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केवल कार्बन और हाइड्रोजन से मिलकर बने यौगिकों को हाइड्रोकार्बन कहते हैं। इन्हें मुख्य रूप से दो श्रेणियों में बांटा गया है:
1. संतृप्त हाइड्रोकार्बन (Saturated Hydrocarbons): एल्केन (Alkanes)
2. असंतृप्त हाइड्रोकार्बन (Unsaturated Hydrocarbons): एल्कीन (Alkenes) और एल्काइन (Alkynes)
3. सुगंधित हाइड्रोकार्बन (Aromatic Hydrocarbons): एरेन्स (Arenes / Benzene derivatives)
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Cn H{2n+2} (जहाँ n कार्बन परमाणुओं की संख्या है)।sp^3 संकरण होता है और बंध कोण 109.5^\circ होता है।#### बनाने की प्रमुख विधियाँ (Methods of Preparation):
1. वुर्ट्स अभिक्रिया (Wurtz Reaction):
जब एल्किल हैलाइड की सोडियम धातु के साथ शुष्क ईथर की उपस्थिति में अभिक्रिया कराई जाती है, तो उच्च एल्केन बनते हैं।
2R-X + 2Na \xrightarrow{\text{Dry Ether}} R-R + 2NaX
2. विकार्बोक्सिलेशन (Decarboxylation):
carboxylic acid के सोडियम लवण को सोडालाइम (NaOH + CaO) के साथ गर्म करने पर एल्केन बनता है।
R-COONa + NaOH \xrightarrow{CaO, \Delta} R-H + Na2CO3
#### रासायनिक गुण (Chemical Properties):
hv) की उपस्थिति में एल्केन हैलोजन के साथ प्रतिस्थापन अभिक्रिया देते हैं।R-H + Cl_2 \xrightarrow{hv} R-Cl + HCl
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Cn H{2n}sp^2 संकृत होते हैं और बंध कोण 120^\circ होता है। इसमें एक सिग्मा (\sigma) और एक पाई (\pi) बंध होता है।#### बनाने की प्रमुख विधियाँ (Methods of Preparation):
1. ऐल्कोहॉल का निर्जलीकरण (Dehydration of Alcohols):
सान्द्र H2SO4 के साथ ऐल्कोहॉल को गर्म करने पर एल्कीन बनती है।
CH3-CH2-OH \xrightarrow{\text{Conc. } H2SO4, 443K} CH2=CH2 + H_2O
2. विहाइड्रोهالوجनीकरण (Dehydrohalogenation):
एल्किल हैलाइड की एल्कोहॉलिक KOH के साथ अभिक्रिया।
R-CH2-CH2-X + KOH{(alc)} \rightarrow R-CH=CH2 + KX + H_2O
#### रासायनिक गुण व नियम (Chemical Properties & Rules):
असममित एल्कीन पर किसी अभिकर्मक (H-X) के योग के दौरान, ऋणात्मक भाग उस कार्बन पर जुड़ता है जिस पर हाइड्रोजन परमाणुओं की संख्या कम होती है।
उदाहरण: CH3-CH=CH2 + H-Br \rightarrow CH3-CH(Br)-CH3 (मुख्य उत्पाद)
परॉक्साइड की उपस्थिति में HBr का असममित एल्कीन पर योग मार्कोनीकॉव नियम के विपरीत होता है (ऋणात्मक भाग अधिक हाइड्रोजन वाले कार्बन पर जाता है)। यह केवल HBr के लिए लागू होता है।
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Cn H{2n-2}sp संकृत होते हैं और रैखिक ज्यामिति (180^\circ) दर्शाते हैं। इसमें एक सिग्मा और दो पाई (\pi) बंध होते हैं।#### बनाने की प्रमुख विधियाँ (Methods of Preparation):
1. कैल्शियम कार्बोहाइड से (From Calcium Carbide):
CaC2 + 2H2O \rightarrow CH \equiv CH + Ca(OH)_2
2. डൈहैलाइड्स के विहाइड्रोهالوجनीकरण द्वारा:
CH3-CH(Br)2 + 2KOH{(alc)} \rightarrow CH \equiv CH + 2KBr + 2H2O
#### रासायनिक गुण (Chemical Properties):
टर्मिनल एल्काइन (Terminal Alkynes) के हाइड्रोजन परमाणु अम्लीय प्रकृति के होते हैं क्योंकि sp संकृत कार्बन अधिक विद्युत ऋणात्मक होता है।
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C6H6वे यौगिक एरोमैटिक होते हैं जो समतलीय (Planar), चक्रीय (Cyclic), पूर्ण संयुग्मित (\pi-इलेक्ट्रॉनों का विस्थानीकरण) होते हैं और (4n + 2)\pi इलेक्ट्रॉन रखते हैं (जहाँ n = 0, 1, 2, 3...)।
#### बेंजीन की इलेक्ट्रोफिलिक प्रतिस्थापन अभिक्रियाएँ (Electrophilic Substitution Reactions in Benzene):
1. नाइट्रोकरण (Nitration):
सान्द्र HNO3 + सान्द्र H2SO_4 के साथ गर्म करने पर नाइट्रोबेंजीन बनता है।
C6H6 + HNO3 \xrightarrow{\text{Conc. } H2SO4} C6H5NO2 + H_2O
2. हैलोजनीकरण (Halogenation):
निर्जल AlCl3 की उपस्थिति में Cl2 के साथ।
C6H6 + Cl2 \xrightarrow{Anhyd. AlCl3} C6H5Cl + HCl
3. सल्फोनीकरण (Sulfonation):
धूम्र H2SO4 (SO3 + H2SO_4) के साथ।
C6H6 + H2SO4 \rightarrow C6H5SO3H + H2O
4. फ्रीडेल-क्राफ्ट्स अभिक्रिया (Friedel-Crafts Reaction):
C6H6 + R-Cl \xrightarrow{Anhyd. AlCl3} C6H_5-R + HClC6H6 + R-COCl \xrightarrow{Anhyd. AlCl3} C6H_5-COR + HCl---
यह फॉर्मूला शीट मध्य प्रदेश बोर्ड (MP Board) कक्षा 11वीं के छात्रों के लिए त्वरित पुनरीक्षण हेतु अत्यंत उपयोगी है।