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सहसंबंध

Subject: अर्थशास्त्र | Class: Class 11 | Syllabus Year: 2025-26
मुख्य सूत्र (Key Formulas)
अध्याय: सह-संबंध (Correlation) - त्वरित पुनरावृत्ति नोट्स

यह नोट्स मध्य प्रदेश बोर्ड (MP Board) कक्षा 11वीं के अर्थशास्त्र के छात्रों के लिए विशेष रूप से तैयार किए गए हैं।


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1. सह-संबंध का अर्थ (Meaning of Correlation)

सह-संबंध एक सांख्यिकीय तकनीक है जो दो या दो से अधिक चर (Variables) के बीच के आपसी संबंध की मात्रा और दिशा को मापاتي है।


2. सह-संबंध के प्रकार (Types of Correlation)

सह-संबंध को मुख्य रूप से तीन आधारों पर वर्गीकृत किया जाता है:


1. धनात्मक सह-संबंध (Positive Correlation): जब दोनों चर एक ही दिशा में परिवर्तन करते हैं। (अर्थात, एक चर के बढ़ने पर दूसरा भी बढ़ता है, या घटने पर घटता है)। जैसे: मूल्य और पूर्ति।

2. ऋणात्मक सह-संबंध (Negative Correlation): जब दोनों चर विपरीत दिशा में परिवर्तन करते हैं। (अर्थात, एक चर के बढ़ने पर दूसरा घटता है)। जैसे: मूल्य और मांग।


1. सरल सह-संबंध (Simple Correlation): जब केवल दो चरों के बीच संबंध का अध्ययन किया जाए।

2. बहु और आंशिक सह-संबंध (Multiple and Partial Correlation): जब दो से अधिक चरों के आपसी संबंधों का अध्ययन किया जाए।


1. रेखीय सह-संबंध (Linear Correlation): जब चरों में परिवर्तन का अनुपात हमेशा स्थिर रहता है।

2. अरेखीय सह-संबंध (Non-linear Correlation): जब चरों में परिवर्तन का अनुपात स्थिर नहीं रहता है।


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3. सह-संबंध की श्रेणियाँ / मात्रा (Degrees of Correlation)

कार्ल पियर्सन के सह-संबंध गुणांक (r) के आधार पर:


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4. सह-संबंध ज्ञात करने की विधियाँ (Methods of Measuring Correlation)

#### विधि 1: प्रकीर्ण आरेख विधि (Scatter Diagram Method)


#### विधि 2: कार्ल पियर्सन का सह-संबंध गुणांक (Karl Pearson's Coefficient of Correlation)

यह सह-संबंध मापने की सबसे लोकप्रिय गणितीय विधि है। इसे r द्वारा दर्शाया जाता है। इसका मान हमेशा -1 और +1 के बीच होता है।


मुख्य सूत्र (Main Formula):

r = Sum(X - X̄)(Y - Ȳ) / [Sqrt(Sum(X - X̄)^2) * Sqrt(Sum(Y - Ȳ)^2)]


जहाँ:


(संक्षिप्त सूत्र / Shortcut Formula):

r = [N Sum(XY) - (Sum X Sum(Y)] / [Sqrt(N Sum(X^2) - (Sum X)^2) Sqrt(N * Sum(Y^2) - (Sum Y)^2)]


#### विधि 3: स्पीयरमैन की कोटि अंतर विधि (Spearman's Rank Difference Method)

यह विधि तब प्रयोग की जाती है जब चरों के गुण (जैसे - बुद्धिमत्ता, ईमानदारी, सौंदर्य) को अंकों में नहीं मापा जा सकता, बल्कि उन्हें रैंक (Rank या कोटि) दी जाती है।


सूत्र (Formula):

R = 1 - [6 * Sum(d^2) / (N(N^2 - 1))]


जहाँ:


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5. महत्वपूर्ण बिंदु (Important Points for Exams)

