त्वरित पुनराव रिवीजन नोट्स (Quick Revision Notes)
कक्षा: 8वीं
विषय: विज्ञान
अध्याय: दहन और ज्वाला (Combustion and Flame)
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1. दहन (Combustion)
- परिभाषा: वह रासायनिक प्रक्रम जिसमें कोई पदार्थ ऑक्सीजन से अभिक्रिया कर ऊष्मा और प्रकाश देता है, दहन कहलाता है।
- दाह्य पदार्थ (Combustible Substances): जो पदार्थ जलते हैं, उन्हें दाह्य पदार्थ कहते हैं (जैसे- लकड़ी, कागज, एलपीजी, केरोसिन)।
- अदाह्य पदार्थ (Non-combustible Substances): जो पदार्थ नहीं जलते, उन्हें अदाह्य पदार्थ कहते हैं (जैसे- पत्थर, ईंट, पानी)।
- दहन के लिए आवश्यक शर्तें:
1. दाह्य पदार्थ की उपस्थिति।
2. वायु (ऑक्सीजन) की उपस्थिति।
3. प्रज्वलन ताप (Ignition Temperature) तक का तापमान।
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2. प्रज्वलन ताप (Ignition Temperature)
- परिभाषा: वह न्यूनतम तापमान जिस पर कोई पदार्थ जलना शुरू कर देता है, उसका प्रज्वलन ताप कहलाता है।
- नोट: कम प्रज्वलन ताप वाले पदार्थ आसानी से आग पकड़ लेते हैं (जैसे- पेट्रोल, एलपीजी)।
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3. ज्वलनशील पदार्थ (Flammable Substances)
- जिन पदार्थों का प्रज्वलन ताप बहुत कम होता है और जो ज्वाला के साथ आसानी से आग पकड़ लेते हैं, उन्हें ज्वलनशील पदार्थ कहते हैं (उदाहरण: पेट्रोल, अल्कोहल, एलपीजी)।
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4. आग पर नियंत्रण (Control of Fire)
आग बुझाने के लिए निम्नलिखित तीन में से किसी एक या अधिक आवश्यकताओं को हटाना होता है:
1. ईंधन को हटाना।
2. ऑक्सीजन की आपूर्ति बंद करना।
3. तापमान को प्रज्वलन ताप से कम करना (जल का उपयोग करके)।
- अग्निशामक (Fire Extinguisher):
- जल: लकड़ी और कागज जैसी वस्तुओं की आग बुझाने के लिए सबसे आम अग्निशामक है। (विद्युत उपकरणों और तेल की आग में जल का उपयोग नहीं करना चाहिए)।
- कार्बन डाइऑक्साइड ($CO_2$): विद्युत उपकरणों और पेट्रोल जैसी ज्वलनशील पदार्थों की आग बुझाने के लिए सबसे अच्छा अग्निशामक है। यह ऑक्सीजन से भारी होने के कारण आग को कंबल की तरह लपेट लेता है।
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5. दहन के प्रकार (Types of Combustion)
1. तीव्र दहन (Rapid Combustion): वह दहन जिसमें पदार्थ तेजी से जलता है और ऊष्मा व प्रकाश उत्पन्न करता है (जैसे- गैस स्टोव का जलना, माचिस की तीली)।
2. स्वतः दहन (Spontaneous Combustion): वह दहन जिसमें पदार्थ बिना किसी बाहरी कारण के अचानक लपटों के साथ जल उठता है (जैसे- फास्फोरस का कमरे के तापमान पर जलना, जंगल में आग)।
3. विस्फोट (Explosion): वह अभिक्रिया जिसमें अचानक ऊष्मा, प्रकाश और अत्यधिक मात्रा में गैस के साथ तेज ध्वनि उत्पन्न होती है (जैसे- पटाखा चलना)।
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6. ज्वाला की संरचना (Structure of Flame)
एक मोमबत्ती की ज्वाला के मुख्य रूप से तीन भाग होते हैं:
1. बाह्य क्षेत्र (Outer Zone - नीला रंग):
- यह सबसे गर्म भाग होता है।
- यहाँ पूर्ण दहन होता है।
- यह सोने-चांदी को पिघलाने के लिए सुनार द्वारा उपयोग किया जाता है।
2. मध्य क्षेत्र (Middle Zone - पीला रंग):
- यह आंशिक दहन का क्षेत्र होता है।
- यह मध्यम गर्म होता है।
3. आंतरिक क्षेत्र (Innermost Zone - काला रंग):
- यह बिना जले मोम के वाष्प का क्षेत्र होता है।
- यह सबसे कम गर्म (कम तापमान) होता है।
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7. ईंधन और ईंधन दक्षता (Fuel and Calorific Value)
- ईंधन: दहन पर ऊष्मा देने वाले पदार्थों को ईंधन कहते हैं (ठोस, द्रव, और गैस रूप में)।
- आदर्श ईंधन (Ideal Fuel): वह ईंधन जो सस्ता हो, आसानी से उपलब्ध हो, हवा में आसानी से जले, अधिक मात्रा में ऊष्मा दे और कोई हानिकारक अवशेष न छोड़े।
- ऊष्मीय मान (Calorific Value):
- किसी ईंधन के 1 किलोग्राम के पूर्ण दहन से प्राप्त होने वाली ऊष्मा की मात्रा को उसका ऊष्मीय मान कहते हैं।
- मात्रक: किलो जूल प्रति किलोग्राम (
kJ/kg)।
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8. ईंधन के जलने के हानिकारक प्रभाव (Harmful Effects of Burning Fuels)
1. कार्बन कणों का निकलना: बिना जले कार्बन कण दमा जैसी श्वास रोग उत्पन्न करते हैं।
2. कार्बन मोनोऑक्साइड ($CO$) गैस: यह एक विषैली गैस है जो बंद कमरे में कोयला जलने से बनती है और दम घुटने से व्यक्ति की मृत्यु हो सकती है।
3. ग्लोबल वार्मिंग (Global Warming): ईंधन से निकलने वाली कार्बन डाइऑक्साइड ($CO_2$) गैस पृथ्वी के तापमान को बढ़ा रही है।
4. अम्ल वर्षा (Acid Rain): कोयला, डीजल और पेट्रोल के जलने से सल्फर और नाइट्रोजन के ऑक्साइड निकलते हैं जो वर्षा के जल के साथ मिलकर अम्ल बनाते हैं, जिससे इमारतों और पौधों को नुकसान होता है।