कक्षा 11 भूगोल - त्वरित संशोधन नोट्स
#### अध्याय: महासागरों और महाद्वीपों का वितरण (Distribution of Oceans and Continents)
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1. परिचय (Introduction)
- महाद्वीप और महासागर: पृथ्वी की सतह पर दो प्रमुख रूप हैं - महाद्वीप (थल भाग) और महासागर (जल भाग)।
- भौगोलिक वितरण: पृथ्वी के उत्तरी गोलार्ध में थल प्रधान क्षेत्र अधिक है, जबकि दक्षिणी गोलार्ध में जल (महासागर) प्रधान क्षेत्र अधिक है।
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2. अल्फ्रेड वेगनर का महाद्वीपीय विस्थापन सिद्धांत (Continental Drift Theory by Alfred Wegener)
- प्रतिपादन: यह सिद्धांत जर्मन मौसमविद् अल्फ्रेड वेगनर ने 1912 में प्रस्तुत किया था।
- मुख्य विचार: वेगनर के अनुसार, पृथ्वी के सभी महाद्वीप पहले एक ही बड़े स्थलखंड से जुड़े हुए थे, जिसे 'पेंजिया' (Pangaea) कहा गया।
- पंथालसा: पेंजिया के चारों ओर एक विशाल महासागर था, जिसे 'पंथालसा' (Panthalassa) कहा गया।
#### विस्थापन के चरण:
1. कार्बोनिफेरस युग: सभी महाद्वीप एक जुड़े हुए स्थलखंड (पेंजिया) के रूप में थे।
2. लगभग 200 मिलियन वर्ष पूर्व: पेंजिया का विभाजन शुरू हुआ।
3. उत्तर और दक्षिण भाग: पेंजिया दो भागों में टूटा:
- उत्तरी भाग: लारेशिया या अंगारा लैंड (Laurasia / Angaraland)
- दक्षिणी भाग: गोंडवाना लैंड (Gondwana Land)
- दोनों के बीच थैथिस सागर (Tethys Sea) का विकास हुआ।
4. धीरे-धीरे ये टुकड़े वर्तमान महाद्वीपों की स्थिति में आ गए।
#### महाद्वीपीय विस्थापन के पक्ष में प्रमाण (Evidences):
1. महाद्वीपों का आमने-सामने का मिलान (Jig-Saw-Fit): अटलांटिक महासागर के दोनों तट (दक्षिण अमेरिका और अफ्रीका) आपस में बिल्कुल फिट बैठते हैं।
2. विभिन्न महाद्वीपों पर चट्टानों की आयु में समानता: ब्राजील के तट और पश्चिमी अफ्रीका के चट्टानी ढांचे में समानता पाई जाती है।
3. टिलाइट (Tillite): यह हिमानी निक्षेप से बनी चट्टानें हैं। भारत के गोंडवाना श्रेणी के तलछटों के मिलते-जुलते अवशेष दक्षिणी गोलार्ध के अन्य देशों (जैसे अफ्रीका, फ़ॉकलैंड द्वीप, अंटार्कटिका) में पाए जाते हैं।
4. प्लेसर निक्षेप (Placer Deposits): घाना तट (अफ़्रीका) पर सोने के बड़े निक्षेप मिलते हैं, जबकि वहाँ कोई स्रोत चट्टान नहीं है। इसका स्रोत ब्राजील (दक्षिण अमेरिका) में है, जो कभी जुड़ा था।
5. जीव-जंतुओं और वनस्पतियों का वितरण: 'मीसोसॉरस' (Mesosaurus) जैसे छोटे जीवों के अवशेष केवल दक्षिण अफ़्रीका और ब्राजील में ही पाए जाते हैं, जो इन दोनों के जुड़े होने की पुष्टि करते हैं।
#### विस्थापन के लिए बल (Forces for Drift):
वेगनर के अनुसार महाद्वीपों के विस्थापन के लिए दो बल उत्तरदायी थे:
1. पोलर या ध्रुवीय भगोड़ा बल (Pole-fleeing force): पृथ्वी के घूर्णन (Rotation) के कारण।
2. ज्वारीय बल (Tidal force): सूर्य और चंद्रमा के आकर्षण के कारण।
- (नोट: वैज्ञानिकों ने इन बलों को अपर्याप्त माना, जो इस सिद्धांत की मुख्य कमजोरी थी।)
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3. संवहन धारा सिद्धांत (Convection Current Theory)
