मुख्य सूत्र (Key Formulas)
कक्षा 8 विज्ञान - ध्वनि (Sound) त्वरित पुनरीक्षण नोट्स
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### अवधारणा 1: ध्वनि का उत्पन्न होना (Production of Sound)
- परिभाषा: ध्वनि ऊर्जा का एक रूप है जो हमारे कानों में सुनने की संवेदना उत्पन्न करती है।
- उत्पत्ति: ध्वनि कम्पन (Vibration) करने वाली वस्तुओं द्वारा उत्पन्न होती है। कम्पन का अर्थ किसी वस्तु का तेजी से आगे-पीछे या इधर-उधर गति करना है।
- मानव में ध्वनि: मनुष्यों में ध्वनि वाकयंत्र (Larynx / स्वरयंत्र) द्वारा उत्पन्न होती है। फेफड़ों से वायु जब वाकयंत्र से गुजरती है, तो वहाँ मौजूद वाकतंतु (Vocal Cords) कम्पन करते हैं जिससे ध्वनि उत्पन्न होती है।
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### अवधारणा 2: ध्वनि का संचरण (Propagation of Sound)
- माध्यम की आवश्यकता: ध्वनि को एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाने (संचरण करने) के लिए किसी माध्यम (ठोस, द्रव या गैस) की आवश्यकता होती है।
- निर्वात में ध्वनि: ध्वनि निर्वात (Vacuum) में गमन नहीं कर सकती क्योंकि वहाँ कोई माध्यम के कण उपस्थित नहीं होते।
- संचरण का तरीका: जब कोई वस्तु कम्पन करती है, तो उसके आसपास के वायु के कण कम्पन करने लगते हैं। ये कण अपने पास वाले कणों को ऊर्जा स्थानांतरित करते हैं, जिससे ध्वनि तरंगें आगे बढ़ती हैं।
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### अवधारणा 3: मानव द्वारा ध्वनि सुनना (Hearing Sound through Ears)
- कान की संरचना: हमारे कान के बाहरी भाग का आकार कीप जैसा (कणपल्लव) होता है।
- कर्णपटह (Eardrum): ध्वनि तरंगें जब कान के अंदर जाती हैं, तो वे एक पतली तना हुआ झिल्ली से टकराती हैं जिसे कर्णपटह कहते हैं।
- संकेत भेजना: कर्णपटह में कम्पन होते हैं। ये कम्पन अंतःकर्ण (Inner Ear) तक पहुँचते हैं और वहाँ से संकेतों (Signals) के रूप में मस्तिष्क तक जाते हैं, जिससे हम सुन पाते हैं।
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### अवधारणा 4: प्रमुख शब्दावली और मुख्य सूत्र (Key Terms & Formulas)
#### 1. आवर्तन काल (Time Period - T)
- परिभाषा: एक कम्पन को पूरा करने में लगने वाले समय को आवर्तन काल कहते हैं।
- मात्रक: सेकंड (
s)
#### 2. आवृत्ति (Frequency - f या nu)
- परिभाषा: प्रति सेकंड होने वाले कम्पनों की कुल संख्या को आवृत्ति कहते हैं।
- सूत्र:
आवृत्ति (f) = 1 / आवर्तन काल (T)
- मात्रक: हर्ट्ज़ (Hertz,
Hz)
(नोट: 1 हर्ट्ज़ का अर्थ है - प्रति सेकंड 1 कम्पन)
#### 3. आयाम (Amplitude - A)
- परिभाषा: कम्पन करने वाली वस्तु की अपनी मध्य स्थिति से अधिकतम विस्थापन को आयाम कहते हैं।
- मात्रक: मीटर (
m)
#### 4. तरंगदैर्ध्य (Wavelength - lambda)
- परिभाषा: एक ही कला में मौजूद दो निकटतम बिंदुओं के बीच की दूरी।
- मात्रक: मीटर (
m)
#### 5. तरंग का वेग (Wave Velocity - v)
वेग (v) = आवृत्ति (f) × तरंगदैर्ध्य (lambda)
या v = f × lambda
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### अवधारणा 5: ध्वनि के अभिलाक्षणिक गुण (Characteristics of Sound)
1. प्रबलता (Loudness):
- यह ध्वनि की ऊँचाई या तीव्रता को दर्शाती है।
- प्रबलता सीधे आयाम के वर्ग पर निर्भर करती है (
Loudness proportional to A^2)।
- यदि आयाम अधिक होगा, तो ध्वनि अधिक प्रबल (तेज) होगी।
- मात्रक: डेसिबल (
dB)
2. तारत्व (Pitch):
- यह ध्वनि की तीक्ष्णता (पतलापन या भारीपन) को निर्धारित करता है।
