अध्याय: उच्च पाдовों में प्रकाश-संश्लेषण (Photosynthesis in Higher Plants) - त्वरित पुनरीक्षण नोट्स
---
परिचय (Introduction)
- प्रकाश-संश्लेषण (Photosynthesis): यह एक ऐसी भौतिक-रासायनिक प्रक्रिया है जिसमें हरे पौधे प्रकाश ऊर्जा (सौर ऊर्जा) का उपयोग करके कार्बन डाइऑक्साइड और जल को कार्बनिक यौगिकों (ग्लूकोज) में बदलते हैं और उप-उत्पाद के रूप में ऑक्सीजन मुक्त करते हैं।
- समीकरण:
6CO2 + 12H2O \xrightarrow{\text{प्रकाश और क्लोरोफिल}} C6H{12}O6 + 6H2O + 6O_2
---
मुख्य प्रयोग (Key Experiments)
1. प्रिस्टली का प्रयोग (Priestley's Experiment): दर्शाया कि पौधे ऑक्सीजन मुक्त करते हैं।
2. जैन इंगेनहौस (Jan Ingenhousz): दिखाया कि प्रकाश-संश्लेषण के लिए सूर्य का प्रकाश और पौधों के हरे भाग आवश्यक हैं।
3. जूल्स वॉन सैक (Julius von Sachs): प्रकाश-संश्लेषण के दौरान ग्लूकोज बनता है जो स्टार्च के रूप में संचित होता है।
4. टी.डब्लू. एंजेलमैन (T.W. Engelmann): प्रिज्म का उपयोग करके स्पेक्ट्रम के विभिन्न घटकों के प्रभाव को दर्शाया और पहला क्रिया स्पेक्ट्रम बनाया।
5. कार्नियल वैन नील (Cornelius van Niel): साबित किया कि प्रकाश-संश्लेषण एक प्रकाश-आश्रित प्रतिक्रिया है जिसमें हाइड्रोजन का एक स्रोत (H_2O) कार्बन डाइऑक्साइड को अपचयित करता है।
---
स्थल और वर्णक (Site and Pigments)
- स्थल: प्रकाश-संश्लेषण क्लोरोप्लास्ट (हरित लवक) के अंदर होता है। प्रकाश अभिक्रिया 'थायलाकोइड/ग्रैनम' में और अप्रकाश अभिक्रिया 'स्ट्रोमा' में होती है।
- मुख्य वर्णक:
- क्लोरोफिल 'ए' (Chlorophyll a): मुख्य प्रकाश-संश्लेषण वर्णक (नीला-हरा)।
- सहायक वर्णक (Accessory pigments): क्लोरोफिल 'बी', कैरोटिनाइड्स और जैंथाफिल (यह प्रकाश ऊर्जा को अवशोषित करते हैं और क्लोरोफिल 'ए' को फोटो-ऑक्सीकरण से बचाते हैं)।
---
प्रकाश-संश्लेषण की दो मुख्य प्रक्रियाएँ (Two Phases of Photosynthesis)
#### 1. प्रकाश अभिक्रिया या प्रकाशीय चरण (Light Reaction / Photochemical Phase)
- घटक: इसमें प्रकाश का अवशोषण, जल का प्रकाशीय अपघटन (Photolysis), ऑक्सीजन का निकलना और ATP व NADPH का निर्माण शामिल है।
- फोटोसिस्टम (Photosystems - PS I & PS II):
- PS I: इसका रिएक्शन सेंटर
P_700 है।
- PS II: इसका रिएक्शन सेंटर
P_680 है।
- इलेक्ट्रॉन परिवहन तंत्र (Electron Transport System - ETS):
- चक्रीय फॉस्फोरिलीकरण (Cyclic Photophosphorylation): केवल PS I भाग लेता है। इसमें केवल ATP का निर्माण होता है, NADPH का नहीं और जल का अपघटन नहीं होता।
- अचक्रीय फॉस्फोरिलीकरण (Non-cyclic Photophosphorylation - Z-Scheme): PS II और PS I दोनों भाग लेते हैं। इसमें
ATP और NADPH + H^+ दोनों बनते हैं और जल का विघटन होता है।
- जल का प्रकाशीय अपघटन (Photolysis of Water):
2H2O \rightarrow 4H^+ + O2 + 4e^-
---
#### 2. जैव-संश्लेषण चरण / अप्रकाश अभिक्रिया (Biosynthetic Phase / Dark Reaction)
- यह सीधे प्रकाश पर निर्भर नहीं है, बल्कि प्रकाश अभिक्रिया के उत्पादों (
ATP और NADPH) पर निर्भर करता है। यह स्ट्रोमा में होता है।
C_3 चक्र (कैल्विन चक्र - Calvin Cycle):
- प्रथम उत्पाद: 3-फॉस्फोग्लिसरिक एसिड (3-PGA)।
- चरण: (1) कार्बोक्सिलेशन (Carboxylation), (2) अपचयन (Reduction), (3) पुनरुत्पादन (Regeneration)।
1 ग्लूकोज अणु के निर्माण के लिए 6 CO_2, 18 ATP और 12 NADPH की आवश्यकता होती है।
C_4 चक्र (हॅच और स्लैक मार्ग - Hatch and Slack Pathway):
- शुष्क उष्णकटिबंधीय पौधों में पाया जाता है। इसमें क्रेन्ज एनाटॉमी (Kranz Anatomy) होती है।
- प्रथम उत्पाद: 4-कार्बन यौगिक ऑक्लोएसेटिक एसिड (OAA)।
- यह उच्च तापमान को सहन कर सकता है और इसमें प्रकाश-श्वसन (Photorespiration) नगण्य होता है।
---
प्रकाश-श्वसन (Photorespiration / C_2 Cycle)
- यह
C_3 पौधों में होने वाली एक wasteful (हानिकारक) प्रक्रिया है।
- इसमें एंजाइम RuBisCO कार्बोक्सिलेज़ के रूप में कार्य करने के बजाय ऑक्सीजिनेज़ के रूप में कार्य करता है।
- इसमें न तो ATP बनता है और न ही NADPH, बल्कि ऊर्जा का ह्रास होता है।
---
प्रकाश-संश्लेषण को प्रभावित करने वाले कारक (Factors Affecting Photosynthesis)
- ब्लैकमैन का न्यूनतम विधि का नियम (Blackman's Law of Limiting Factors): "यदि कोई रासायनिक प्रक्रिया एक से अधिक कारकों द्वारा प्रभावित होती है, तो इसकी दर उस कारक के द्वारा सीमित होती है जो अपनी न्यूनतम मात्रा में है।"
- मुख्य कारक:
1. प्रकाश (Light): प्रकाश की गुणवत्ता, तीव्रता और अवधि।
2. कार्बन डाइऑक्साइड की सांद्रता (CO2 Concentration): C4 पौधे उच्च सांद्रता पर प्रतिक्रिया करते हैं जबकि C_3 पौधे संतृप्त हो जाते हैं।
3. तापमान (Temperature): C4 पौधे उच्च तापमान के प्रति अधिक संवेदनशील (अनुकूलित) होते हैं, जबकि C3 पौधों का तापमान इष्टतम कम होता है।
4. जल (Water): जल की कमी से स्टोमेटा बंद हो जाते हैं जिससे CO_2 की उपलब्धता घट जाती है।