कक्षा 11 रसायन विज्ञान - त्वरित रिवीजन एवं सूत्र शीट
अध्याय 1: रसायन विज्ञान की कुछ मूल अवधारणाएँ (Some Basic Concepts of Chemistry)
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1. द्रव्य का वर्गीकरण (Classification of Matter)
- द्रव्य (Matter): वह सब कुछ जिसका द्रव्यमान होता है और जो स्थान घेरता है।
- शुद्ध पदार्थ (Pure Substances): जिनका संगठन निश्चित होता है।
- तत्व (Element): एक ही प्रकार के परमाणुओं से बने (उदा. $\text{H}2, \text{O}2, \text{Fe}$)।
- यौगिक (Compound): दो या दो से अधिक तत्वों के निश्चित अनुपात में मिलने से बने (उदा. $\text{H}2\text{O}, \text{CO}2$)।
- मिश्रण (Mixture): दो या दो से अधिक पदार्थों का अनिश्चित अनुपात में मिश्रण।
- समांगी मिश्रण (Homogeneous): घटक पूर्णतः मिश्रित होते हैं (उदा. नमक का घोल)।
- विषमांगी मिश्रण (Heterogeneous): घटक अलग-अलग दिखाई देते हैं (उदा. तेल और पानी)।
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2. रासायनिक संयोजन के नियम (Laws of Chemical Combination)
1. द्रव्यमान संरक्षण का नियम (Law of Conservation of Mass):
- प्रतिपादक: एंटोनी लेवोज़ियर
- नियम: किसी रासायनिक अभिक्रिया में न तो द्रव्यमान का निर्माण होता है और न ही विनाश।
- कुल अभिकारक का द्रव्यमान = कुल उत्पाद का द्रव्यमान
2. स्थिर अनुपात का नियम (Law of Definite Proportions):
- प्रतिपादक: जोसेफ प्राउस्ट
- नियम: किसी यौगिक में तत्व हमेशा द्रव्यमान के एक निश्चित अनुपात में संयुक्त रहते हैं, चाहे वह किसी भी स्रोत से प्राप्त किया गया हो।
3. गुणित अनुपात का नियम (Law of Multiple Proportions):
- प्रतिपादक: जॉन डाल्टन
- नियम: जब दो तत्व मिलकर एक से अधिक यौगिक बनाते हैं, तो एक तत्व के साथ संयुक्त होने वाले दूसरे तत्व के भिन्न-भिन्न द्रव्यमान परस्पर सरल पूर्णांक अनुपात में होते हैं। (उदा. $\text{CO}$ और $\text{CO}_2$ में ऑक्सीजन का अनुपात $1:2$ है)।
4. गे-लुसाक का गैसीय आयतन का नियम (Gay-Lussac's Law):
- नियम: जब गैसें आपस में अभिक्रिया करती हैं, तो उनके आयतन सरल अनुपात में होते हैं (समान ताप और दाब पर)।
5. आवोगाद्रो का नियम (Avogadro's Law):
- नियम: समान ताप और दाब पर सभी गैसों के समान आयतन में अणुओं की संख्या समान होती है।
- $V \propto n$ (जहाँ $V$ = आयतन, $n$ = मोलों की संख्या)
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3. मोल संकल्पना (Mole Concept)
- 1 मोल (Mole): किसी पदार्थ की वह मात्रा जिसमें उतने ही कण (परमाणु, अणु या आयन) होते हैं जितने कार्बन-12 के ठीक 12 ग्राम में परमाणु होते हैं।
- आवोगाद्रो संख्या ($N_A$): $6.022 \times 10^{23} \text{ कण/मोल}$
#### मोल गणना के मुख्य सूत्र:
1. द्रव्यमान के पद में:
$$\text{मोलों की संख्या } (n) = \frac{\text{दिया गया द्रव्यमान } (m)}{\text{मोलर द्रव्यमान } (M)}$$
2. कणों की संख्या के पद में:
$$\text{मोलों की संख्या } (n) = \frac{\text{कणों की कुल संख्या } (N)}{\text{आवोगाद्रो संख्या } (N_A)}$$
3. गैस के आयतन के पद में (STP पर):
$$\text{मोलों की संख्या } (n) = \frac{\text{STP पर आयतन (लीटर में)}}{22.4 \text{ L}}$$
(नोट: STP पर 1 मोल गैस का आयतन = $22.4 \text{ L}$ या $22700 \text{ mL}$ होता है)
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4. आणविक एवं मूलानुपाती सूत्र (Empirical and Molecular Formula)
