मुख्य सूत्र (Key Formulas)
अध्याय: सांख्यिकी (Statistics) - त्वरित पुनरावृत्ति नोट्स (Quick Revision Notes)
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1. परिचय (Introduction)
- सांख्यिकी गणित की वह शाखा है जिसके अंतर्गत आँकड़ों (Data) का संग्रहण (Collection), प्रस्तुतीकरण (Presentation), विश्लेषण (Analysis) और निर्वचन (Interpretation) किया जाता है।
- आँकड़े (Data): संख्यात्मक तथ्यों या अंकों का संग्रह जो किसी विशिष्ट जानकारी को दर्शाते हैं।
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2. आँकड़ों के प्रकार (Types of Data)
- प्राथमिक आँकड़े (Primary Data): जब अनुसंधानकर्ता (Researcher) स्वयं किसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए पहली बार सूचना एकत्र करता है।
- गौण या द्वितीयक आँकड़े (Secondary Data): जब आँकड़े पहले से ही एकत्र किए जा चुके हों (जैसे किसी सरकारी प्रकाशन या वेबसाइट से) और उनका उपयोग किया जाए।
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3. आँकड़ों का प्रस्तुतीकरण (Presentation of Data)
- यथाप्राप्त आँकड़े (Raw Data): आँकड़ों का मूल रूप में जैसा उन्हें एकत्र किया गया हो, वैसा ही होना।
- बारंबारता (Frequency): कोई प्रेक्षण (Observation) दी गई डेटा सूची में जितनी बार आता है, वह उसकी बारंबारता कहलाती है।
- बारंबारता बंटन सारणी (Frequency Distribution Table): वह सारणी जिसमें प्रेक्षणों और उनकी संगत बारंबारताओं को व्यवस्थित किया जाता है।
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4. समूहीकृत बारंबारता बंटन (Grouped Frequency Distribution)
- जब आँकड़े बहुत अधिक बड़े होते हैं, तो उन्हें वर्गों (Classes) में बाँट दिया जाता है, जैसे
0 - 10, 10 - 20 आदि।
- वर्ग अंतराल (Class Interval): प्रत्येक वर्ग की निचली सीमा और ऊपरी सीमा के बीच का अंतर (जैसे
10 - 5 = 5)।
- निचली सीमा (Lower Limit): वर्ग की छोटी संख्या (जैसे
10 - 20 में 10)।
- ऊपरी सीमा (Upper Limit): वर्ग की बड़ी संख्या (जैसे
10 - 20 में 20)।
- वर्ग आमाप (Class Size): ऊपरी सीमा और निचली सीमा का अंतर।
वर्ग आमाप = ऊपरी सीमा - निचली सीमा
- वर्ग चिन्ह (Class Mark): वर्ग अंतराल का मध्य बिंदु।
वर्ग चिन्ह = (ऊपरी सीमा + निचली सीमा) / 2
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5. आँकड़ों का आलेखीय निरूपण (Graphical Representation of Data)
आँकड़ों को चित्रों या ग्राफ के रूप में दर्शाने की मुख्य विधियाँ:
1. दण्ड आलेख (Bar Graph): समान चौड़ाई वाले आयताकार दंडों द्वारा बारंबारता दर्शाना, जिनके बीच में अंतराल होता है।
2. आयतचित्र (Histogram): यह एक प्रकार का दण्ड आलेख ही है, लेकिन इसमें अंतरालों के बीच कोई जगह (Gap) नहीं होती है (यह समूहीकृत आँकड़ों के लिए होता है)।
