त्वरित पुनरीक्षण नोट्स (Quick Revision Notes)
कक्षा 11 - भौतिक विज्ञान
अध्याय: तरलों के यांत्रिक गुण (Mechanical Properties of Fluids)
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1. मूल अवधारणाएँ: दाब एवं घनत्व (Pressure & Density)
- घनत्व (Density, $\rho$): एकांक आयतन के द्रव्यमान को घनत्व कहते हैं।
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घनत्व (\rho) = m / V
- SI मात्रक: $kg/m^3$, विमीय सूत्र: $[M^1 L^{-3} T^0]$
- आपेक्षिक घनत्व (Relative Density):
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आपेक्षिक घनत्व = पदार्थ का घनत्व / 4°C पर जल का घनत्व
- यह एक मात्रकहीन और विमाहीन राशि है।
- दाब (Pressure, P): एकांक क्षेत्रफल पर अभिलंबवत लगने वाले बल को दाब कहते हैं।
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दाब (P) = F / A
- SI मात्रक: $N/m^2$ या पास्कल (Pascal, $Pa$)
- विमीय सूत्र: $[M^1 L^{-1} T^{-2}]$ (यह एक अदिश राशि है)
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2. द्रवस्थैतिकी के नियम (Hydrostatics)
- गहराई के साथ दाब में परिवर्तन:
- द्रव की $h$ गहराई पर कुल दाब:
P = P_0 + \rho g h
- यहाँ $P_0$ = वायुमंडलीय दाब ($1.013 \times 10^5 \text{ Pa}$), $\rho$ = द्रव का घनत्व, $g$ = गुरुत्वीय त्वरण।
- गेज दाब (Gauge Pressure):
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P{gauge} = P - P0 = \rho g h
- पास्कल का नियम (Pascal's Law):
- यदि गुरुत्व के प्रभाव को नगण्य माना जाए, तो परिबद्ध द्रव के किसी भाग पर लगाया गया दाब बिना घटे सभी दिशाओं में समान रूप से संचरित होता है।
- अनुप्रयोग (Hydraulic Lift):
F1 / A1 = F2 / A2
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F2 = F1 \times (A2 / A1)
- आर्किमिडीज का सिद्धांत (Archimedes' Principle):
- जब कोई वस्तु किसी द्रव में पूरी या आंशिक रूप से डुबोई जाती है, तो उसके भार में आभासी कमी आती है। यह कमी वस्तु द्वारा हटाए गए द्रव के भार के बराबर होती है।
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उत्प्लावन बल (FB) = V \times \rhol \times g
- यहाँ $V$ = वस्तु के डूबे भाग का आयतन, $\rho_l$ = द्रव का घनत्व।
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3. तरलों का प्रवाह (Fluid Dynamics)
- धारारेखी प्रवाह (Streamline Flow): तरलों का ऐसा प्रवाह जिसमें प्रत्येक कण उसी पथ का अनुसरण करता है जिससे होकर पूर्ववर्ती कण गुजरा था।
- प्रक्षुब्ध प्रवाह (Turbulent Flow): जब द्रव का वेग एक निश्चित सीमा (क्रान्तिक वेग) से अधिक हो जाता है, तो द्रव की गति अनियमित हो जाती है।
- सांतत्य समीकरण (Equation of Continuity):
- असंपीड्य एवं अश्यान द्रव के धारारेखी प्रवाह में नली के प्रत्येक परिच्छेद पर क्षेत्रफल और वेग का गुणनफल नियत रहता है।
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A1 \cdot v1 = A2 \cdot v2 = नियतांक
- यह द्रव्यमान संरक्षण नियम पर आधारित है।
- रेनॉल्ड संख्या (Reynolds Number, $R_e$):
- यह एक विमाहीन संख्या है जो प्रवाह के प्रकार को निर्धारित करती है।
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R_e = (\rho \cdot v \cdot d) / \eta
- यदि $R_e < 1000$ $\rightarrow$ धारारेखी प्रवाह
- यदि $R_e > 2000$ $\rightarrow$ प्रक्षुब्ध प्रवाह
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4. बर्नौली का प्रमेय एवं अनुप्रयोग (Bernoulli's Theorem)
- बर्नौली का प्रमेय:
- जब कोई आदर्श द्रव (असंपीड्य व अश्यान) धारारेखी प्रवाह में बहता है, तो उसके मार्ग के प्रत्येक बिंदु पर एकांक आयतन की कुल ऊर्जा (दाब ऊर्जा, गतिज ऊर्जा एवं स्थितिज ऊर्जा) का योग नियत रहता है।
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P + (1/2) \cdot \rho \cdot v^2 + \rho \cdot g \cdot h = नियतांक
- यह ऊर्जा संरक्षण नियम पर आधारित है।
- बर्नौली प्रमेय के प्रमुख अनुप्रयोग:
1. टॉरिसेली का नियम (बहिःस्राव वेग): बर्तन के छिद्र से निकलने वाले द्रव का वेग
2. वेंचुरीमीटर (Venturimeter): नली में द्रव के प्रवाह की दर नापने का यंत्र।
