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PV = nRT या PV = N k_B T
P = दाब, V = आयतन, T = परम ताप (Kelvin में)n = मोलों की संख्या = m / M = N / N_AR = सार्वत्रिक गैस नियतांक ≈ 8.314 J/mol·KkB = बोल्ट्ज़मान नियतांक = R / NA ≈ 1.38 × 10^-23 J/KN_A = आवोगाद्रो संख्या ≈ 6.023 × 10^23P ∝ 1/V ⇒ P1 V1 = P2 V2V ∝ T ⇒ V1 / T1 = V2 / T2P ∝ T ⇒ P1 / T1 = P2 / T2P = P1 + P2 + P3 + ...
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1. गैस अत्यधिक सूक्ष्म एवं समरूप कणों (अणुओं) से मिलकर बनी होती है।
2. अणुओं के बीच कोई आकर्षण या प्रतिकर्षण बल नहीं लगता (आदर्श गैस के लिए)।
3. अणुओं द्वारा घेरा गया कुल आयतन, गैस के कुल आयतन की तुलना में नगण्य होता है।
4. अणुओं की टक्करें पूर्णतः प्रत्यास्थ (Elastic) होती हैं।
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P = (1/3) ρ (v_rms)^2
या P = (1/3) (m N / V) * (v_rms)^2
ρ = गैस का घनत्व = m * N / Vm = एक अणु का द्रव्यमानv_rms = वर्ग मध्य मूल चाल---
E = (3/2) R T
Eavg = (3/2) kB T
(गतिज ऊर्जा केवल परम ताप T पर निर्भर करती है, गैस की प्रकृति पर नहीं।)
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1. वर्ग मध्य मूल चाल (RMS Speed - v_rms):
vrms = √(3RT / M) = √(3kB T / m) = √(3P / ρ)
2. औसत चाल (Average Speed - v_avg):
vavg = √(8RT / πM) = √(8kB T / πm)
3. अधिकतम संभाव्य चाल (Most Probable Speed - v_mp):
vmp = √(2RT / M) = √(2kB T / m)
vrms > vavg > v_mp
vmp : vavg : v_rms = 1 : 1.128 : 1.225
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f)किसी अणु की स्वतंत्रता की कोटि उन स्वतंत्र तरीकों की संख्या है जिनसे वह गति कर सकता है या ऊर्जा धारण कर सकता है।
f = 3 (केवल स्थानांतरीय गति)
f = 5 (3 स्थानांतरीय + 2 घूर्णन)f = 7 (3 स्थानांतरीय + 2 घूर्णन + 2 कम्पन)f = 6 (3 स्थानांतरीय + 3 घूर्णन)---
तापीय साम्यावस्था में, किसी निकाय की प्रत्येक स्वातंत्र्य कोटि (Degree of Freedom) के साथ सम्बद्ध औसत गतिज ऊर्जा (1/2) k_B T होती है।
f स्वातंत्र्य कोटि वाले अणु की कुल औसत ऊर्जा:Etotal = (f / 2) kB T
U):U = (f / 2) R T
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C_v):C_v = (f / 2) R
C_p):Cp = Cv + R = ((f / 2) + 1) R
Cp - Cv = R
γ):γ = Cp / Cv = 1 + (2 / f)
| गैस का प्रकार | f | Cv | Cp | γ = Cp / Cv |
| :--- | :---: | :---: | :---: | :---: |
| एकपरमाणुक (Monatomic) | 3 | (3/2) R | (5/2) R | 5/3 ≈ 1.67 |
| द्विपरमाणुक (Diatomic) | 5 | (5/2) R | (7/2) R | 7/5 = 1.40 |
| बहुपरमाणुक (Polyatomic) | 6 | 3 R | 4 R | 4/3 ≈ 1.33 |
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λ)दो क्रमागत टक्करों के बीच गैस के अणु द्वारा तय की गई औसत दूरी को माध्य मुक्त पथ कहते हैं।
λ = 1 / (√2 n π * d^2)
n = प्रति इकाई आयतन में अणुओं की संख्या (N/V)d = अणु का व्यासλ = (k_B T) / (√2 π d^2 P)
λ ∝ T (स्थिर दाब पर ताप बढ़ाने पर माध्य मुक्त पथ बढ़ता है)λ ∝ 1/P (दाब बढ़ाने पर माध्य मुक्त पथ घटता है)λ ∝ 1/ρ (घनत्व के व्युत्क्रमानुपाती होता है)