- प्रतिपादन: आर्थर होम्स (Arthur Holmes) ने 1930 के दशक में इस सिद्धांत को प्रतिपादित किया।
- मुख्य बिंदु:
- पृथ्वी के मैंटल (Mantle) भाग में रेडियोधर्मी तत्वों के कारण अत्यधिक ताप उत्पन्न होता है।
- इस ताप के कारण मैंटल के भीतर संवहन धाराएँ (Convection Currents) उत्पन्न होती हैं।
- ये धाराएँ क्रस्ट (पर्पटी) को गति प्रदान करती हैं, जिससे महाद्वीपों और महासागर तलों का विस्थापन होता है।
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4. महासागरीय तल का मानचित्रण (Mapping of the Ocean Floor)
- द्वितीय विश्व युद्ध के बाद महासागरीय तलों की खोज और मानचित्रण से नई जानकारियां सामने आईं।
- प्रमुख खोजें:
- महासागरीय तल केवल एक समतल मैदान नहीं है, बल्कि वहाँ विशाल पर्वत श्रेणियां, खाइयां (Trenches), और कटक (Ridges) पाए जाते हैं।
- मध्य-महासागरीय कटक (Mid-Oceanic Ridges) सक्रिय ज्वालामुखी क्षेत्रों से जुड़े हैं।
- महासागरीय तल की चट्टानों की आयु महाद्वीपीय चट्टानों की तुलना में बहुत छोटी (नवीन) हैं।
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5. प्लेट विवर्तनिकी सिद्धांत (Plate Tectonics Theory)
- प्रतिपादन: मैकेंजी, पार्कर और मॉर्गन ने 1967 में इस सिद्धांत को प्रस्तुत किया।
- विवरण:
- पृथ्वी का स्थलमंडल (Lithosphere) कई कठोर टुकड़ों में विभाजित है, जिन्हें 'विवर्तनिक प्लेटें' (Tectonic Plates) कहा जाता है।
- प्लेटें मुख्य रूप से दो प्रकार की होती हैं: मुख्य प्लेटें और लघु प्लेटें।
- प्रमुख प्लेटें: अंटार्कटिका, उत्तरी अमेरिकी, दक्षिणी अमेरिकी, प्रशांत, यूरेशियाई, अफ्रीकन, और इंडो-ऑस्ट्रेलियाई प्लेट।
#### प्लेट सीमाओं के प्रकार (Types of Plate Boundaries):
1. अपसारी सीमाएं (Divergent Boundaries):
- जब प्लेटें एक-दूसरे से दूर जाती हैं।
- नई पर्पटी (Crust) का निर्माण होता है (उदा. मध्य अटलांटिक कटक)। इसे रचनात्मक सीमा भी कहते हैं।
2. अभिसारी सीमाएं (Convergent Boundaries):
- जब प्लेटें एक-दूसरे के पास आती हैं।
- यहाँ भारी प्लेट हल्की प्लेट के नीचे धंस जाती है (Subduction Zone) और पर्पटी का विनाश होता है (उदा. हिमालय का निर्माण)। इसे विनाशकारी सीमा भी कहते हैं।
3. रूपांतर सीमाएं (Transform Boundaries):
- जब प्लेटें न तो पास आती हैं और न दूर जाती हैं, बल्कि एक-दूसरे के समानांतर क्षैतिज रूप से फिसलती हैं।
- यहाँ न तो नए क्रस्ट का निर्माण होता है और न ही विनाश (उदा. सैन एंड्रियास भ्रंश)।
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6. महत्वपूर्ण शब्दावली (Important Terms)
- पेंजिया (Pangaea): सभी महाद्वीपों का एक प्राचीन महासमूह (सुपरकॉन्टिनेंट)।
- पंथालसा (Panthalassa): पेंजिया को घेरने वाला विशाल महासागर।
- अंगारालैंड / लारेशिया: पेंजिया का उत्तरी भाग।
- गोंडवानालैंड: पेंजिया का दक्षिणी भाग।
- टिलाइट (Tillite): हिमनदों द्वारा निक्षेपित पदार्थों से बनी चट्टानें।
- अभिसरण (Convergence): प्लेटों का आपस में टकराना।
- अपसरण (Divergence): प्लेटों का एक-दूसरे से दूर जाना।