- तारत्व सीधे आवृत्ति पर निर्भर करता है।
- उच्च आवृत्ति वाली ध्वनि का तारत्व अधिक होता है (जैसे - महिलाओं या बच्चों की आवाज़ पतली होती है)।
- निम्न आवृत्ति वाली ध्वनि का तारत्व कम होता है (जैसे - शेर की दहाड़ या पुरुष की भारी आवाज़)।
3. गुणता (Timbre / Quality):
- यह ध्वनि का वह गुण है जो हमें दो अलग-अलग स्रोतों से उत्पन्न समान प्रबलता और तारत्व की ध्वनियों में अंतर करने में सहायता करता है।
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### अवधारणा 6: श्रव्य और अश्रव्य ध्वनियाँ (Audible and Inaudible Sounds)
- श्रव्य ध्वनि (Audible Sound): वह ध्वनि जिसे मानव कान सुन सकते हैं। इसकी आवृत्ति सीमा लगभग 20 Hz से 20,000 Hz होती है।
- अप्राशव्य ध्वनि (Infrasonic Sound): 20 Hz से कम आवृत्ति वाली ध्वनि। इसे मनुष्य नहीं सुन सकते (जैसे - भूकंप या व्हेल मछली द्वारा उत्पन्न ध्वनि)।
- पराशव्य ध्वनि (Ultrasonic Sound): 20,000 Hz से अधिक आवृत्ति वाली ध्वनि। इसे भी सामान्य मनुष्य नहीं सुन सकते (जैसे - चमगादड़ द्वारा उत्पन्न ध्वनि)।
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### अवधारणा 7: शोर और संगीत (Noise and Music)
- संगीत (Music): जो ध्वनि सुनने में सुखद लगती है और कानों को प्रिय होती है, उसे संगीत कहते हैं।
- शोर (Noise): अवांछित, अप्रिय और तेज ध्वनि को शोर कहते हैं।
- ध्वनि प्रदूषण (Noise Pollution): वातावरण में अत्यधिक या अवांछित ध्वनियों की उपस्थिति ध्वनि प्रदूषण कहलाती है।
- मुख्य कारण: वाहनों के हॉर्न, कारखाने, लाउडस्पीकर, पटाखे, घरेलू उपकरण (मिक्सर, टीवी आदि)।
- हानियाँ: अनिद्रा (नींद न आना), उच्च रक्तचाप (High BP), चिंता और सुनने की क्षमता का कम होना।
- नियंत्रण के उपाय: उद्योगों में साइलेंसर लगाना, पेड़ों की अधिक कटाई रोकना (पेड़ ध्वनि अवशोषित करते हैं), हॉर्न का कम उपयोग करना।
माइंड मैप चार्ट (Mind Map Chart)
📍 ध्वनि (Sound)
ध्वनि का उत्पादन (Production of Sound)
कम्पन (Vibration) द्वारा उत्पन्न
उदाहरण:
खिंचा हुआ रबर बैंड
ढोलक या तबला की झिल्ली
ट्यूनिंग फोर्क (स्वरित्र द्विभुज)
मानव में वाकयंत्र (Larynx/Voice Box)
ध्वनि का संचरण (Propagation of Sound)
माध्यम की आवश्यकता (Need for a Medium)
ठोस (Solids)
द्रव (Liquids)
गैस (Gases)
निर्वात (Vacuum) में ध्वनि का संचरण नहीं होता
मनुष्य द्वारा ध्वनि सुनना (Sound by Humans)
कान की संरचना (Structure of Ear)
कर्णपल्लव (Pinna) - बाहरी भाग
कर्णनाल (Ear Canal)
कर्णपटल (Eardrum) - कम्पन महसूस करता है
आंतरिक कान (Inner Ear) - मस्तिष्क को संकेत भेजना
कम्पन के लक्षण (Characteristics of Vibration)
आयाम (Amplitude)
परिभाषा: अधिकतम विस्थापन
प्रभाव: प्रबलता (Loudness) निर्धारित करता है
इकाई: डेसिबल (dB)
अधिक आयाम = अधिक प्रबलता (तेज आवाज़)
आवृत्ति (Frequency)
परिभाषा: प्रति सेकंड कंपनों की संख्या
इकाई: हर्ट्ज़ (Hz)
प्रभाव: तारत्व (Pitch) निर्धारित करता है
अधिक आवृत्ति = उच्च तारत्व (तीक्ष्ण आवाज़, जैसे महिलाओं की आवाज़)
कम आवृत्ति = निम्न तारत्व (भारी आवाज़, जैसे शेर की दहाड़)
श्रव्य और अश्रव्य ध्वनियाँ (Audible and Inaudible Sounds)
श्रव्य ध्वनि (Audible Sound)
आवृत्ति सीमा: 20 Hz से 20,000 Hz
मनुष्य द्वारा सुनी जा सकती है
अश्रव्य ध्वनि (Inaudible Sound)
अप्राव्य (Infrasonic): 20 Hz से कम
पराध्वनि (Ultrasonic): 20,000 Hz से अधिक
शोर और संगीत (Noise and Music)
