मुख्य सूत्र (Key Formulas)
कक्षा 11 भौतिकी - कार्य, ऊर्जा और शक्ति (Work, Energy and Power) - त्वरित संशोधन नोट्स
1. कार्य (Work)
- परिभाषा: जब किसी वस्तु पर बल लगाया जाता है और वस्तु बल की दिशा में विस्थापित होती है, तो इसे कार्य कहा जाता है।
- सूत्र:
W = F s cos(theta)
- जहाँ,
F = बल (Force)
s = विस्थापन (Displacement)
theta = बल और विस्थापन के बीच का कोण (Angle between Force and Displacement)
- मात्रक: जूल (Joule) या N-m
- विमीय सूत्र (Dimensional Formula):
[M L^2 T^-2]
- विशेष स्थितियाँ:
- जब बल और विस्थापन एक ही दिशा में हों (
theta = 0°): W = F * s (अधिकतम कार्य)
- जब बल और विस्थापन एक-दूसरे के लंबवत हों (
theta = 90°): W = 0 (शून्य कार्य)
- जब बल और विस्थापन विपरीत दिशा में हों (
theta = 180°): W = -F * s (ऋणात्मक कार्य)
2. गतिज ऊर्जा (Kinetic Energy)
- परिभाषा: किसी वस्तु में उसकी गति के कारण उत्पन्न ऊर्जा को गतिज ऊर्जा कहते हैं।
- सूत्र:
K = (1/2) m v^2
- जहाँ,
m = द्रव्यमान (Mass)
v = वेग (Velocity)
- संवेग और गतिज ऊर्जा में संबंध:
K = p^2 / (2m)
- जहाँ,
p = रैखिक संवेग (p = m * v)
3. स्थितिज ऊर्जा (Potential Energy)
- परिभाषा: किसी वस्तु में उसकी स्थिति या आकृति के कारण संचित ऊर्जा को स्थितिज ऊर्जा कहते हैं।
- गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा:
U = m g h
- जहाँ,
m = द्रव्यमान, g = गुरुत्वीय त्वरण, h = ऊँचाई
- स्प्रिंग की स्थितिज ऊर्जा:
U = (1/2) k x^2
- जहाँ,
k = स्प्रिंग नियतांक (Spring Constant), x = स्प्रिंग में खिंचाव या संपीडन
4. कार्य-ऊर्जा प्रमेय (Work-Energy Theorem)
- किसी वस्तु पर कुल बल द्वारा किया गया कार्य, उस वस्तु की गतिज ऊर्जा में परिवर्तन के बराबर होता है।
- सूत्र:
W = Delta K = Kf - Ki
- जहाँ,
Kf = अंतिम गतिज ऊर्जा, Ki = प्रारंभिक गतिज ऊर्जा
5. ऊर्जा संरक्षण का नियम (Law of Conservation of Energy)
- ऊर्जा को न तो उत्पन्न किया जा सकता है और न ही नष्ट किया जा सकता है; इसे केवल एक रूप से दूसरे रूप में परिवर्तित किया जा सकता है।
- यांत्रिक ऊर्जा संरक्षण: केवल संरक्षी बलों के अंतर्गत, कुल यांत्रिक ऊर्जा (
E = K + U) नियत रहती है।
Ki + Ui = Kf + Uf
6. शक्ति (Power)
- परिभाषा: कार्य करने की दर को शक्ति कहते हैं।
- सूत्र:
P = W / t
- जहाँ,
W = किया गया कार्य, t = समय
- तात्कालिक शक्ति:
P = F * v (बल और वेग का अदिश गुणनफल)
- मात्रक: वाट (Watt) या जूल प्रति सेकंड (J/s)
- अन्य मात्रक: अश्वशक्ति (Horsepower - HP)
1 HP = 746 W
- विमीय सूत्र:
[M L^2 T^-3]
7. संघट्ट या टक्कर (Collisions)
- पूर्णतः प्रत्यास्थ संघट्ट (Elastic Collision): इसमें संवेग और गतिज ऊर्जा दोनों संरक्षित रहते हैं।
- अप्रत्यास्थ संघट्ट (Inelastic Collision): इसमें केवल संवेग संरक्षित रहता है, गतिज ऊर्जा संरक्षित नहीं रहती।
- पूर्णतः अप्रत्यास्थ संघट्ट (Perfect Inelastic Collision): इसमें टक्कर के बाद दोनों वस्तुएँ आपस में चिपक जाती हैं और एक साथ एक ही वेग से गति करती हैं।
माइंड मैप चार्ट (Mind Map Chart)
📍 कार्य, ऊर्जा और शक्ति
कार्य (Work)
परिभाषा
बल और विस्थापन का अदिश गुणनफल
सूत्र
W = F s cos(θ)
प्रकार
धनात्मक कार्य
ऋणात्मक कार्य
शून्य कार्य
मात्रक
जूल (Joule) या न्यूटन-मीटर
ऊर्जा (Energy)
परिभाषा
कार्य करने की क्षमता
गतिज ऊर्जा (Kinetic Energy)
परिभाषा: गति के कारण उत्पन्न ऊर्जा
सूत्र: K = 1/2 m v²
स्थितिज ऊर्जा (Potential Energy)
परिभाषा: स्थिति या विन्यास के कारण ऊर्जा
गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा: U = mgh
प्रत्यास्थ स्थितिज ऊर्जा: U = 1/2 k x²
