र किया जाता है, आँकड़ा कहलाता है।
2. यथार्थ आँकड़ा (Raw Data): वह डेटा जो हमें उसके मूल रूप में प्राप्त होता है, उसे यथार्थ आँकड़ा कहते हैं।
3. वर्गीकरण (Organization of Data): आँकड़ों को सारणीबद्ध रूप में व्यवस्थित करना ताकि उनका अध्ययन आसानी से किया जा सके।
4. बहुलक (Mode): किसी दिए गए प्रेक्षणों के समूह में वह प्रेक्षण जो सबसे अधिक बार आता है, बहुलक कहलाता है।
5. माध्यिका या माध्यक (Median): दिए गए प्रेक्षणों को आरोही (बढ़ते) या अवरोही (घटते) क्रम में व्यवस्थित करने के बाद, ठीक बीच में स्थित मान (प्रेक्षण) माध्यिका कहलाता है।
6. माध्य या औसत (Mean / Arithmetic Mean): सभी प्रेक्षणों के योग को प्रेक्षणों की कुल संख्या से भाग देने पर प्राप्त मान माध्य कहलाता है।
7. परिसर (Range): किसी आँकड़े के सबसे बड़े मान और सबसे छोटे मान के अंतर को परिसर कहते हैं।
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#### 1. अंकगणितीय माध्य (Arithmetic Mean)
माध्य = (सभी प्रेक्षणों का योग) / (प्रेक्षणों की कुल संख्या)
#### 2. परिसर (Range)
परिसर = (सबसे बड़ा मान) - (सबसे छोटा मान)
#### 3. माध्यिका ज्ञात करने के चरण (Steps to find Median):
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आँकड़ों को चित्रों या आलेखों के माध्यम से आसानी से समझने के लिए निम्नलिखित का उपयोग किया जाता है:
1. चित्रालेख (Pictograph): चित्रों या प्रतीकों के माध्यम से आँकड़ों का प्रदर्शन।
2. दंड आलेख (Bar Graph): समान चौड़ाई वाले दंडों (आयतों) का उपयोग करके सूचनाओं को प्रदर्शित करना, जिनकी ऊँचाइयाँ उनकी बारंबारता (Frequency) के समानुपातिक होती हैं।
3. द्वि-दंड आलेख (Double Bar Graph): दो अलग-अलग प्रकार के आँकड़ों की एक साथ तुलना करने के लिए उपयोग किया जाने वाला दंड आलेख।
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1. प्रायिकता (Probability): किसी घटना के घटने की संभावना (Chance) का संख्यात्मक माप।
2. संभावना का सूत्र:
प्रायिकता = (अनुकूल परिणामों की संख्या) / (संभव परिणामों की कुल संख्या)
3. निश्चित घटना की प्रायिकता: 1
4. असंभव घटना की प्रायिकता: 0
5. किसी घटना के होने की प्रायिकता हमेशा 0 और 1 के बीच (या उनके बराबर) होती है।