Q = A1 \cdot A2 \cdot \sqrt{\frac{2 g h}{A1^2 - A2^2}}
3. हवाई जहाज के पंखों का उठना: पंख के ऊपर वायु का वेग अधिक होने से दाब कम हो जाता है।
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5. श्यानता (Viscosity)
- श्यानता: द्रव की विभिन्न परतों के बीच होने वाली आपेक्षिक गति का विरोध करने वाले आंतरिक घर्षण बल को श्यानता कहते हैं।
- न्यूटन का श्यानता का नियम:
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F = -\eta \cdot A \cdot (dv / dx)
- यहाँ $\eta$ = श्यानता गुणांक, $A$ = क्षेत्रफल, $(dv/dx)$ = वेग प्रवणता।
- $\eta$ का SI मात्रक: $Pa \cdot s$ या $N \cdot s / m^2$ (या Poiseuille)
- CGS मात्रक: Poise ($1 \text{ Pa}\cdot\text{s} = 10 \text{ Poise}$)
- स्टोक्स का नियम (Stokes' Law):
- $r$ त्रिज्या की गोली पर श्यान माध्यम में लगने वाला मंदक बल:
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F = 6 \cdot \pi \cdot \eta \cdot r \cdot v
- सीमांत वेग (Terminal Velocity, $v_T$):
- श्यान माध्यम में गिरती हुई वस्तु द्वारा प्राप्त किया गया अधिकतम नियत वेग।
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v_T = \frac{2}{9} \cdot \frac{r^2 \cdot (\rho - \sigma) \cdot g}{\eta}
- यहाँ $\rho$ = वस्तु का घनत्व, $\sigma$ = माध्यम का घनत्व।
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6. पृष्ठ तनाव एवं केशिकत्व (Surface Tension & Capillarity)
- पृष्ठ तनाव (Surface Tension, T):
- द्रव के मुक्त पृष्ठ की काल्पनिक रेखा की एकांक लंबाई पर लंबवत लगने वाला बल।
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T = F / L
- SI मात्रक: $N/m$ या $J/m^2$, विमीय सूत्र: $[M^1 L^0 T^{-2}]$
- पृष्ठ ऊर्जा (Surface Energy, W):
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W = T \cdot \Delta A ($\Delta A$ = क्षेत्रफल में वृद्धि)
- बूंद एवं बुलबुले के अंदर आधिक्य दाब (Excess Pressure):
1. द्रव की बूंद के अंदर: P_{excess} = 2T / R
2. साबुन के बुलबुले के अंदर (2 मुक्त पृष्ठ): P_{excess} = 4T / R
3. द्रव के अंदर वायु के बुलबुले में: P_{excess} = 2T / R
- केशिकत्व एवं ज्यूरिन का नियम (Jurin's Law):
- केशिका नली में द्रव का चढ़ना या उतरना केशिकत्व कहलाता है।
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h = \frac{2 \cdot T \cdot \cos\theta}{r \cdot \rho \cdot g}
- यहाँ $\theta$ = स्पर्श कोण (Angle of Contact), $r$ = नली की त्रिज्या।
- कांच-जल के लिए $\theta \approx 0^\circ$ (जल नली में ऊपर चढ़ता है)।
- कांच-पारा के लिए $\theta > 90^\circ$ (पारा नली में नीचे गिरता है)।
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7. महत्वपूर्ण सूत्र सारणी (Quick Formula Summary)
| भौतिक राशि / नियम | सूत्र (Formula) | मात्रक (SI Unit) |
| :--- | :--- | :--- |
| गहराई पर दाब | $P = P_0 + \rho g h$ | $N/m^2$ या $Pa$ |
| सांतत्य समीकरण | $A1 v1 = A2 v2$ | $m^3/s$ (आयतन प्रवाह दर) |
| बर्नौली समीकरण | $P + \frac{1}{2}\rho v^2 + \rho g h = \text{नियतांक}$ | $J/m^3$ या $Pa$ |
| श्यान बल | $F = -\eta A \frac{dv}{dx}$ | $N$ |
| स्टोक्स नियम | $F = 6 \pi \eta r v$ | $N$ |
| सीमांत वेग | $v_T = \frac{2}{9}\frac{r^2(\rho - \sigma)g}{\eta}$ | $m/s$ |
| पृष्ठ तनाव | $T = \frac{F}{L} = \frac{W}{\Delta A}$ | $N/m$ या $J/m^2$ |
| साबुन के बुलबुले में आधिक्य दाब | $P_{excess} = \frac{4T}{R}$ | $Pa$ |
| केशिका उन्नयन | $h = \frac{2 T \cos\theta}{r \rho g}$ | $m$ |
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परीक्षा हेतु महत्वपूर्ण युक्तियाँ (MP Board Exam Tips):
1. बर्नौली का प्रमेय और सांतत्य समीकरण की उपपत्ति (Derivation) बार-बार पूछी जाती है।
2. पास्कल के नियम पर आधारित हाइड्रॉलिक लिफ्ट का चित्र और कार्यविधि तैयार करें।
3. स्टोक्स के नियम द्वारा सीमांत वेग का व्यंजक सूत्र अच्छे से याद करें।
4. पृष्ठ तनाव में साबुन के बुलबुले तथा द्रव की बूंद के आधिक्य दाब के सूत्र के अंतर ($4T/R$ एवं $2T/R$) पर ध्यान दें।