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गुलडबर्ग तथा वागे के अनुसार: किसी रासायनिक अभिक्रिया की दर अभिकारकों के सक्रिय द्रव्यमान (सांद्रता) के गुणनफल के समानुपाती होती है।
सामान्य अभिक्रिया:
aA + bB ⇌ cC + dD
#### साम्य स्थिरांक (Equilibrium Constant):
K_c = ([C]^c · [D]^d) / ([A]^a · [B]^b)
Kp = (PC^c · PD^d) / (PA^a · P_B^b)
#### $Kp$ और $Kc$ में संबंध:
Kp = Kc · (R · T)^(Δn)
R = गैस स्थिरांक (8.314 J/mol·K या 0.0821 L·atm/mol·K)T = परम ताप (Kelvin में)Δn = (गैसीय उत्पादों के मोलों की संख्या) - (गैसीय अभिकारकों के मोलों की संख्या)---
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नियम: यदि साम्यावस्था पर स्थित किसी निकाय के कारक (जैसे सांद्रता, ताप, दाब) में परिवर्तन किया जाए, तो साम्य उस दिशा में विस्थापित हो जाता है जिस दिशा में किए गए परिवर्तन का प्रभाव नष्ट हो सके।
| कारक | परिवर्तन | साम्य विस्थापन की दिशा |
| :--- | :--- | :--- |
| सांद्रता | अभिकारक बढ़ाना | अग्र दिशा में |
| सांद्रता | उत्पाद बढ़ाना | पश्च दिशा में |
| दाब | दाब बढ़ाना | कम मोलों (कम आयतन) की दिशा में |
| ताप | ताप बढ़ाना | ऊष्माशोषी (Endothermic) दिशा में |
| ताप | ताप घटाना | ऊष्माक्षेपी (Exothermic) दिशा में |
| उत्प्रेरक | मिलाना | साम्य की स्थिति पर कोई प्रभाव नहीं (केवल साम्य शीघ्र प्राप्त होता है) |
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H^+ आयन देते हैं। (उदा. HCl)OH^- आयन देते हैं। (उदा. NaOH)H^+) दाता।H^+) ग्राही।H^+) का अंतर होता है।अम्ल = संयुग्मी क्षारक + H^+
BF3, AlCl3)NH3, H2O)---
25°C (298 K) ताप पर:
K_w = [H^+][OH^-] = 1.0 × 10^(-14) mol^2/L^2
pKw = -log(Kw) = 14
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pH = -log[H^+] तथा [H^+] = 10^(-pH)
pOH = -log[OH^-]
pH + pOH = 14 (298 K पर)
#### विलियनों की प्रकृति:
pH = 7 ([H^+] = 10^-7 M)pH < 7 ([H^+] > 10^-7 M)pH > 7 ([H^+] < 10^-7 M)---
दुर्बल वैद्युतअपघट्य के वियोजन की मात्रा ($\alpha$) के लिए:
α = √(Ka / C) या α = √(Ka · V)
K_a = अम्ल का आयनन स्थिरांकC = सांद्रता (mol/L)V = तनुता (Liters में)[H^+] आयन सांद्रता:[H^+] = C · α = √(K_a · C)
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किसी दुर्बल वैद्युतअपघट्य के विलयन में समान आयन वाला कोई प्रबल वैद्युतअपघट्य मिलाने पर दुर्बल वैद्युतअपघट्य के आयनन की मात्रा घट जाती है। इसे सम-आयन प्रभाव कहते हैं।
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वह विलयन जो थोड़ा सा अम्ल या क्षार मिलाने पर अपने pH मान में परिवर्तन का विरोध करता है।
#### हेंडरसन-हेसलबाक समीकरण (Henderson-Hasselbalch Equation):
pH = pK_a + log([लवण] / [अम्ल])
(जहाँ pKa = -log Ka)
pOH = pK_b + log([लवण] / [क्षारक])
pH = 14 - pOH
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अल्प विलेय लवण Ax By के लिए:
Ax By ⇌ x A^(y+) + y B^(x-)
K_{sp} = [A^(y+)]^x · [B^(x-)]^y
#### विलेयता ($S$) तथा $K_{sp}$ में संबंध:
1. 1:1 प्रकार का लवण (उदा. AgCl):
K{sp} = S^2 ⇒ S = √(K{sp})
2. 1:2 या 2:1 प्रकार का लवण (उदा. CaCl2, Ag2CrO_4):
K{sp} = 4S^3 ⇒ S = (K{sp} / 4)^(1/3)
#### अवक्षेपण की शर्तें (Condition for Precipitation):