संगीत (Music)
सुखद ध्वनि
कानों को प्रिय लगने वाली
शोर (Noise)
अप्रिय ध्वनि
अवांछित ध्वनि
ध्वनि प्रदूषण (Noise Pollution)
परिभाषा: वातावरण में अवांछित ध्वनियों की अधिकता
मुख्य कारण:
वाहनों के हॉर्न
कारखानों की मशीनें
लाउडस्पीकर और पटाखे
घरेलू उपकरण (टीवी, मिक्सर)
हानियाँ:
अनिद्रा (Sleep disorders)
उच्च रक्तचाप (Hypertension)
श्रवण शक्ति की हानि (Hearing impairment)
नियंत्रण के उपाय:
वाहनों में साइलेंसर का प्रयोग
पेड़ों लगाना (वृक्षारोपण)
उद्योगों को आवासीय क्षेत्रों से दूर रखना
टीवी और संगीत की आवाज़ कम रखना
महत्वपूर्ण बोर्ड प्रश्न (Important Board Questions)
उत्तर (Answer): पुरुष, महिला या लड़के की तुलना में एक छोटी बच्ची की आवाज़ का तारत्व और आवृत्ति बहुत अधिक होती है, क्योंकि बच्चों और महिलाओं के वाक् तंतु छोटे और अधिक कसे हुए होते हैं।
उत्तर (Answer): सामान्य मानव कान 20 Hz से 20,000 Hz तक की आवृत्ति वाली ध्वनियों को सुन सकता है। इसे श्रव्य सीमा के रूप में जाना जाता है।
उत्तर (Answer): अपश्रव्य ध्वनियों की आवृत्ति 20 Hz से कम होती है, जो मानव श्रव्य सीमा से नीचे होती है। मनुष्य 20 Hz से कम की ध्वनि नहीं सुन सकता है।
उत्तर (Answer): सड़कों के किनारे और इमारतों के चारों ओर पेड़ लगाने से ध्वनि को सोखने में मदद मिलती है, जिससे ध्वनि प्रदूषण कम होता है। वाहनों में साइलेंसर भी लगाए जाने चाहिए।
उत्तर (Answer): ध्वनि प्रदूषण से सुनने की क्षमता में आंशिक कमी, नींद की कमी, उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन), चिंता और अन्य स्वास्थ्य विकार हो सकते हैं।
उत्तर (Answer): एक शेर की दहाड़ की आवृत्ति बच्चे के रोने, महिला की आवाज़ या सीटी की तुलना में बहुत कम होती है, जिससे शेर की दहाड़ की आवृत्ति न्यूनतम और तारत्व सबसे गहरा होता है।
उत्तर (Answer): कम्पन करने वाली वस्तु का अपनी माध्य स्थिति से अधिकतम विस्थापन आयाम कहलाता है। यह ध्वनि की प्रबलता को निर्धारित करता है।
उत्तर (Answer): उच्च तारत्व वाली ध्वनि की आवृत्ति उच्च होती है। उदाहरण के लिए, सीटी या बच्चे की आवाज़ की आवृत्ति और तारत्व उच्च होता है।
उत्तर (Answer): हारमोनियम की ध्वनि सुरीली और व्यवस्थित होती है, जिससे यह एक संगीत ध्वनि बनती है, जबकि हॉर्न बजाना, निर्माण की ध्वनि और बस के हॉर्न को आमतौर पर शोर माना जाता है।
उत्तर (Answer): अप्रिय ध्वनियों को शोर कहा जाता है। संगीत कान को प्रिय होता है और नियमित, आवधिक कंपनों द्वारा उत्पन्न होता है, जबकि शोर अप्रिय और अव्यवस्थित होता है।
उत्तर (Answer): ध्वनि की प्रबलता को डेसिबल (dB) नामक इकाइयों में व्यक्त किया जाता है। सामान्य सांस लेना लगभग 10 dB होता है, जबकि सामान्य बातचीत लगभग 60 dB होती है।
उत्तर (Answer): प्रबलता कम्पन के आयाम पर निर्भर करती है। बड़ा आयाम अधिक तेज़ ध्वनि उत्पन्न करता है, जबकि छोटा आयाम धीमी ध्वनि उत्पन्न करता है।
उत्तर (Answer): ध्वनि का तारत्व उसकी आवृत्ति द्वारा निर्धारित होता है। उच्च आवृत्ति एक तीखी, अधिक तारत्व वाली ध्वनि उत्पन्न करती है, जबकि कम आवृत्ति एक गहरी, कम तारत्व वाली ध्वनि उत्पन्न करती है।
उत्तर (Answer): आवृत्ति की एस.आई. इकाई हर्ट्ज (Hz) है, जिसका नाम हेनरिक रुडोल्फ हर्ट्ज के नाम पर रखा गया है। एक हर्ट्ज प्रति सेकंड एक दोलन के बराबर होता है।
उत्तर (Answer): प्रति सेकंड दोलनों या कंपनों की संख्या को आवृत्ति (फ्रीक्वेंसी) कहा जाता है। इसे हर्ट्ज (Hz) में मापा जाता है।