मुख्य सूत्र (Key Formulas)
कक्षा 7 विज्ञान: प्रकाश (Light) - त्वरित संशोधन नोट्स (Quick Revision Notes)
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### अवधारणा 1: प्रकाश का सीधी रेखा में गमन (Rectilinear Propagation of Light)
- प्रकाश की किरण: प्रकाश एक सीधी रेखा में गमन (चलती) करता है। इसे प्रकाश का सीधी रेखा में गमन कहते हैं।
- दैनिक जीवन का उदाहरण: जब किसी जलती हुई मोमबत्ती को पहले सीधे पाइप से देखते हैं तो लौ दिखाई देती है, लेकिन पाइप को मोड़ने पर लौ दिखाई नहीं देती। यह दर्शाता है कि प्रकाश सीधी रेखा में चलता है।
### अवधारणा 2: प्रकाश का परावर्तन (Reflection of Light)
- परावर्तन की परिभाषा: जब प्रकाश की किरण किसी चमकदार या पॉलिश की हुई सतह (जैसे दर्पण) पर पड़ती है, तो वह उसी माध्यम में वापस लौट जाती है। इस प्रक्रिया को प्रकाश का परावर्तन कहते हैं।
- समतल दर्पण द्वारा प्रतिबिंब:
- समतल दर्पण द्वारा बना प्रतिबिंब सीधा और आभासी (virtual) होता है।
- प्रतिबिंब का आकार वस्तु के आकार के बराबर होता है।
- दर्पण से वस्तु की दूरी और दर्पण से प्रतिबिंब की दूरी समान होती है।
- पार्श्व व्युत्क्रम (Lateral Inversion): समतल दर्पण में वस्तु का बायां भाग दायां और दायां भाग बायां दिखाई देता है। (जैसे एम्बुलेंस पर उल्टा 'AMBULANCE' लिखा जाना)।
### अवधारणा 3: गोलीय दर्पण (Spherical Mirrors)
- अवतल दर्पण (Concave Mirror): वह गोलीय दर्पण जिसका परावर्तक पृष्ठ अंदर की ओर वक्रित (धंसा हुआ) होता है।
- यह वास्तविक और उल्टा प्रतिबिंब बना सकता है (दंत चिकित्सक और टॉर्च में उपयोग)।
- उत्तल दर्पण (Convex Mirror): वह गोलीय दर्पण जिसका परावर्तक पृष्ठ बाहर की ओर उभरा होता है।
- यह हमेशा सीधा और छोटा प्रतिबिंब बनाता है (वाहनों के साइड-व्यू मिरर में उपयोग)।
### अवधारणा 4: लेंस (Lenses)
- उत्तल लेंस (Convex Lens): वह लेंस जो किनारों की तुलना में बीच में मोटा होता है।
- यह प्रकाश की किरणों को एक बिंदु पर केंद्रित (अभिसारी) करता है, इसलिए इसे अभिसारी लेंस भी कहते हैं।
- अवतल लेंस (Concave Lens): वह लेंस जो किनारों की तुलना में बीच में पतला होता है।
- यह प्रकाश की किरणों को फैलाता (अपसारी) है, इसलिए इसे अपसारी लेंस भी कहते हैं।
### अवधारणा 5: सूर्य का प्रकाश - श्वेत या रंगीन? (Sunlight - White or Colored?)
- इंद्रधनुष (Rainbow): आकाश में इंद्रधनुष वर्षा के पश्चात दिखाई देता है। यह दर्शाता है कि सूर्य के प्रकाश में सात रंग होते हैं।
- विक्षेपण (Dispersion): जब श्वेत प्रकाश (सूर्य का प्रकाश) किसी प्रिज्म से गुजरता है, तो वह अपने सात रंगों में विभाजित हो जाता है। इन रंगों का क्रम बैंगनी, जामुनी, नीला, हरा, पीला, नारंगी और लाल (VIBGYOR) है। प्रकाश का रंगों में बटना विक्षेपण कहलाता है।
माइंड मैप चार्ट (Mind Map Chart)
📍 प्रकाश
प्रकाश का गमन
सरल रेखा में गमन (सीधी रेखा)
प्रकाश का परामन (दर्पण द्वारा दिशा बदलना)
परावर्तन के नियम
आपतन कोण और परावर्तन कोण बराबर होते हैं
समतल दर्पण द्वारा प्रतिबिंब बनना
सीधा प्रतिबिंब
आभासी प्रतिबिंब
वस्तु के समान आकार
पार्श्व परिवर्तन (दायाँ-बायाँ उलटा)
गोलीय दर्पण
अवतल दर्पण
वास्तविक और आभासी दोनों प्रतिबिंब
दंत चिकित्सक द्वारा उपयोग
टॉर्च और वाहनों की हेडलाइट में उपयोग
उत्तल दर्पण
हमेशा सीधा और छोटा प्रतिबिंब
वाहनों में पश्च-दृश्य (रियर-व्यू) दर्पण के रूप में उपयोग
लेंस के प्रकार
उत्तल लेंस (अभिसारी लेंस)
बीच में मोटा, किनारों पर पतला
