कक्षा: ९वीं
विषय: गणित
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1. त्रिभुज (Triangle): तीन प्रतिच्छेदी रेखाओं से बनी बंद आकृति को त्रिभुज कहते हैं। इसमें तीन भुजाएँ, तीन कोण और तीन शीर्ष होते हैं।
2. सर्वांगसम आकृतियाँ (Congruent Figures): वे आकृतियाँ जिनके आकार (Shape) और माप (Size) बिल्कुल समान होते हैं, सर्वांगसम आकृतियाँ कहलाती हैं।
3. त्रिभुजों की सर्वांगसमता (Congruence of Triangles): दो त्रिभुज सर्वांगसम होते हैं यदि एक त्रिभुज के सभी अंग (भुजाएँ और कोण) दूसरे त्रिभुज के संगत अंगों के बराबर हों।
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#### १. SAS सर्वांगसमता नियम (Side-Angle-Side)
यदि एक त्रिभुज की दो भुजाएँ और उनके बीच का कोण, दूसरे त्रिभुज की दो भुजाओं और उनके बीच के कोण के बराबर हों, तो दोनों त्रिभुज सर्वांगसम होते हैं।
#### २. ASA सर्वांगसमता नियम (Angle-Side-Angle)
यदि एक त्रिभुज के दो कोण और उनके बीच की भुजा, दूसरे त्रिभुज के दो कोण और उनके बीच की भुजा के बराबर हों, तो दोनों त्रिभुज सर्वांगसम होते हैं।
#### ३. AAS सर्वांगसमता नियम (Angle-Angle-Side)
यदि एक त्रिभुज के कोई भी दो कोण और एक संगत भुजा, दूसरे त्रिभुज के दो कोण और संगत भुजा के बराबर हों, तो त्रिभुज सर्वांगसम होते हैं।
#### ४. SSS सर्वांगसमता नियम (Side-Side-Side)
यदि एक त्रिभुज की तीनों भुजाएँ, दूसरे त्रिभुज की तीनों भुजाओं के बराबर हों, तो दोनों त्रिभुज सर्वांगसम होते हैं।
#### ५. RHS सर्वांगसमता नियम (Right angle-Hypotenuse-Side)
यदि दो समकोण त्रिभुजों में, एक त्रिभुज का कर्ण और एक भुजा, दूसरे त्रिभुज के कर्ण और संगत भुजा के बराबर हों, तो दोनों त्रिभुज सर्वांगसम होते हैं।
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1. समद्विबाहु त्रिभुज की प्रमेय (Isosceles Triangle Theorem):
2. त्रिभुज की भुजाओं और कोणों में असमानता (Inequalities in a Triangle):