कक्षा 7: गणित - रेखाएँ और कोण (Lines and Angles)
#### त्वरित पुनरीक्षण नोट्स (Quick Revision Notes)
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1. बुनियादी पद और परिभाषाएँ (Basic Terms and Definitions)
- रेखाखंड (Line Segment): एक रेखाखंड के दो अंतःबिंदु (endpoints) होते हैं। इसकी एक निश्चित लंबाई होती है।
- किरण (Ray): एक किरण का एक अंतःबिंदु होता है और यह एक दिशा में अनंत तक बढ़ती है।
- रेखा (Line): एक रेखा के कोई अंतःबिंदु नहीं होते हैं। इसे दोनों दिशाओं में अनंत तक बढ़ाया जा सकता है।
- कोण (Angle): जब दो किरणें एक ही प्रारंभिक बिंदु से निकलती हैं, तो एक कोण बनता है। इस प्रारंभिक बिंदु को शीर्ष (Vertex) कहते हैं।
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2. कोणों के प्रकार (Types of Angles)
- न्यून कोण (Acute Angle): वह कोण जिसकी माप $0^\circ$ से अधिक और $90^\circ$ से कम होती है। ($0^\circ < \text{माप} < 90^\circ$)
- समकोण (Right Angle): वह कोण जिसकी माप ठीक $90^\circ$ होती है। ($\text{माप} = 90^\circ$)
- अधिक कोण (Obtuse Angle): वह कोण जिसकी माप $90^\circ$ से अधिक और $180^\circ$ से कम होती है। ($90^\circ < \text{माप} < 180^\circ$)
- ऋजु कोण / सरल कोण (Straight Angle): वह कोण जिसकी माप ठीक $180^\circ$ होती है। यह एक सीधी रेखा बनाता है। ($\text{माप} = 180^\circ$)
- प्रतिवर्ती कोण (Reflex Angle): वह कोण जिसकी माप $180^\circ$ से अधिक और $360^\circ$ से कम होती है। ($180^\circ < \text{माप} < 360^\circ$)
- पूर्ण कोण (Complete Angle): वह कोण जिसकी माप ठीक $360^\circ$ होती है। ($\text{माप} = 360^\circ$)
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3. कोणों के युग्म (Pairs of Angles)
#### (क) पूरक कोण (Complementary Angles)
- जब दो कोणों की मापों का योग $90^\circ$ होता है, तो वे पूरक कोण कहलाते हैं।
- यदि एक कोण $x^\circ$ है, तो उसका पूरक कोण $(90^\circ - x^\circ)$ होगा।
#### (ख) संपूरक कोण (Supplementary Angles)
- जब दो कोणों की मापों का योग $180^\circ$ होता है, तो वे संपूरक कोण कहलाते हैं।
- यदि एक कोण $x^\circ$ है, तो उसका संपूरक कोण $(180^\circ - x^\circ)$ होगा।
#### (ग) आसन्न कोण (Adjacent Angles)
1. एक उभयनिष्ठ शीर्ष (common vertex) हो।
2. एक उभयनिष्ठ भुजा (common arm) हो।
3. गैर-उभयनिष्ठ भुजाएँ उभयनिष्ठ भुजा के विपरीत ओर हों।
#### (घ) रैखिक युग्म (Linear Pair)
- आसन्न कोणों का ऐसा युग्म जिनकी गैर-उभयनिष्ठ भुजाएँ विपरीत किरणें (opposite rays) बनाती हैं, रैखिक युग्म कहलाता है।
- महत्वपूर्ण गुण: एक रैखिक युग्म के कोणों का योग हमेशा $180^\circ$ होता है।
#### (ङ) शीर्षाभिमुख कोण (Vertically Opposite Angles)
- जब दो रेखाएँ एक-दूसरे को प्रतिच्छेद (intersect) करती हैं, तो आमने-सामने के कोण शीर्षाभिमुख कोण कहलाते हैं।
- महत्वपूर्ण गुण: शीर्षाभिमुख कोण हमेशा बराबर होते हैं। (यदि कोण 1 और कोण 2 शीर्षाभिमुख हैं, तो $\angle 1 = \angle 2$)
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4. रेखाओं के युग्म (Pairs of Lines)
- प्रतिच्छेदी रेखाएँ (Intersecting Lines): वे रेखाएँ जो एक बिंदु पर एक-दूसरे को काटती हैं, प्रतिच्छेदी रेखाएँ कहलाती हैं। इस प्रतिच्छेदन बिंदु पर शीर्षाभिमुख कोण बनते हैं।
- तिर्यक रेखा (Transversal Line): वह रेखा जो दो या दो से अधिक भिन्न रेखाओं को अलग-अलग बिंदुओं पर प्रतिच्छेद करती है, तिर्यक रेखा कहलाती है।
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5. तिर्यक रेखा द्वारा निर्मित कोण (Angles made by a Transversal Line)
जब एक तिर्यक रेखा दो समांतर (parallel) रेखाओं को काटती है, तो निम्नलिखित कोण बनते हैं:
1. संगत कोण (Corresponding Angles): प्रत्येक संगत कोण युग्म आपस में बराबर होता है। (जैसे ऊपर की ओर बने कोण)
2. एकान्तर अंतः कोण (Alternate Interior Angles): प्रत्येक एकान्तर अंतः कोण युग्म आपस में बराबर होता है ('Z' आकृति बनाते हैं)।
3. एकान्तर बाह्य कोण (Alternate Exterior Angles): प्रत्येक एकान्तर बाह्य कोण युग्म आपस में बराबर होता है।
4. तिर्यक रेखा के एक ही ओर के अंतः कोण (Consecutive Interior Angles / Co-interior Angles): तिर्यक रेखा के एक ही ओर के अंतः कोणों का योग $180^\circ$ (संपूरक) होता है।
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6. दो रेखाओं की समांतरता की जाँच (Checking for Parallel Lines)
यदि दो रेखाओं को एक तिर्यक रेखा काटती है और:
- संगत कोणों का कोई युग्म बराबर है, तो रेखाएँ समांतर हैं।
- एकान्तर अंतः कोणों का कोई युग्म बराबर है, तो रेखाएँ समांतर हैं।
- तिर्यक रेखा के एक ही ओर के अंतः कोणों का योग $180^\circ$ है, तो रेखाएँ समांतर हैं।