ऊर्जा संरक्षण का नियम (Conservation of Energy)
ऊर्जा न तो उत्पन्न होती है, न नष्ट होती है
कुल यांत्रिक ऊर्जा हमेशा संरक्षित रहती है
संघادم (Collisions)
प्रत्यास्थ संघट (Elastic Collision)
अप्रत्यास्थ संघट (Inelastic Collision)
शक्ति (Power)
परिभाषा
कार्य करने की दर
सूत्र
P = W / t
तात्कालिक शक्ति: P = F · v
मात्रक
वाट (Watt) या जूल प्रति सेकंड
अश्वशक्ति (Horsepower)
महत्वपूर्ण बोर्ड प्रश्न (Important Board Questions)
उत्तर (Answer): घर्षण जैसे असंरक्षी बल यांत्रिक ऊर्जा को ऊष्मा या ध्वनि ऊर्जा में क्षयित करते हैं। फलस्वरूप, निकाय की कुल यांत्रिक ऊर्जा घट जाती है, हालांकि कुल ऊर्जा संरक्षित रहती है।
उत्तर (Answer): जलविद्युत संयंत्र में, संचित जल में स्थितिज ऊर्जा होती है। जब यह गिरता है, तो स्थितिज ऊर्जा गतिज ऊर्जा में परिवर्तित हो जाती है, जो फिर टर्बाइन को घुमाकर विद्युत ऊर्जा उत्पन्न करती है।
उत्तर (Answer): एकसमान वृत्तीय गति में, अभिकेंद्र बल केंद्र की ओर निर्देशित होता है जबकि विस्थापन (स्पर्शरेखीय) प्रत्येक बिंदु पर बल के लंबवत होता है। अतः $\theta = 90^\circ$ और किया गया कार्य $W = F s \cos(90^\circ) = 0$ होता है।
उत्तर (Answer): शक्ति प्रति इकाई समय में किया गया कार्य है, जिसे जूल प्रति सेकंड में मापा जाता है, जिसे SI पद्धति में वाट (W) के रूप में परिभाषित किया जाता है।
उत्तर (Answer): गतिज ऊर्जा और संवेग $p = \sqrt{2mK}$ द्वारा संबंधित हैं। चूंकि दोनों की गतिज ऊर्जा $K$ समान है, संवेग द्रव्यमान के वर्गमूल के समानुपाती होता है ($p \propto \sqrt{m}$)। इसलिए, भारी पिंड का संवेग अधिक होता है।
उत्तर (Answer): यांत्रिक ऊर्जा संरक्षण का सिद्धांत संरक्षी बलों पर लागू कार्य-ऊर्जा प्रमेय का परिणाम है, जहाँ कुल यांत्रिक ऊर्जा ($K + U$) स्थिर रहती है।
उत्तर (Answer): पूर्णतः अप्रत्यास्थ टक्कर के लिए, पिंड टक्कर के बाद आपस में चिपक जाते हैं, इसलिए उनके अलग होने का सापेक्ष वेग शून्य होता है। अतः $e = 0$ होता है।
उत्तर (Answer): एकविमीय प्रत्यास्थ टक्कर में समान द्रव्यमानों के लिए, टक्कर के बाद वेग आपस में बदल जाते हैं। यदि वे समान चाल से विपरीत दिशाओं में गति कर रहे हैं, तो वे अपने परिमाण और दिशा में परस्पर बदले हुए वेगों के साथ वापस लौटेंगे।
उत्तर (Answer): गुरुत्वाकर्षण बल ऊर्ध्वाधर नीचे की ओर कार्य करता है, जबकि विस्थापन क्षैतिज होता है। बल और विस्थापन के बीच का कोण $\theta$ $90^\circ$ है। अतः किया गया कार्य $W = F s \cos(90^\circ) = 0$ होता है।
उत्तर (Answer): खींची गई या संपीड़ित स्प्रिंग में संचित स्थितिज ऊर्जा $U = \frac{1}{2}kx^2$ द्वारा दी जाती है।
उत्तर (Answer): $1 \text{ kWh} = 1000 \text{ W} \times 3600 \text{ s} = 3.6 \times 10^6 \text{ J}$ होता है।
उत्तर (Answer): शक्ति $P = \frac{dW}{dt} = \frac{\vec{F} \cdot d\vec{r}}{dt} = \vec{F} \cdot \vec{v}$ है, जहाँ $\vec{v}$ पिंड का वेग है।
उत्तर (Answer): प्रत्यास्थ टक्कर में रैखिक संवेग और कुल गतिज ऊर्जा दोनों संरक्षित रहते हैं। अप्रत्यास्थ टक्कर में रैखिक संवेग संरक्षित रहता है लेकिन गतिज ऊर्जा नहीं।
उत्तर (Answer): कार्य-ऊर्जा प्रमेय के अनुसार, किसी पिंड पर लगने वाले सभी बलों द्वारा किया गया कार्य उसकी गतिज ऊर्जा में परिवर्तन के बराबर होता है ($W = \Delta K$)।
उत्तर (Answer): गतिज ऊर्जा $K \propto p^2$ होती है। यदि संवेग 100% बढ़ जाता है, तो नया संवेग $p' = p + p = 2p$ हो जाता है। नई गतिज ऊर्जा $K' \propto (2p)^2 = 4p^2$, जिसका अर्थ है $K' = 4K$। प्रतिशत वृद्धि $\frac{4K - K}{K} \times 100 = 300\%$ है।