मुख्य सूत्र (Key Formulas)
अध्याय: संसाधन के रूप में लोग (People as Resource) - त्वरित पुनरावृत्ति नोट्स
---
### 1. मुख्य परिचय और परिभाषाएँ (Key Introduction and Definitions)
- संसाधन के रूप में लोग: यह किसी देश की कार्यशील जनसंख्या के उत्पादन कौशल और क्षमताओं के संदर्भ में उसका ज्ञान है। जब शिक्षा, प्रशिक्षण और चिकित्सा सेवाियों में निवेश किया जाता है, तो जनसंख्या 'मानव पूंजी' में बदल जाती है।
- मानव पूंजी (Human Capital): निहित कौशल और उत्पादन ज्ञान का स्टॉक जो लोगों में होता है।
- मानव पूंजी निर्माण (Human Capital Formation): जब भौतिक पूंजी की तरह ही शिक्षा, प्रशिक्षण और स्वास्थ्य देखभाल पर निवेश किया जाता है, तो इसे मानव पूंजी निर्माण कहा जाता है। यह देश की उत्पादक शक्ति को बढ़ाता है।
- आर्थिक गतिविधियाँ (Economic Activities): वे गतिविधियाँ जो अर्थव्यवस्था में आय का प्रवाह करती हैं। इन्हें तीन मुख्य क्षेत्रों में बाँटा गया है:
1. प्राथमिक क्षेत्र (Primary Sector): कृषि, वानिकी, पशुपालन, मछली पालन, मुर्गी पालन और खनन।
2. द्वितीय क्षेत्र (Secondary Sector): विनिर्माण (Manufacturing) और उद्योग।
3. तृतीय क्षेत्र (Tertiary Sector): व्यापार, परिवहन, संचार, बैंकिंग, शिक्षा, स्वास्थ्य, और बीमा जैसी सेवाएँ।
---
### 2. आर्थिक गतिविधियों के प्रकार (Types of Economic Activities)
- बाजार गतिविधियाँ (Market Activities): इसके अंतर्गत वेतन या लाभ के लिए की जाने वाली क्रियाओं का भुगतान किया जाता है। इसमें सरकारी सेवाएँ और वस्तु/सेवाओं का उत्पादन शामिल है।
- गैर-बाजार गतिविधियाँ (Non-Market Activities): ये उपभोग के लिए उत्पादन होती हैं। इसमें स्व-उपभोग के लिए उत्पादन और अचल संपत्तियों का स्व-निर्माण शामिल होता है (जैसे घरेलू महिलाओं द्वारा किया जाने वाला कार्य)।
---
### 3. जनसंख्या की गुणवत्ता (Quality of Population)
जनसंख्या की गुणवत्ता देश की साक्षरता दर, व्यक्तियों के स्वास्थ्य, और कुल जनसंख्या द्वारा प्राप्त कौशल पर निर्भर करती है।
- साक्षरता (Literacy):
- साक्षरता केवल एक अधिकार नहीं है, बल्कि यह नागरिकों को अपने अधिकारों को समझने और अपने कर्तव्यों का पालन करने में सक्षम बनाती है।
- भारत में 7 वर्ष या उससे अधिक आयु का व्यक्ति जो किसी भी भाषा को समझकर पढ़ और लिख सकता है, उसे साक्षर कहा जाता है।
- स्वास्थ्य (Health):
- किसी व्यक्ति का स्वास्थ्य उसे अपनी क्षमता को प्राप्त करने और बीमारी से लड़ने की शक्ति देता है।
- "स्वास्थ्य केवल बीमारी का न होना नहीं है, बल्कि यह शारीरिक, मानसिक और सामाजिक कल्याण की स्थिति है।"
- भारत सरकार का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच को बढ़ाना, विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में।
---
### 4. बेरोजगारी के प्रकार (Types of Unemployment)
जब प्रचलित मजदूरी की दर पर काम करने के लिए इच्छुक लोग रोजगार नहीं पा सकते हैं, तो उसे बेरोजगारी कहते हैं।
- मौसमी बेरोजगारी (Seasonal Unemployment): जब लोगों को वर्ष के कुछ महीनों में रोजगार नहीं मिल पाता है (उदाहरण के लिए: कृषि क्षेत्र में व्यस्त मौसम के बाद की अवधि)।