वास्तविक और बड़ा प्रतिबिंब बना सकता है
आवर्धक कांच (मैग्निफाइंग ग्लास) की तरह उपयोग
अवतल लेंस (अपसारी लेंस)
बीच में पतला, किनारों पर मोटा
हमेशा सीधा, छोटा और आभासी प्रतिबिंब
सूर्य का प्रकाश - श्वेत या रंगीन
इंद्रधनुष का निर्माण (सात रंग)
प्रिज्म द्वारा प्रकाश का विक्षेपण
रंगों का क्रम (बैंगनी, जामुनी, नीला, हरा, पीला, नारंगी, लाल - बैंजामीनीहपीनाला)
श्वेत प्रकाश का सात रंगों से मिलकर बनना
महत्वपूर्ण बोर्ड प्रश्न (Important Board Questions)
उत्तर (Answer): पारभासी वस्तुएं, जैसे मक्खन वाला कागज या घिसा हुआ कांच, अपने से होकर प्रकाश को आंशिक रूप से गुजरने देती हैं, जबकि पारदर्शी वस्तुएं पूरा प्रकाश और अपारदर्शी वस्तुएं कोई प्रकाश नहीं गुजरने देतीं।
उत्तर (Answer): सूर्य के प्रकाश में सात रंग (VIBGYOR) होते हैं जिन्हें तब देखा जा सकता है जब सूर्य का प्रकाश कांच के प्रिज्म या वायुमंडल में मौजूद पानी की बूंदों से गुजरता है।
उत्तर (Answer): प्रकाश के पथ को यात्रा की दिशा दर्शाने वाले तीरों के साथ सीधी रेखाएं खींचकर दर्शाया जाता है, जिन्हें प्रकाश की किरणें कहा जाता है।
उत्तर (Answer): दंत चिकित्सक दांतों का बड़ा प्रतिबिंब देखने के लिए अवतल दर्पण का उपयोग करते हैं क्योंकि अवतल दर्पण किसी वस्तु को उसके पास रखने पर उसका बड़ा प्रतिबिंब बनाता है।
उत्तर (Answer): चंद्रमा एक प्रदीप्त वस्तु नहीं है क्योंकि यह अपना प्रकाश स्वयं उत्सर्जित नहीं करता; यह केवल उस पर पड़ने वाले सूर्य के प्रकाश को परावर्तित करता है। सूर्य, जलती हुई टॉर्च और चमकता हुआ बल्ब प्रदीप्त वस्तुएं हैं।
उत्तर (Answer): आवर्धक ग्लास एक उत्तल लेंस होता है। जब किसी वस्तु को उत्तल लेंस के पास रखा जाता है, तो यह वस्तु का बड़ा, सीधा और आभासी प्रतिबिंब बनाता है।
उत्तर (Answer): अवतल दर्पण दर्पण से वस्तु की दूरी के आधार पर वास्तविक और आभासी दोनों प्रकार के प्रतिबिंब बना सकता है। समतल और उत्तल दर्पण केवल आभासी प्रतिबिंब बनाते हैं।
उत्तर (Answer): वह परिघटना जिसमें किसी वस्तु का दायां भाग उसके दर्पण प्रतिबिंब में बाएं भाग के रूप में दिखाई देता है, पार्श्व व्युत्क्रमण (लैटरल इनवर्जन) कहलाती है।
उत्तर (Answer): इंद्रधनुष आमतौर पर आकाश में तब देखा जाता है जब धूप खिली हो और वातावरण में वर्षा हो रही हो, आमतौर पर सूर्य की विपरीत दिशा में।
उत्तर (Answer): दर्पण जैसी पॉलिश की हुई या चमकदार सतह से प्रकाश किरणों का वापस उसी माध्यम में लौटना प्रकाश का परावर्तन कहलाता है।
उत्तर (Answer): अवतल लेंस वस्तु की दूरी की परवाह किए बिना हमेशा वस्तु का सीधा, आभासी और छोटा (ह्रासित) प्रतिबिंब बनाता है।
उत्तर (Answer): अवतल लेंस केंद्र में पतला और किनारों पर मोटा होता है। यह इससे गुजरने वाली प्रकाश किरणों को फैलाता है (अपसरीत करता है), इसलिए इसे अपसारी लेंस के रूप में जाना जाता है।
उत्तर (Answer): प्रिज्म जैसे माध्यम से गुजरने पर श्वेत प्रकाश का उसके सात घटक रंगों में विभक्त होने की परिघटना प्रकाश का विक्षेपण (डिफ़र्जन) कहलाती है।
उत्तर (Answer): श्वेत प्रकाश सात रंगों से मिलकर बना होता है। जब यह कांच के प्रिज्म से गुजरता है, तो यह अपने घटक रंगों में विभाजित हो जाता है: लाल, नारंगी, पीला, हरा, नीला, जामुनी और बैंगनी (VIBGYOR)।
उत्तर (Answer): उत्तल लेंस बीच में मोटा और किनारों पर पतला होता है। यह इससे गुजरने वाली प्रकाश किरणों को अभिसरित (एक बिंदु पर केंद्रित) करता है, यही कारण है कि इसे अभिसारी लेंस भी कहा जाता है।