यह अध्याय प्रसिद्ध लेखक जॉन गल्सवर्दी द्वारा लिखा गया है। यह कहानी कला के प्रति समर्पण, ईमानदारी और आधुनिक युग में छोटे कारीगरों के संघर्ष को दर्शाती है।
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यह कहानी लंदन में रहने वाले दो जर्मन भाइयों, गेस्लर ब्रदर्स (Gessler Brothers) के बारे में है। वे जूते बनाने का काम करते थे। उनके लिए जूते बनाना केवल एक व्यवसाय नहीं, बल्कि एक पवित्र कला थी। वे केवल ऑर्डर मिलने पर ही जूते बनाते थे और उनके द्वारा बनाए गए जूते अपनी मजबूती और बेहतरीन बनावट के लिए जाने जाते थे। अंत में, बड़ी कंपनियों के विज्ञापनों और मशीनी उत्पादन के कारण उनका काम ठप हो गया, लेकिन उन्होंने अपनी गुणवत्ता (Quality) से कभी समझौता नहीं किया।
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| अंग्रेजी शब्द | हिंदी अर्थ |
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| Quality | गुणवत्ता / खूबी |
| Distinction | विशिष्टता / अंतर |
| Guttural | गले से निकलने वाली भारी आवाज़ |
| Incense | अगरबत्ती की खुशबू (यहाँ जूतों की चमड़े की महक के लिए प्रयुक्त) |
| Starved | भूख से मरना |
| Advertisement | विज्ञापन |
| Artisan | शिल्पकार / कारीगर |
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प्रश्न: लेखक मिस्टर गेस्लर की दुकान पर अक्सर क्यों नहीं जाते थे?
उत्तर: क्योंकि मिस्टर गेस्लर द्वारा बनाए गए जूते बहुत लंबे समय तक चलते थे (Terribly lasting), इसलिए लेखक को जल्दी-जल्दी नए जूते खरीदने की आवश्यकता नहीं पड़ती थी।
प्रश्न: मिस्टर गेस्लर की बड़ी कंपनियों के बारे में क्या राय थी?
उत्तर: उनका मानना था कि बड़ी कंपनियों को अपने काम से कोई लगाव नहीं है। वे केवल विज्ञापनों के माध्यम से पैसा कमाती हैं और छोटे कारीगरों की रोजी-रोटी छीन लेती हैं।
प्रश्न: कहानी का शीर्षक 'Quality' क्यों रखा गया है?
उत्तर: क्योंकि यह पूरी कहानी मिस्टर गेस्लर के अपनी कला की 'गुणवत्ता' के प्रति अटूट समर्पण पर आधारित है। उन्होंने अपनी जान दे दी लेकिन अपने काम की गुणवत्ता गिरने नहीं दी।
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