3. बारंबारता बहुभुज (Frequency Polygon): आयतचित्रों के ऊपर के सिरों के मध्य बिंदुओं को रेखाखंडों से जोड़कर बनाया गया बहुभुज। इसे बिना आयतचित्र के भी वर्ग चिन्हों और बारंबारता की सहायता से बनाया जा सकता है।
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6. केंद्रीय प्रवृत्ति की मापें (Measures of Central Tendency)
अवर्गीकृत (Ungrouped) आँकड़ों के लिए मुख्य माप:
#### (क) माध्य (Mean / Average)
सभी प्रेक्षणों के योग को प्रेक्षणों की कुल संख्या से भाग देने पर माध्य प्राप्त होता है।
माध्य (x̄) = (सभी प्रेक्षणों का योग) / (प्रेक्षणों की कुल संख्या)
यदि प्रेक्षण x1, x2, ..., x_n हैं, तो:
x̄ = (x1 + x2 + ... + x_n) / n
#### (ख) माध्यक (Median)
आँकड़ों को आरोही (Ascending) या अवरोही (Descending) क्रम में व्यवस्थित करने पर ठीक बीच में आने वाला मान माध्यक कहलाता है।
- स्थिति 1: यदि प्रेक्षणों की कुल संख्या
n विषम (Odd) है:
माध्यक = [(n + 1) / 2] वाँ पद
- स्थिति 2: यदि प्रेक्षणों की कुल संख्या
n सम (Even) है:
माध्यक = [ (n / 2) वाँ पद + ((n / 2) + 1) वाँ पद ] / 2
#### (ग) बहुलक (Mode)
वह प्रेक्षण जो आँकड़ों में सबसे अधिक बार (अधिकतम बारंबारता वाला) आता है, बहुलक कहलाता है।
- विशेष नोट: एक से अधिक बहुलक भी हो सकते हैं।
माइंड मैप चार्ट (Mind Map Chart)
📍 सांख्यिकी (Statistics)
परिचय और अर्थ
सांख्यिकी शब्द की उत्पत्ति
दैनिक जीवन में डेटा (आँकड़े) का उपयोग
उद्देश्य: सूचना एकत्र करना और उसका विश्लेषण करना
आँकड़ों (Data) के प्रकार
प्राथमिक आँकड़े (Primary Data)
स्वयं द्वारा एकत्रित जानकारी
उद्देश्य के अनुसार सटीक
गौण या द्वितीयक आँकड़े (Secondary Data)
पहले से एकत्रित जानकारी का उपयोग
स्रोतों जैसे समाचार पत्र या पुस्तकें
आँकड़ों का प्रस्तुतीकरण (Presentation of Data)
यथाप्राप्त आँकड़े (Raw Data)
बारम्बारता बंटन सारणी (Frequency Distribution Table)
अवर्गीकृत बारम्बारता बंटन
वर्गीकृत बारम्बारता बंटन
वर्ग अन्तराल (Class Intervals)
उच्च सीमा (Upper Limit)
निम्न सीमा (Lower Limit)
वर्ग आमाप या चौड़ाई (Class Size)
आँकड़ों का आलेखीय निरूपण (Graphical Representation)
दण्ड आलेख (Bar Graph)
समान चौड़ाई के आयताकार दण्ड
आयतचित्र (Histogram)
संतत वर्ग अन्तराल के लिए
वर्ग आमाप समान या असमान
बारम्बारता बहुभुज (Frequency Polygon)
आयतचित्र के शीर्षों को मिलाकर
बिना आयतचित्र के भी संभव
केन्द्रीय प्रवृत्ति के माप (Measures of Central Tendency)
माध्य (Mean / औसत)
सूत्र: प्रेक्षणों का कुल योग / प्रेक्षणों की कुल संख्या
प्रतीक: $\bar{x}$
माध्यक (Median / मध्यिका)
आरोही या अवरोही क्रम में व्यवस्थित करने पर बीच का मान
विषम संख्या होने पर सूत्र
सम संख्या होने पर सूत्र
बहुलक (Mode)
सबसे अधिक बार आने वाला प्रेक्षण
अधिकतम बारम्बारता वाला मान
महत्वपूर्ण बोर्ड प्रश्न (Important Board Questions)
उत्तर (Answer): परिभाषा के अनुसार, सभी प्रेक्षणों के उनके समांतर माध्य से विचलनों का योग सदैव शून्य के बराबर होता है (अर्थात Σ(xi - x̄) = 0)।