- मूलानुपाती सूत्र (Empirical Formula): किसी यौगिक में उपस्थित परमाणुओं का सरलतम पूर्णांक अनुपात दर्शाने वाला सूत्र।
- आणविक सूत्र (Molecular Formula): किसी यौगिक के एक अणु में उपस्थित परमाणुओं की वास्तविक संख्या दर्शाने वाला सूत्र।
#### महत्वपूर्ण सूत्र:
$$\text{आणविक सूत्र} = n \times (\text{मूलानुपाती सूत्र})$$
$$\text{जहाँ } n = \frac{\text{आणविक द्रव्यमान}}{\text{मूलानुपाती सूत्र द्रव्यमान}}$$
- तत्व का प्रतिशत संघटन (Mass Percentage):
$$\text{तत्व का \%} = \frac{\text{यौगिक में उस तत्व का द्रव्यमान}}{\text{यौगिक का कुल मोलर द्रव्यमान}} \times 100$$
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5. विलयन की सांद्रता व्यक्त करने की विधियाँ (Concentration Terms)
#### 1. द्रव्यमान प्रतिशत (Mass Percentage - % w/w):
$$\% (w/w) = \frac{\text{विलेय का द्रव्यमान}}{\text{विलयन का कुल द्रव्यमान}} \times 100$$
#### 2. मोल अंश / मोल प्रभाज (Mole Fraction - $X$):
यदि द्विअंगी विलयन में विलेय (B) के $nB$ मोल और विलायक (A) के $nA$ मोल हों:
- विलेय का मोल अंश ($X_B$):
$$XB = \frac{nB}{nA + nB}$$
- विलायक का मोल अंश ($X_A$):
$$XA = \frac{nA}{nA + nB}$$
#### 3. मोलरता (Molarity - $M$):
1 लीटर विलयन में घुले विलेय के मोलों की संख्या।
$$M = \frac{\text{विलेय के मोल }(nB)}{\text{विलयन का आयतन लीटर में }(VL)}$$
$$M = \frac{wB \times 1000}{MB \times V_{mL}}$$
(इकाई: $\text{mol/L}$ या $\text{M}$)
#### 4. मोललता (Molality - $m$):
1 किलोग्राम ($1000 \text{ g}$) विलायक में घुले विलेय के मोलों की संख्या।
$$m = \frac{\text{विलेय के मोल }(nB)}{\text{विलायक का द्रव्यमान किग्रा में }(WA)}$$
$$m = \frac{wB \times 1000}{MB \times W_A \text{ (ग्राम में)}}$$
(इकाई: $\text{mol/kg}$ या $\text{m}$)
#### 5. नॉर्मलता (Normality - $N$):
1 लीटर विलयन में विलेय के ग्राम-तुल्यांकों की संख्या।
$$N = \frac{wB \times 1000}{EB \times V_{mL}}$$
(जहाँ $E_B$ = विलेय का तुल्यांकी भार)
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6. स्टॉयकोमीट्री एवं सीमांत अभिकर्मक (Stoichiometry & Limiting Reagent)
- रससमीकरणमिति (Stoichiometry): रासायनिक अभिक्रिया में अभिकारकों और उत्पादों के द्रव्यमानों या आयतनों के बीच संबंध का अध्ययन।
- सीमांत अभिकर्मक (Limiting Reagent): वह अभिकारक जो अभिक्रिया में सबसे पहले पूरी तरह से समाप्त हो जाता है और बनने वाले उत्पाद की मात्रा को सीमित करता है।
#### सीमांत अभिकर्मक पहचानने की विधि:
1. अभिकारकों के दिए गए मोल निकालें।
2. प्रत्येक अभिकारक के मोलों को उसके सन्तुलित समीकरण गुणांक से भाग दें:
$$\text{अनुपात} = \frac{\text{दिए गए मोल}}{\text{समीकरण गुणांक}}$$
3. जिसका अनुपात सबसे कम होगा, वही सीमांत अभिकर्मक होगा।
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7. MP Board परीक्षा हेतु अति-महत्वपूर्ण बिंदु (Quick Tips)
- ताप का प्रभाव:
- मोलरता ($M$) और नॉर्मलता ($N$) ताप बदलने पर बदलती हैं, क्योंकि ये आयतन पर निर्भर करती हैं ($V \propto T$)।
- मोललता ($m$) और मोल अंश ($X$) ताप बदलने पर अपरिवर्तित रहते हैं, क्योंकि ये द्रव्यमान पर निर्भर करते हैं।
- तुल्यांकी भार का सूत्र:
$$\text{तुल्यांकी भार } (E) = \frac{\text{मोलर द्रव्यमान}}{\text{संयोजकता / अम्लता / क्षारकता}}$$
- तनुकरण सूत्र (Dilution Formula):
$$M1 V1 = M2 V2$$