- प्रच्छन्न या छिपी हुई बेरोजगारी (Disguised Unemployment): जब आवश्यकता से अधिक लोग काम में लगे होते हैं। यदि उनमें से कुछ लोगों को हटा भी दिया जाए, तो उत्पादन कम नहीं होता है। (यह अक्सर कृषि परिवारों में पाई जाती है)।
- शहरी बेरोजगारी (Urban Unemployment): शहरी क्षेत्रों में मुख्य रूप से शिक्षित बेरोजगारी पाई जाती है, जहाँ मैट्रिक, स्नातक और स्कोत्कोत्तर डिग्री धारक युवा रोजगार पाने में असमर्थ होते हैं।
---
### 5. महत्वपूर्ण तथ्य और प्रभाव (Important Facts & Impacts)
- मानव पूंजी के लाभ:
- उच्च उत्पादकता।
- तकनीकी ज्ञान का प्रसार।
- देश की राष्ट्रीय आय में वृद्धि।
- बेरोजगारी के आर्थिक प्रभाव:
- जनशक्ति संसाधनों की बर्बादी।
- युवाओं में निराशा और हताशा की भावना।
- आर्थिक बोझ में वृद्धि, जिससे समाज के जीवन स्तर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
माइंड मैप चार्ट (Mind Map Chart)
📍 संसाधन के रूप में लोग
परिचय
जनसंख्या का परिसंपत्ति बनना
दायित्व से अधिक संपत्ति
शिक्षा और स्वास्थ्य का महत्व
आर्थिक गतिविधियाँ
प्राथमिक क्षेत्र (कृषि, वानिकी, पशुपालन)
द्वितीयक क्षेत्र (विनिर्माण, उद्योग)
तृतीयक क्षेत्र (व्यापार, परिवहन, सेवाएँ)
आर्थिक गतिविधियों के प्रकार
बाज़ार क्रियाएँ (वेतन या लाभ के लिए)
गैर-बाज़ार क्रियाएँ (स्वयं के उपभोग के लिए)
जनसंख्या की गुणवत्ता
शिक्षा
साक्षरता दर में वृद्धि
सर्व शिक्षा अभियान
विद्यालयों की स्थापना और मध्याह्न भोजन योजना
कौशल विकास पर जोर
स्वास्थ्य
जीवन प्रत्याशा में वृद्धि
शिशु मृत्यु दर में कमी
स्वास्थ्य基础设施 (अस्पताल, डॉक्टर, दवाइयां) का विकास
बेरोजगारी
अर्थ
काम करने के इच्छुक और सक्षम व्यक्ति को रोजगार न मिलना
ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी
मौसमी बेरोजगारी (विशेष मौसम में काम न मिलना)
प्रच्छन्न या छिपी हुई बेरोजगारी (आवश्यकता से अधिक लोगों का काम में लगे रहना)
शहरी क्षेत्रों में बेरोजगारी
शिक्षित बेरोजगारी (डिग्री होने पर भी काम न मिलना)
रोजगार सृजन और सरकारी पहल
मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम)
कौशल विकास योजनाएं
स्वरोजगार कार्यक्रम
महत्वपूर्ण बोर्ड प्रश्न (Important Board Questions)
उत्तर (Answer): बेरोजगारी से जनशक्ति संसाधन की बर्बादी होती है, जो लोग परिसंपत्ति बन सकते थे वे देनदारी बन जाते हैं, युवाओं में निराशा की भावना पैदा होती है और देश की समग्र आर्थिक वृद्धि में गिरावट आती है।
उत्तर (Answer): शिक्षा समाज के विकास में योगदान करती है, राष्ट्रीय आय, सांस्कृतिक समृद्धि को बढ़ाती है और शासन की दक्षता को बढ़ाती है। यह नए क्षितिज खोलती है, नई आकांक्षाएं प्रदान करती है और जीवन के मूल्यों को विकसित करती है।
उत्तर (Answer): तृतीयक क्षेत्रक में सेवा-उन्मुख गतिविधियाँ शामिल हैं जैसे व्यापार, परिवहन, संचार, बैंकिंग, शिक्षा, स्वास्थ्य, बीमा, और वे सेवाएं जो वस्तुओं के व्यापार और उत्पादन को सुगम बनाती हैं।