उत्तर (Answer): प्रेक्षणों का योग = x + 2x + 3x + 4x + 5x = 15x। प्रेक्षणों की संख्या = 5। माध्य = 15x / 5 = 3x। दिया गया माध्य = 30, अतः 3x = 30 => x = 10।
उत्तर (Answer): आयतचित्र में, वर्ग अंतरालों (या वर्गों) को क्षैतिज अक्ष (X-अक्ष) के अनुदिश और उनकी संगत आवृत्तियों को ऊर्ध्वाधर अक्ष (Y-अक्ष) के अनुदिश निरूपित किया जाता है।
उत्तर (Answer): प्रथम दस पूर्ण संख्याएँ 0, 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9 हैं। योग = (9 × 10) / 2 = 45। प्रेक्षणों की संख्या = 10। माध्य = 45 / 10 = 4.5।
उत्तर (Answer): आवृत्ति बहुभुज का उपयोग सतत आवृत्ति बंटनों को दर्शाने के लिए किया जाता है, जो अक्सर आयतचित्रों का उपयोग करके या वर्ग चिह्नों को आवृत्तियों के विरुद्ध आरेखित करके और उन्हें रेखाखंडों से जोड़कर बनाया जाता है।
उत्तर (Answer): जब किसी आँकड़े के प्रत्येक प्रेक्षण में एक अचर मान 'c' जोड़ा जाता है, तो नए आँकड़े का माध्य भी 'c' बढ़ जाता है। इसलिए, माध्य 5 बढ़ जाएगा।
उत्तर (Answer): माध्य, माध्यिका और बहुलक को जोड़ने वाला आनुभविक सूत्र है: बहुलक = 3 माध्यिका - 2 माध्य।
उत्तर (Answer): प्रथम 10 प्राकृतिक संख्याएँ 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10 हैं। यहाँ n = 10 (सम)। माध्यिका (n/2) वें और (n/2 + 1) वें पद का औसत है = 5वें और छठे पद का औसत। 5वाँ पद 5 है और छठा पद 6 है। माध्यिका = (5 + 6) / 2 = 5.5।
उत्तर (Answer): आयतचित्र में आयत की चौड़ाई वर्ग माप को और ऊँचाई आवृत्ति को दर्शाती है। चूँकि वर्ग अंतराल आमतौर पर समान होते हैं, प्रत्येक आयत का क्षेत्रफल संबंधित वर्ग अंतराल की आवृत्ति के समानुपाती होता है।
उत्तर (Answer): माध्य = प्रेक्षणों का योग / प्रेक्षणों की संख्या। 8 = (6 + 4 + 7 + p + 10) / 5 => 8 = (27 + p) / 5 => 40 = 27 + p => p = 40 - 27 = 13।
उत्तर (Answer): दंड आलेख में समान चौड़ाई के दंड एक अक्ष पर समान अंतराल पर खींचे जाते हैं, और दंडों की ऊँचाइयाँ संबंधित मानों (आवृत्तियों) को दर्शाती हैं।
उत्तर (Answer): प्रथम पाँच अभाज्य संख्याएँ 2, 3, 5, 7 और 11 हैं। योग = 2 + 3 + 5 + 7 + 11 = 28। प्रेक्षणों की संख्या = 5। माध्य = 28 / 5 = 5.6।
उत्तर (Answer): x > 0 के लिए पदों को आरोही क्रम में व्यवस्थित करें: x/5, x/4, x/3, x/2, x। कुल प्रेक्षण n = 5 (विषम)। माध्यिका (5+1)/2 = तीसरी पद है। तीसरा पद x/3 है। दी गई माध्यिका = 10, अतः x/3 = 10 => x = 30।
उत्तर (Answer): वर्ग अंतराल की चौड़ाई (या वर्ग माप) उसकी ऊपरी सीमा और निचली सीमा का अंतर होती है। चौड़ाई = ऊपरी सीमा - निचली सीमा = 30 - 20 = 10।
उत्तर (Answer): सबसे पहले आँकड़ों को आरोही क्रम में व्यवस्थित करें: 2, 5, 6, 7, 8, 10, 10, 14, 15, 17, 24। कुल प्रेक्षणों की संख्या n = 11 (विषम)। माध्यिका (n + 1)/2 वें पद का मान है = (11 + 1)/2 = छठा पद। छठा पद 10 है।