अध्याय: कार्यपालिका (Executive) - त्वरित पुनरावृत्ति नोट्स
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मुख्य अवधारणाएँ और परिभाषाएँ (Key Concepts and Definitions)
सरकार का वह अंग जो कानूनों को लागू करता है और देश के प्रशासन को चलाता है, उसे कार्यपालिका (Executive) कहते हैं। यह विधायिका द्वारा बनाए गए कानूनों को क्रियान्वित करती है।
1. राजनीतिक कार्यपालिका (Political Executive): इसमें जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधि (जैसे प्रधानमंत्री, मंत्री) शामिल होते हैं जो नीतियां बनाते हैं और कुछ समय के लिए सत्ता में रहते हैं।
2. स्थायी कार्यपालिका / नौकरशाही (Permanent Executive / Bureaucracy): इसमें योग्य प्रशासनिक अधिकारी (जैसे IAS, IPS) होते हैं जो दीर्घकालिक आधार पर नियुक्त होते हैं और सरकार बदलने के बाद भी अपने पद पर बने रहते हैं।
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कार्यपालिका के प्रकार (Types of Executive)
विभिन्न देशों की शासन प्रणालियों में कार्यपालिका के निम्नलिखित रूप पाए जाते हैं:
1. संसदीय प्रणाली (Parliamentary System):
- इसमें कार्यपालिका, विधायिका के प्रति उत्तरदायी होती है।
- नाममात्र (संवैधानिक) प्रमुख और वास्तविक प्रमुख अलग-अलग होते हैं (जैसे भारत और ब्रिटेन)।
- प्रधानमंत्री वास्तविक शक्तियों का प्रयोग करता है।
2. अध्यक्षीय प्रणाली (Presidential System):
- इसमें राष्ट्रपति देश और सरकार दोनों का प्रमुख होता है।
- राष्ट्रपति का पद बहुत शक्तिशाली होता है और वह विधायिका के प्रति उत्तरदायी नहीं होता (जैसे संयुक्त राज्य अमेरिका)।
3. अर्द्ध-अध्यक्षीय प्रणाली (Semi-Presidential System):
- इसमें राष्ट्रपति (राज्य का प्रमुख) और प्रधानमंत्री (सरकार का प्रमुख) दोनों होते हैं, लेकिन शक्तियाँ दोनों के बीच विभाजित होती हैं (जैसे फ्रांस)।
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भारतीय कार्यपालिका: केंद्रीय स्तर (Union Executive in India)
भारतीय संविधान के भाग V (अनुच्छेद 52-78) में संघीय कार्यपालिका का वर्णन किया गया है।
#### 1. भारत का राष्ट्रपति (The President of India - अनुच्छेद 52)
- योग्यता: भारत का नागरिक, आयु कम से कम 35 वर्ष, लोकसभा का सदस्य बनने योग्य।
- निर्वाचन: संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) तथा राज्यों की विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्यों द्वारा (आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के अनुसार)।
- महाभियोग (Impeachment - अनुच्छेद 61): संविधान का उल्लंघन करने पर संसद द्वारा राष्ट्रपति को हटाया जा सकता है।
#### राष्ट्रपति की शक्तियाँ:
- कार्यकारी शक्तियाँ: सभी महत्वपूर्ण नियुक्तियाँ (प्रधानमंत्री, राज्यपाल, मुख्य न्यायाधीश आदि) राष्ट्रपति द्वारा की जाती हैं।
- विधाई शक्तियाँ: संसद का सत्र आहूत करना, सत्रावसान करना और लोकसभा को भंग करना। विधेयकों पर हस्ताक्षर करना।
- सैन्य शक्तियाँ: तीनों सेनाओं (थल, जल, वायु) का सर्वोच्च कमांडर।
- क्षमादान की शक्ति (अनुच्छेद 72): किसी दंड को क्षमा, कम या स्थगित करने की शक्ति।
- संकटकालीन शक्तियाँ (आपातकाल): राष्ट्रीय आपातकाल (अनुच्छेद 352), राष्ट्रपति शासन (अनुच्छेद 356), वित्तीय आपातकाल (अनुच्छेद 360)।
#### 2. उपराष्ट्रपति (The Vice-President - अनुच्छेद 63)
- राज्य सभा का पदेन सभापति (Ex-officio Chairman) होता है।
- राष्ट्रपति की अनुपस्थिति में उनके कार्यों का निर्वहन करता है।
#### 3. प्रधानमंत्री और मंत्रिपरिषद (Prime Minister and Council of Ministers - अनुच्छेद 74)
- नियुक्ति: राष्ट्रपति द्वारा बहुमत दल के नेता को प्रधानमंत्री नियुक्त किया जाता है। प्रधानमंत्री की सलाह पर अन्य मंत्रियों की नियुक्ति होती है।
- सामूहिक उत्तरदायित्व (Collective Responsibility): मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से लोकसभा के प्रति उत्तरदायी होती है (अनुच्छेद 75)। इसका अर्थ है "एक तैरेंगे तो साथ तैरेंगे, डूबेंगे तो साथ डूबेंगे।"
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स्थायी कार्यपालिका / नौकरशाही (Permanent Executive / Bureaucracy)
- यह राजनीतिक कार्यपालिका के अधीन कार्य करती है।
- इसमें सिविल सेवा के अधिकारी शामिल होते हैं जो संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) और राज्य लोक सेवा आयोगों (SPSC) के माध्यम से चुने जाते हैं।
- यह सरकार की नीतियों को लागू करने और जन कल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
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परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण बिंदु (Important Points for Exams)
- भारत में संसदीय शासन प्रणाली अपनाई गई है क्योंकि इसमें उत्तरदायित्व और स्थिरता का अच्छा संतुलन है।
- राष्ट्रपति नाममात्र का प्रमुख (De jure) होता है जबकि प्रधानमंत्री वास्तविक प्रमुख (De facto) होता है।
- अनुच्छेद 74 के अनुसार, राष्ट्रपति को सहायता और सलाह देने के लिए एक मंत्रिपरिषद होगी जिसका प्रमुख प्रधानमंत्री होगा।