1. सह-संबंध गुणांक (r) की इकाई (Unit) नहीं होती है, यह एक शुद्ध संख्या है।

2. r का मान कभी भी -1 से कम और +1 से अधिक नहीं हो सकता।

3. यदि r = 0, तो इसका अर्थ है कि चरों के बीच कोई रैखिक सह-संबंध नहीं है।

4. कार्ल पियर्सन विधि में चरों के रैखिक (Linear) संबंध की मान्यता होती है।

माइंड मैप चार्ट (Mind Map Chart)
📍 सह-संबंध (Correlation)
Overview
अर्थ एवं परिभाषा सह-संबंध का अर्थ दो चरों के बीच मात्रात्मक संबंध एक चर में परिवर्तन का दूसरे पर प्रभाव परिभाषा चरों के बीच सह-विचरण (Co-variation) की माप सह-संबंध के प्रकार (Types of Correlation) दिशा के आधार पर (Based on Direction) धनात्मक सह-संबंध (Positive Correlation) दोनों चर एक ही दिशा में बदलते हैं ऋणात्मक सह-संबंध (Negative Correlation) चर विपरीत दिशाओं में बदलते हैं डिग्री या मात्रा के आधार पर (Based on Degree) पूर्ण सह-संबंध (+1 या -1) उच्च सह-संबंध मध्यम सह-संबंध निम्न सह-संबंध शून्य सह-संबंध (कोई संबंध नहीं) चरों की संख्या के आधार पर (Based on Number of Variables) सरल सह-संबंध (Simple) आंशिक सह-संबंध (Partial) बहु-सह-संबंध (Multiple) सह-संबंध मापने की विधियाँ (Methods of Measuring Correlation) ग्राफिक विधियाँ (Graphic Methods) scatter diagram (प्रकीर्ण आरेख) बिंदुओं का आलेखीय प्रदर्शन सरल रेखा ग्राफ (Simple Line Graph) गणितीय विधियाँ (Mathematical Methods) कार्ल पियरसन का सह-संबंध गुणांक (Karl Pearson's Coefficient) इसे 'r' से दर्शाया जाता है सीमा: -1 से +1 तक प्रत्यक्ष विधि (Direct Method) कल्पित माध्य विधि (Assumed Mean Method) स्पीयरमैन की कोटि अंतर विधि (Spearman's Rank Difference) गुणात्मक डेटा के लिए उपयुक्त (गुणात्मक चर) सूत्र में 'R' या 'rho' का प्रयोग कार्ल पियरसन विधि की विशेषताएँ गुण (Merits) वैज्ञानिक विधि दिशा और मात्रा दोनों स्पष्ट होती है सीमाएँ (Limitations) रैखिक संबंध की मान्यता चरम मूल्यों (Extreme Values) से प्रभावित सह-संबंध का कारण (Causation) साबित नहीं करता सह-संबंध और कारण (Correlation vs Causation) सह-संबंध का अर्थ कारण होना आवश्यक नहीं भ्रामक सह-संबंध (Spurious Correlation) के कारण संयोग मात्र (Pure Chance) दोनों चर किसी तीसरे चर से प्रभावित होना
महत्वपूर्ण बोर्ड प्रश्न (Important Board Questions)
Q1. सहसंबंध गुणांक के गुणों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा सत्य है? 1 Marks
उत्तर (Answer): सहसंबंध गुणांक चरों के मूल परिवर्तन और पैमाने के परिवर्तन दोनों से स्वतंत्र होता है।
Q2. यदि सहसंबंध गुणांक 'r' +1 है, तो प्रकीर्ण आरेख बिंदुओं को दिखाएगा: 1 Marks
उत्तर (Answer): जब r = +1 होता है, तो सभी बिंदु बाएं से दाएं ऊपर की ओर ढलान वाली एक ही सीधी रेखा पर पूरी तरह से स्थित होते हैं।
Q3. कार्ल पियर्सन के सहसंबंध गुणांक की मुख्य सीमा क्या है? 1 Marks
उत्तर (Answer): कार्ल पियर्सन का गुणांक चरम मूल्यों (आउटलेर्स) से बहुत अधिक प्रभावित होता है और चरों के बीच एक रैखिक संबंध मानता है।
Q4. जब दो चर विपरीत दिशाओं में गति करते हैं, तो सहसंबंध होता है: 1 Marks