उत्तर (Answer): एक शिक्षित, स्वस्थ और प्रशिक्षित जनसंख्या को अर्थव्यवस्था के लिए एक परिसंपत्ति (मानव पूंजी) माना जाता है क्योंकि वे उत्पादन और राष्ट्रीय आय में सकारात्मक योगदान देते हैं, एक अशिक्षित या अस्वस्थ जनसंख्या के विपरीत जो एक बोझ के रूप में कार्य करती है।
उत्तर (Answer): भारत में, आर्थिक अध्ययनों के लिए कार्यबल जनसंख्या में आम तौर पर 15 से 59 वर्ष की आयु वर्ग के लोग शामिल होते हैं। 15 से कम उम्र के बच्चों और 59 से ऊपर के बुजुर्गों को कार्यबल का हिस्सा नहीं माना जाता है।
उत्तर (Answer): बेरोजगारी तब होती है जब प्रचलित मजदूरी दर पर काम करने के इच्छुक लोगों को नौकरी नहीं मिलती है। कार्यबल में 15 से 59 वर्ष की आयु के लोग शामिल होते हैं।
उत्तर (Answer): स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति और ठहराव को प्रोत्साहित करने और उनकी पोषण स्थिति में सुधार करने के लिए मध्याह्न भोजन (Mid-Day Meal) योजना लागू की गई है। इस योजना के तहत प्राथमिक विद्यालय के बच्चों को पकाया हुआ मध्याह्न भोजन प्रदान किया जाता है।
उत्तर (Answer): 2011 की जनगणना के अनुसार, भारत में साक्षरता दर 74.04 प्रतिशत है। साक्षरता न केवल एक अधिकार है, बल्कि नागरिकों के लिए अपने कर्तव्यों का पालन करने और अपने अधिकारों का ठीक से उपयोग करने के लिए भी आवश्यक है।
उत्तर (Answer): मानव पूंजी में निवेश शिक्षा, प्रशिक्षण और स्वास्थ्य सेवा के माध्यम से किया जाता है। भौतिक पूंजी की तरह, मानव पूंजी जीवन में बाद में उच्च उत्पादकता और उच्च कमाई के रूप में प्रतिफल देती है।
उत्तर (Answer): जन्म के समय जीवन प्रत्याशा को जन्म के समय किसी व्यक्ति के जीवन की औसत अपेक्षित अवधि के रूप में अनुमानित किया जाता है। यह किसी देश में स्वास्थ्य सेवा के मानकों, पोषण और समग्र जीवन स्थितियों को दर्शाता है।
उत्तर (Answer): शिशु मृत्यु दर (IMR) एक वर्ष से कम उम्र के बच्चे की मृत्यु है। यह किसी देश के समग्र स्वास्थ्य, स्वच्छता स्थितियों और सामाजिक-आर्थिक विकास को इंगित करती है।
उत्तर (Answer): सर्व शिक्षा अभियान (SSA) राज्यों, स्थानीय सरकारों और समुदाय के साथ साझेदारी में एक समयबद्ध पहल के रूप में 2010 तक 6-14 आयु वर्ग के सभी बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
उत्तर (Answer): शिक्षित बेरोजगारी शहरी क्षेत्रों में एक आम घटना बन गई है। मैट्रिक, स्नातक और स्नातकोत्तर की डिग्री वाले कई युवाओं को उपयुक्त नौकरियां नहीं मिल पा रही हैं, जिससे मानव संसाधन क्षमता की बर्बादी होती है।
उत्तर (Answer): प्रच्छन्न बेरोजगारी तब होती है जब लोग नियोजित प्रतीत होते हैं, लेकिन वास्तव में, उनकी सीमांत उत्पादकता शून्य या नकारात्मक होती है। यह अक्सर कृषि परिवारों में देखा जाता है जहाँ सभी सदस्य एक ही छोटे भूखंड पर काम करते हैं, भले ही कम श्रमिक भी वही काम कर सकते हों।
उत्तर (Answer): ग्रामीण क्षेत्रों में मौसमी और प्रच्छन्न (छिपी हुई) बेरोजगारी आमतौर पर पाई जाती है। मौसमी बेरोजगारी तब होती है जब लोगों को वर्ष के कुछ महीनों में रोजगार नहीं मिल पाता है, जबकि प्रच्छन्न बेरोजगारी तब होती है जब आवश्यकता से अधिक लोग किसी गतिविधि में लगे होते हैं।