उत्तर (Answer): यदि एक चर में वृद्धि से दूसरे चर में कमी आती है, तो दिशा विपरीत होती है, जो ऋणात्मक सहसंबंध को दर्शाती है।
Q5. स्पीयरमैन के कोटि सहसंबंध गुणांक के सूत्र में निम्नलिखित में से कौन सा पद शामिल है? 1 Marks
उत्तर (Answer): स्पीयरमैन का कोटि सहसंबंध सूत्र 1 - (6∑d² / n(n²-1)) है, जिसमें 'd' (रैंकों में अंतर) और 'n' (प्रेक्षणों की संख्या) शामिल हैं।
Q6. यदि दो चरों के बीच परिवर्तन का अनुपात स्थिर है, तो सहसंबंध कहलाता है: 1 Marks
उत्तर (Answer): जब एक चर में परिवर्तन की मात्रा दूसरे चर में परिवर्तन के साथ एक स्थिर अनुपात में होती है, तो सहसंबंध रैखिक होता है।
Q7. परिवर्तन की दिशा के आधार पर निम्नलिखित में से कौन सा सहसंबंध का प्रकार नहीं है? 1 Marks
उत्तर (Answer): रैखिक और गैर-रैखिक परिवर्तन के अनुपात की स्थिरता पर आधारित प्रकार हैं, जबकि धनात्मक और ऋणात्मक दिशा पर आधारित हैं। इसलिए, 'रैखिक' केवल दिशा द्वारा वर्गीकृत नहीं है।
Q8. यदि किसी चर के प्रत्येक प्रेक्षण में एक स्थिरांक जोड़ा जाता है, तो सहसंबंध गुणांक का क्या होता है? 1 Marks
उत्तर (Answer): सहसंबंध गुणांक मूल के परिवर्तन (एक स्थिरांक को जोड़ना या घटाना) से स्वतंत्र होता है। इसलिए, यह अपरिवर्तित रहता है।
Q9. यदि r = -0.85 है, तो दो चरों के बीच का संबंध है: 1 Marks
उत्तर (Answer): -0.85 का मान उच्च कोटि के ऋणात्मक सहसंबंध को इंगित करता है, जिसका अर्थ है कि जैसे-जैसे एक चर बढ़ता है, दूसरा काफी कम हो जाता है।
Q10. सहसंबंध के लिए कौन सा सांख्यिकीय माप सबसे अच्छा बीजगणितीय माप माना जाता है? 1 Marks
उत्तर (Answer): कार्ल पियर्सन का सहसंबंध गुणांक सबसे व्यापक रूप से इस्तेमाल किया जाने वाला बीजगणितीय माप है क्योंकि यह श्रृंखला के सभी मूल्यों को ध्यान में रखता है।
Q11. एक प्रकीर्ण आरेख में, यदि प्लॉट किए गए बिंदु बिना किसी विशिष्ट पैटर्न के बेतरतीब ढंग से बिखरे हुए हैं, तो सहसंबंध है: 1 Marks
उत्तर (Answer): बिना किसी स्पष्ट पैटर्न के बिंदुओं का यादृच्छिक बिखराव यह दर्शाता है कि चरों के बीच कोई सहसंबंध नहीं है।
Q12. जब रैंक समान (अभिन्न) होते हैं, तो स्पीयरमैन के कोटि सहसंबंध गुणांक का मान क्या होता है? 1 Marks
उत्तर (Answer): जब दो चरों की रैंक समान होती हैं, तो रैंकों के बीच का अंतर (d) शून्य होता है, जिससे स्पीयरमैन का कोटि सहसंबंध गुणांक +1 के बराबर हो जाता है।
Q13. सहसंबंध का अर्थ यह नहीं है: 1 Marks
उत्तर (Answer): सहसंबंध चरों के बीच संबंध को दर्शाता है, लेकिन यह कारण-प्रभाव (कॉजेशन) को साबित नहीं करता है।
Q14. यदि प्रकीर्ण आरेख के सभी बिंदु निचले बाएं से ऊपरी दाएं की ओर जाने वाली एक सीधी रेखा पर स्थित हैं, तो सहसंबंध है: 1 Marks
उत्तर (Answer): जब सभी बिंदु बाएं से दाएं उठने वाली एक सीधी रेखा पर स्थित होते हैं, तो यह पूर्ण धनात्मक सहसंबंध (r = +1) को दर्शाता है।
Q15. स्पीयरमैन की कोटि सहसंबंध गुणांक का मुख्य रूप से उपयोग तब किया जाता है जब: 1 Marks
उत्तर (Answer): स्पीयरमैन की कोटि सहसंबंध का उपयोग तब किया जाता है जब गुणात्मक डेटा या विशेषताएँ (जैसे सुंदरता, बुद्धिमत्ता, ईमानदारी) शामिल होती हैं और उन्हें रैंक किया जा सकता है।